शिक्षक भर्ती परीक्षा में पासिंग मार्क्स अब 50 परसेंट... प्रायमरी के लिए बीएड नहीं डीएड होंगे मान्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ में होने जा रहे शिक्षकों की मेगा भर्ती के दौरान शिक्षा गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए भर्ती सेवा नियमों में कुछ संशोधन होने जा रहा है। शिक्षा मंत्री के अनुमोदन के बाद भर्ती परीक्षा में पासिंग मार्क्स को बढ़ाकर 50 परसेंट कर दिया गया है। वहीं भर्ती के लिए विषय बाध्यता लागू की जाएगी। इसके साथ डीएड कर चुके लोगों को भर्ती में वेटेज मिलेगा। मंत्री के अनुमोदन के बाद संशोधन की स्वीकृति के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है। पिछली सरकार ने शिक्षकों के 12 हजार 489 पदों के विज्ञापन निकाले थे, उसमें कई अहम शर्तों में छूट दे दी थी।
कांग्रेस सरकार ने शिक्षक भर्ती में पासिंग मार्क्स 50 परसेंट से कम कर 45 परसेंट कर दिया था। जबकि, राष्ट्रीय नार्म के अनुसार शि़क्षक भर्ती में पासिंग अंक 50 परसेंट होते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग अब पिछली सरकार का फैसला पलटते हुए पासिंग मार्क्स फिर से 50 परसेंट करने जा रहा है।
इसके अलावा पिछली सरकार ने विषय बाध्यता समाप्त कर दी थी। मतलबा किसी भी विषय का परीक्षार्थी किसी भी पद के लिए एप्लाई कर सकते थे। नतीजा यह रहा कि गणित और साइंस के पदों पर कला और वाणिज्य संकाय के लोग नियुक्त हो गए। नई सरकार अब विषय बाध्यता को फिर से प्रभावशील करने जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया था कि बीएड वालों को प्रायमरी एजुकेशन की ट्रेनिंग नहीं होती। इसलिए, बीएड को शिक्षक भर्ती में मान्य नहीं किया जाए। प्रायमरी के लिए डीएड अनिवार्य किया जाए। कांग्रेस की सरकार ने इसे लागू नहीं किया। अब भाजपा सरकार इसे लागू करने जा रही है। अब सिर्फ डीएड वाले ही सहायक शिक्षक पद के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।