CEZCON 2026 में AIIMS रायपुर के तीन रेजिडेंट्स ने जीते गोल्ड मेडल
रायपुर। सेंट्रल जोन ऑफ द इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के 25वें वार्षिक सम्मेलन सिल्वर जुबली CEZCON 2026 का रायपुर में तीन दिवसीय आयोजन अकादमिक विमर्श, वैज्ञानिक प्रस्तुतियों और उन्नत शल्य चिकित्सा प्रशिक्षण के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के तीन रेजिडेंट्स ने प्रतिष्ठित तीन गोल्ड मेडल हासिल किए।
सम्मेलन का आयोजन 11 से 13 सितंबर तक रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में किया गया, जबकि विशेष हैंड्स-ऑन कार्यशालाएं AIIMS रायपुर में आयोजित हुईं। सम्मेलन में देशभर से प्रख्यात ऑर्थोपेडिक सर्जन, शिक्षाविद, विशेषज्ञ, युवा सर्जन और स्नातकोत्तर प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। इस दौरान वैज्ञानिक विचार-विमर्श, शोध प्रस्तुतियों और उन्नत ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
AIIMS रायपुर के ज्वाइंट रिप्लेसमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन में तृतीय वर्ष के मास्टर ऑफ चिरुर्गिया (Master of Chirurgiae-MCh) रेजिडेंट डॉ. सोमोक बनर्जी को “Correlation of Offset with PROM and Gait Analysis in THR” विषय पर सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र के लिए एमपी चैप्टर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। यह शोध उनके MCh शोध-प्रबंध का हिस्सा था और प्रो. डॉ. आलोक चंद्र अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया।
ऑर्थोपेडिक्स के स्नातकोत्तर रेजिडेंट डॉ. सुनीत भट्टाचार्य को “Acromial Index & Supraspinatus Tear Correlation” विषय पर उनके शोध-कार्य के लिए डॉ. टी.पी. श्रीवास्तव गोल्ड मेडल फॉर बेस्ट पीजी पेपर प्रदान किया गया। वहीं, ज्वाइंट रिप्लेसमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन के प्रथम वर्ष के MCh रेजिडेंट डॉ. मेल्विन शाजी को “TKR in Hoffa’s Fracture of Elderly Lady” विषय पर सर्वश्रेष्ठ ई-पोस्टर प्रस्तुति के लिए डॉ. वी.एस. सिंह गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
AIIMS रायपुर के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख प्रो. डॉ. आलोक चंद्र अग्रवाल का सेंट्रल जोन ऑफ द इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (CEZIOA) के अध्यक्ष पद पर चयन रहा। इसे ऑर्थोपेडिक शिक्षा, शोध और अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में संस्थान की बढ़ती भूमिका से जोड़कर देखा गया।
सम्मेलन का आयोजन प्रो. डॉ. आलोक चंद्र अग्रवाल के अकादमिक नेतृत्व में किया गया। AIIMS रायपुर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. अशोक जिंदल, YSM, AVSM, PVSM मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में वरिष्ठ पदाधिकारियों और देशभर से आए विशेषज्ञ संकाय सदस्यों ने भी भाग लिया।
सिल्वर जुबली CEZCON 2026 के वैज्ञानिक सत्रों में ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, ट्रॉमा एवं रिकंस्ट्रक्शन, पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स, आर्थ्रोस्कोपी, स्पाइन सर्जरी, ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी, डिफॉर्मिटी करेक्शन, इलिजारोव सर्जरी और ऑस्टियोपोरोसिस सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, त्रि-आयामी प्रिंटिंग, नेविगेशन और रोबोटिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट जैसी उभरती तकनीकों पर भी विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में ओरिएशन, सिल्वर जुबली लेक्चर, अतिथि व्याख्यान, संगोष्ठियां, वाद-विवाद, मेडल पेपर, शोध-पत्र प्रस्तुतियां, ई-पोस्टर, केस डिस्कशन और यंग सर्जन्स फोरम आयोजित किए गए। इनमें शोध, स्नातकोत्तर शिक्षा और व्यावहारिक सर्जिकल प्रशिक्षण को विशेष महत्व दिया गया।
सम्मेलन का प्रमुख अकादमिक आकर्षण 11 सितंबर को AIIMS रायपुर में आयोजित हिप एंड नी आर्थ्रोप्लास्टी कैडवर वर्कशॉप रहा। इस गहन हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण में टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी (Total Knee Arthroplasty-TKA) और टोटल हिप आर्थ्रोप्लास्टी (Total Hip Arthroplasty-THA) की प्राथमिक एवं रिवीजन प्रक्रियाओं के साथ सर्जिकल एप्रोच, एलाइनमेंट, कंपोनेंट पोजिशनिंग, सॉफ्ट-टिश्यू बैलेंसिंग, बोन लॉस मैनेजमेंट और जटिल रिकंस्ट्रक्शन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ प्रो. डॉ. आलोक चंद्र अग्रवाल और लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. अशोक जिंदल की उपस्थिति में हुआ। इसमें डॉ. अनिल के. जैन, डॉ. नवीन ठक्कर, डॉ. देबब्रत पाढ़ी, डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना और डॉ. प्रशांत द्विवेदी सहित वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भाग लिया। कैडवरिक प्रशिक्षण में प्रो. डॉ. आलोक सी. अग्रवाल, डॉ. एस.एस. मोहंती, डॉ. हर्षल सकाले, डॉ. रेहान उल हक, डॉ. आर.बी. कालिया, डॉ. शुभंकर शेखर, डॉ. अजित कुमार और डॉ. अनूप कुमार सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।
इस कार्यशाला ने AIIMS रायपुर में कैडवर आधारित उन्नत ऑर्थोपेडिक प्रशिक्षण की अकादमिक परंपरा को और मजबूत किया। संस्थान में इससे पहले प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विवेक त्रिखा और डॉ. रमेश सेन के सहयोग से एसीटैब्युलर रिकंस्ट्रक्शन संबंधी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं।
CEZCON 2026 के तहत हाई टिबियल ऑस्टियोटॉमी, पोंसेटी तकनीक से क्लबफुट प्रबंधन, मस्कुलोस्केलेटल अल्ट्रासाउंड एवं इंटरवेंशन तथा सॉ-बोन मॉडल पर रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रो. डॉ. आलोक सी. अग्रवाल ने रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए घुटना प्रत्यारोपण में रोबोटिक्स की आवश्यकता और इसकी भूमिका पर चर्चा की।
तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन 13 सितंबर को वैलिडिक्टरी समारोह के साथ हुआ। सिल्वर जुबली CEZCON 2026 ने सेंट्रल जोन में 25 वर्षों के अकादमिक सहयोग को रेखांकित करते हुए निरंतर चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार, व्यावहारिक सर्जिकल प्रशिक्षण और मरीजों की चिकित्सा सेवाओं में निरंतर सुधार के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
AIIMS रायपुर के लिए सम्मेलन में डॉ. सोमोक बनर्जी, डॉ. सुनीत भट्टाचार्य और डॉ. मेल्विन शाजी द्वारा तीन गोल्ड मेडल हासिल करना, उन्नत कैडवरिक प्रशिक्षण का सफल आयोजन तथा प्रो. डॉ. आलोक चंद्र अग्रवाल का सेंट्रल जोन ऑफ द इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर चयन इस सिल्वर जुबली आयोजन की प्रमुख अकादमिक उपलब्धियां रहीं।