श्रेष्ठ आचरण के लिए शिक्षा में नित परिमार्जन आवश्यकः उच्च शिक्षा सचिव
रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में 2024-2025 से लागू किया जाना है। इस लेकर प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों को दूसरे चरण का मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यशाला 27 जून से चल रहा था। इसका समापन 28 जून को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर में हुआ।
समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा सचिव आर प्रश्नना ने कहा कि मानव का व्यवहार शिक्षा से परिवर्तित होता है, इसलिए श्रेष्ठ आचरण के लिए शिक्षा में नित परिमार्जन की आवश्यकता है l नई शिक्षा नीति इस परिमार्जन में एक ठोस पहल हैl निश्चित रूप यह से राष्ट्र निर्माण में बेहतर परिणाम लाएगाl वर्तमान समय में शिक्षा में ज्ञान के विकास की जरूरत है जो नई शिक्षा नीति के पाठ्यचर्या में शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि शासन नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर संवेदनशील है।
इस अवसर पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डा. सच्चिदानंद शुक्ल ने कहा कि शिक्षा जीवन का एक अभिन्न अंग है, जिससे सम्पूर्ण जीवन में कार्य एवं व्यवहार क्रियान्वित होता है l गुणात्मक शिक्षा की जरूरत प्रत्येक सदी में रहा है और रहेगा तभी समाज का स्वरुप आदर्श हो पायेगा। इन्ही आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नई शिक्षा नीति को साकार रूप दिया गया है l