देश-विदेश
प्रदेश में लोक और शास्त्रीय कलाओं का समृद्ध कोष : श्री मंगुभाई पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश कला-संस्कृति से समृद्ध प्रदेश है। भोपाल कला संस्कृति और गंगा-जमुनी तहज़ीब की नगरी है। यहाँ लोक कलाओं से लेकर शास्त्रीय कलाओं का बहुत ही समृद्ध कोष है। कलांजलि महाकला उत्सव जैसे आयोजन कला अभिव्यक्ति के साथ समाज और संस्कृति के रचनात्मक और सृजनात्मक पक्ष को प्रतिबिम्बित करने का अवसर देते है।
राज्यपाल रविन्द्र भवन में आयोजित कलांजलि महाकला उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में भोपाल शहर के विद्वान कलाकारों को मंच से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रख्यात भरतनाट्यम गुरू पद्मश्री श्री मनु मास्टर और ध्रुपद गायक पद्मश्री श्री उन्मुक्त गुन्डेचा मौजूद थे।
राज्यपाल ने कहा कि कलाएं हमारे अंदर के उत्कृष्ट गुणों से हमारा साक्षात्कार कराती है। जीव-जगत-प्रकृति और मातृभूमि के प्रति प्रेम एवं कर्तव्य का भाव जगाती है। हम सभी को आत्मिक आनंद प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि भौतिकवादी और डिजिटल दुनिया में शास्त्रीय नृत्य, संगीत, चित्रकला जैसी ललित कलाएं ही मन की कोमल भावनाओं के लिए ऑक्सीजन का काम करती हैं।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के उत्कर्ष में आर्थिक, राजनैतिक और सामरिक विकास के साथ सांस्कृतिक समृद्धि भी बहुत जरूरी होती है। कलाओं के परिचय, प्रदर्शन और महत्व के प्रचार-प्रसार से वर्तमान और भावी पीढ़ी देश की समृद्ध प्राचीन सांस्कृतिक विरासतों से परिचित होती है। उन्होंने युवा कलाकारों को शास्त्रीय कला के महत्व और मूल्य बोध से परिचित कराने के कलांजलि संस्था के उद्देश्य एवं नन्ही प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। श्री पटेल ने कहा कि शास्त्रीय कलाओं और कलाकारों से सजा यह कला महासंगम भारत देश की समृद्ध कला संस्कृति के संरक्षण और संर्वधन की मिसाल बने। उन्होंने भोपालवासियों से अपील की है कि उत्सव में आए कलाकारों, कला के साधकों और कला चिन्तकों को अपनी उपस्थिति से उत्साहपूर्ण समर्थन और प्रोत्साहन दें।
राज्यपाल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन और नटराज प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर किया। उन्होंने संस्थान की गतिविधियों पर आधारित प्रकाशन वाङ्मय का लोकार्पण किया। राज्यपाल का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन कलांजलि संस्था के अध्यक्ष प्रदीप कृष्णन ने दिया। पद्मश्री मनु मास्टर ने गुरू शिष्य परम्परा की महानता और महत्ता पर प्रकाश डाला। ध्रुपद गायक उन्मुक्त गुंडेचा ने संस्था के 25 वर्षों के आयोजन प्रयासों की सराहना की। आभार संस्था की महासचिव अनु जॉनसन ने व्यक्त किया।
उच्च स्तरीय बैठक लेंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह : राज्यों में सुरक्षा की स्थिति को लेकर समीक्षा
नई दिल्ली | देश में तीसरी बार सत्ता में आई केंद्र सरकार देश के कई राज्यों में सुरक्षा की स्थिति को लेकर काफी सख्त नजर आ रही है। दरअसल कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने कई जगहों पर हमला किया था। जिसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक की थी। जिसमें सेना और सुरक्षाबलों के अधिकारियों को अहम निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद केंद्र सरकार अब अन्य राज्यों में सुरक्षा के स्थिति को लेकर समीक्षा करने वाली है।
अब केंद्र सरकार हिंसा प्रभावित राज्यों में सुरक्षा स्थिति को लेकर सख्त हो गई है। गृह मंत्रालय के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक होगी। जिसमें केंद्र, राज्य सरकार, सेना और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में राज्य के हिंसा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। मणिपुर में पिछले 10 दिनों में कई जगहों से हिंसक घटनाएं सामने आयी थी।
पश्चिम बंगाल में भीषण हादसा : कंचनजंघा एक्सप्रेस को माल गाड़ी ने पीछे से आकर टक्कर मारी
डेस्क | पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में सिलीगुड़ी से कोलकाता जा रही कंचनजंघा एक्सप्रेस को माल गाड़ी ने पीछे से आकर टक्कर मार दी। हादसा निजबाड़ी स्टेशन पर हुआ। इस हादसे में अब तक 5 की मौत हो चुकी है। सूचना मिलते ही रेलवे और पश्चिम बंगाल सरकार के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। कंचनजंघा एक्सप्रेस की दो बोगियां पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। घटना स्थल पर रेस्क्यू अभी भी जारी है।
जानकारी के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस कारण उनमें अंदर प्रवेश करना और यात्रियों को बचाना मुश्किल हो रहा है। आसपास के लोग भी बचाव कार्य में जुटे हैं। एक बोगी हवा में लटकी हुई है।
पश्चिम बंगाल में हुए दुखद रेल हादसे के मद्देनजर, पूर्वी रेलवे के सेलदाह के मंडल रेल प्रबंधक ने सोमवार को प्रभावित लोगों के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर जारी किए।
पश्चिम बंगाल में हुए दुखद रेल हादसे के मद्देनजर, पूर्वी रेलवे के सेलदाह के मंडल रेल प्रबंधक ने सोमवार को प्रभावित लोगों के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर जारी किए।
इन ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है
20506 राजधानी एक्सप्रेस, 12424 राजधानी एक्सप्रेस, 19602 उदयपुर एनजेपी साप्ताहिक ट्रेन, 12301 वंदे भारत एक्सप्रेस आदि ट्रेन ठाकुरगंज के रास्ते डायवर्ट की गई है।
नालंदा के भग्नावशेष का 19 को दौरा करेंगे पीएम मोदी.... 18 को वाराणसी में गंगा आरती में होंगे शामिल
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 18 और 19 जून, 2024 को उत्तर प्रदेश और बिहार का दौरा करेंगे। 18 जून को शाम 5 बजे प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान सम्मेलन में भाग लेंगे। शाम 7 बजे प्रधानमंत्री दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में भाग लेंगे। रात 8 बजे वह काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन भी करेंगे।
19 जून को सुबह 9.45 बजे प्रधानमंत्री नालंदा के भग्नावशेष का दौरा करेंगे। सुबह 10.30 बजे प्रधानमंत्री बिहार के राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के परिसर का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आयोजित सभा को संबोधित भी करेंगे।
तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम किसान निधि की 17वीं किस्त जारी करने की अपनी पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए, जो किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए, प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के अंतर्गत लगभग 9.26 करोड़ लाभार्थी किसानों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की 17वीं किस्त जारी करेंगे। अब तक, 11 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों को पीएम-किसान योजना के अंतर्गत 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है।
कृषि सखी कन्वर्जेंस कार्यक्रम (केएससीपी) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं का कृषि सखी के रूप में सशक्तिकरण करते हुए कृषि सखी महिलाओं को पैरा-एक्सटेंशन वर्कर के रूप में प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान करके, ग्रामीण भारत की तस्वीर को बदलना है। यह प्रमाणन पाठ्यक्रम ‘‘लखपति दीदी’’ कार्यक्रम के उद्देश्यों के भी अनुरूप है।
प्रधानमंत्री बिहार के राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का उद्घाटन करेंगे। विश्वविद्यालय की परिकल्पना भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) देशों के बीच एक संयुक्त सहयोग के रूप में की गई है। इस उद्घाटन समारोह में 17 देशों के मिशन प्रमुखों सहित कई प्रतिष्ठित गण शामिल होंगे। परिसर में 40 कक्षाओं वाले दो शैक्षणिक ब्लॉक हैं, जिनकी कुल बैठने की क्षमता लगभग 1900 है। इसमें 300 सीटों की क्षमता वाले दो सभागार हैं। इसमें लगभग 550 छात्रों की क्षमता वाला एक छात्र छात्रावास है। इसमें अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, 2000 व्यक्तियों तक की क्षमता वाला एम्फीथिएटर, फैकल्टी क्लब और खेल परिसर सहित कई अन्य सुविधाएं भी हैं।
यह परिसर एक ‘नेट जीरो’ ग्रीन कैंपस है। यह सौर संयंत्र, घरेलू और पेयजल शोधन संयंत्र, अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के लिए जल पुनर्चक्रण संयंत्र, 100 एकड़ जल निकाय और कई अन्य पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के साथ आत्मनिर्भर रूप से कार्य करता है।
पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा देवस्थलों के प्रति हमारी आस्था को जोड़ने का संकल्प है : मुख्यमंत्री डॉ यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा केवल श्री महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर नहीं है बल्कि हमारे आस्था के केंद्र ज्योतिर्लिंगों के प्रति देश और दुनिया में स्थित श्रद्धालुओं की आस्था को जोड़ने का संकल्प हैं। इस आनंद में आज हम सभी सहभागी बन रहे हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति मैं आभार व्यक्त करता हूं कि उज्जैन में एयरपोर्ट बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा स्वीकृति दे दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ यादव आज उज्जैन स्थित पुलिस लाइन में पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा के संचालन प्रारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा के तहत प्रारंभ हो रहे हैं हेलीकॉप्टर की विधिवत पूजा अर्चना की और हेलीकॉप्टर को हरी झंडी दिखाकर हवाई सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने हेली सेवा के अंतर्गत प्रथम यात्री मुंबई से आई श्रीमती दिशा सिंह और उनके परिवार को विमान टिकट का वितरण किया। पहले चरण में भोपाल उज्जैन ओंकारेश्वर एवं इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर रूट पर यह हवाई सेवा प्रारम्भ की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आईआरसीटीसी पर इस सेवा की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में हवाई सेवा का विस्तार निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में हेलीकॉप्टर की संख्या और बढ़ाई जाएगी। जिसमें 16 -16 यात्री हवाई सेवा का लाभ ले सकेंगे। प्रदेश के मैहर, दतिया, ओरछा, अन्य धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व के देव स्थलों को भी हवाई यात्रा से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन को पिछले दो दिनों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगातें मिली हैं। विकास का यह क्रम निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विकास के लिए उज्जैनवासियों ने सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की हैं। केडी मार्ग चौड़ीकरण के लिए स्वेच्छा से धार्मिक स्थलों को पीछे करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उज्जैनवासियों को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विकास के मामले में उज्जैन नित्य नए आयाम स्थापित कर रहा है। मां शिप्रा शुद्धिकरण के संकल्प को पूरा करने के लिए कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमिपूजन किया गया। जिसमें बड़े आकार की लाइन के माध्यम से पूरी कान्हा नदी की दिशा बदली जायेगी। जिससे मां शिप्रा में कान्ह का दूषित पानी नहीं आएगा। मां शिप्रा का जल शुद्ध बना रहेगा।
“भारत का अपना खुद का डीप सी मिशन शुरू करने वाला छठा देश बनना तय”: डॉ. जितेंद्र सिंह
सितंबर 2024 तक डीप सी मिशन के हार्बर ट्रेल (40-50 मीटर) के पहले चरण की योजना बनाई गई
डीप सी मिशन में भारतीय अर्थव्यवस्था के समग्र विकास में अत्यधिक योगदान देने की क्षमता: केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री
नई दिल्ली | केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग तथा कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में कहा, “भारत का अपना खुद का डीप सी मिशन शुरू करने वाला छठा देश बनना तय है।”
डॉ. जितेंद्र सिंह ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की 100 दिवसीय कार्य योजना पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीप सी मिशन की प्रगति पर गर्व और प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि भारत इस उपलब्धि को प्राप्त करने वाले कुछ ही देशों में से एक है। उन्होंने संस्थानों से कहा कि वे आजीविका के लिए समुद्र और उसकी ऊर्जा पर निर्भर लोगों को सशक्त बनाने के लिए एक लचीली नीली अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी) अर्जित करने पर ध्यान केंद्रित करें। डीप सी मिशन की रूपरेखा तैयार करते हुए उन्होंने कहा, " यह मिशन केवल खनिज अन्वेषण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समुद्री विज्ञान का विकास और वनस्पतियों तथा जीव-जंतुओं की खोज और समुद्री जैव विविधता का संरक्षण आदि भी इसमें शामिल है।"
केंद्रीय मंत्री ने मत्स्ययान 6000 के विकास के लिए राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी) के प्रयासों की सराहना की, जो समुद्र में 6000 मीटर गहराई तक जा सकता है। प्रगति का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को सितंबर 2024 तक हार्बर ट्रेल के पहले चरण और 2026 तक बाद के परीक्षण पूरे करने का निर्देश दिया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ मिलकर 'टाइटेनियम हल' विकसित करके अत्यधिक दबाव को सफलतापूर्वक झेलने के लिए काम करने के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने आपातकालीन स्थितियों से निपटने और 72 घंटे तक पानी में रहने के लिए 'सेल्फ-फ्लोटेशन' तकनीक के विकास के बारे में भी जानकारी ली। कुछ मुख्य बातें यान के 4 घंटे के अवतरण की प्रगति से संबंधित थीं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस मिशन के वनस्पतियों और जीवों, गहरे समुद्र में अन्वेषण, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के वाणिज्यिक दोहन, भारतीय समुद्र तल में धातुओं और पॉलीमेटेलिक पिंडों की खोज और अन्वेषण पर पड़ने वाले बहुआयामी प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, "डीप सी मिशन में भारतीय अर्थव्यवस्था के समग्र विकास में अत्यधिक योगदान देने की क्षमता है।" उन्होंने उन्होंने वैज्ञानिकों और अधिकारियों को स्वदेशी तकनीक और क्षमता विकसित करने तथा भारत की निर्भरता को कम करने के लिए निर्देशित और प्रेरित भी किया।
इस बैठक में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम रवि चंद्रन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने अभ्यास रेड फ्लैग 2024 में सफलतापूर्वक भाग लिया
नई दिल्ली | भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की एक टुकड़ी ने संयुक्त राज्य वायु सेना के एइलसन एयर फ़ोर्स बेस, अलास्का में 04 जून से 14 जून 24 तक आयोजित अभ्यास रेड फ्लैग 2024 में भाग लिया। यह एक्स रेड फ्लैग 2024 का दूसरा संस्करण था, जो एक उन्नत हवाई युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास है, जिसे अमेरिकी वायु सेना द्वारा वर्ष में चार बार आयोजित किया जाता है। इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना के साथ-साथ रिपब्लिक ऑफ़ सिंगापुर एयर फ़ोर्स (आरएसएएफ), यूनाइटेड किंगडम की रॉयल एयर फ़ोर्स (आरएएफ), रॉयल नीदरलैंड एयर फ़ोर्स (आरएनएलएएफ), जर्मन लूफ़्टवाफे़ और यूएस एयर फ़ोर्स (यूएसएएफ) ने भाग लिया।
भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने राफेल विमान और कर्मियों के साथ भाग लिया जिसमें वायुसेना दल, तकनीशियन, इंजीनियर, नियंत्रक और विषय विशेषज्ञ शामिल थे। राफेल लड़ाकू विमान की ट्रान्साटलांटिक फ़ेरी को आईएल-78 एयर टू एयर रिफ्यूलर (एएआर) द्वारा सक्षम किया गया था, जबकि कर्मियों और उपकरणों का परिवहन सी-17 ग्लोबमास्टर विमान द्वारा किया गया था। भारतीय वायुसेना की यह टुकड़ी 29 मई 2024 को अलास्का में यूएसएएफ बेस ईल्सन में पहुंची।
रेड फ्लैग एक हवाई युद्ध अभ्यास है, जिसे यथार्थवादी युद्ध सेटिंग्स प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए कई परिदृश्यों के साथ आयोजित किया जाता है। वांछित वातावरण का अनुकरण करने के लिए बलों का सीमांकन किया जाता है, जिसमें रेड फोर्स वायु रक्षा तत्वों का अनुकरण करती है और ब्लू फोर्स आक्रामक समग्र तत्वों का अनुकरण करती है। इस अभ्यास (एक्स) के दौरान, रेड फोर्स का गठन मुख्य रूप से एफ-16 और एफ-15 विमानों की उड़ान वाले यूएसएएफ एग्रेसर स्क्वाड्रन द्वारा किया गया था।
यह पहली बार था जब भारतीय वायुसेना राफेल विमानों ने एक्स रेड फ्लैग में भाग लिया, जिसमें उन्होंने आरएसएएफ और यूएसएएफ एफ-16 और एफ-15 और यूएसएएफ ए-10 विमानों के साथ सैन्य अभ्यास किया। इन आयोजित मिशनों में आक्रामक काउंटर एयर और एयर डिफेंस भूमिकाओं में लार्ज फोर्स एंगेजमेंट (एलएफई) के एक भाग के रूप में बियॉन्ड विजुअल रेंज (बीवीआर) लड़ाकू अभ्यास शामिल रहे। भारतीय वायुसेना चालक दल ने मिशन योजना में सक्रिय रूप से भाग लिया और अभ्यास के दौरान नामित मिशनों के लिए अग्रणी नेतृत्व की भूमिका भी निभाई।
चुनौतीपूर्ण मौसम और लगभग शून्य से नीचे के तापमान के बावजूद, भारतीय वायुसेना के रखरखाव दल ने अभ्यास की अवधि के दौरान सभी विमानों की सेवाक्षमता सुनिश्चित करने के लिए लगनपूर्वक से काम किया और अभ्यास के दौरान 100 से अधिक उड़ानें भरी गईं तथा सभी निर्धारित मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए गए।
इस सैन्य अभ्यास की मुख्य उपलब्धियों में अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ अंतर-संचालन की अंतर्दृष्टि और बहुराष्ट्रीय वातावरण में रोजगार दर्शन की सहयोगात्मक समझ शामिल थी। लंबी दूरी की यात्रा करने और रास्ते में हवा से हवा में ईंधन भरने का अनुभव, विशेष रूप से युवा चालक दल के लिए एक समृद्ध और रोमांचकारी अनुभव था।
24 जून 2024 को भारत वापस आने से पहले भारतीय सैन्य टुकड़ी की ग्रीस और मिस्र के वायु सेना तत्वों के साथ अभ्यास में भाग लेने की योजना है। रेड फ्लैग अभ्यास के अनुभव से समृद्ध, भारतीय वायुसेना एक्स-तरंग शक्ति-2024 के दौरान अन्य देशों के प्रतिभागी दलों की मेजबानी करने हेतु उत्साहित है, जो इस वर्ष के अंत में आयोजित होने वाला पहला भारतीय बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है।
संसद भवन परिसर में प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया: इस स्थल में भारत के प्रतिष्ठित नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं
उपराष्ट्रपति ने स्थल को सभी के लिए प्रेरक बताया
उपराष्ट्रपति ने प्रेरणा स्थल के पीछे की सोच की सराहना की और इसके उद्घाटन को एक यादगार क्षण बताया
नई दिल्ली | उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने आज संसद भवन परिसर में नवनिर्मित प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस स्थल में भारत के प्रतिष्ठित नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं हैं जो पहले संसद भवन परिसर में विभिन्न स्थानों पर लगी हुई थीं।
इस पहल का उद्देश्य क्यूआर कोड जैसी आधुनिक तकनीक की आसान पहुंच और उपयोग के माध्यम से भारतीय इतिहास की इन प्रेरक हस्तियों के जीवन की कहानियों को यहां आने वाले आगंतुकों से साझा करके उनके अनुभव को बढ़ाना है।
धनखड़ ने इस अवसर को प्रेरक और यादगार बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि उन्हें हमारे महान नेताओं को इस तरह से सम्मानित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रेरणा स्थल पर आने वाले सभी नागरिक प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से ऊर्जावान और प्रेरित होंगे।
प्रेरणा स्थल पर पट्टिका के अनावरण के बाद, उपराष्ट्रपति ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ स्थल पर सभी मूर्तियों पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उप सभापति डॉ. हरिवंश, अश्विनी वैष्णव, किरेन रिजिजू, अरुण राम मेघवाल सहित कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे।
“इस कार्य को मैं बहुत ही प्रशंसनीय कार्य मानता हूं। एक जगह ही महापुरुषों का दर्शन हो जायेंगे। उनके विचार, उनका व्यक्तित्व कितना हमें प्रभावित कर सकता है, यह मैंने आकर यहां देखा। प्रेरणा स्थल के बारे में सुना, सोचा, पर यह जमीनी हकीकत इस शानदार तरीके से होगा, यह देखकर मैं बहुत प्रभावित हूं।
मैं यह कह सकता हूं कि यह स्थल काफी प्रेरक है और जो भी यहां कुछ भी पल बिताएगा, भावों में इतना लीन होगा। अंदाजा लगाइए, भारत के इतिहास में इन महापुरुषों का क्या योगदान है। इन महापुरुषों को किस कालखंड में याद किया गया। ऐसी स्थिति मैंने सेंट्रल हॉल में देखी। 1989 में सांसद बना, उसके बाद उसका परिवर्तन निरंतरता से हुआ। आप अंदाजा लगाइए कि आजादी के कितने साल बाद डॉक्टर अंबेडकर को भारत रत्न मिला। मुझे गौरव प्राप्त है कि उस समय मैं केंद्रीय मंत्रिपरिषद का सदस्य था और लोकसभा का सदस्य था।
हमारे महापुरुषों की जितनी कद्र हम करें, कम है। आज का दिन उसी कड़ी के अंदर प्रेरणादायक भी है, सदा यादगार भी रहेगा। मेरे जीवन का यह पल है जिसकी मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मुझे यह मौका मिलेगा कि मैं इस तरीके से उन महापुरुषों का आदर कर सकूँ। महात्मा गांधी जी, अंबेडकर जी, महाराणा प्रताप जी, बिरसा मुंडा जी... नाम देखिए एक-एक और चौधरी देवीलाल जी जिन्होंने मेरा राजनीति मार्ग प्रशस्त किया। वहां देख कर तो मैं भावुक हो गया।
यह पल ऐसे हैं जब हर एक का व्यक्तित्व, इनकी जानकारी थी, पर यहां आकर एक नई ऊर्जा का संचार होता है। मैं यह मान कर चलता हूं कि जो भी - हर वर्ग के बच्चों से लेकर, विद्यार्थियों से लेकर, नवयुवकों से लेकर- जो भी इस प्रेरणा स्थल पर आएंगे, वह बहुत अच्छी यादें लेकर जाएंगे। हमारे इतिहास को याद रखेंगे और यह बहुत ही प्रशंसनीय कार्य हुआ है। मैं उन सभी को साधुवाद का पात्र मानता हूं जिनके मन में यह सोच आई और वह सोच आज के दिन से वास्तविकता में परिवर्तित हो गयी ।”
पटरी पर जल्द दौड़ेगी वंदे भारत की स्लीपर ट्रेन... वेटिंग टिकट की समस्या होगी दूर
नईदिल्ली । मोदी 3.0 में केंद्र सरकार का रेलवे के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान है। देशभर के कई रूट पर वंदे भारत चलाने के बाद अब रेल मंत्रालय वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर खास रूप से फोकस कर रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अब जल्द ही पटरी पर दौड़ सकती है, इससे वेटिंग कम होगा। कार्यभार संभालने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में इस बात के संकेत दिए हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे अगले दो महीने में वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल शुरू कर सकता है और ट्रायल पूरा होने के बाद इस ट्रेन का संचालन छह महीने के बाद शुरू किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को राजधानी के तर्ज पर बनाया जा रहा है, जिसमें यात्रियों को तमाम सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। रेल मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय रेलवे पूरे देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का जाल बिछाना चाहता है और साल 2029 तक पूरे देश में 250 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाए जाने का प्लान है।
गौरतलब है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूट को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिल्ली-मुंबई या दिल्ली-कोलकाता रूट में चलाया जा सकता है। इस ट्रेन के कोचों का निर्माण आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 100 फीसदी स्वदेशी तकनीक से हो रहा है। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिसमें 11 थर्ड एसी, 4 कोच सेकंड एसी और 1 कोच फर्स्ट एसी की होगी।
मध्यप्रदेश के विकास की एक नई डगर का नाम है डॉ मोहन यादव - प्रज्ञासागरजी महाराज
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महावीर तपोभूमि पहुंचे जहां सर्वप्रथम उन्होंने मंदिर में भगवान महावीर स्वामी के दर्शन किये। सचिन कासलीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य गुरुदेव श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज को श्रीफल समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर आचार्य श्री ने प्रवचन में कहा कि मध्य प्रदेश के विकास की एक नई डगर का नाम है डॉ मोहन यादव। हमेशा तत्पर रहने वाले एवं गतिशील रहने वाले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने मध्य प्रदेश में कुछ ऐसा करके दिखाया जो अविस्मरणीय हैं।
उज्जैन के विकास को नई गति प्रदान करने वाले डॉ मोहन यादव हमेशा साधु संतों के आशीर्वाद एवं भगवान के कार्यों में अग्रणी रहते हैं ऐसे मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत आशीर्वाद। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज जी को कहा कि आप जैसे गुरुवर को देखकर, आप जैसे गुरुओं का आशीर्वाद पाकर हमें ऐसा लगता है कि भगवान स्वयं यहां पर विराजित है। आपने कहा कि आज फादर्स डे है और इस दिन पिता श्री के आशीर्वाद के साथ-साथ आप जैसे संतों का आशीर्वाद भी हमें पिता तुल्य आशीर्वाद जैसा ही प्राप्त होता है। आज श्री कृष्ण भगवान की शिक्षस्थली में अपने गुरुकुल जैसी परंपरा डालकर यहां पर छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षित कर धर्म के प्रभावों को और अधिक बढ़ने का कार्य किया है। आपके आशीर्वाद से यह बच्चे दिन पर दिन तरक्की करेंगे। श्री गुरु गौतम स्वामी गुरुकुल का शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव तपोभूमि पहुंचे थे।
श्री महावीर तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री गुरु गौतम स्वामी गुरुकुल का शुभारंभ रविवार 16 जून को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ यादव के नेतृत्व में हुआ। गुरुकुल का संचालन बाल बह्मचारी अरुण भैया के निर्देशन में होगा। कार्यक्रम में विशेष सहयोग सोनू शर्मा का रहा। इस अवसर पर जो बच्चों के धर्म के माता-पिता बने। उन सभी माता-पिता का सम्मान एवं बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। गुरुकुल में इस सत्र में लगभग 16 बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा है उन सभी बच्चों को धार्मिक एवं आध्यात्मिक व स्कूली शिक्षा दी जाएगी बच्चे 24 घंटे ही श्री महावीर तपोभूमि पर रहेंगे और वहां के नियमों का पालन करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कश्मीर में बुलाई हाई लेवल मीटिंग…. अजित डोभाल और आर्मी चीफ रहेंगे मौजूद
डेस्क। जम्मू कश्मीर में चार दिन के भीतर चार आतंकी हमले हो चुके हैं। दहशतगर्दों ने रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए। इसमें नौ तीर्थयात्रियों और एक सीआरपीएफ (CRPF) जवान की मौत हो गई। घाटी में आतंकियों के सफाए के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने आज जम्मू कश्मीर में हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रॉ चीफ और सेना प्रमुख मनोज पांडे भी पहुंचेंगे। रविवार को शाह घाटी में सुरक्षा हालात का जायजा भी लेंगे। गृह मंत्री गृह मंत्री 29 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ तीर्थयात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान तेज करने के संबंध में दिशा-निर्देश दे सकते हैं।
पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के दिन आतंकियों ने तीर्थयात्रियों से भरी बस पर हमला किया था। जिसमें नौ लोग मारे गए थे। इतना ही नहीं पिछले कुछ दिनों में जम्मू कश्मीर के अलग-अलग स्थानों पर चार आतंकी हमले हो चुके हैं। ऐसे में गृह मंत्री का आज जम्मू कश्मीर दौरा काफी अहम है। सूत्रों ने बताया है कि अमित शाह आज जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों की तैनाती, घुसपैठ रोधी कवायद, आतंकवाद रोधी अभियानों की स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में जानकारी लेंगे।
अमित शाह द्वारा बुलाई जा रही बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, अगले सेना प्रमुख के तौर पर नामित लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आर आर स्वैन और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।
सागरताल में श्रमदान कर दिया मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने किया जल संरक्षण का संदेश
भोपाल। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संगीत की नगरी ग्वालियर के ऐतिहासिक सागरताल के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य में श्रमदान कर ग्वालियरवासियों को जल संरचनायें सहेजने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ केन्द्रीय संचार मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश सरकार के मंत्रिगण नारायण सिंह कुशवाह, तुलसीराम सिलावट व प्रद्युम्न सिंह तोमर तथा सांसद भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य जन-प्रतिनिधिगणों ने कतारबद्ध खड़े होकर सागरताल की साफ-सफाई के लिये श्रमदान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ग्वालियर क्षेत्र का विकास प्रदेश सरकार के लिए विशेष महत्व रखता है। सरकार ग्वालियर-चंबल अंचल के विकास के लिये कटिबद्ध है। इस दिशा में जल्द ही 33 हजार करोड़ रूपए लागत की पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का भूमिपूजन किया जायेगा। इससे इस क्षेत्र के पेयजल व खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। साथ ही उद्योग धंधों के लिये नए-नए रास्ते खुलेंगे।
सागरताल पर आयोजित हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए लगभग 179 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। ग्वालियर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 210 करोड़ रूपए लागत के नवनिर्मित स्टेडियम सहित कुल मिलाकर लगभग 389 करोड़ रूपए की सौगातें दीं।
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए नमामि गंगे अभियान की तर्ज पर “जल गंगा संवर्धन अभियान” शुरू किया है। हमारी संस्कृति में नदियों को माँ के समान पूजा जाता रहा है। इसलिए नदियों की रक्षा व साफ-सफाई करना हमारा दायित्व ही नहीं अपितु धर्म है। खुशी की बात है कि प्रदेश में यह सब काम जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंधिया रियासतकाल में बड़े पैमाने पर श्रृंखलाबद्ध ढंग से जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया था। सागरताल उनमें से एक है। प्रसन्नता की बात है कि सागरताल के जीर्णोद्धार का काम प्रदेश सरकार द्वारा कराया जा रहा है।
उज्जैन में मां शिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प ले रहा है मूर्तरूप : मुख्यमंत्री डॉ.यादव
भोपाल। आज हमारे कई वर्षों का संकल्प मूर्तरूप लेने जा रहा है। हमने सभी संतों के साथ यह संकल्प लिया था कि शिप्रा नदी के जल को निर्मल और स्वच्छ बनायेंगे और कान्ह नदी का पानी शिप्रा में मिलने से रोकेंगे। कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना के माध्यम से अब कान्ह का दूषित जल मां शिप्रा के किसी भी तट पर नहीं मिलेगा। कान्ह का पानी गंभीर नदी के निचले किनारे तक पहुंचाया जायेगा, जिसे भी शुद्धिकरण किया जायेगा और आसपास के किसानों को सिंचाई के लिये पानी मिलेगा। 600 करोड़ रुपये की लागत से आने वाले समय में सेवरखेड़ी में बैराज निर्मित कर शिप्रा का पानी लिफ्ट कर सिलारखेड़ी ले जाया जाएगा और वहां से पुन: शिप्रा में छोड़ा जाएगा। इससे शिप्रा का पानी शिप्रा में ही रहेगा। उक्त बातें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन के ग्राम डेंडिया स्थित शनि मन्दिर के पास आयोजित 817 करोड़ की लागत से कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना एवं अन्य भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में लगभग 598.66 करोड़ की लागत से बनने वाली कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमिपूजन किया। इसके अतिरिक्त लगभग 217 करोड़ के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 5 हजार करोड़ की लागत से उज्जैन-जावरा फोरलेन व्हाया नागदा का शीघ्र निर्माण पूरा होगा। वहीं उज्जैन-इन्दौर सिक्सलेन का शीघ्र भूमिपूजन किया जायेगा। विकास का यह क्रम सन्त समाजजनों के सहयोग से निरन्तर जारी रहेगा। विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 16 जून को पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ किया जाएगा, जिसके माध्यम से श्रद्धालु कम समय में महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर जैसे तीर्थ स्थानों पर पहुंच सकेंगे। वहीं उज्जैन से पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा के माध्यम से यात्री उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, इन्दौर, सिंगरोली, खजुराहो की हवाई सेवा का लाभ भी ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में निरन्तर विकास के कार्य चल रहे हैं तथा यहां के निवासियों को नित्य कई सौगातें मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पात्रता धारी अपना आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवायें, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क उपचार का लाभ प्राप्त हो सके। एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से आयुष्मान कार्ड धारी गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को कम समय में मुम्बई, दिल्ली जैसे शहरों पर उपचार के लिये पहुंचाया जाएगा। यह सेवा आयुष्मान कार्ड धारियों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीमार व्यक्ति की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है।
NCERT 12 की नई किताब से बाबरी मस्जिद का नाम हटा, बताया गया तीन-गुंबद वाली संरचना
नईदिल्ली। नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 12वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की किताब में कई बदलाव किए हैं। इस बदलाव में सबसे अहम बात ये है कि 12वीं की राजनीति विज्ञान की किताब से बाबरी मस्जिद का नाम हटा दिया गया है। नई किताब में इसे बाबरी मस्जिद की जगह तीन गुंबद वाला ढांचा कहा गया है। इसके साथ ही अयोध्या वाले चैप्टर को किताब में छोटा कर चार पेज से 2 पेज में कर दिया गया है।
दरअसल किताब से बाबरी मस्जिद, हिंदुत्व की राजनीति, 2002 के गुजरात दंगों और अल्पसंख्यकों के जुड़े कुछ चैप्टर हटा दिए गए हैं। अयोध्या वाले चैप्टर में बीजेपी की सोमनाथ से अयोध्या तक की रथ यात्रा, कार सेवकों की भूमिका, बाबरी मस्जिद ढहाने के बाद हुई हिंसा और राष्ट्रपति शासन के साथ ही बीजेपी की खेद वाली बातें शामिल हैं। इस किताब को एकेडमिक सेशन 2024-25 से लागू कर दिया जाएगा. हाल के सालों में किताबों में कई संवेदनशील टॉपिक्स को हटाया गया है।
पुरानी किताब में बाबरी मस्जिद का परिचय मुगल सम्राट बाबर के सेनापति मीर बाकी द्वारा निर्मित 16वीं शताब्दी की मस्जिद के रूप में किया गया था। वहीं अब अध्याय में इसका उल्लेख इस प्रकार किया गया है कि एक तीन-गुंबद वाली संरचना 1528 में श्रीराम के जन्म स्थान स्थल पर बनाया गया था, लेकिन संरचना के आंतरिक और बाहरी हिस्सों में हिंदू प्रतीकों और अवशेषों के चिन्ह बने हुए थे। इसके अलावा अंदर और बाहर दीवारों पर मूर्तियां भी बनी हुई थीं।
पुरानी किताब के दो पेज में यही बताया गया था कि फैजाबाद जिला अदालत द्वारा 1986 में मस्जिद खोलने के फैसले के बाद किस तरह से मोबिलाइजेशन किया गया था. 1992 में राम मंदिर बनाने के लिए रथ यात्रा और कार सेवा की वजह से सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था जिसके बाद 1993 में सांप्रदायिक दंगे हुए. वहीं इस बार बताया गया है कि बीजेपी ने अयोध्या की घटनाओं को लेकर दुख व्यक्त किया।
इधर नई किताब में बताया गया है कि 1986 में फैजाबाद जिला कोर्ट ने तीन गुंबद वाले ढांचे (बाबरी मस्जिद) को खोलने का आदेश दे दिया और लोगों को पूजा करने की इजाजत मिल गई। किताब में लिखा है कि ऐसा माना जाता था कि इस तीन गुंबद वाले ढांचे को भगवान राम के जन्मस्थान पर बनाया गया है। इसके बाद राम मंदिर का शिलान्यास कर दिया गया लेकिन आगे मंदिर के निर्माण पर रोक लगा दी गई।
ऐसे में हिंदू समुदाय को लगा कि उसकी आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और मुस्लिम समुदाय को ढांचे पर अधिकार बनाए रखने का अधिकार मिल रहा है. इसके बाद स्वामित्व अधिकारों को लेकर दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप कई विवाद और कानूनी संघर्ष हुए. दोनों समुदाय लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का निष्पक्ष समाधान चाहते हैं वहीं 1992 में ढांचा गिरने के बाद बहुत सारे आलोचकों ने कहा कि यह लोकतंत्र के सिद्धांतों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा।
नई किताब में अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शामिल किया गया है। जिसमें बताया गया कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने फैसला सुनाया कि यह जमीन मंदिर की है। इसके साथ ही पुरानी किताब में कुछ न्यूज पेपर कटिंग की तस्वीरें लगाई गई थीं जिनमें बाबरी ढहाने के बाद कल्याण सिंह सरकार को हटाने का आदेश शामिल था। लेकिन अब नई किताब में इसे हटा दिया गया है. इसके साथ ही लोकतांत्रिक अधिकार नाम के 5वें चैप्टर में गुजरात दंगों का जिक्र हटाया गया है।
2014 के बाद से चौथी बार एनसीईआरटी की किताब में बदलाव किया गया है।. अप्रैल में एनसीईआरटी ने कहा था कि राजनीति में हालिया डेवलपमेंट के आधार पर चैप्टर में परिवर्तन किया जाता है और नई चीजों को शामिल किया जाता है।
चारधाम यात्रा.. अलकनंदा में गिरा टेंपो ट्रैवलर, 13 की मौत 13 घायल
डेस्क। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से बड़े हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक टेंपो ट्रैवलर अलकनंदा नदी में जा गिरा। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 13 घायल है। छह गंभीर घायलों को पांच हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स लाया गया है। जबकि सात अस्पताल में भर्ती है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुई सड़क दुर्घटना पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताया है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली नोएडा से निकले टेंपो ट्रैवलर में 26 यात्री सवार थे। जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग शहर से पांच किलोमीटर आगे बदरीनाथ हाईवे पर रैतोली के पास एक टेंपो ट्रैवलर अलकनंदा नदी में गिर गया। सूचना पर पुलिस प्रशासन जिला आपदा प्रबंधन, डीडीआरएफ समेत अन्य टीम मौके पर रेस्क्यू कार्य कर रही है। बताया जा रहा है कि यहां रेलवे लाइन पर काम कर रहे तीन लोग बचाने के लिए कूदे, जिनमें से एक की मौत हो गई।
हादसे के खबर पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टेंपो ट्रैवलर के दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत पीड़ादायक समाचार प्राप्त हुआ। स्थानीय प्रशासन व एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई है। घायलों को नज़दीकी चिकित्सा केंद्र पर उपचार के लिए भेज दिया गया है। जि़लाधिकारी को घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें। बाबा केदार से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
प्रधानमंत्री ने जी-7 शिखर सम्मेलन के मौके पर जापान के प्रधानमंत्री से मुलाकात की
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इटली के अपुलीया में जी-7 शिखर सम्मेलन के मौके पर जापान के प्रधानमंत्री महामहिम फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
प्रधानमंत्री ने लगातार तीसरी बार पदभार संभालने पर दी गई बधाई के लिए प्रधानमंत्री किशिदा को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि उनके तीसरे कार्यकाल में भी जापान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता मिलती रहेगी। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी अपने 10वें वर्ष में है और द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने पारस्परिक सहयोग को और मजबूत करने, नए एवं उभरते क्षेत्रों को जोड़ने तथा बी2बी एवं पी2पी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
भारत और जापान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं, जिसमें ऐतिहासिक मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना भी शामिल है। यह परियोजना भारत में आवागमन के क्षेत्र में अगले चरण की शुरुआत करेगी। वर्ष 2022-2027 की अवधि में भारत में 5 ट्रिलियन येन मूल्य के जापानी निवेश का लक्ष्य है और भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता साझेदारी का उद्देश्य हमारे मैन्यूफैक्चरिंग संबंधी सहयोग में परिवर्तन लाना है। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई इस बैठक ने पारस्परिक सहयोग के कुछ मौजूदा कार्यों की समीक्षा करने का अवसर प्रदान किया।
दोनों नेताओं ने अगले भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपनी चर्चा जारी रखने के प्रति उत्सुकता दिखाई।
तीसरे बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की पहली विदेश यात्रा : फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की
प्रधानमंत्री मोदी इटली के अपुलिया में 50वें जी 7 शिखर सम्मेलन में सम्मिलित हुये
प्रधानमंत्री मोदी ने की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों को दी पेरिस ओलंपिक की मेजबानी के लिए शुभकामनाएं
डेस्क | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली के अपुलिया में 50वें जी 7 शिखर सम्मेलन (G 7 summit) के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, परमाणु, अंतरिक्ष, शिक्षा सहित कई प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि दोनों नेताओं की मुलाकात इटली के दक्षिणी रिसॉर्ट शहर में जी 7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों ने रक्षा, परमाणु, अंतरिक्ष, शिक्षा, जलवायु कार्रवाई, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, संपर्क और संस्कृति के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ हमारी एक साल में यह चौथी मुलाकात है। उन्होंने आगे कहा कि यह दर्शाता है कि हम भारत और फ्रांस के मजबूत संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैक्रों के साथ हुई मुलाकात के दौरान रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, एआई, ब्लू इकोनॉमी और कई अन्य विषयों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों को इस दौरान अगले महीने से शुरू होने वाले पेरिस ओलंपिक की मेजबानी के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरी बार देश की बागडोर संभाली है। तीसरी बार पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली विदेश यात्रा है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों की मुलाकात जनवरी में हुई थी। उस समय फ्रांस के राष्ट्रपति भारत के 75वें गणतंत्र दिवस में भाग लेने नई दिल्ली आए हुए थे।