अल्पना-चौक में नजर आएगी मैथिल संस्कृति... समाज की महिलाएं प्रस्तुत करेंगी देवी भजन
रायपुर। पूजा और तीज त्योहारों में चावल के रेहन से घरों पर बनाए जाने वाले अल्पना की सुंदरता हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऐसे में मैथिल ब्राह्मणों द्वारा अलग-अलग पूजा पाठ में अलग-अलग तरह का अल्पना उकेरी जाती है। अपनी इसी संस्कृति को बचाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ मैथिल ब्राह्णण सभा रायपुर की ओर से अल्पना चौक और मिथिला गीतों के साथ देवी भजन की प्रस्तुति देने जा रहा है। छत्तीसगढ़ मैथिल ब्राह्मण सभा रायपुर की ओर से 4-5 नवंबर को दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मैथिल अल्पना देखने को मिलेगी।
छत्तीसगढ़ मैथिल ब्राह्मण सभा रायपुर के सचिव भवेश झा ने बताया कि समाज की ओर से 4-5 नवंबर को दो दिवसीय दीपावली मिलन का आयोजन किया गया है। जिसमें 4 नवंबर को विद्यापति भवन में शतरंज, कैरम, मेहंदी, रंगोली, कुर्सी दौड़, चित्रकला के साथ अल्पना चौक स्पर्धा का आयोजन किया गया है। जो सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। वहीं दूसरे दिन 5 नवंबर का आयोजन दूधाधरी सत्संग भवन में किया जाएगा। जिसमें देवी भवन के साथ विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
भवेश झा ने बताया कि मेहंदी, रंगोली, अल्पना चौक स्पर्धा दो आयु वर्ग में आयोजित की गई है। जिसमें 10 से 20 और 20 से 40 वर्ष निर्धारित है। स्पर्धा के लिए न्यूनतम सहयोग शुल्क 50 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं स्पर्धा में भाग लेने के लिए प्रतिभागी को मेहंदी, रंगोली और अल्पना अपने साथ लेनी होगी।
शतरंज और कैरम स्पर्धा बालक और बालिका वर्ग के लिए अलग-अलग होगी। दोनों स्पर्धा के लिए 8 से 15 और 16 से 40 वर्ष की आयुसीमा निर्धारित है। इसके लिए सहयोग शुल्क 100 रुपये निर्धारित है। वहीं कुर्सी दौड़ का आयोजन सभी आयु वर्ग के लिए है, जो पूरी तरह निःशुल्क होगा।
चित्रकला स्पर्धा का आयोयन 16 वर्ष के कम उम्र के बच्चों के लिए आयोजित किया गया है। जिसमें बच्चे चित्रकला घर से बनाकर लाएंगे और विद्यापति भवन में समिति के सम्मुख जमा करेंगे।
भवेश ने आगे बताया कि बच्चों के लए फैंसी ड्रेस और डांस प्रतियोगिता का आयोजन 5 नवंबर को दूधाधारी सत्संग भवन में होगा। फैंसी ड्रेस और डांस में 12 वर्ष आयु तक के बच्चे भाग ले सकते है। इन दोनों स्पर्धा के लिए भी न्यूनतम सहयोग शुल्क निर्धारित किया गया है। दोनों स्पर्धाओं के उपरांत सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके बाद सभी समाज जनों एक साथ भोजन करेंगे।