भारत ने रूस में ब्रिक्स लिटरेचर फोरम 2024 में भाग लिया
"साहित्य विश्व के तमाम समाजों के मध्य एकता और सहयोग को प्रेरित करता है"
भारतीय प्रतिभागियों से जुड़े दूसरे कार्यक्रम में, "भारत के लेखकों से मिलें" विषय के साथ, "वोल्गा से गंगा: परंपरा और बहुसांस्कृतिकवाद का उत्सव, संचालक: एवगेनी अब्दुल्लाव," डॉ. के. श्रीनिवासराव ने इस विषय पर प्रकाश डाला कि नदी आधारित संस्कृतियों ने विश्व में कैसे बहुसांस्कृतिकवाद को बढ़ावा दिया और बहुसांस्कृतिकवाद किस तरह एकता को बढ़ावा देता है और सामाजिक प्रगति के आगे बढ़ाता है, वहीं माधव कौशिक ने भारत व रूस के मध्य साहित्यिक परंपरा पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे उनमें कई सांस्कृतिक मूल्य समाहित हैं।