छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक हो सकता है... शनिवार 2 सितम्बर... पढ़िए क्या है मामला
2023-09-01 06:51 PM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक आ चुका है। चुनाव आयोग की तैयारियां लगातार जारी है, तो राजनीतिक दलों की कसरतें भी निरंतर बढ़ती जा रही है। प्रदेश में दोनों ही बड़ी और प्रमुख राजनीतिक दल के शीर्ष नेताओं की लगातार बैठकें, परस्पर आरोप—प्रत्यारोप में भी इजाफा हो रहा है, तो राष्ट्रीय नेताओं का दौरा भी बढ़ता ही जा रहा है।
इस बीच सबसे अहम बात जो आमलोगों को आकर्षित करती है, वह यह कि उनकी अपनी सरकार, उनके भविष्य के लिए क्या योजना लेकर आ रही है, जिससे उन्हें, उनके परिवार और समाज को फायदा मिल सके। और इस वक्त छत्तीसगढ़ में एक समुह ऐसा है, जिसकी संख्या लाखों में है और उनकी निगाहें सरकार के एक फैसले पर टिकी हुई है।
यहां बात हो रही है, प्रदेश के करीब दो लाख संविदा कर्मियों की, जो नियमितीकरण की आस लगाए बैठें हैं। सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इस बात का उल्लेख किया था कि सरकार बनते ही नियमितीकरण का तोहफा मिलेगा। सरकार बनी, तो किसानों को प्राथमिकता मिली, जिसके बाद कर्मचारियों को मांग पूरी होने का आश्वासन मिला। अब कांग्रेस सरकार का कार्यकाल समाप्त होने को है, लेकिन अनियमित कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं हो पाई है।
इस बीच शनिवार 2 सितंबर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। इसके अलावा राहुल गांधी भी छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। वहीं सरकार ने वेतन में 27 प्रतिशत का इजाफा करते हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से खास आश्वासन देते हुए उनका आंदोलन समाप्त कराया था। ऐसे में उम्मीद की एक कड़ी बची हुई है कि 2 सितंबर को भूपेश सरकार प्रदेश के 2 लाख संविदा कर्मियों को नियमितीकरण का तोहफा दे सकती है। यदि ऐसा होता है, तो निश्चित तौर पर यह तारीख छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक कहलाएगा।