मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में अब अन्य अनाथ बच्चों को भी मिलेगी पेंशन
2023-03-12 10:14 AM
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भोपाल। कोविड संक्रमण काल के दौरान माता-पिता की मृत्यु के कारण अनाथ बच्चों के लिए लागू किए गए पेंशन योजना के दायरे में अब अन्य अनाथ बच्चों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्री गोपाल भार्गव की पहल पर सागर जिले के गढ़ाकोटा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना में आज हुए 2100 गरीब कन्याओं के विवाह को सामाजिक समरसता का महायज्ञ बताया।
मुख्यमंत्री सागर जिले के गढ़ाकोटा स्थित रहस मेला मैदान में योजना के 20वें पुण्य विवाह समारोह में शामिल हुए। विवाह समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती, नगरीय विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने भी वर-वधु को आर्शीवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री भार्गव केवल राजनेता ही नहीं समाज-सेवक और विकास पुरूष भी है। प्रदेश के विकास के लिए वे सदैव प्रयत्नशील रहते है। उन्होंने 21 हजार कन्याओं का विवाह कराकर समाज-सेवा का जो इतिहास बनाया, वह अनुकरणीय है। भार्गव ने यह सिद्ध किया कि राजनीति पेशा नहीं समाज-सेवा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी बेटियाँ सुखी रहें। कोई भी माता-पिता अपनी बेटी के विवाह को लेकर परेशान नहीं हो। प्रदेश सरकार ने बेटियों के जन्म से लेकर पढ़ाई और फिर बाद में विवाह के लिए योजना लागू की है। अब महिलाओं के कल्याण की सबसे बड़ी योजना "लाड़ली बहना" शुरू की गई है, जिससे पात्र सभी महिलाओं के बैंक खाते में एक हजार रूपये प्रतिमाह राशि डाली जायेगी।
मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि बीस साल पहले मुख्यमंत्री और उन्होंने गरीब कन्याओं के विवाह संपन्न कराने की शुरूआत थी। उन्होंने बताया कि 20 साल पहले मैंने छोटे रूप में इसकी शुरूआत की थी, जो अब विशाल स्वरूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की एक भी बेटी ऐसी नहीं होना चाहिए, जिसके हाथ आर्थिक तंगी के अभाव में पीले नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने परिणय-सूत्र में बंधने वाली बेटियों से कहा कि जब तक गोपाल भार्गव जीवित है, धर्मपिता के रूप में वह आपके काम आयेगा।

सांसद वीडी शर्मा ने कन्यादान को भारतीय संस्कृति में सबसे बड़ा दान बताया। उन्होंने कहा कि मंत्री गोपाल भार्गव ने 21 हजार गरीब कन्याओं का विवाह कराकर पुण्य और यश का कार्य किया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि 20वें विवाह समारोह में सभी धर्मों और समाजों के बेटे-बेटियों का विवाह हुआ। ऐसे आयोजन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में होने चाहिए।