रायपुर में 150 से अधिक भाषाओं की पुस्तकें, कैलेंडर और पत्रिकाओं का अनोखा संग्रहालय
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बोली जाने वाली विभिन्न बोलियों और भाषाओं में प्रकाशित कैलेंडर के साथ पत्र पत्रिकाओं और देश के कई राज्यों के साथ नीदरलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, फिलिपिंस, नेपाल, अमेरिका, रुस, फ्रांस, चेकोस्लोवाकिया जैसे देशों की 150 से अधिक पुस्तकों का अद्भुत संग्रह नारायणी बहुभाषी संग्रहालय में देखने को मिलेगा। जी.. हां. नारायणी साहित्यिक संस्थान के संचालक राजेंद्र और डॉ मृणालिका ओझा इन पुस्तकों का संग्रह किया। जिसे नारायणी साहित्यिक संस्थान के मुख्यालय पहाड़ी तालाब के सामने, बंजारी मंदिर के पास, वामन राव लाखे वार्ड -66 कुशालपुर रायपुर में देखा जा सकता है।
राजेंद्र और डॉ मृणालिका ओझा ने बताया कि नारायणी साहित्यिक संस्थान द्वारा "नारायणी बहुभाषी संग्रहालय" की स्थापना की गई है। इस संग्रहालय में छत्तीसगढ़ी, हल्बी, गोंडी, भथरी, सरगुजिहा, दोरली, धुर्वी आदि बोलियों की पुस्तकें रखी गई है। इसके साथ छत्तीसगढ़ी, हल्बी, गोंडी भाषा के कैलेंडर एवं छत्तीसगढ़ी तथा सरगुजिहा भाषा की पत्रिकाएं प्रदर्शित की गई है।

राजेंद्र ओझा ने बताया कि इस संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त भारत के अन्य राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, सिक्किम, मिज़ोरम, अरूणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, असम, मणिपुर, नागालैंड, लद्दाख, उत्तराखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, बिहार, राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश, गोवा सहित नेपाल, अमेरिका, रुस, जर्मनी, फ्रांस, चेकोस्लोवाकिया आदि की 150 से ज्यादा भाषा / बोलियों की पुस्तकें प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा उपरोक्त प्रदेशों एवं विदेशी मिलाकर करीब 70-80 भाषाओं के लगभग 200 कैलेंडर भी इस संग्रहालय की एक विशेषता है। हिन्दी के अतिरिक्त करीब 25 भाषाओं की 200 से अधिक पत्रिकाएं भी इस संग्रहालय को और महत्वपूर्ण बनाती है।

छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण त्योहार छेरछेरा पुन्नी के दिन डा. सुशील त्रिवेदी, महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज, डॉ सुरेन्द्र रावल, डॉ सुधीर शर्मा, शशांक शर्मा, डॉ चित्तरंजन कर, डॉ माणिक विश्वकर्मा, रामेश्वर शर्मा, मुकेश गुप्ता, रवि प्रताप सिंह , कुमार जगदलवी, सुनील पांडेय, जीवेश प्रभाकर, सुभाष शर्मा, आनंद हर्षुल, अरविंद ओझा, शिवाकांत त्रिपाठी, राजेश जैन 'राही', माधुरी कर, उमेश कुमार सोनी, अनुकृति, किशोर, ह्रषीक, रोशनी, चिन्मय झा, सुयश ठाकुर, विजय झा, प्रदीप मिश्रा, अरुण ठाकुर, नवीन निगम, आदि लोग उपस्थित हुए थे।