छत्तीसगढ़वासियों को 34,427 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं की दी सौगात
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों को बटन दबाकर 34 हजार 427 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास कर विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें 18 हजार 897 करोड़ की लागत वाली 9 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 15 हजार 530 करोड़ की एक परियोजना का शिलान्यास शामिल है।
प्रधानमंत्री ने कोयला मंत्रालय अंतर्गत रायगढ़ क्षेत्र में 173.46 करोड़ रुपये की ओपन कास्ट प्रोजेक्ट छाल कोल हेंडलिंग प्लांट, दीपका क्षेत्र में 211.22 करोड़ रुपये की लागत की ओपन कास्ट प्रोजेक्ट दीपका कोल हेंडलिंग प्लांट, रायगढ़ क्षेत्र में 216.53 करोड़ रुपये की लागत के ओपन कास्ट प्रोजेक्ट बरौद कोल हेंडलिंग प्लांट का लोकार्पण किया। इन तीनों ओपन कास्ट प्रोजेक्ट से रेपिड लोडिंग सिस्टम के माध्यम से लोडिंग टाईम में कमी आएगी और ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम होगा।
मोदी ने प्रधानमंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय अंतर्गत 907 करोड़ रुपये की लागत से राजनांदगांव जिले के 9 गांवो के 451 एकड़ क्षेत्र में निर्मित 100 मेगावाट एसी/155 मेगावाट डीसी सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया। मोदी ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत 1007 करोड़ रुपये की 2 प्रोजेक्ट अंबिकापुर से शिवनगर तक 52.40 किलोमीटर लंबाई की सड़क और बनारी से मसनियाकला तक 55.65 किलोमीटर लंबी सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग-49) का लोकार्पण किया। ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत 15,799 करोड़ रुपये के 1 प्रोजेक्ट - लारा सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट स्टेज-1 (2x800MW) का लोकार्पण किया।
प्रधानमंत्री ने रेल मंत्रालय अंतर्गत 583 करोड़ रुपये के 2 प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया जिसमें 280 करोड़ रुपये की लागत से भिलाई में 50 मेगावाट सोलर पावर प्लांट और 303 करोड़ रुपये की लागत से बिलासपुर-उसलापुर फ्लाईओवर का लोकार्पण शामिल है। बिलासपुर-उसलापुर फ्लाईओवर (10.5 किलोमीटर) 303 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा मंत्रालय अंतर्गत रायगढ़ में लारा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्टेज-2 (2x800MW) का शिलान्यास किया। यह परियोजना क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह परियोजना आस-पास के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास (जैसे पहुंच मार्ग, जल निकासी, संचार, परिवहन सुविधाएं इत्यादि) और सामाजिक अधोसंरचना (जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली) की उपलब्धता में और सुधार करेगी।