World Water Day Special : तालों की नगरी रायपुर में कभी 200 तालाब थे... इनमें लालच की भेंट चढ़ गए 54 तालाब... विश्व जल दिवस पर खास रिपोर्ट
2023-03-22 01:38 PM
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रायपुर। आज 22 मार्च है, जिसे विश्व जल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। ऐसे मौके पर महाकवि रहीम का दोहा है
'रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सून।
पानी गए न उबरै' मोती, मानुष, चून।।
महाकवि रहीम के इस दोहे में पानी के कई भाव का वर्णन है, पर यहां बात सिर्फ पानी की ही कर लें, तो भी इसका भावार्थ बेहद गंभीर है। सामान्य अर्थ की बात करें तो पानी के महत्व को बताया गया है कि बिना पानी के सबकुछ शून्य है। पानी ना हो, तो ना तो मोती उबर सकता है, ना ही मनुष्य और ना ही चूना।
रायपुर में भी ऐसे संस्कारवान हमारे ही पूर्वज निवास किया करते थे, जिनकी वजह से यह शहर तालों की नगरी के तौर पर जाना जाता था। रायपुर में करीब 200 तालाब हुआ करते थे, लेकिन इनमें से 54 तालाबों का विवरण प्राप्त हुआ है, जिनका अब नामों—निशान तक नहीं बचा है।
सरोवरों के नगर के नाम से प्रसिद्ध रहा रायपुर इन दिनों जल संकट से दो-चार हो रहा है। जनता के टैक्स से वसूली गई राशि हर साल जल प्रदाय के लिए टैंकरों पर फूंकी जा रही है। टैंकरों से बहते पानी को ही बचा लिया जाए तो बड़ा उपकार होगा। पिछले दो-तीन माह के दौरान 'हर घर नल' के लिए पाइप बिछाई गई, कई इलाकों में अभी भी यह प्रक्रिया जारी है। शहर धूल से अटा पड़ा है। मुख्य पाइप से घरों तक 'शुद्ध जल' पहुंचाने के लिए पाइप लगा कर छोड़ दिया गया है। जिसका परिणाम है रोज हजारों लीटर पानी या तो नालियों में बह रहा है या सड़कों पर।
रायपुर के सरोवरों का निर्माण वैज्ञानिक पध्दति से हुआ है। बूढ़ा तालाब व बंधवा के ओवर फ्लो का खारून नदी में मिलना उस तकनीक का नमूना है। वैध-अवैध बेतरतीब निर्माणों ने तालाबों के अंतर्संबंधों, नहरों और जल आवक रास्तों को बाधित कर दिया, बूढ़ा तालाब पहले इस तरह अन्य तालाबों से जुड़ा था कि इसमें पानी लबालब होते ही महाराजबंध तालाब में पानी जाने लगता था और उसके आगे अन्य किसी में।
शहर के इतिहास की जानकारी रखने वाले जानते हैं कि रजबंधा तालाब का फैलाव 7.975 हेक्टेयर था, आज वहां चौरस मैदान है। रजबंधा की छाती का पानी सूख गया, उसके सीने पर लोहे की छड़े गाड़ दी गईं, सीमेंट-ईंट के जंगल खड़े कर दिए गए। 6 हेक्टेयर से ज्यादा बड़े सरजूबांधा को पुलिस लाइन लील गया और डेढ़ हेक्टेयर से भी विशाल खंतो तालाब पर शक्तिनगर बस गया। पचारी, नया तालाब और गोगांव ताल को उद्योग विभाग के हवाले कर दिया गया तो ढाबा तालाब (कोटा) और डबरी तालाब (खम्हारडीह) पर कब्जे हो गए। क्या आप मानेंगे कि सन् 1929-30 के राजस्व रिकार्ड में इसका रकबा 35 एकड़ था?
साल 2018 में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर प्रदीप यदु ने रायपुर शहर के तालाबों के गायब होने के मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। जिसमें बताया गया था कि रायपुर शहर के अंदर से 54 तालाब गायब हो गए हैं। इस संबंध में वन एवं अनुसंधान संस्था ने शहर के तालाबों की स्थिति पर सर्वे कर अपनी रिपोर्ट भी दी। संस्था की रिपोर्ट में ही 54 तालाबों के गायब होने का विवरण दर्ज है।
1. सरजू बांधा तालाब, मठपुरैना-1.174 पट चुका
2. जोगी डबरी, मठपुरैना-0.182 सूख गया
3. कालारीन तालाब, रायपुरा-0.121 सूख गया
4. कोटा डबरी, रायपुरा-पट चुका
5. छोटे कोट डबरी, रायपुरा-सूख गया
6. नया तालाब, अटारी-सूख गया
7. भुकुडिया तालाब, जरवाय हीरापुर 0.571 हेक्टेयर-सूख गया
8. दर्री तालाब, गोगांव-0.870 हेक्टेयर-सूख गया
9. बिच्छी तालाब, गोगांव, 0.502 हेक्टेयर-सूख गया
10. कोठारी तालाब, सड्डू-0.320 हेक्टेयर-सूख गया
11. डबरी तालाब, लाभांडी-0.721 हेक्टेयर-सूख गया
12. निस्तारी तालाब, लाभांडी-1.424 हेक्टेयर-सूख गया
13. डबरी तालाब अमलीडीह-2.773 हेक्टेयर-सूख गया
14. रामबांधा, फुंडहर-0.918 हेक्टेयर-सूख गया
15. करबला तालाब, चौबे कॉलोनी -2.222 हेक्टेयर पट गया
16. नूनहा तालाब, चिरहुलडीह-0.882 हेक्टेयर-पट गया
17. ढाबा तालाब, कोटा-0.445 हेक्टेयर-पट गया
18. पैठू तालाब, पंडरी तराई-2.387 हेक्टेयर-पट गया
19. ढोडगी तालाब, पंडरी तराई-0.154 हेक्टेयर-पट गया
20. मठैया तालाब, शंकर नगर-0.599 हेक्टेयर-पट गया
21. डबरी तालाब, शंकर नगर-0.299 हेक्टेयर पट चुका है
22. नया तालाब, शंकर नगर-1.214 हेक्टेयर दलदल में तब्दील
23. सगर बुद्धिया तालाब, शंकर नगर-0.490 हेक्टेयर मकान बन गए
24. पचपेढ़ी तालाब, टिकरापारा-1.275 हेक्टेयर दलदल
25. छुईया डबरी, टिकरापारा-0.870 हेक्टेयर दलदल
26. नाउन डबरी, टिकरापारा-1.761 हेक्टेयर-पट गया
27. कारी तालाब, रायपुरा खास-3.141 हेक्टेयर दलदल
28. गंज डबरी, रायपुर खास, 0.708 हेक्टेयर-पट गया
29. हांडी लाताब, जोरापारा, 3.157 हेक्टेयर-पट गया
30. राम सगरी तालाब, रामसागर पारा-1.433 हेक्टेयर-पट गया
31. रजबंधा से लगा डबरी-2.408 हेक्टेयर-पट गया
32. रजबंधा तालाब, रायपुर-7.975 हेक्टेयर-पट चुका
33. लेंडी तालाब,शास्त्री बाजार -1.696 हेक्टेयर-पट चुका
34. श्याम टाकीज डबरी, 0.242 हेक्टेयर-स्टेडियम बन गया
35. तुर्की तालाब, ईदगाह भाटा-0.611 हेक्टेयर दलदल
36. दर्री तालाब-1.396 हेक्टेयर-सूख गया
37. बंधवापारा पैठू-0.485 हेक्टेयर दलदल
38. खदान तालाब-1.777 हेक्टेयर दलदल
39. पहाड़ी तालाब, गुढिय़ारी-0.809 हेक्टेयर-पट गया
40. दंतेश्ववरी डबरी-1.327 हेक्टेयर-पट गया
41. गजराज बांधा डबरी-0.024 हेक्टेयर-पट गया
42. बूढ़ा तालाब पैठू-4.149 हेक्टेयर-पट गया
43. हनुमान नगर तालाब (आमापारा)-3.497 हेक्टेयर-पट गया
44. खनती तालाब-1.684 हेक्टेयर-पट गया
45. जोरा तालाब, जोरा पार-1.716 हेक्टेयर-पट गया
46. छुइया तालाब, पुरानी बस्ती-1.101 हेक्टेयर-पट गया
47. बगीचा तालाब-0.765 हेक्टेयर-पट गया
48. उच्छला तालाब-1.242 हेक्टेयर-पट गया
49. धोबनीन तालाब-1.882 हेक्टेयर पट गया
50. पोतदार तालाब-1.202 हेक्टेयर-पट गया
51. ट्रस्ट तालाब, शंकर नगर-0.793 हेक्टेयर पर रविशंकर गार्डन
52. पचरी तालाब, गोगांव, उद्योग विभाग को
53. नया तालाब, गोगांव, 0.012 हेक्टेयर उद्योग विभाग को
54. तालाब, गोगांव, 0.794 हेक्टेयर उद्योग विभाग को