वेदांता हादसे पर विधानसभा में घमासान.... विपक्ष ने पूछा- अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी क्यों नहीं?
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को वेदांता संयंत्र हादसा और उसमें दर्ज एफआईआर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार से सवाल किया कि जब पुलिस की एफआईआर में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज है, तो अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई।
प्रश्नकाल के दौरान डॉ. महंत ने प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा और फैक्ट्रियों में होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई औद्योगिक हादसे हुए हैं और वेदांता संयंत्र में हुई दुर्घटना में 25 लोगों की मौत हुई। ऐसे गंभीर मामले में सरकार की कार्रवाई क्या है, यह सदन को बताया जाना चाहिए।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि वेदांता हादसे की जांच अभी जारी है। उन्होंने बताया कि मामला श्रम न्यायालय में विचाराधीन है और पुलिस की एफआईआर में अनिल अग्रवाल का नाम भी शामिल किया गया है।
मंत्री के इस जवाब पर डॉ. चरणदास महंत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि एफआईआर में नाम दर्ज है तो अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।
चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी विपक्ष की ओर से खड़े हुए। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का नाम एफआईआर में दर्ज है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इस मामले में गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं।
इस बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विधानसभा में किसी व्यक्ति का नाम लेकर कार्रवाई की घोषणा करना उचित नहीं है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि जब पुलिस की एफआईआर में अनिल अग्रवाल का नाम पहले से दर्ज है, तो उनका नाम लेने में परहेज क्यों किया जा रहा है।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में कहा कि सरकार किसी भी दोषी को नहीं बचाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर उद्योगपतियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।