महाराष्ट्र मंडल में आयोजित MSME के उद्यम शिविर में... युवाओं को मिली नई दिशा... नौकरी मांगने की बजाय देने के लिए होगी पहल
2023-07-13 06:27 PM
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रायपुर। केंद्र सरकार की माइक्रो स्माल मीडियम इंटरप्राइजेज (एमएसएमई) योजनाओं से युवाओं को लाभान्वित करने के उद्देश्य से उद्यम शिविर का आयोजन महाराष्ट्र मंडल भवन में किया गया। इस शिविर में पहुंचे MSME के संयुक्त निदेशक राजीव कुमार और सहायक निदेशक उमेश प्रसाद ने लघु उद्योग, लघु व्यापार से संबंधित जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।
महाराष्ट्र मंडल की स्वावलंबन समिति की प्रभारी शताब्दी पांडे ने बताया कि एक दिवसीय उद्यम रजिस्ट्रेशन शिविर का सफल आयोजन मंडल में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पार्षद अमर बंसल थे। शिविर में आए एमएसएमई के संयुक्त निदेश राजीव कुमार और सहायक निदेशक उमेश प्रसाद ने उद्यम पंजीयन को लेकर विस्तृत जानकारी दी।

MSME के संयुक्त निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि MSME कार्यालय में उद्यम से रिलेटेड सभी समस्याओं का समाधान हम करते हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में दो लाख छोटे-बड़े उद्यमियों ने अपना पंजीयन करा लिया है। वहीं पूरे देश की बात करें तो करीब 2 करोड़ लोगों का पंजीयन है। पूरे भारत में 10 करोड़ से अधिक छोटे-बड़े उद्योग चल रहे है। लेकिन सभी ने MSME में पंजीय़न नहीं कराया है। क्योंकि ज्यादातर उद्यमी सरकार की योजनाओं को समझ नहीं पाते और इसके काऱण इसका सही लाभ नहीं ले पाते है। पंजीयन होने के बाद उद्यमी का आधार, पैन, जीएसटी और बैंक खाता सभी लिंक रहता है। ऐसे में आपके व्यापार की पूरी जानकारी सरकार के पास होती है, और आपकी सफलता के अनुसार आपको सरकार की योजनाओं का लाभ मिलता है। इसके लिए अलग-अलग ग्रेड निर्धारित है।

MSME सहायक निदेशक उमेश प्रसाद ने बताया कि 2020 में उद्यम पंजीयन पूरी तरह आनलाइन हो गया। लोग नेट पर MSME पंजीयन सर्च करते है और पंजीयन के लिए ठगी के शिकार हो जाते है। वर्तमान में उद्यम रजिस्ट्रेशन के नाम पर सरकार की वेबसाइट चल रही है। जिसमें पंजीयन होना है। फर्जी लिंक और वेबसाइट से बचना हमें बेहद जरूरी है।
इस बीच उद्यम शिविर में पहुंचे युवाओं ने अपने मन के भ्रम को सवालों के जरिए दूर किया। MSME के अफसरों ने सभी सवालों का जवाब देकर प्रश्नकर्ताओं को संतुष्ट किया, जिसे देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि इस उद्यम शिविर के बाद काफी संख्या में युवा नौकरी की तलाश छोड़कर स्वावलंबन की ओर कदम बढ़ाएंगे।