डॉ. राधाबाई की छात्राएं पहुंची विधानसभा.. संसदीय गतिविधियों का लिया अनुभव
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों के छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में विधानसभा की कार्यवाही से रुबरु हुए। जिसका उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संसदीय व्यवस्था की जानकारी देना था। छात्राओं ने देखी की कैसे विधानसभा संचालित होती है। विधानसभा अध्यक्ष की क्या भूमिका है। कैसे विपक्षी सदस्यों के साथ ही साथ सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर प्रश्न पुछकर सरकार को घेरने का प्रयास किया जाता है। इन सब के बीच अध्यक्ष दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए सदन का संचालन करते हैं।
छात्राओं ने विधानसभा में स्थित विशाल लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया तथा भारतीय संविधान की मुल कृति का अवलोकन किया।इस वर्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा का रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है।इसी परिप्रेक्ष्य में प्रथम विधानसभा से लेकर अब तक हुए महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है,जिसका अवलोकन अध्ययन दल ने किया।साथ ही विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ हुएं समूह छायाचित्र से सभी छात्राएं प्रफुल्लित हुए। विधानसभा में स्थापित विशालकाय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ छात्राओं को आकर्षित कर रही थी।छात्राओं ने सदन की कार्यवाही में देखें कि विपक्षी सदस्यों ने उद्योगों एवं जल जीवन मिशन से संबंधित प्रश्न पूछे जिसका विभागीय मंत्रीयो ने जवाब दिया।छात्राओं ने देखा कि अध्यक्ष एक शिक्षक की भूमिका में दोनों पक्षों को नियंत्रित करते हुए शांतिपूर्वक तरीके सदन को संचालित कर रहे थे।
छात्राओं को संसदीय व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि सरकार के तीन अंग होते हैं,व्यवस्थापिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका। जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण अंग व्यवस्थापिका होती है जो कानून बनाने के साथ ही साथ सरकार को नियंत्रित करने का कार्य करतीं हैं। छात्राओं को नवा रायपुर में बन रही नयी विधानसभा का मॉडल भी दिखाया गया और बताया कि नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 51 एकड़ भूमि पर छत्तीसगढ़ की नवीन विधानसभा का निर्माण तीव्र गति से जारी है।जहां भविष्य में परिसिमन को ध्यान में रखते हुए 200 सदस्यों की बैठक व्यवस्था होगी।इसे सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण करने तथा राज्य स्थापना दिवस एक नवंबर को उद्घाटन करने का निर्धारण किया गया है।
यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक चेतना और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक बनेगा।इसकी भव्यता और कार्यक्षमता नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी। नवीन विधानसभा भवन के निर्माण कार्यों को तीन प्रमुख विंगों में विभाजित किया गया है—विधानसभा सचिवालय, विधानसभा सदन और सेंट्रल हॉल परिसर।इनमें दर्शक दीर्घा, मीडिया दीर्घा,सभागृह कक्ष, पुस्तकालय,विद्युतीकरण, वातानुकूलन,डामरीकरण, उद्यानिकी,जल एवं विद्युत आपूर्ति,आंतरिक साज-सज्जा और फिक्स्ड फर्नीचर का कार्य तीव्र गति से जारी है।संस्कृति विभाग द्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति को समर्पित संग्रहालय का निर्माण भी किया जाएगा,जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और धरोहर को प्रदर्शित करेगा।अध्ययन दल में डॉ रुपा सल्होत्रा,डॉ नम्रता शर्मा, डॉ ज्योति मिश्रा,डॉ श्राद्ध मिश्रा तथा डॉ भूपेंद्र कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल रही ।