छग में आंधी तूफान के साथ जमकर हुई बारिश, कवर्धा व सूरजपुर में गिरे ओले
रायपुर | प्रदेश में चक्रवात के चलते मौसम का मिजाज बदल गया। पूरे दिन चिलचिलाती धूप के कारण लोगो को झुलसा देने वाली गर्मी से जद्दोजहद करना पड़ रहा था। ऐसे में शाम होते ही आदिवासी अंचल लैलूंगा धरमजयगढ़, तमनार व घरघोड़ा इलाके के साथ धमतरी, कांकेर , बिलासपुर, रायगढ़ के साथ राजधानी रायपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुए | वही मंगलवार सुबह सूरजपुर में तो शाम को कवर्धा में जमकर ओलावृष्टि होने लगी।
मौसम विज्ञानियों ने मौसम में बदलाव होने को सूचना जारी की थी। पश्चिमी विक्षोभ के असर से जिले में मौसम के तेवर में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। जिसके चलते देर शाम झमाझम बारिश की वजह से रात्रि में गर्मी का असर देखने को नही मिला है। लेकिन सुबह होते ही शहरवासी कूलर और पंखे के बिना भी आराम से घर मे रह रहे हैं। वही मौसम के बदलाव के चलते तेज आंधी ने क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई थी। कई क्षेत्रों में निजी घर, खेत खलिहान में लगे लहलहाती फसल बर्बाद हो गई। फसलों में लगे फूल और फल दोनों झड़ रहे है। जिले में बेमौसम ओलावृष्टि से शहर व ग्रामीण किसान दोनो को आर्थिक नुकसान विभिन्न कारणों से झेलना पड़ा है। इस बदलाव के चलते आने वाले दिनों के सब्जियों के दाम में भी इजाफा होने के आसार है जबकि सेहत में इसका विपरीत असर पड़ रहा है।

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि होने की वजह से किसानों में चिंता है। बारिश की वजह से तिलहन व सब्जियों से लेकर टमाटर की फसल को नुकसान हुआ हो रहा है। बारिश के कारण किसानों के खेत व कोठार में खुले में रखे तिवरा, अरहर की फसले भी खराब हो रही है। मौसम की मार के चलते सब्जियों की लोकल व अन्य जिले से आने वाली आवक कम हो गई इसका असर अब कीमत में इजाफा के रूप में पड़ेगा। यह बारिश से दोहरी मुसीबत लेकर आएगी जिसमे महंगाई भी बढ़ेगी।
मौसम के बार बार बदलने से स्वास्थ्य, फसल के साथ साथ दिनचर्या को भी प्रभावित कर रही है। वही गर्मी के शुरुआती दिनों में लाइट की आंख मिचौली से आमजन से खास जन तक प्रभावित हुआ। बारिश ने काफी हद तक राहत दी लेकिन बिजली गुल होने से लोगो पर अत्यधिक असर पड़ा। जिसमें लोग न तो मौसम का मजा ले सकते है और नही बिना बिजली के घर मे रह पाए और बिजली विभाग को कोसते रहे।