डॉ. जितेंद्र सिंह ने 11वें भारत स्वीडन नवाचार दिवस को संबोधित किया
कई स्तरों पर द्विपक्षीय सहयोग का आह्वान
नई दिल्ली | केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत और स्वीडन के बीच कई स्तरों पर द्विपक्षीय सहयोग का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि स्वीडन नवाचार में वैश्विक गुरू है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) 2024 में स्वीडन यूरोप की 39 अर्थव्यवस्थाओं में दूसरे स्थान पर है और 133 वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
डॉ. जितेंद्र सिंह 11वें भारत स्वीडन नवाचार दिवस (आईएसआईडी) समारोह को संबोधित कर रहे थे। 2024 का थीम है “समावेशी बदलाव के लिए हरित विकास में तेजी लाना।”
नवाचार के क्षेत्र में देश की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "भारत नवाचार सूचकांकों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जीआईआई 2024 में भारत मध्य और दक्षिणी एशिया की 10 अर्थव्यवस्थाओं में प्रथम स्थान पर और 133 वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में 39वें स्थान पर होगा।"
इसी तरह, दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वीडन भी नवाचार में वैश्विक नेताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) 2024 में स्वीडन यूरोप की 39 अर्थव्यवस्थाओं में दूसरे स्थान पर है और जीआईआई 2024 में शामिल 133 वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में देश निश्चित रूप से दुनिया के शीर्ष स्थान पर पहुंच जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अनुसंधान और नवाचार में वैश्विक मानक स्थापित करने के लक्ष्य के बारे में बोलते हुए, मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले ही 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य की घोषणा कर दी है और इसलिए मुझे लगता है कि भारत और स्वीडन सरकारी और गैर-सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर सहयोग कर सकते हैं।” स्टार्टअप सहित अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार और औद्योगिक उद्यमिता पर सहयोग करने के लिए दोनों देशों के लिए संयुक्त अनुसंधान की बहुत गुंजाइश है।
इस क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में बोलते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "मुझे यह जानकर भी गर्व हो रहा है कि पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संरक्षण में विज्ञान प्रौद्योगिकी नवाचार के मामले में विशेष प्रोत्साहन और उच्च प्राथमिकता दी गई है। आज भारत विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी राष्ट्र होने का दावा करने की स्थिति में है, उदाहरण के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में हम अगले साल एक मानव भेजने की योजना बना रहे हैं, जो भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित पहला मानव मिशन होगा, और साथ ही अगले साल हम गहरे समुद्र मिशन में 6,000 मीटर की गहराई पर भारतीय मानव भेजने की उम्मीद करते हैं।
अनुसंधान और नवाचार भारत-स्वीडन साझेदारी के फलते-फूलते महत्वपूर्ण पहलू रहे हैं। आईएसआईडी का 11वां संस्करण साझेदारी के महत्व और सफलता को दर्शाता है। 2021 से आईएसआईडी के उद्घाटन में मंत्री की निरंतर उपस्थिति स्वीडन के साथ अपनी नवाचार साझेदारी को भारत द्वारा दिए गए महत्व का एक मजबूत संकेत है।
इस कार्यक्रम में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों, नवोन्मेषकों, उद्योगपतियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम को स्वीडन की उप प्रधानमंत्री और ऊर्जा एवं उद्यम मंत्री एब्बा बुश ने भी संबोधित किया। भारत में स्वीडन के राजदूत जान थेस्लेफ ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें भाग लिया।