रविवि में 'साइबर जागृति अभियान' एवं 'साइबर संकल्प' का शुभारंभ
रायपुर। साइबर अपराधों से मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सतत रूप से चलाए जा रहे 'साइबर जागृति अभियान' की कड़ी में 12 सितंबर को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागार में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं रायपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (तकनीकी सेवाएं) प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर अमित तुकाराम कांबले, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला एवं कुलसचिव शैलेंद्र पटेल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रारंभ अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. गौरव मंडल के साइबर जागरूकता सत्र से हुआ, जिसमें साइबर अपराधों के आधुनिक स्वरूप एवं उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। तत्पश्चात मुख्य अतिथि श्री विजय शर्मा द्वारा 'साइबर संकल्प' का शुभारंभ किया गया। 'साइबर संकल्प' डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता पर आधारित 9 मॉड्यूल का वीडियो पाठ्यक्रम है, जिसका प्रत्येक वीडियो 5 से 6 मिनट अवधि का है। इसके माध्यम से नागरिक सरल भाषा में साइबर अपराध के आधुनिक तरीकों एवं उनसे सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र में श्री विजय शर्मा ने कहा कि डिजिटल क्रांति के अंतर्गत भारत में लगभग 36 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल लेनदेन हुआ है, जो विश्व के कुल डिजिटल लेनदेन का लगभग आधा है। जिस देश में कभी डिजिटल लेनदेन की कल्पना भी नहीं की जाती थी, आज वही देश विश्व के डिजिटल लेनदेन का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने का आह्वान किया, इस अभियान को गांव-गांव तक ले जाने पर बल दिया तथा विद्यार्थियों से साइबर जागरूकता के प्रसार में स्वैच्छिक रूप से सहभागी बनकर अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को जागरूक करने का आह्वान किया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार ने साइबर अपराधों के नए तरीकों से सावधान रहने एवं ऑनलाइन सुरक्षा मानकों के पालन की सलाह दी। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि तेजी से फैलते साइबर अपराधों से बचाव हेतु विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों का जागरूक होना अति आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों ने अपनी आपबीती साझा की तथा त्वरित कार्रवाई कर ठगी की राशि वापस दिलाने हेतु पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के पीड़ित डॉ. सेन ने बताया कि किस प्रकार उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' के जाल में फंसाया गया तथा गोल्डन ऑवर में पुलिस से संपर्क करने के कारण धोखाधड़ी की राशि उन्हें वापस प्राप्त हुई। उनके अनुभव ने उपस्थित विद्यार्थियों को साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में विलंब न करते हुए तत्काल 1930 पर संपर्क करने के महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने मुख्य अतिथि, कुलपति, उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पुलिस के सतत साइबर जागरूकता अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा, जिसने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों की पहचान, रोकथाम एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की तथा उन्हें साइबर जागरूकता के दूत बनने हेतु प्रेरित किया।