संयुक्त परिवार की प्रासंगिकता पर 17 सितंबर को संगोष्ठी, कई समाज प्रमुख रखेंगे अपने विचार
रायपुर। 21वीं सदी की ओर बढ़ते समाज को बीते कोरोना काल ने एक बार फिर संयुक्त परिवार की याद दिलाई। संयुक्त परिवार का हर एक सदस्य एक-दूसरे से आंतरिक भाव से जुड़ा होता है। सभी एक दूसरे के सुख-दुख में काम आते हैं। संयुक्त परिवार सिर्फ सदस्यों का ही नहीं बल्कि भावनाओं का भी जोड़ होता है। संयुक्त परिवार में घर के बड़े सदस्य छोटे सदस्यों को अपना अनुभव सिखाते हैं। छत्तीसगढ़ महाराष्ट्रीयन तेली समाज रायपुर की ओर से आज के परिवेश में संयुक्त परिवार की प्रासंगिकता विषय़ पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन 17 सितंबर को सुबह 11 बजे से सिविल लाइन स्थित वृंदावन हाल में किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ महाराष्ट्रीयन तेली समाज के अध्यक्ष अशोक नागपुरे ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान संयुक्त परिवार की आवश्यकता सभी ने महसूस की। इसे लेकर छत्तीसगढ़ महाराष्ट्रीयन तेली समाज की ओर से आज के परिवेश में संयुक्त परिवार की प्रासंगिकता विषय़ पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम सिविल लाइन स्थित वृंदावन हाल में सुबह 11 बजे से होगा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय काळे, हरदिहा साहू समाज के अध्यक्ष डेरहा राम साहू, छत्तीसगढ़ धीवर समाज के अध्यक्ष राजकुमार धीवर के साथ समाजसेवी और वरिष्ठ पत्रकार तपेश जैन उक्त विषय पर अपने विचार रखेंगे।
छत्तीसगढ़ महाराष्ट्रीयन तेली समाज की सचिव प्रमिला धुर्वे ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों के द्वारा नृत्य और गायन भी प्रस्तुत किया जाएगा। सर्व समाज के प्रबुद्ध जनों को इस आयोजन में आमंत्रित किया गया है।