रायपुर
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राज्य साइबर फॉरेंसिक लैब का किया निरीक्षण
साइबर अपराधों के रोकथाम के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाये : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर | उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस मुख्यालय में स्थित राज्य साइबर फॉरेंसिक लैब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लैब में उपयोग किए जा रहे विभिन्न उपकरणों और सॉफ्टवेयरों का अवलोकन किया। इसमे मोबाइल फॉरेंसिक सॉफ्टवेयर, हार्ड डिस्क फॉरेंसिक सॉफ्टवेयर, और वीडियो विश्लेषण प्रक्रिया शामिल हैं। साथ ही उन्होंने जिलों से प्राप्त रिपोर्ट्स और लैब द्वारा भेजे जाने वाले प्रतिवेदनों की भी समीक्षा की।
इस दौरान साइबर अपराध शाखा द्वारा राज्य साइबर फॉरेंसिक लैब, रीजनल साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, राज्य साइबर पुलिस थाना और 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन सेंटर द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री शर्मा ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये। इसमें स्कूल और कॉलेजों को शामिल करने कहा। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सूचना प्रौद्योगिकी में उभरती नई तकनीकों से सुसज्जित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, सहायक पुलिस महानिरीक्षक कवि गुप्ता और साइबर फॉरेंसिक लैब के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिवर्ष राज्योत्सव में मिलेगा पुरस्कार
पॉवर कंपनी के टेबल टेनिस में रायपुर सेंट्रल की टीम रही विजेता... पुरस्कार वितरण आज
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की कला एवं क्रीड़ा परिषद के तत्वावधान में आयोजित अंतरक्षेत्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रायपुर सेंट्रल और दुर्ग क्षेत्र के बीच खेला गया। इस टीम इवेंट में रायपुर सेंट्रल क्षेत्र की टीम विजेता और दुर्ग क्षेत्र की टीम उपविजेता रही। प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह कल 28 सितंबर को दोपहर 12 बजे होगा। इसमें पॉवर कंपनीज के प्रबंध निदेशक जनरेशन एसके कटियार विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
पॉवर कंपनी के डंगनिया मुख्यालय स्थित खेल परिसर में टेबल टेनिस प्रतियोगिता में सिंगल और टीम इवेंट के मैच हुए। खिलाड़ियों ने चुस्ती-फुर्ती के साथ खेल का प्रदर्शन किया। टीम इवेंट का फाइनल मुकाबले में रायपुर सेंट्रल ने दुर्ग को 3-1 से हराया। रायपुर सेंट्रल के खिलाड़ी सर्वश्री प्रशांत बापट, अनिल अग्रवाल, अनुराग शर्मा, सागर पिपंलापुरे और खिलेंद्र ने बेहतर प्रदर्शन किया। दुर्ग क्षेत्र के खिलाड़ी सर्वश्री तरूण कुमार ठाकुर, पीएल महेश्वरी, महेश्वर टंडन, महेंद्र कुमार एवं रजनीश ओबेराय ने भी उम्दा खेल का प्रदर्शन किया।
क्षेत्रीय क्रीड़ा सचिव विनय चंद्राकर ने बताया कि महिला वर्ग के डबल्स मुकाबले में रायपुर क्षेत्र की दिव्या आमदे और यशोदा रौतिया विजेता रहीं। श्रद्धा वर्मा व शोभना सिंह की जोड़ी उपविजेता रही। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के आठ क्षेत्रीय टीमें हिस्सा ले रही हैं। इसमें दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, कोरबा पूर्व, कोरबा पश्चिम, मड़वा के साथ रायपुर सेंट्रल व रायपुर रीजन की टीम शामिल हैं। कल 28 सिंतबर को पुरुष वर्ग के सिंगल और डबल के फाइनल व महिला वर्ग के सिंगल मुकाबले होंगे।
अग्रसेन जयंती पर अग्रोहा धाम में सर्व समाज के लिए विशाल डायग्नोसिस कैंप 29 को
रायपुर। अग्रसेन जयंती के अवसर पर 29 सितंबर को अग्रोहा धाम में विशाल डायग्नोसिस कैंप का आयोजन सभी समाजों और समुदाय के लोगों के लिए किया जा रहा है। शिविर में अग्रवाल समाज से जुड़े सभी डॉक्टर नि:शुल्क अपनी सेवाएं देंगे। शिविर दोपहर को 1 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित हैं। उक्त जानकारी अग्रवाल समाज के सलाहकार कैलाश मुरारका व प्रचार प्रसार मंत्री ज्योति अग्रवाल ने दी। कैलाश मुरारका ने बताया कि 29 सितंबर को अग्रवाल समाज के द्वारा विशाल डायग्नोसिस कैंप का आयोजन किया है जिसका लाभ राजधानी ही नहीं अपितु बाहर से आए सभी समाजों के लोग ले सकेंगे।
ज्योति अग्रवाल ने बताया कि न्यूरोफिजिशियन में डॉ. अर्पित अग्रवाल, डेंटिस्ट डॉ. राजेश खेमका, डॉ. आशीष अग्रवाल, डॉ. जितेंद्र सराफ, डॉ. प्रिया सराफ, डॉ. नीरज अग्रवाल (साक्षी), डॉ. मनीष अग्रवाल, डॉ. स्तुति अग्रवाल, डॉ. प्रवेश गोयल, डॉ. पारुल अग्रवाल अपनी सेवाएं देंगी। ऑन्कोलॉजी में डॉ. सुमन मित्तल, डॉ. विकास अग्रवाल, हेमेटोलॉजी में डॉ. विकास गोयल, डॉ अम्बर गर्ग. डॉ. निहार गुप्ता, सर्जरी में डॉ. सज्जन अग्रवाल, डॉ. ऋषि अग्रवाल, डॉ. तन्मय अग्रवाल। रेडियोलॉजी में डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. विकाश भोजसिया, डॉ. रंजना अग्रवाल, डॉ. सोनल अग्रवाल। स्त्री रोग विशेषज्ञ् में डॉ. प्रीति अग्रवाल, डॉ. मूनमून अग्रवाल, डॉ. . रेशू अग्रवाल, डॉ. अंजलि गुप्ता, डॉ. सुनीता कनोई। हड्डी रोग विशेषज्ञ में डॉ. आलोक अग्रवाल, डॉ. सुनील खेमका, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. रोहित कनोई, डॉ. प्रवीण अग्रवाल, डॉ. अंकुर सिंघल, डॉ. राम खेमका, डॉ. प्रीतम अग्रवाल।
इसी प्रकार एनेस्थेटिस्ट और दर्द चिकित्सक में त्वचा विशेषज्ञ डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. अंशुल, डॉ. कृतिका गोयनका, मूत्र रोग विशेषज्ञ में डॉ. नितिन गोयल, डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल, नेफ्रोलॉजिस्ट में डॉ. प्रवाश चौधरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में डॉ. भारत गुप्ता, डॉ. संजय अग्रवाल, हृदय रोग विशेषज्ञ - डॉ. भारत अग्रवाल, पारिवारिक चिकित्सक - डॉ. प्रदीप कुमार अग्रवाल, मधुमेह रोग विशेषज्ञ - डॉ. जवाहर अग्रवाल, डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. निर्मेश अग्रवाल सिंघानिया, चिकित्सक - डॉ. विकास कुमार अग्रवाल, डॉ. अरुण कुमार केडिया, बाल रोग विशेषज्ञ - डॉ. आलोक अग्रवाल, बाल रोग फिजियोथेरेपिस्ट - डॉ. नेहा अग्रवाल (पीटी), डॉ. चानन गोयल पीएचडी, रीढ़ की हड्डी के सर्जन - डॉ. विमल अग्रवाल, नेत्र सर्जन, ऑस्टियोपैथ और जोड़ों के दर्द का पुनर्वास - डॉ तुषार बंसल तथा बर्न और प्लास्टिक सर्जन - डॉ कमलेश अग्रवाल और डॉ अभय अग्रवाल अपनी सेवाएं देंगे।
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने वन मंत्री केदार कश्यप को सांसद ने दिया न्यौता
रायपुर | वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप को उनके निवास कार्यालय में बस्तर के सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप के साथ प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात कर बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए आमंत्रण दिया। मंत्री कश्यप ने सभी आवश्यक तैयारियां की जानकारी ली तथा सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी।
मंत्री कश्यप ने कहा कि यह पर्व खास तौर पर यहां की आदिवासी संस्कृति देवी दंतेश्वरी की पूजा और बस्तर राजवंश की परंपराओं से जुड़ा हुआ है। यह त्यौहार बस्तर की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है इसे देखने के लिए देश-विदेश के लोग आते हैं।
उन्होंने कहा कि यह लगभग 75 दिनों तक चलने वाला पर्व है तथा बस्तर की विशिष्ट परंपराओं से जुड़ा हुआ है। दशहरा के दौरान पूरे बस्तर क्षेत्र में विशेष अनुष्ठान, परंपरागत नृत्य, संगीत और शोभायात्राएं की जाती है।
उन्होंने मेला समिति के प्रतिनिधियों से कहा कि आयोजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की असुविधा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को ना हो तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया जाए।
जिले में डेंगू के रोकथाम के लिए उठाएं प्रभावी कदम : मंत्री लखन लाल देवांगन
मंत्री ने बचाव और ईलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को नियमित हेल्थ कैंप लगाने के दिए निर्देश
रायपुर | वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कोरबा नगर और पूरे जिले में डेंगू से बचाव और रोकथाम के लिए कलेक्टर को पत्र लिखकर आवश्यक कदम तत्काल उठाने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री देवांगन ने अपने पत्र में लिखा है कि विधानसभा क्षेत्र कोरबा सहित पूरे जिले के लोगों में डेंगू बीमारी से ग्रसित होने की संख्या में निरंतर वृद्धि होने की जानकारी आम जनमानस से मिल रही है। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र पोड़ी-उपरोड़ा, पाली और करतला क्षेत्र के साथ-साथ कोरबा शहरी क्षेत्र में भी लोग डेंगू बीमारी की चपेट में आ रहें हैं। इसकी रोकथाम के लिए नियमित तौर पर कीटनाशक का छिड़काव, नालियों व जल-जमाव के सफाई, आवश्यक चिकित्सकीय उपचार, दवाईयों के वितरण की अत्यंत आवश्यकता है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरदानी वितरण की व्यवस्था भी करना जरूरी है। इसके अलावा ऐसे प्रभावित क्षेत्र जहां डेंगू के केस में लगातार वृद्धि हो रही है वहां स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से नियमित तौर पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच के साथ-साथ नये मरीजों की पहचान शीघ्र करने की आवश्यकता है।इसे देखते हुए कोरबा विधानसभा सहित पूरे जिले में डेंगू बीमारी की रोकथाम के लिए विशेष पहल करते हुए आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था करने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को तत्काल निर्देशित करने कहा है।
आम आदमी से सीधे जुड़ा है राजस्व विभाग, इसकी छवि को सुधारने की जरूरतः साय
रायपुर। मैं साल 1990 में नया-नया विधायक बना, तब साधु की तरह दिखने वाले लंबी कद काठी का एक व्यक्ति मेरे पास आवेदन लेकर आया। वे मेरे जन्म यानी साल 1964 से राजस्व के एक मामले को लेकर राजस्व कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। उन्हें अपने मामले की सारी जानकारियां याद थी और कागज पलटने तक की जरूरत नहीं पड़ती थी। मैं उन्हें अपनी गाड़ी से एसडीएम कार्यालय लेकर गया और मामले का निराकरण कराया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज निवास कार्यालय में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह प्रसंग सुनाया और कहा कि हमें राजस्व अमले की पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करना है। राजस्व विभाग सीधे आम आदमी से जुड़ा है और हमें इसकी छवि सुधारने के लिए काम करना है। बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय से एक ही जगह पर पर जमे हुए पटवारियों को हटाया जाए और एक ऐसी व्यवस्था तैयार करें जिसमें नियत समय के बाद पटवारी का अनिवार्य रूप से उस हल्के और तहसील क्षेत्र से स्थानांतरण हो जाए। उन्होंने कहा कि आम जनों को दैनिक सरकारी कामकाज में पटवारी के सहयोग की जरूरत पड़ती है। साय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पटवारी अपने मुख्यालय में रहकर कार्य करें, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न शासकीय कार्यालयों की भूमि का शासन के पक्ष में नामांतरण का काम अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में शहरी पट्टों के वितरण के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फौती नामांतरण, बंटवारा, अविवादित नामांतरण सहित राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी लाई जाए और इसे समय सीमा में ही पूरा करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजिटल नवाचारों पर भी तेजी के साथ काम करें। राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने मुख्यमंत्री को राजस्व विभाग की योजनाओं, गतिविधियों और विभागीय आवश्यकताओं से अवगत कराया। उन्होंने राजस्व विभाग के प्रशासनिक इकाई की मूलभूत जानकारी के साथ ही स्वामित्व योजना, राहत कार्यालय के कार्य, राजस्व न्यायालय, जिओ रिफ्रेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अद्यतन जानकारी साझा की।
अधिकारी-कर्मचारियों की हड़ताल से सरकारी कामकाज ठप्प, 48 हजार शासकीय स्कूलों में लटके ताले
रायपुर। अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर सिलसिलेवार आंदोलन कर रहे सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों ने आंदोलन के चौथे चरण में आज कलम बंद काम बंद हड़ताल कर दी। इससे पूरे प्रदेश में सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। वहीं 48 हजार से ज्यादा शासकीय स्कूलों में भी ताले लटके रहे। छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर राज्यभर के करीब 4 लाख अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इससे अपने काम के सिलसिले में दफ्तर पहुंचने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूलों में भी शिक्षकों की उपस्थिति नहीं रही। स्कूल पहुंचने के बाद बच्चों में असमंजस के हालात नजर आए।
अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले सरकारी कर्मचारियों से उनकी मांगें पूरी करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान करेगा। वर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेश के 33 जिलों और 146 विकासखंडों में कर्मचारी-अधिकारी प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। गौरतलब है कि फेडरेशन ने मोदी की गारंटी को लागू नहीं किए जाने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की थी। इसके तहत, दूसरे चरण में 20 से 30 अगस्त के बीच सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया। तीसरे चरण में 11 सितंबर को जिलों, ब्लॉकों और तहसीलों में मशाल रैलियों और प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। चौथे चरण में आज 27 सितंबर को प्रदेश के सभी कर्मचारी और अधिकारियों ने अवकाश पर रहकर कलम बंद, काम बंद हड़ताल की।
छत्तीसगढ़ के लगभग 48,000 सरकारी स्कूलों में आज पढ़ाई-लिखाई पूरी तरह ठप रही। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के कलम बंद, काम बंद आह्वान पर करीब 1 लाख 75 हजार शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लिया था। इनमें प्राइमरी, मिडिल, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। डीए समेत अन्य मांगों को लेकर फेडरेशन ने हड़ताल का आह्वान किया था, जिसमें शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सामूहिक रूप से छुट्टी का आवेदन दिया। एक स्कूल में यदि 17 शिक्षक हैं, तो सभी ने एक साथ स्कूल न आने की सूचना दी। इसके चलते आज सुबह की पाली में स्कूल पहुंचे बच्चों को खासी दिक्कतें पेश आई। उन्हें यह समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर स्कूल क्यों नहीं खुले हैं। हालांकि अनेक स्थानों पर बच्चों को पहले ही छुट्टी की सूचना दे दी गई थी।
वर्कशापः आंखों और खून की जांच के लिए शिविर आयोजित, विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य और पोषण पर जोर दिया
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सहयोग क्लब द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2024 के तहत सफाई मित्रों के स्वास्थ्य और कल्याण पर 24 से 28 सितंबर 2024 तक पांच दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों में स्वास्थ्य जागरूकता, व्यावसायिक खतरों से बचाव, संतुलित पोषण और समय पर आंखों की देखभाल को बढ़ावा देना था।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की मुख्यमंत्री साय कर रहे हैं समीक्षा
आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में 2046 बच्चों का स्वर्णप्राशन
इम्युनिटी बढ़ाने 560 बच्चों को बाल रक्षा किट भी दिया गया
रायपुर | बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्तिवर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय, रायपुर में 2046 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। विभिन्न रोगों से रोकथाम और इम्युनिटी बढ़ाने 560 बच्चों को पांच दवाईयों से बने बाल रक्षा किट का भी वितरण किया गया। स्वर्णप्राशन के साथ ही डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है।
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा, प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह काफी लाभदायक है। महाविद्यालय के कौमारभृत्य विभाग की व्याख्याता डॉ. सत्यवती राठिया तथा स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने स्वर्णप्राशन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 25 जनवरी को 1235, 21 फरवरी को 1420, 18 मार्च को 1720, 16 अप्रैल को 1410, 13 मई को 1256, 10 जून को 1802, 8 जुलाई को 1342, 3 अगस्त को 1370 और 30 अगस्त को 1660 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने रायपुर के नालंदा लाइब्रेरी में युवाओं से किया संवाद
प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रतिभागी युवाओं के लिए नालंदा लाइब्रेरी मददगार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी की सराहना की
रायपुर | केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा रायपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्तमंत्री ओ. पी. चौधरी के साथ नालंदा परिसर पहुंचे। उन्होंने वहां लाइब्रेरी में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से संवाद किया। नड्डा ने यूपीएससी, सीजीपीएससी सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए नालंदा लाइब्रेरी में अध्ययन की हाईटेक सुविधा, बैठक व्यवस्था एवं सकारात्मक वातावरण की तारीफ की। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने रायपुर में नालंदा परिसर को उसके नाम के अनुरूप स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी की सराहना की। नड्डा ने नालंदा लाइब्रेरी से आरएफआईडी के माध्यम से पुस्तक इश्यू होने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए उनके द्वारा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली।
नालंदा लाइब्रेरी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर विभिन्न पदों पर चयनित युवाओं ने केंद्रीय मंत्री नड्डा से संवाद किया और कहा कि यह लाइब्रेरी युवाओं के अध्ययन के लिए चौबीसों घंटे खुली रहती है। यहां पढ़ाई का बेहतर वातावरण एवं इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध है। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने सभी युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नालंदा लाइब्रेरी युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए बड़ी मददगार साबित होगी। छत्तीसगढ़ में युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए आईटी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रयासों को सराहा और कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री साय द्वारा राज्य के 22 शहरों में नालंदा परिसर रायपुर के तर्ज पर ही सर्वसुविधा युक्त लाइब्रेरी की स्थापना को अच्छी पहल बताया और कहा कि इससे राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलेगी।
वित्तमंत्री ओ.पी चौधरी ने केंद्रीय मंत्री नड्डा को नालंदा लाइब्रेरी के बारे में जानकारी देते हुए बताया, यहां एक हजार युवा एक साथ बैठकर अध्ययन कर सकते है। लाइब्रेरी में 200 एमबीपीएस इंटरनेट की सुविधा है और अध्ययनरत छात्रों के मांग के अनुसार पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती है और आरएफआईडी के माध्यम से पुस्तकें इश्यू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस अवसर पर विधायक किरण देव, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी संतोष सिंह, नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आप भी लेना चाहते है पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ.. तो 7 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण
रायपुर। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को आसान बनाने तथा आम जनता की पहुंच में लाने के लिए प्रदेश के ऊर्जा सचिव तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अध्यक्ष पी.दयानंद के निर्देश पर आज छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्टीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने बैंकर्स की बैठक आहूत की। जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने में सहमति जताई। निजी क्षेत्र के बैंकों को भी इस बाबत् कार्यवाही करने हेतु कहा गया।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेश में 5 लाख रूपटाप पावर प्लांट वर्ष 2027 तक लगाने का लक्ष्य है। इस दिशा में सकारात्मक वातावरण बनाने तथा उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने में कोई तकलीफ न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा ऊर्जा सचिव श्री पी.दयानंद द्वारा दिये गये है। आज समस्त सरकारी तथा निजी क्षेत्र के बैकरों की बैठक में बैंक ऋण से संबंधित स्थिति की समीक्षा प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह ने की। सरकारी क्षेत्र के बैंकर्स ने बताया कि उन्हें 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के सोलर पावर प्लांट लगाने हेतु ऋण देने के निर्देश प्राप्त हो चुके है।
बैंक शाखाओं में उपभोक्ताओं को सरलता के साथ ऋण प्रदान करने के इंतजाम किये गये है। निजी बैंकों द्वारा यह बताये जाने पर कि उन्हें मुख्यालय की ओर से इस बाबत् निर्देश प्राप्त नहीं हुए है। उन्हें कहा गया कि वे भी अपने-अपने मुख्यालय स्तर से भारत सरकार की इस योजना में सहयोग करने तथा 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा देने की पहल करे। आपसी समझ से औपचारिकताएं पूरी करने के बारे में भी चर्चा की गई। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक आरए पाठक, संदीप वर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता एमडी बड़गैया एवं पीवी सजीव, अतिरिक्त महाप्रबंधक (वित्त) गोपीकृष्णा राठी, अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) उमेश कुमार मिश्र, अधीक्षण अभियंता एन.बिम्बिसार तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
पॉवर कंपनी में टेबल टेनिस स्पर्धा का आगाज...प्रदेशभर से आठ क्षेत्रीय टीमें ले रही हैं हिस्सा
नक्सली हिंसा से पीड़ित बस्तर के लोगों का अपने निवास पर डिप्टी सीएम शर्मा किया स्वागत
रायपुर। नक्सली हिंसा से पीड़ित बस्तर के लगभग 55 नागरिकों का उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने निवास कार्यालय पर गर्मजोशी से स्वागत किया, जो अपनी व्यथा और समस्याओं को लेकर दिल्ली गए थे। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक पीड़ित से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उपमुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ाओं को ध्यान से सुना। इस मौके पर उन्होंने पीड़ितों को दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुएं जैसे रेडियो, घड़ी, थाली, लोटा, गिलास, टॉर्च, छत्तीसगढ़ी व्यंजन, बैग और बच्चों के लिए चॉकलेट का वितरण कर उनकी सहायता की।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि "बस्तर के गांव-गांव में विकास के मार्ग को नक्सलियों ने आईईडी से जकड़ रखा है। ये आईईडी न गांववालों को पहचानती है, न जानवरों को। इसके धमाकों में सैकड़ों लोग अपंग हो चुके हैं। किसी का पैर कट गया है, किसी की आंखें चली गई हैं, तो कोई अपने हाथ खो चुका है। यह माओवादी हिंसा गांवों को दहशत में डालने का काम कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यहां उपस्थित सभी लोग उन मानवाधिकार समर्थकों से सवाल कर रहे हैं जो नक्सलियों का समर्थन करते हैं। आखिर क्यों कोई बस्तर के लोगों के दर्द पर चर्चा नहीं करता? बस्तर के गांववालों की जिंदगी पर कोई क्यों नहीं बोलता? यह अत्याचार कब तक चलेगा?"
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा की माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुसार बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का अंत किया जाएगा। जो लोग सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने की कोशिश करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि यह केवल बस्तर का नहीं बल्कि पूरे देश का मुद्दा है। नक्सली बस्तर के विकास और लोगों की शांति को बर्बाद करने में लगे हुए हैं और इसका प्रतिकार अब आवश्यक हो गया है।
हाउसिंग बोर्ड की संपत्ति के फ्री होल्ड पर रोक नहीं, बोर्ड ने मीडिया रिपोर्ट पर दी ये जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल की संपत्तियों पर फ्री होल्ड में किसी तरह की रोक नहीं है। राज्य सरकार की तरफ से ये जानकारी दी गई है। दरअसल छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा भवनों / भूखण्डों के फ्री होल्ड पर रोक लगाने के संबंध मीडिया रिपोर्ट आयी थी। बोर्ड ने उस संदर्भ में प्रकाशित खबरों को असत्य बताया है। हाउसिंग बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि वर्तमान में कुछ प्रकरणों में राजस्व अभिलेख में धारणाधिकार आवासीय के स्थान पर कृषि प्रदर्शित हो रही है।
भविष्य में हितग्राहियों को फी-होल्ड पश्चात भूमि के व्यपवर्तन के लिए कठिनाई का सामना न करना पड़े इस हेतु मण्डल द्वारा ऐसे प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व विभाग से समन्वयन कर भूमि के व्यपवर्तन एंव धारणाधिकार में पहले परिवर्तन किये जाने के लिए कुन्दन कुमार (आई.ए.एस.) आयुक्त, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा निर्देश दिये गये है।
बोर्ड ने निर्णय लिया गया है कि, कृषि प्रयोजन अंकित भूमि का डायवर्सन पश्चात ही फ्री-होल्ड किया जावें। लिहाजा ऐसे भूमि जो आवासीय मद में दर्ज है, वहाँ फ्री-होल्ड की प्रक्रिया यथावत जारी रहेगी। जो भूमि कृषि प्रयोजनार्थ अंकित है, उन भूमियों की फ्री-होल्ड प्रक्रिया डायवर्सन पश्चात ही की जावेगी, ताकि हितग्राहियों को असुविधा ना हो।
डायवर्सन की कार्यवाही त्वरित करने हेतु भी हाऊसिंग बोर्ड द्वारा प्रयास किया जा रहा है। मण्डल को आबंटित शासकीय भूमि के अंतर्गत आबंटित भवनों / भूखण्डों के फ्री-होल्ड में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आ रही है। हितग्राही बिना किसी हिचक के फी-होल्ड हेतु आवेदन मण्डल के नजदीकी संपदा कार्यालयों में कर सकते है।