एनआईटी रायपुर में ‘आह्वान-2025’ का आगाज़…. हिंदी बनी एकता और पहचान का प्रतीक
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में राजभाषा समिति द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़े ‘आह्वान-2025’ का शुभारंभ रविवार को हुआ। निदेशक (प्रभारी) डॉ. एबी सोनी ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मनोज कुमार चोपकर, फैकल्टी, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संदेश पढ़कर सुनाया गया।
डॉ. सोनी ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि एकता की डोर और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है। उन्होंने छात्रों से हिंदी पखवाड़े के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। डॉ. चोपकर ने हिंदी को संस्कृति और परंपरा का दर्पण बताते हुए कहा कि यह भाषा हमारी जड़ों से जोड़े रखने का काम करती है।
राजभाषा समिति के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. शारदा नंदन राव ने कहा, “हिंदी बाधा नहीं, बल्कि भावनाओं को जोड़ने वाला सेतु है।” उन्होंने समिति के फ्लैगशिप इवेंट आह्वान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कविता वाचन, नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी और अन्य प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। डॉ. संजय कुमार ने आयोजन में सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए बताया कि शब्दांगन, चक्रव्यूह और अभिव्यक्ति जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदी को नयी ऊर्जा दी जाएगी।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विकास कुमार विद्यार्थी ने किया और कहा कि “हिंदी हमारे डीएनए में है, बस उसे जागृत करने की आवश्यकता है।” पखवाड़े की शुरुआत नुक्कड़ नाटक “भाषा का तमाशा” से हुई, जिसमें हिंदी के महत्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही चित्रकथा लेखन प्रतियोगिता में छात्रों ने चित्रों के आधार पर रचनात्मक कहानियां गढ़ीं।