रायपुर

बीते 12 सालों से नहीं पटाया रोड टैक्स... अब 229 बस मालिकों पर गिरेगी गाज... सख्त कार्रवाई के मूड में परिवहन विभाग

रायपुर। राजधानी रायपुर में कई बड़े स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां फीस के नाम पर लाखों रुपए की उगाही होती है। इसके बावजूद संचालित बसों का ना तो रोड टैक्स पटाया जाता है और ना ही मासूमों की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए इन बसों का फिटनेस टेस्ट कराया जाता है। कुल मिलाकर सालाना करोड़ रुपए वसूलने वाले ये स्कूल केवल अपनी जेबें भरने का काम कर रहें। स्कूल प्रबंधन के इस रवैये के खिलाफ अब परिवहन विभाग ने सख्ती का निर्णय ले लिया है, जिसके चलते नोटिस और अंतिम मोहलत भी दे दी गई है। 

चौंकाने वाली बात है कि मामला 12 वर्ष पुराने 229 स्कूल बस मालिकों का है। जिनके खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। रोड टैक्स पटाने की बजाय परिवहन विभाग को ठेंगा दिखाने वाले इन बकायादार मालिकों की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा एसडीएम से मांगा गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर समेत आरंग अभनपुर और तिल्दा-नेवरा एसडीएम को पत्र लिखकर रोड टैक्स के बकायेदार बस मालिकों का नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित सूची भेजी गई है।

इस मामले को लेकर जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक स्कूल बस के संचालकों ने पिछले 10 साल से करीब पांच करोड़ रुपए रोड टैक्स जमा नहीं किया है। इसकी वसूली करने के लिए बस मालिकों को सात अगस्त 2023 तक अंतिम मौका दिया गया है। निर्धारित अवधि में बकाया टैक्स जमा नहीं करने पर बस को जब्त कर नीलाम किया जाएगा।इसके बाद राशि बकाया होने पर उनकी चल-अचल संपत्तियों को कुर्क कर वसूली की जाएगी।

दरअसल मई और जून महीने में पुलिस परेड ग्राउंड में लगाए गए स्कूल बसों की मैकेनिकल जांच शिविर में नहीं आने वाली बसों की जब परिवहन और यातायात पुलिस विभाग ने जानकारी खंगाली तब यह जानकारी सामने आई। परिवहन विभाग ने बकाया पांच करोड़ का रोड टैक्स वसूलने 229 स्कूल बसों के संचालकों को नोटिस जारी कर 30 जून तक बकाया टैक्स जमा करने का समय दिया था। यह अवधि अब बीत चुकी है। लिहाजा सभी को नोटिस जारी किया गया।