रायपुर

छात्रों को अपनी काबिलियत बढ़ाने वाले गुणों पर करना चाहिए कामः चौधरी

रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता असफलता जीवन का हिस्सा है लेकिन व्यक्ति को लगातार अपनी काबिलियत पर काम करना चाहिए, व्यक्तित्व को मजबूत बनाना चाहिए, कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक भाव से धैर्य के साथ अपना प्रयास जारी रखना चाहिए। ये गुण किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन में सफल होने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से छात्रों को परीक्षा की तैयारियों को लेकर मार्गदर्शन दे रहे थे।

इस मौके पर उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब दिए चिन्मय डनसेना ने पूछा कि परीक्षा के एक दिन पहले होने वाले तनाव को कैसे दूर करें। वित्त मंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान तनाव स्वाभाविक है। लेकिन आप यह ध्यान रखें कि पूरे साल भर के मेहनत का सार परीक्षा के 3 घंटों में निकलता है। इसलिए अपना मन शांत रखें और उन 3 घंटों में शांत चित्त से अपना बेस्ट देने पर फोकस करें। परिणाम की चिंता मत करें। एक छात्र ने जब पूछा कि वे अपना सिलेबस रिवीजन कैसे करते थे तो उन्होंने बताया कि नोट्स बनाकर पढ़ने से रिवीजन अच्छा होता है। नोट्स ऐसा हो जिस पर एक नजर मारने से पूरा चैप्टर क्लियर हो जाए।

प्राची गुप्ता ने पूछा कि आज आईक्यू के साथ इक्यू को भी सफलता के लिए जरूरी बताया जाता है, यह क्या होता है। चौधरी ने इस आज के समय में इक्यू को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आईक्यू बुद्धिमत्ता को दर्शाता है। वहीं इक्यू भावनात्मक गुणांक को बताता है। आज इमोशनल इंटेलिजेंस बहुत जरूरी है। यह विचार को लेकर भावनात्मक समझ और नकारात्मकता से निपटने में व्यक्ति की योग्यता को बढ़ाता है। 

निधि बघेल ने पूछा कि कई बार माता पिता और शिक्षकों के उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन करने को लेकर दबाव महसूस होता है, इसे कैसे दूर करें। इस पर उन्होंने कहा कि छात्र अपना बेस्ट दें और मन में यह भाव रखें कि मैंने अपनी क्षमता और योग्यता ने अनुरूप पूरा प्रयास किया है। कई बार परिणाम ऊपर नीचे हो सकते हैं। लेकिन इसको लेकर अनावश्यक दबाव नहीं लेना चाहिए।

वित्त मंत्री ने बच्चों को आगे क्लैट, यूनिवर्सिटीज के एंट्रेंस एग्जाम के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जागरूक रहकर परीक्षा की तैयारी करने और उसमें शामिल होने की बात कही। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में प्रयास संस्था खुलने जा रही है। पहली बार संभागीय मुख्यालय से बाहर रायगढ़ में यह संस्था खुलने जा रही है। यहां 11 वीं और 12 वीं के छात्रों को स्कूली शिक्षा के साथ आईआईटी, मेडिकल एंट्रेंस नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की निःशुल्क सुविधा भी मिलेगी। यह एक आवासीय संस्था होगी। साथ ही यहां नालंदा परिसर भी खुलने जा रहा है। इन सुविधाओं से यहां के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत ऐसा करो कि आपका हस्ताक्षर एक दिन ऑटोग्राफ बन जाए।