रायपुर

रायपुर नगर निगम जोन-9 की अतिक्रमण कार्रवाई पर उठे सवाल

रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम जोन क्रमांक-9 की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि निगम की कार्रवाई एकतरफा और पक्षपातपूर्ण रही। लोगों का कहना है कि जहां छोटे और गरीब कारोबारियों के खिलाफ जेसीबी चलाकर कार्रवाई की गई, वहीं एक प्रभावशाली हार्डवेयर कारोबारी की दुकान के सामने कथित अतिक्रमण को नजरअंदाज कर दिया गया। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, नगर निगम जोन-9 की टीम ने क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान कुछ छोटे होटल संचालकों और अन्य छोटे कारोबारियों की दुकानों के सामने बनी नाली और निर्माण को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया। कार्रवाई के बाद प्रभावित कारोबारियों में नाराजगी देखने को मिली।

लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में एक हार्डवेयर कारोबारी ने नाली के ऊपर कथित रूप से बैरिकेटिंग और अन्य निर्माण कर निजी पार्किंग बना रखी है। इसके बावजूद निगम की टीम ने उस स्थान पर कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां से बिना कार्रवाई किए वापस लौट गए। क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया है कि यदि नगर निगम का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों और नालियों से अतिक्रमण हटाना था, तो फिर सभी के खिलाफ समान कार्रवाई क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि नियमों का पालन सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए। केवल छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई करना और प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली कारोबारी के रसूख के कारण निगम की कार्रवाई वहां तक नहीं पहुंची। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तभी निष्पक्ष मानी जाएगी, जब इसमें किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, पहचान या प्रभाव को ध्यान में न रखा जाए। इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम जोन-9 के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि कार्रवाई के लिए क्या मापदंड तय किए गए थे और किन आधारों पर कुछ निर्माण हटाए गए, जबकि कुछ स्थानों को छोड़ दिया गया।

वहीं, लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और यदि कहीं भी अवैध निर्माण या नाली पर अतिक्रमण पाया जाता है तो उस पर समान रूप से कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन यह कार्रवाई पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। अब इस मामले में नगर निगम प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या जोन-9 प्रशासन कथित हार्डवेयर कारोबारी की दुकान के सामने बने अतिक्रमण की भी जांच करेगा या नहीं। यदि नगर निगम सभी के लिए समान नियम लागू करने का दावा करता है, तो उसे अपनी कार्रवाई के जरिए यह साबित करना होगा कि कानून किसी व्यक्ति के प्रभाव या पहुंच से प्रभावित नहीं होता। निष्पक्ष कार्रवाई ही प्रशासन के प्रति आम जनता का विश्वास मजबूत कर सकती है।