रायपुर

तीनों राज्यों में सीएम का हो सकता है नया चेहरा... जो दे सके सबका साथ, सबका विकास और बेहतर प्रबंधन का सकारात्मक संदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब मुख्यमंत्री के चयम का दौर चल रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार लगभग नाय तय हो चुके है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस बार तीनों ही राज्यों में नये चेहरे को मौका मिल सकता है। भाजपा इस बार उसे सीएम बना सकती है तो लोकसभा चुनाव के पहले  सबका साथ, सबका विकास और बेहतर प्रबंधन का सकारात्मक संदेश दे सके।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि जरूरी नहीं कि किसी विधायक को ही मुख्यमंत्री बनाया जाए बल्कि संगठन या केन्द्रीय सियासत में सक्रिय नेता को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। दरअसल, भाजपा तीनों राज्यों में ऐसी सरकार चाहती है, जो लोकसभा चुनाव से पहले लोगों को सबका साथ, सबका विकास और बेहतर प्रबंधन का सकारात्मक संदेश दे सके। पार्टी इसी दिशा में काम कर रही है। अब गैर विधायकों के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।

10 सांसदों ने 6 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करने के बाद अपना-अपना इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दिया। इन सांसदों में छत्तीसगढ़ से अरुण साव और गोमती साई, मध्य प्रदेश से नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, उदय प्रताप और रीति पाठक और राजस्थान से राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दीया कुमारी और किरोड़ी लाल मीना शामिल हैं।