निराश्रित वृद्धों के ‘जीवन में खुशियां बिखेर रहे राजधानी के डा. अरविंद नेरल
रायुपर। पूरी जिंदगी अपनों को समर्पित कर देने के बाद अपनी ही संतानें हिमाकत भरी नजरों से देखती है। मानसिक चोट, ताने, दुत्कार कई बुजुर्गों को सबकुछ होते हुए भी असहाय और बेसहारा कर देते है। परिवार और समाज से ठुकराए ऐसे कई निराश्रित वृद्धों की देखभाल कर रहे है लायन्स क्लब रायपुर और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डा. अरविंद नेरल। डा. अरविंद नेरल का जीवन और समाज के प्रति उनका आत्मीय भाव आज की युवा पीढ़ी को प्रेरित करता है।
जीवन की सांझ को शांतिपूर्ण, सुखमय, निरापद, सात्विक, धार्मिक और अपनत्व से भरपूर पारिवारिक माहौल में व्यतीत करने के वास्ते निर्मित सर्वसुविधायुक्त चारदीवारी, असहाय वृद्धों की इस शरणस्थली का नाम है ‘आश्रय-लायन्स वृद्धाश्रम’। जून 2000 में डा. अरविंद नेरल के अध्यक्षीय कार्यकाल में इस परियोजना का शुभारंभ किया गया था। इस वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के जीवन यापन के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। एक शांतिपूर्ण, स्वच्छ वातावरण में यहां के लाभान्वितों की सभी आवश्यकताओं का संचालन समिति ध्यान रखती है।
समय-समय पर भजन मंडलियों द्वारा धार्मिक कार्यक्रम, मनोरंजन के लिए संगी कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां आयोजित किए जाते है। शुद्ध सात्विक माहौल बनाए रखने के लिए आश्रय परिसर में मांसाहार, मद्यपान, धूम्रपान एवं अन्य किसी भी प्रकार की व्यसनों पर कड़े प्रतिबंध है। महिलाओं एवं पुरूषों के लिए दो अलग-अलग बड़े हाल में लगभग 40 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है। साथ ही आश्रय भवन के मध्य में स्थित कामन रुम में मनोरंजन व भोजन की व्यवस्था रखी जाती है। विगष 26 वर्षों से संचालित श्याम नगर रायपुर में स्थित इस आश्रय में 16 महिलाओं सहित 30 वृद्धजन लाभान्वित हो रहे है। जिनकी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति निःशुल्क की जाती है।