रायपुर
कवर्धा के साधराम यादव हत्याकांड की होगी एनआईए जांच... मुख्यमंत्री ने की घोषणा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कवर्धा के साधराम हत्याकांड की आज एनआईए से जांच कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले दिनों साधराम यादव की निर्दयतापूर्वक हत्या कर दी गई थी। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाये कम है। साधराम जी के परिजन आज न्याय मांगने के लिए आए हैं। प्रकरण में दोषियों की गिरफ्तारी हो गई है।
साधराम जी के परिजनों की मांग है कि घटना की उच्च स्तरीय जांच हो और कड़ी से कड़ी सजा दोषियों को मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस घटना की जांच को एनआईए को सौपेंगे, ताकि घटना की सूक्ष्मतापूर्वक जांच हो सके। इस दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे।
शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की माताजी का निधन... सीएम साय, महाराष्ट्र मंडळ ने अर्पित की श्रद्धांजलि
रायपुर। शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की माता श्रीमती पिस्ता देवी अग्रवाल का 91 वर्ष की आय़ु में 27 फरवरी को निधन हो गया। वे अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक एवं समाजसेवी रामजीलाल अग्रवाल की पत्नी एवं समाजसेवी गोपालकृष्ण अग्रवाल, शिक्षा,संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अग्रवाल सभा रायपुर के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, यशवंत अग्रवाल की माता थी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
महाराष्ट्र मंडळ रायपुर के अध्यक्ष अजय मधुकर काळे ने बृजमोहन अग्रवाल की माता श्रीमती पिस्ता देवी अग्रवाल के निधन पर दुख व्यक्त किया। मंडल अध्यक्ष अजय काले, उपाध्याक्ष श्याम सुंदर खंगन, सचिव चेतन दंडवते, प्रो. अनिल श्रीराम काळेले, दीपक किरवईवाले, परितोष डोनगांवकर ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं कुलदीप निगम वृद्धाश्रम परिवार ने भी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री से मिले रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारी... शपथ ग्रहण में शामिल होने किया आमंत्रित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ के साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल की रचना 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' भेंट की।
प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर ने मुख्यमंत्री साय को नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला, प्रेस क्लब महासचिव वैभव शिव पाण्डेय, कोषाध्यक्ष रमन हलवाई एवं संयुक्त सचिव द्वय तृप्ति सोनी, अरविन्द सोनवानी भी उपस्थित थे।
गुणवत्ताहीन निर्माण पर डिप्टी सीएम साव नाराज... दो अधिकारी निलंबित, दो को नोटिस
रायपुर। लोक निर्माण विभाग ने सड़क उन्नयन और नवीनीकरण कार्य में गुणवत्ताहीन निर्माण और अमानक कार्य के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। कार्यस्थल के निरीक्षण और जांच के बाद डिप्टी सीएम तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने चार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। लोक निर्माण विभाग द्वारा गुणवत्ताहीन और अमानक कार्य के लिए कटघोरा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कोरबा संभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता और उप संभागीय अनुविभागीय अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
डिप्टी सीएम साव लोक निर्माण विभाग का प्रभार संभालने के बाद से ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने पर लगातार जोर दे रहे हैं। उन्होंने विभागीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को इसके लिए कड़े निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने को कहा है।
कोरबा जिले के चोटिया-चिरमिरी मार्ग के दस किलोमीटर लंबाई के उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य में कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान जांच में डामरीकरण की मोटाई औसतन कम एवं किए गए कार्य का घनत्व कम पाए जाने पर लोक निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। मामले में उप संभाग क्रमांक-2 कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी एसपी साहू और उप अभियंता राकेश वर्मा को निलंबित किया गया है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को 15 दिनों में दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्रादि तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
लोक निर्माण विभाग ने चोटिया-चिरमिरी मार्ग के उन्नयन और नवीनीकरण में अमानक स्तर का कार्य एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण कराए जाने पर कोरबा संभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता एके वर्मा और कोरबा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी आरएन दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें नोटिस प्राप्ति के सात दिनों की समयावधि में अपना प्रत्युत्तर प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित समयावधि में प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं होने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम‘साक्षर और असाक्षर के लिए बनेगा सेतू
रायपुर। ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम‘ के क्रियान्वयन के लिए जिला अधिकारियों एवं स्रोत व्यक्तियों के तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) और राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण (एसएलएमए) के संचालक राजेंद्र कुमार कटारा ने कहा कि उल्लास कार्यक्रम साक्षर और असाक्षर को मिलाने का काम करेगा। एक पढ़ी-लिखी दुनिया व दूसरी असाक्षरों की दुनिया से आप सभी को उल्लासपूर्वक कार्य करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में साक्षरता का उल्लास फैलाना है। यह पूरा कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में संचालित होगा अर्थात ऑनलाईन और ऑफलाईन दोनों ही मोड में उपलब्ध होगा।
कटारा ने कहा कि साक्षरता कार्यक्रम राज्य में पहले भी संचालित रहा है, इसलिए जिलों में जो भी बेस्ट प्रेक्टिसेस है, उनका उपयोग हम उल्लास में करें ताकि उनका लाभ हमारे शिक्षार्थियों को मिल सकें। शिक्षार्थियों के लिए उल्लास प्रवेशिका प्रदेश की परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाना है। छत्तीसगढ़ प्रदेश विविधिताओं से भरा है, यहाँ कला, संस्कृति, बोली, भाषा, लोक गीतों की भरमार है, बेहतर हो कि उल्लास कार्यक्रम में हम इनका उपयोग शिक्षार्थियों को सीखाने में करें। हमारी उल्लास प्रवेशिका आकर्षक और बुनियादी साक्षरता संख्या ज्ञान के अवधारणा को पूर्ण करने वाली हो।
कार्यशाला में अतिरिक्त संचालक एससीईआरटी जेपी रथ ने कहा कि साक्षरता का उद्देश्य समानता की ओर लेकर जाना है, असाक्षर लोगों को मुख्यधारा में शामिल करना है। हमें इस कार्यक्रम में मिलकर कार्य करना है तभी सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा असाक्षरों को इतना साक्षर कर दें कि उन्हें अपने अधिकारों व कर्तव्यों के साथ कैसे जीना है यह समझ पाए। इन्हीं अनेक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की शुरुवात छत्तीसगढ़ में की जा रही है।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रशांत कुमार पाण्डेय ने प्रस्तुत किया एवं पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के परिपेक्ष्य में उल्लास कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ एनसीईआरटी के सलाहकार अमन गुप्ता और जेपीएफ़ भावना खेरा द्वारा उल्लास प्रशिक्षण कार्यक्रम का परिचय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में उल्लास के लक्ष्य, घटक, उद्देश्य एवं दिशा-निर्देश की जानकारी दी गई। द्वितीय सत्र में जूनियर प्रोजेक्ट फेलो सीएनसीएल, एनसीईआरटी भावना खेरा के द्वारा उल्लास राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ एवं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा की गई डिजिटल पहल- उल्लास एप्प, सबके लिए शिक्षा वर्टिकल (दीक्षा पोर्टल), एनसीईआरटी ऑफिसियल यू-ट्यूब, सीएनसीएल पेज के बारे विस्तृत जानकारी देकर उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के उद्देश्यों को स्पष्ट किया।
19 वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन में भारत की प्रगति यात्रा में विज्ञान की भूमिका पर हुई चर्चा
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर और छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रेक्षागृह में आयोजित दो दिवसीय 19 वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन में निदेशक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर प्रोफेसर एन. वी.रमणा राव ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जो अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी तरक्की कर रहा है।
छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र मंत्री आगे बढ़ेगी। आज हम इस समारोह को विकसित भारत 2047 के सन्दर्भ में भी देखते हैं, जो हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा निर्देश है। 2047 की दिशा में हम ऐसे भारत की दिशा में काम कर रहे हैं जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी हो, जो नवाचारों के साथ साथ सामाजिक और आर्थिक उत्थान को प्राप्त करेगा। छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन इस उद्देश्य को प्राप्त करने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम है।
छत्तीसगढ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर के महानिदेशक एसएस बजाज ने कहा कि यह कार्यक्रम युवा वैज्ञानिकों का कार्यक्रम है। यह युवा वैज्ञानिकों के लिए एक अच्छा प्लेटफॉर्म है। रिसर्च के साथ यह भी बहुत जरूरी है कि आप जो भी प्रोडक्ट बनाते हैं जो नवाचार आप करते हैं उसका आप पेटेंट जरूर बनाए। यह जमाना प्रतिस्पर्धा का है जो नई चीज आपने ईजाद की है उसे आप पेटेंट नहीं कराते हैं और इसका पेटेंट को दूसरा करा ले तो इसका लाभ जो आपकी संस्था को मिल सकता था वह किसी और को मिल जाएगा। इस दिशा में हमारी संस्था आपकी मदद करती है। यह पेटेंट का कार्य संस्था द्वारा निःशुल्क कराया जाता है। 28 फरवरी का दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
विशेष अतिथि एवं वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने कहा कि आप सभी भारत की प्रगति यात्रा में सहयोग कर रहे हैं। मानव की उत्सुकता और जरूरतों के कारण ही नई चीज बनती रहती है। आज हम नवाचार की बात कर रहे, विकसित भारत की बात कर रहे। ये सब अचानक नहीं हो रहा, ये सब डेमोग्राफिक चेंजेज के कारण हो रहा है। जो चुनौतियां आ रही हैं। उसके बारे में हमे जागरूक रहना होगा, इन सभी चुनौतियों का मुकाबला वैज्ञानिक बखूबी कर सकते हैं। कार्यक्रम को वाइस चांसलर एवं निदेशक आईआईआईटी, रायपुर डॉ प्रदीप कुमार सिन्हा ने भी संबोधित किया।
राजधानी की गार्गी शुक्ला को स्वर्ण पदक...एमएससी बायोटेक्नॉलॉजी में किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
सीएम विष्णु देव साय ने की बड़ी घोषणा.... फिर शुरू होगी मीसाबंदियों की सम्माननिधि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से संबद्ध विभागों के लिए आज विधानसभा में 8421 करोड़ 82 लाख 8 हजार रुपए की अनुदान मांगें चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सरकार की पिछले तीन महीने की उपलब्धियों को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए मीसाबंदियों की सम्मान निधि फिर से प्रारंभ करने और कुरुद क्षेत्र में मिल्क रूट स्थापित करने एवं चिलिंग प्लांट लगाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी की गारंटी पर देश के बच्चे-बच्चे को भरोसा है। उन्होंने जो भी वायदे देश की जनता से किये, वो पूरा किया। मोदी जी ने जो गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता को दी थी उसमें बहुत सी महत्वपूर्ण गारंटियों को हमने तीन महीनों में ही पूरा कर लिया है। 18 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास देने के लिए हमने राज्यांश की व्यवस्था कर ली है। किसानों को दो साल की बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए हमने दी है। हम किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की है। किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से धान की कीमत देंगे। किसानों को अभी समर्थन मूल्य का भुगतान किया गया है। शीघ्र ही उन्हें अंतर की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इस साल लगभग 145 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है।
युवाओं से वायदा किया था कि पीएससी भर्ती में हुई शिकायतों की जांच कराएंगे। इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। मोदी जी की गारंटी के अनुरूप महतारी वंदन योजना के तहत विवाहित महिलाओं को सालाना राशि 12 हजार रुपए देने के लिए हम महिलाओं से आवेदन ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रालय के कार्यों में चिप्स की मदद से डिजीटल सचिवालय परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग में 134 पदों का सृजन किया जाएगा। एन्टी करप्शन ब्यूरो कार्यालय को अधिक सशक्त बनाने के लिए दुर्ग संभाग में एन्टी करप्शन ब्यूरो के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके लिए विभिन्न संवर्गों के 35 पदों, राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो में 6 नवीन पदों के सृजन का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण एवं उन्नयन प्राधिकरण के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं आवागमन से संबंधित अधोसंरचनाओं के रख-रखाव एवं उन्नयन संबंधी कार्यों के लिए 50 करोड़ 1 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला एक शैक्षणिक सत्र में दो बार होगी बोर्ड की परीक्षाएं
राजिम कुंभ कल्पः श्रीराम वनगमन पथ की झांकी बनी आकर्षण का केन्द्र
रायपुर। राजिम कुंभ की भव्यता 5 वर्ष बाद पुनः लौटी है। राजिम कुंभ कल्प 2024 मेला का आयोजन इस वर्ष रामोत्सव की थीम पर मनाया जा रहा है। राजिम कुंभ मेला स्थल में प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र और उनके छत्तीसगढ़ वनवास अवधि पर आधारित जीवंत झांकी का प्रदर्शन किया जा रहा है, जोकि मेला में पहुंचने वाले समस्त श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
बतादें कि इस बार कुंभ मेला छत्तीसगढ़ शासन द्वारा श्रीराम को समर्पित किया गया है, इसी तारतम्य में मेले की सारी सजावट में श्रीराम की झलक स्पष्ट नजर आ रही है। शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर आधारित चलित झांकी की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें वनवास के दौरान श्रीराम द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में निवासरत स्थलों का सचित्र चित्रण किया गया है। जिसमें लोमष ऋषि से भेंट, त्रिवेणी संगम में बालू से शिवलिंग की सीता द्वारा किए गए पूजा, माता कौशिल्या सहित श्रृंगी ऋषि, शबरी एवं सुग्रीव से भेंट की झांकी लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। इस डोम में आने लोग छत्तीसगढ़ के दण्डकारण्य क्षेत्र में राम द्वारा बिताए गए दिनों की झांकी से लोग रोमांचित होकर आनंद उठा रहे हैं।
रामोत्सव तर्ज पर ही मुख्यमंच में आयोध्या में निर्मित श्रीरामलला के मंदिर का प्रतिकात्मक चित्रण किया गया है, जिससे मुख्यमंच पूरी तरह से राममय दिखाई देता है। साथ ही झांकी के प्रदर्शन में लेजर लाईट और साउंड इफेक्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ में श्रीराम के बिताए गए दिनों को दिखाया जा रहा है, जो आने वाले पीढ़ी को राम के चरित्र सहित भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता द्वारा छत्तीसगढ़ के दण्डकारण्य क्षेत्र के बिताए गए दिनों से परिचित करा रहे हैं।
दुनिया को अलविदा कह गए पंकज उधास…72 की उम्र में ली आखिरी सांस
डेस्क। मशहूर गजल गायक पंकज उधास का निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वे 72 साल के थे। उनका जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर में हुआ था। पंकज उधास के परिवार की तरफ से उनके निधन की पुष्टि की गई है।
पंकज उधास के पीआर ने बताया कि सिंगर का निधन 26 फरवरी की सुबह करीबन 11 बजे ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। लंबे समय से वो बीमार थे, बीते कई दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। सिंगर के निधन की न्यूज पता चलने के बाद म्यूजिक जगत में मातम पसरा हुआ है। पंकज जैसे गजल गायक का यूं दुनिया छोड़ जाना फैंस को गमगीन कर गया है। हर कोई सोशल मीडिया पर नम आंखों से सिंगर को आखिरी श्रद्धांजलि दे रहा है।
यंग आर्म्स फाउंडेशन ने डा. लांजेवार सहित कई समाज सेवियों को किया सम्मानित
रायपुर। समाजसेवा के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही राजधानी की यंग आर्म्स फाउंडेशन ने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे संस्था एवं व्यक्तियों को 24 फरवरी को सम्मानित किया। फाउंडेशन ने इसी कड़ी में महाराष्ट्र मंडळ रायपुर के आजीवन सभासद और सिटी ब्लड बैंक के संचालक डा. मनोज लांजेवार को रक्तदान मुहिम के लिए सम्मानित किया।
सिटी ब्लड बैंक रायपुर का प्रथम ब्लड बैंक है, जिसमें अब तक लगभग ढाई लाख लोगों ने ब्लड डोनेशन किया है । सिटी ब्लड बैंक के डॉक्टर मनोज लांजेवार सिर्फ लोगों से ब्लड डोनेशन नहीं करवाते हैं बल्कि इस मुहिम को आगे बढ़ाने में उन्हें प्रेरित भी करते हैं , ताकि लोगों का जीवन बचाया जा सके।
यंग आर्म्स फाउंडेशन ने कल्पविद्या संस्था का भी सम्मान किया। कल्पविद्या विगत 5 वर्षों से सरोना में उन बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठा रही है, जो सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं, घर में काम करने वाली बाई या मजदूर या रिक्शा चालक के बच्चे हैं; उनको फ्री ऑफ कॉस्ट कोचिंग करवाती है। ऐसे बच्चों को सही मार्गदर्शन की वजह से, 92% तक अंक प्राप्त कर इन बच्चों ने अपनी परीक्षाएं उत्तीर्ण की। इसके साथ श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल नया रायपुर, बढ़ते कदम संस्था, श्री सुल्तानमल सजना बाई चैरिटेबल ट्रस्ट बालोद, वाटिका एनिमल सेंचुरी चंदखुरी. विनय पऺचभाई रक्तदान के लिए और सामूहिक कन्या विवाह के लिए पदमा चंद्राकर को सम्मानित किया।
शिमला-मनाली की तर्ज पर यहां बनेगा मॉल रोड... पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 2 करोड़ की घोषणा
आपसी विवाद पर पीयूष ने की भाई पराग झा की हत्या.... देर रात फायरिंग से मोहल्ले में मचा हड़कंप
रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर आपसी विवाद ने एक शख्स की जान ले ली। तैश में आकर आरोपी ने अपने छोटे भाई पर ही गोली चला दी। फायरिंग की आवाज सुनते ही मोहल्ले में हड़कंप मच गया और घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे देर रात पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार करने के साथ ही उसके पास से पिस्टल जब्त किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोलीकांड का यह मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। सफ़ायर ग्रीन फ़ेज़ 2 आवासीय कॉलोनी में रविवार की रात करीब साढ़े 11 बजे यह घटना हुई। यहां रहने वाला पीयूष झा अपने भाई पराग झा के साथ ड्रोन रिपेयर का काम करता था। दोनों भाईयों के बीच अक्सर विवाद और मारपीट होती रहती थी। मृतक पराग झा की मां ने बताया कि रविवार की रात भी दोनों भाईयों के बीच विवाद के बाद मारपीट हो गया था। जिसके बाद तैश में आकर पीयूष झा ने अपने छोटे भाई पराग झा पर पिस्टल से गोली चला दी। इस घटना में पराग झा की मौके पर ही मौत हो गई। उधर इस हत्याकांड के बाद आरोपी पीयूष अपनी कार से फरार हो गया था।
घटना की सूचना मिलते ही रायपुर एसएसपी संतोष सिंह के निर्देश पर तुरंत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नीरज चन्द्राकर, थाना प्रभारी विधानसभा दीपक पासवान घटना स्थल पर पहुंचे। मौके पर मृतक की मां से घटना की जानकारी लेने के बाद तत्काल क्षेत्र में नाकेबंदी कर आरोपी के कार का नंबर एवं मोबाइल नंबर सभी थानों में दिया गया। पुलिस की इस तत्परता से फरार आरोपी पीयूष झा को डीडीनगर क्षेत्र में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत लेकर उसके पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल भी ज़ब्त कर लिया है। पिस्टल लाइसेंसी है या फिर आरोपी ने किसी अन्य से हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए मांगा था, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
अयोध्या के निकली आस्था स्पेशल ट्रेन को बृजमोहन-पुरंदर ने दिखाई हरी झंडी
तेलंगाना अविलंब निकलना था, लेकिन फिर भी दूर से आए अतिथियों को मुख्यमंत्री ने दिया समय
रायपुर। भारत में अतिथि देवो भवः की महान परंपरा रही है। अतिथि का तात्पर्य ही है जो बिना तिथि, समय आपसे मिलने आए और उन्हें ईश्वर के समान माना गया है। एक सुंदर प्रसंग आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अस्थाई निवास पहुना में देखने को मिला। दरअसल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुबह ही दिल्ली प्रवास से लौटे और 40 मिनट के अल्प विश्राम के बाद ही उन्हें तेलंगाना राज्य के प्रवास पर निकलना था। इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र से कुछ ग्रामीण उनसे मिलने निवास गेट के बाहर खड़े हैं। मुख्यमंत्री स्वयं जशपुर जिले से हैं और जानते हैं कि यह इलाका राजधानी से दूर है और लंबी यात्रा करके सभी यहां पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री के मन में अतिथि देवो भवः का यही भाव आया और उन्होंने तत्काल सभी को अंदर बुलाया और मुलाकात करने की हामी भरी। चूंकि मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित होते हैं और आज के अति व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद अपनों से मिलने की मुख्यमंत्री की आतुरता ने इस मौके को और खास बना दिया। जशपुर जिले के दुलदुला से आए सभी ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और उनका आभार जताया। इस दौरान युवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष कमलचंद्र भंजदेव भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे सभी ग्रामीणों का धन्यवाद दिया और कहा कि आप लोग आते हैं, तो ऐसा लगता है परिवार का कोई आया है। आप लोगों के असीम स्नेह का हमेशा ऋणी रहूंगा। आप लोगों के स्नेह से मेरी ऊर्जा बढ़ती है और मैं अपनी जिम्मेदारियां के प्रति दृढ़ संकल्पित हो जाता हूं। मेरी कोशिश है कि प्रदेशवासियों की बेहतरी के लिए अनवरत काम करता रहूं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि शीघ्र ही आप सभी से वापस मुलाकात होगी।
दुलदुला से आए सभी ग्रामीणों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का व्यवहार हमेशा ही सरल, सहज और आत्मीय रहा है। हमने उन्हें हमेशा अपने सुख-दुख के साझेदार के रूप देखा है। अपनी बातें उनके सामने रखते आए है। साय से मिलने में हमें कभी संकोच नहीं हुआ और आज मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे उतनी ही आत्मीयता से हमसे मिले, हालचाल पूछा, क्षेत्र के बारे में जानकारी ली और बोले आप सभी से जल्द ही मिलूंगा। ग्रामीणों ने बताया कि हम पहुना गेट में खड़े थे और उनसे मिलना चाहते थे, लेकिन जब पता चला कि अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे राज्य से बाहर जा रहे है, तो हमें लगा कि शायद उनसे मुलाकात नहीं हो पाएगी। इसी बीच जानकारी मिली कि उन्होंने हमें तत्काल बुलाया है। हम अपने मुखिया से मिले और हमेशा की तरह वही आत्मीयता, वही व्यवहार देखकर सभी बड़े खुश हुए। उन्होंने बताया कि हम अपने मुखिया को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे थे।