रायपुर

भारतीय मज़दूर संघ ने अहिल्या बाई होलकर की जयंती पर मनाया राष्ट्रीय महिला दिवस

रायपुर। भारतीय मज़दूर संघ की केंद्रीय कार्यसमिति ने सर्वानुमति से 31 मई को पुण्य श्लोका अहिल्या बाई होलकर के जन्मदिवस को राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में पूरे देश में मनाने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में आज भारतीय मजदूर संघ जिला रायपुर द्वारा महाराष्ट्र मंडल रायपुर में राष्ट्रीय महिला दिवस धूम धाम से मनाया गया। , कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएमएस के विभाग प्रमुख कोमल साहू ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीएमएस की पूर्व उपाध्यक्ष लीना मोहन एंटी उपस्थित रहीं एवं मुख्य वक्ता के रूप में महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख श्रीमती विशाखा तोपखानेवाले उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की शुरुवात मां भारती, भगवान विश्वकर्मा, श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी के छाया चित्रों में पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्रमिक गीत का वाचन जिला संगठन मंत्री अश्वनी चेलक ने किया। तत्पश्चात सभी गण्यमान्य अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र एवं पुष्प देकर किया गया। साथ ही कार्यक्रम में पधारे सभी मातृशक्तियौ को पुष्प देकर सम्मानित किया गया।

जिला बीएमएस के वरिष्ठ सदस्य एवं महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने  अपने उद्द्बोधन में भारतीय मजदूर संघ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य अतिथि लीना मोहन एंटी ने रानी अहिल्या बाई होलकर के बारे में संछिप्त में बताया। तत्पश्चात मुख्य वक्ता महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपख़ानेवाले ने रानी अहिल्या बाई होलकर के जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार अहिल्या बाई ने अपने जीवनकाल में राष्ट्र के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। जिसमें महिलाओं की शिक्षा, उनके आर्थिक स्वालंबन, आर्थिक सामाजिक सांस्कृतिक क्षेत्र में समग्र सुधार, सैकड़ों मंदिर और घाटों का निर्माण, स्वस्थ शिक्षा के बुनियादी ढांचे का  विकास जैसे उल्लेखनीय कार्य शामिल है। तोपखानेवाले ने बताया कि रानी अहिल्या बाई ने महेश्वर में कपड़ा मिल की स्थापना की जिसकी माहेश्वरी साड़ी बहुत प्रसिद्ध है।

इस प्रकार अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विभाग प्रमुख कोमल साहू ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम के समापन किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन जिला बीएमएस के जिला मंत्री परमेश्वर कन्नौजे ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख से पवन ओगले, अचिंत बाराई, अंजू शर्मा, लेखराम साहू के साथ लगभग 30 की संख्या में महिला पुरुष उपस्थित रहे।