रायपुर

इस मामले में छत्तीसगढ़ का... अनुसरण करेगी केंद्र सरकार... सीएम बघेल बोले, यह प्रदेश के लिए गर्व की बात

छत्तीसगढ़ की तर्ज पर भारत सरकार 12वीं के साथ आईटीआई कराने पर विचार कर रही और हमने हायर सेकेण्डरी पास करने वाले छात्र-छात्राओं को आईटीआई प्रमाण पत्र भी वितरित कर दिए हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक भर्ती - 2023 के अंतर्गत व्याख्याताओं को नियुक्ति पत्र एवं 292 छात्र-छात्राओं को हायर सेकेंडरी सह आई.टी.आई. ट्रेड प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए कही। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज रोजगार के क्षेत्र में आईटीआई पास युवाओं की बहुत आवश्यकता है। ऐसे विद्यार्थी जो आईटीआई करना चाहते थे उन्हें हायर सेकेंडरी पास करने के बाद एक साल आईटीआई की ट्रेनिंग करना पड़ता है, इससे समय बहुत लगता है लेकिन आज 12वीं पास करते ही छात्र-छात्राओं के पास एक सर्टिफिकेट होगा, जो आपको चयनित ट्रेड का एक्सपर्ट बना देगा। इस डिग्री से आप जॉब भी कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबके अपने सपने होते हैं, उन सपनों को साकार करने में माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान है, खुद की मेहनत उससे भी महत्वपूर्ण है, लेकिन थोड़ा सा सहयोग सरकार की ओर से भी है। आप अपने सपने साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सके इसलिए एक प्रयास छत्तीसगढ़ सरकार ने किया और आज उसे भारत सरकार भी अपनाने के लिए आतुर है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा 12वीं के साथ आईटीआई का प्रमाण पत्र मिलने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने नियुक्त व्याख्याताओं और हायर सेकेंडरी के साथ-साथ आई.टी.आई. ट्रेड प्रमाण प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि मुझे खुशी है कि भारत सरकार जो अभी सोच रही है, उसे करने में हम 2 साल आगे हैं। आज आईटीआई पास बच्चे जितने खुश हैं, उतनी ही खुशी हमारे ट्रेनर के चेहरों में भी दिखाई पड़ रही है, ट्रेनर्स आज तक केवल आईटीआई पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाते थे, लेकिन आज वह नए तरीके से ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस कोर्स को हमने 2 साल में बांटा है, पहला साल जिसमें अच्छी तरह थ्योरी की पढ़ाई हो सके, तो दूसरा साल प्रैक्टिकल। दोनों अलग-अलग काम है और जरुरी भी। स्कूल के विद्यार्थियों को हायर सेकेंडरी के साथ-साथ आई.टी.आई. ट्रेड कराने में एक बड़ी चुनौती है, जिन स्कूलों के पास आई.टी.आई. ट्रेड हैं वहां कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन जिन स्कूलों से यह संस्थान दूर हैं उन्हें थोड़ी मुश्किल होगी।