देश-विदेश
रोजगार के अवसर बढ़ाने उद्योगों की श्रृंखला स्थापित की जाएगी : मुख्यमंत्री डॉ.यादव
भोपाल। रोजगार के अवसर बढा़ने के लिए महाकौशल सहित पूरे प्रदेश में उद्योगों की श्रृंखला स्थापित की जाएगी। इससे युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे। राज्य सरकार द्वारा दो लाख भर्तियां करने की तैयारी की जा रही है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए रहने, खाने एवं कोचिंग की फ़ीस भी देने की व्यवस्था की जायेगी। कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये गये। उक्त बातें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा कृषि उपज मंडी प्रागंण में आयोजित विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में कहीं।
मुख्यमंत्री ने छिन्दवाड़ा जिले को प्रदेश का मोर-मुकुट बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र को प्रकृति ने खूब संवारा है। छिन्दवाड़ा और पांढुर्णा की नैसर्गिक सुंदरता मन मोह लेती है। आज आभार रैली में लोगों का जनसैलाब देखकर लगता है कि होली एवं दीपावली का त्यौहार मन रहा है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, सांसद विवेक बंटी साहू, अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह, बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना, नगर निगम महापौर विक्रम अहके सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने एक पेड़ मां के नाम अभियान में आम का पौधा भी लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा संचालित की जाने वाली विभिन्न योजनाएँ यथावत संचालित होती रहेगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए नवीन योजनायें लाई जाएगी। इन सबके लिए प्रदेश सरकार का बजट अब पूर्व के बजट से 20 प्रतिशत से अधिक रखने का लक्ष्य है। इनमें सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। आने वाले 5 वर्षों में बजट दोगुना किया जाएगा। किसान सम्मान निधि के लाभ से छूटे किसानों को किश्त देनें,जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य भी सरकार के द्वारा किया जा रहा है। अन्नदाता किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलें,हर किसान के खेत तक पानी पहुँचे इसके लिए बांध बनाने की योजना भी शुरू हो चुकी है। डूब प्रभावित क्षेत्र में आने वाली भूमि के किसानों को भी मुआवज़ा देने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र कल्याण के लिये प्रधानमंत्री जन-मन योजना से अब पक्के मकान बनाकर दिए जा रहें हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना में जिन हितग्राहियों की किश्त शेष है, उसे भी सरकार द्वारा भरा जाएगा।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में प्रदेश के श्रदालुओं को देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के साथ-साथ प्रदेश में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण करवाया जाएगा। इनमें उज्जैन के महाकाल मंदिर,राम राजा की नगरी ओरछा, मैहर के माँ शारदा माता मंदिर, दतिया का पीताम्बरा पीठ शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा है कि अमरवाड़ा विधायक शाह द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए जो माँगे की गई है उन्हें पूरा किया जायेगा।
रेलवे सुरक्षा बल ने पिछले 7 वर्षों के दौरान "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत 84,119 बच्चों को बचाया
ट्रैक चाइल्ड पोर्टल पर बच्चों की पूरी जानकारी उपलब्ध रहती है। 135 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर चाइल्ड हेल्पडेस्क उपलब्ध है।आरपीएफ मुक्त कराए गए बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति को सौंप देती है । जिला बाल कल्याण समिति बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप देती है।
PM अध्यक्ष बने रहेंगे : नीति आयोग की नई टीम का ऐलान
नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया है | जिसके बाद आयोग में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के वरिष्ठ मंत्रियों को भी जगह मिली है | इसमें कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं, वहीं सुमन के बेरी नीति आयोग के उपाध्यक्ष हैं |
मंत्रिमंडल सचिवालय की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अलावा भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी आयोग में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किये गये हैं |
सदस्यों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं |
विशेष आमंत्रित सदस्यों में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी, एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी, पंचायती राज मंत्री ललन सिंह, सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अन्नपूर्णा देवी, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार राव इंद्रजीत सिंह को शामिल किया गया है |
भारतीय नौसेना हाफ मैराथन : नई दिल्ली
भारतीय नौसेना स्वास्थ्य, फिटनेस और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए 2 फरवरी 2025 को नई दिल्ली में हाफ मैराथन का आयोजन करेगी
इस आयोजन के लिए 24 सितंबर को पंजीकरण शुरू होंगे |
नई दिल्ली | नई दिल्ली में पहली भारतीय नौसेना हाफ मैराथन अब 2 फरवरी 2025 को आयोजित की जाएगी, जो पहले 06 अक्टूबर 2024 को होनी थी। इस आयोजन का उद्देश्य नागरिकों के साथ नौसेना के संबंधों को मजबूती देना और देश की समुद्री सुरक्षा एवं हितों की रक्षा में नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
यह दौड़ सभी क्षेत्रों के प्रतिभागियों के बीच अच्छे स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में भी काम करेगी, जिससे उन्हें विभिन्न प्रकार की शारीरिक गतिविधियों में शामिल होने और समग्र कल्याण सुनिश्चित करने के साधन के रूप में एक सक्रिय जीवन शैली चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
यह आयोजन लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण और समावेशिता के मूल्यों पर प्रकाश डालेगा। विविध पृष्ठभूमि और समाज के सभी वर्गों के व्यक्तियों को सक्रिय रूप से शामिल करके, यह आयोजन सभी के लिए समावेशिता और समान अवसर की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नौसेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा।
लोगों को सौहार्द और प्रतिस्पर्धा की भावना से एक साथ लाकर, इस आयोजन से एनसीआर और दूसरे क्षेत्रों के लोगों के बीच मजबूत संबंध विकसित होने की भी उम्मीद है। साथ ही, इसके माध्यम से युवाओं को भारतीय नौसेना में शामिल होकर एक साहसिक जीवन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस आयोजन में हाफ मैराथन (21.1 किमी) दौड़ और 10 किमी और 05 किमी की दौड़ शामिल होंगी, जिसमें सभी उम्र और फिटनेस स्तर के प्रतिभागी भाग लेंगे। हर साल नौसेना द्वारा मुंबई, विशाखापत्तनम और कोच्चि में आयोजित किए जाने वाले अन्य समान आयोजनों के साथ इसे एक वार्षिक आयोजन बनाने की परिकल्पना की गई है।
‘केंद्रीय बजट 2024-25’ की तैयारियों का अंतिम चरण नई दिल्ली में ‘पारंपरिक हलवा समारोह’ के साथ शुरू हुआ
नई दिल्ली | केंद्रीय बजट 2024-25 तैयार करने की प्रक्रिया के अंतिम चरण को रेखांकित करने वाला ‘हलवा समारोह’ नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
बजट की तैयारी में शामिल अधिकारियों की ‘लॉक-इन’ प्रक्रिया शुरू होने से पहले हर साल ‘पारंपरिक हलवा समारोह’ आयोजित किया जाता है। ‘केंद्रीय बजट 2024-25’ को 23 जुलाई, 2024 को पेश किया जाएगा।
वार्षिक वित्तीय विवरण (जिसे आम तौर पर बजट के रूप में जाना जाता है), अनुदान मांग (डीजी), वित्त विधेयक, इत्यादि सहित समस्त केंद्रीय बजट दस्तावेज भी ‘केंद्रीय बजट मोबाइल ऐप’ पर उपलब्ध होंगे, ताकि डिजिटल सुविधा के सबसे सरल रूप का उपयोग करके बजट दस्तावेजों को सांसदों (एमपी) और आम जनता को बिना किसी परेशानी के सुलभ कराया जा सके। यह ऐप द्विभाषी (अंग्रेजी एवं हिंदी) है और यह एंड्रॉयड एवं आईओएस दोनों ही प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध होगा। इस ऐप को केंद्रीय बजट वेब पोर्टल (www.indiabudget.gov.in) से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
23 जुलाई, 2024 को संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री का बजट भाषण पूरा हो जाने के बाद ही समस्त बजट दस्तावेज इस मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होंगे।
हलवा समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ वित्त मंत्रालय के सचिव और बजट की तैयारी में शामिल भारत सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद थे।
इस समारोह के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने ‘बजट प्रेस’ का भी मुआयना किया और बजट की तैयारियों की समीक्षा करने के अलावा संबंधित अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवानों के शहादत को किया नमन : जम्मू कश्मीर मुठभेड़ में 4 जवान शहीद
डेस्क | जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के जंगलों में सोमवार को आतंकवादियों से मुठभेड़ में एक सैन्य अधिकारी और 4 जवान शहीद हो गए हैं। वही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चारों जवानों के शहादत को नमन किया है।
जम्मू कश्मीर के डोडा में सुरक्षाबल और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में मातृभूमि की रक्षा करते हुए 4 भारतीय जवानों की शहादत की दुखद खबर प्राप्त हुई है। मैं शहीद जवानों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। प्रभु से प्रार्थना है कि वे शहीदों के परिजनों को इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
बीते 10 दिनों में यह दूसरी बार है जब सेना के जवानों की आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई है | आतंकियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर सोमवार की शाम को डोडा के उत्तरी क्षेत्र में भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया था |
जानकारी के मुताबिक सोमवार रात को करीब नौ बजे आतंकवादियों से सेना के जवानों का सामना हुआ था और इसके बाद भारी गोलीबारी हो गई थी | जवानों द्वारा अभी भी आतंकवादियों की तलाशी का अभियान जारी है | अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ उस वक्त शुरू हुई थी जब राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के जवानों ने शाम को करीब 7 बजकर 45 मिनट पर देसा के जंगलों के धारी गोटे उरारबागी में संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था |
थिंक 2024 भारतीय नौसेना क्विज़ : एक विशिष्ट राष्ट्रीय स्तर की क्विज़ प्रतियोगिता
थिंक 2024 की एक समर्पित वेबसाइट www.indiannavythinq.in 15 जुलाई, 2024 को लॉन्च की गई ।
इस प्रतियोगिता में देश के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी छात्र भाग ले सकते हैं।
नई दिल्ली | भारतीय नौसेना ने अपने प्रमुख कार्यक्रम थिंक 2024 - भारतीय नौसेना क्विज़ के शुभारंभ की घोषणा की है। यह एक विशिष्ट राष्ट्रीय स्तर की क्विज़ प्रतियोगिता है। यह आयोजन बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने और युवा मस्तिष्क को प्रेरित करने का एक विशिष्ट अवसर प्रदान करने के साथ-साथ ही हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और देशभक्ति की भावना भी बढ़ावा देता है। पहले दो संस्करणों यानी थिंक-22 और जी-20 थिंक (जिसमें पिछले साल जी-20 देशों ने भाग लिया) की शानदार सफलता ने भारतीय नौसेना को यह पहल जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया है।
इस वर्ष, थिंक 2024 का विषय 'विकसित भारत' है , जो भारत सरकार के स्वतंत्रता के 100 वर्ष होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह प्रतियोगिता छात्रों की सामान्य जागरूकता के परीक्षण की अवधारणा को आगे बढ़ाती है। यह युवा मस्तिष्कों को ज्ञानवान बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए छात्रों में जागरूकता फैलाने वाला एक मंच है।
यह आयोजन हजारों युवा मस्तिष्कों को एक प्रेरक बौद्धिक अनुभव कराने का वादा करता है। इस प्रतियोगिता में देश के कक्षा 9 से 12 तक के सभी छात्र भाग ले सकते हैं। इस प्रतियोगिता को हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा। इसे प्रतिभागियों के व्यापक मूल्यांकन को सुनिश्चित करते हुए चार चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले दो चरण ऑनलाइन मोड में शुरू होंगे, जिसमें तीन एलिमिनेशन राउंड होंगे। उसके बाद एक जोनल सेलेक्शन राउंड आयोजित किया जाएगा। शीर्ष 16 टीमें जोनल सेलेक्शन राउंड को क्वालिफाई करेंगी और उसके बाद सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल से आठ टीमें ग्रैंड फिनाले के लिए क्वालिफाई करेंगी। सेमीफाइनल और ग्रैंड फिनाले दक्षिणी नौसेना कमान में ऑफ़लाइन मोड में आयोजित किए जाएंगे। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के विजेताओं को रोमांचक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
स्कूलों के सहज पंजीकरण को सक्षम और सुविधाजनक बनाने तथा आयोजन से संबंधित व्यापक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए, थिंक 2024 की एक समर्पित वेबसाइट www.indiannavythinq.in 15 जुलाई, 2024 को लॉन्च की गई ।
अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 : योजना मंत्री ओ. पी. चौधरी ने आयोजित संवाद कार्यक्रम का किया शुभारंभ
मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़
युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों से दस्तावेज तैयार करने ली जा रही है सुझाव
संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया
रायपुर | छत्तीसगढ़ नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में आज स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया। संवाद कार्यक्रम की शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे वित्त मंत्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
इस संवाद कार्यक्रम में ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजन‘ परिचर्चा में भाग ले रहे है और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त करेंगे। संवाद कार्यक्रम के समापन सत्र दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल होकर ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों‘‘ से संवाद करेंगे।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी में कार्यक्रम में आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्ध जनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग है। देश और राज्य को ऊंचाई तक पहुंचाने में आपके विचार प्रभावी योगदान दे सकते हैं। मंत्री चौधरी ने निर्यात आधारित उद्योग, ग्रीन एनर्जी, सोलर एनर्जी, एथेनॉल बेस्ड टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
संवाद कार्यक्रम को मुख्य सचिव एवं उपाध्यक्ष राज्य नीति आयोग अमिताभ जैन सदस्य सचिव अनूप श्रीवास्तव, सदस्य के सुब्रमण्यम द्वारा भी संबोधित किया गया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परिकल्पना को साकार करने में राज्य की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार दस्तावेज आगामी राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 को विजन डॉक्यूमेंट ‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @2047‘ जारी किया जाएगा। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी विजन डॉक्यूमेंट जनता के समक्ष रखेंगे।
राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @2047‘‘ संबंधित विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में सभी विभागों, सेक्टर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श प्रारंभ किया जा चुका है। इसके लिए आठ वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया है। लगातार बैठकें आयोजित कर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी विकसित छत्तीसगढ़ की उनकी परिकल्पना साझा करने के लिए आयोग द्वारा वेब-पोर्टल ‘‘मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़‘‘ लिंक
https://sdgspc.cg.gov.in/viksitcg/#/home
भी तैयार किया गया है।
इस अवसर पर योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद, संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरडिया विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में राज्य भर से आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।
भारत का लक्ष्य 2030 तक 4 बिलियन डॉलर के एमआरओ उद्योग के साथ अग्रणी विमानन केन्द्र बनना : केन्द्रीय मंत्री राममोहन नायडू
भारत ने घरेलू एमआरओ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विमान के कलपुर्जों पर एकसमान 5 प्रतिशत आईजीएसटी लागू किया, वैश्विक विमानन केन्द्र का दर्जा पाने का लक्ष्य
नई दिल्ली | केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने सभी विमानों और विमान इंजन के कलपुर्जों पर 5 प्रतिशत की एकसमान आईजीएसटी दर लागू करने की घोषणा की है, जो 15 जुलाई 2024 से प्रभावी होगी। यह निर्णय घरेलू रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक विमानन केन्द्र बनाना है।
इस प्रगति पर टिप्पणी करते हुए, नायडू ने कहा, "एमआरओ वस्तुओं पर एक समान 5 प्रतिशत आईजीएसटी दर की शुरूआत विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। इससे पहले, विमान घटकों पर 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की अलग-अलग जीएसटी दरों ने चुनौतियां खड़ी की, जिसमें कर संरचना में भिन्नता और एमआरओ खातों में जीएसटी संचय शामिल था। यह नई नीति इन असमानताओं को समाप्त करती है, कर संरचना को सरल बनाती है और एमआरओ क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देती है।"
केन्द्रीय मंत्री ने इस बदलाव को संभव बनाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में, हम आत्मनिर्भर भारत पहल के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत को एक प्रमुख विमानन केन्द्र में बदलने में उनका समर्थन इस नीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहा है।"
केन्द्रीय मंत्री ने नागर विमानन मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और अन्य हितधारकों के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने 22 जून 2024 को अपनी 53वीं बैठक में जीएसटी परिषद द्वारा अनुशंसित इस नीति समायोजन को प्राप्त करने के लिए लगन से काम किया है, एक समान 5 प्रतिशत आईजीएसटी दर का उद्देश्य परिचालन लागत को कम करना, कर क्रेडिट के मुद्दों को हल करना और निवेश को आकर्षित करना है।
भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए, राममोहन नायडू ने कहा, "हमारा दृष्टिकोण भारत को एक अग्रणी विमानन केन्द्र में बदलना है। भारतीय एमआरओ उद्योग के 2030 तक 4 बिलियन डॉलर का उद्योग बनने का अनुमान है। यह नीति परिवर्तन एमआरओ सेवाओं के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्थायी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
मंत्रालय को विश्वास है कि इस कदम से भारतीय एमआरओ क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, नवाचार और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा तथा एक मजबूत और कुशल विमानन क्षेत्र का निर्माण होगा।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने बिम्सटेक देशों के लिए एक उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने वैज्ञानिक क्षमता, कौशल और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बिम्सटेक देशों के लिए एक उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया
नई दिल्ली | पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के एक अधीनस्थ कार्यालय नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वैदर फॉरकास्ट (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) ने 15 से 26 जुलाई, 2024 तक नोएडा में बिम्सटेक देशों के लिए दो सप्ताह की कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में बिम्सटेक सदस्यों- बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड की राष्ट्रीय जल विज्ञान और मौसम विज्ञान सेवाओं के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यशाला का उद्घाटन आज 15 जुलाई, 2024 को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के अतिरिक्त सचिव और वित्त सलाहकार विश्वजीत सहाय द्वारा किया गया था। इसे डेटा आत्मसात करने और पूर्वानुमान सत्यापन तकनीकों में कौशल बढ़ाने और ज्ञान साझा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
एनसीएमआरडब्ल्यूएफ के प्रमुख डॉ. वी.एस. प्रसाद ने इस अवसर पर कहा कि “बिम्सटेक देशों में मौसम की स्थिति और समाज को मौसम संबंधी कुशल सेवाएं प्रदान करने की चुनौतियां एक समान हैं। यह कार्यशाला अंतर्राष्ट्रीय क्षमता निर्माण, ज्ञान साझाकरण और बिम्सटेक क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के प्रति हमारे समर्पण को दर्शाती है। बिम्सटेक (बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) देश तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए एक आवश्यक क्षेत्रीय समूह के रूप में उभरे हैं। नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वैदर फॉरकास्ट (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ), नोएडा में मौसम और जलवायु के लिए बिम्सटेक केंद्र (बीसीडब्ल्यूसी), वैज्ञानिक और तकनीकी संसाधनों को समेकित करने में सहायता करने के साथ ही सभी सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक संस्थागत तंत्र स्थापित करता है।
बिम्सटेक कार्यशाला में परस्पर विचार-विमर्श सत्र (इंटरैक्टिव सेशन) और व्यावहारिक प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल हैं। क्षेत्र विशेषज्ञों के साथ इंटरैक्टिव सत्रों का उद्देश्य डेटा को आत्मसात करने और पूर्वानुमान सत्यापन तकनीकों की व्यावहारिक समझ एवं अनुप्रयोग को बढ़ावा देना है। व्यावहारिक प्रशिक्षण विशेष रूप से डब्ल्यूआरएफ (मौसम अनुसंधान और पूर्वानुमान) मॉडल और पूर्वानुमान सत्यापन में सीखने और कौशल को बढ़ाता है। इससे विशेष रूप से पूर्वानुमान, पूर्व चेतावनी प्रणाली और अवलोकन प्रणाली में मानव संसाधन क्षमता निर्माण और वैज्ञानिक ज्ञान साझा करने को बढ़ावा मिलेगा।
(एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) मौसम और जलवायु के लिए बिम्सटेक केंद्र (बीसीडब्ल्यूसी), कार्यशाला में उद्घाटन के अवसर पर विश्वजीत सहाय, अपर सचिव और वित्त सलाहकार, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के साथ अन्य प्रतिभागी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 2400 मेगावाट टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स का दौरा किया
टिहरी बांध का निर्माण किसी आश्चर्य और इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं है : मनोहर लाल
नई दिल्ली | केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में 2400 मेगावाट टिहरी पावर कॉम्प्लेक्स में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।
अपनी इस यात्रा के दौरान मनोहर लाल ने 1000 मेगावाट के टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) में चल रही निर्माण गतिविधियों का निरीक्षण किया। यह टीएचडीसीआईएल के अंतर्गत एक प्रमुख परियोजना है जो भारत के नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण घटक है। केंद्रीय मंत्री ने बटरफ्लाई वाल्व चैंबर, मशीन हॉल और टिहरी पीएसपी के आउटफॉल सहित कई प्रमुख क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने नदी को जोड़ने के कार्य की समीक्षा की, जो पीएसपी को मौजूदा जल प्रबंधन प्रणालियों में एकीकृत करने का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
मौजूदा प्रयासों की सराहना करते हुए मनोहर लाल ने टीएचडीसी की पूरी टीम को नवीकरणीय और विश्वसनीय जलविद्युत उत्पादन को आगे बढ़ाने की दिशा में उनके अथक समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए बधाई दी। उन्होंने टीम की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और 2400 मेगावाट टिहरी पावर कॉम्प्लेक्स के विकास में स्थापित किए गए उच्च मानकों को स्वीकार करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे जलविद्युत परियोजनाओं में टीएचडीसी का योगदान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को वास्तविक रूप दे रहा है। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध टीएचडीसीआईएल के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, जो ऐसे समय में पूरा हुआ है, जब इतने बड़े बांध का विचार लगभग अकल्पनीय लग रहा है। टिहरी बांध का विकास अपने आप में किसी आश्चर्य और इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं है।
टीएचडीसी प्रबंधन और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मंत्री महोदय ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा का समर्थन करने में जलविद्युत के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने पूरी टीम से अपनी गति बरकरार रखने और शेष परियोजना चरणों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने का अनुरोध किया। उन्होंने जलविद्युत प्रौद्योगिकी की सीमाओं को आगे बढ़ाने में टीएचडीसीआईएल के प्रयासों की प्रशंसा की और टीम से उत्कृष्टता के लिए अपने प्रयास जारी रखने का आग्रह किया।
टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.के. विश्नोई ने मंत्री महोदय को उनके इस दौरे तथा उत्साहवर्धक शब्दों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत के लिए एक सतत ऊर्जा भविष्य में योगदान देने के व्यापक मिशन के हिस्से के रूप में टिहरी पावर कॉम्प्लेक्स और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। यह दौरा टीएचडीसीआईएल टीम के बीच उद्देश्य की नई भावना के संचार के साथ संपन्न हुआ, जो भारत के जलविद्युत क्षेत्र के भविष्य के लिए मंत्री महोदय के विज़न के साथ-साथ उस विज़न को साकार करने में उनकी भूमिका से प्रेरित रही।
मंत्री महोदय के साथ आये विद्युत मंत्रालय के प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल की टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.के. विश्नोई, निदेशक (कार्मिक) शलिन्दर सिंह, निदेशक (तकनीकी) भूपेन्द्र गुप्ता तथा टीएचडीसीआईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
भाजपा के लिए मनोनीत श्रेणी के तहत खाली सीटों को जल्द भरना जरूरी : राज्यसभा में घट गई ताकत
भाजपा के चार मनोनीत सदस्य सेवानिवृत्त होने से पार्टी को हुआ नुकसान।
राज्यसभा में एनडीए के सदस्यों की संख्या 101 हुई।
नई दिल्ली | राज्यसभा में सत्ताधारी भाजपा की ताकत अब पहले से कम हो गई है। भाजपा के चार मनोनीत सदस्य शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए, जिससे पार्टी के सदस्यों की संख्या अब 86 रह गई। वहीं एनडीए के सदस्यों की संख्या 101 रह गई।
वर्तमान में राज्यसभा की कुल क्षमता 19 खाली सीटों के साथ 226 सीटों की है। हालांकि, एनडीए आगामी बजट सत्र के दौरान सात गुटनिरपेक्ष मनोनीत सदस्यों, दो निर्दलीय और एआईएडीएमके और वाईएसआरसीपी जैसे मित्र दलों के समर्थन से सदन में महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा सकता है।
बता दें कि कुल खाली 19 सीटों में से 4 सीटें जम्मू-कश्मीर की हैं और वहां विधानसभा चुनाव के बाद ही राज्यसभा चुनाव होंगे। चार सीटें नामित सदस्यों की खाली है। दूसरी ओर, 11 सीटों पर चुनाव होना है। इसमें महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान, हरियाणा और असम शामिल हैं।
इस बीच भाजपा के लिए मनोनीत श्रेणी के तहत खाली सीटों को जल्द से जल्द भरना जरूरी होगा। एनडीए की मित्र पार्टियों पर निर्भरता को कम करने के लिए ये महत्वपूर्ण होगा।
चार मनोनीत सदस्य जो सेवानिवृत्त हुए हैं उनमें राकेश सिन्हा, राम शकल, सोनल मानसिंह और महेश जेठमलानी शामिल हैं। राज्यसभा में मनोनीत होने के बाद इन नेताओं ने औपचारिक रूप से भाजपा का साथ दिया था।
मनोनीत श्रेणी में गुलाम अली एक और ऐसे सदस्य जो भाजपा का साथ देते नजर आते हैं। वे सितंबर 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। राष्ट्रपति सरकार की सिफारिश पर 12 सदस्यों को राज्यसभा में मनोनीत करते हैं। मौजूदा सदन में, उनमें से सात ने खुद को गुटनिरपेक्ष (भाजपा का हिस्सा नहीं) रखा, लेकिन इन्होंने किसी भी कानून या प्रस्ताव को पारित करने में सत्ताधारी पार्टी का पक्ष लिया है।
वायुसेना स्टेशन सरसावा में कारगिल विजय दिवस रजत जयंती 2024 का आयोजन किया गया
नई दिल्ली | भारतीय वायुसेना के पास अपने वीर वायु योद्धाओं के साहस और बलिदान की एक गौरवशाली विरासत है, जिन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में अदम्य साहस से लड़ाई लड़ी थी, जो वास्तव में सैन्य विमानन के इतिहास में एक मील का पत्थर था। कारगिल युद्ध (ऑपरेशन सफेद सागर) में भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन, 16000 फीट से अधिक की खड़ी ढलान और चक्करदार ऊंचाइयों की चुनौतियों का सामना करने की भारतीय वायुसेना की सैन्य क्षमता का प्रमाण हैं, जो युद्ध में दुश्मन को निशाना बनाने में अद्वितीय परिचालन बाधाएं हैं। दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में लड़े गए इस युद्ध को जीतने के लिए वायु शक्ति के अपने उपयोग में तेजी से किए गए तकनीकी संशोधनों और ऑन-द-जॉब-ट्रेनिंग ने भारतीय वायुसेना का स्थान श्रेष्ठ रहा। कुल मिलाकर, भारतीय वायुसेना ने लगभग 5000 स्ट्राइक मिशन, 350 टोही/ईएलआईएनटी मिशन और लगभग 800 एस्कॉर्ट उड़ानें भरीं। भारतीय वायुसेना ने घायलों को निकालने और हवाई परिवहन कार्यों के लिए 2000 से अधिक हेलीकॉप्टर उड़ानें भी भरीं।
कारगिल युद्ध में विजय के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, भारतीय वायुसेना 12 जुलाई से 26 जुलाई 24 तक वायुसेना स्टेशन सरसावा में 'कारगिल विजय दिवस रजत जयंती' का आयोजन कर रही है, जिसमें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को सम्मानित किया जाता है। वायुसेना स्टेशन सरसावा की 152 हेलीकॉप्टर यूनिट, 'द माइटी आर्मर' ने ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 28 मई 99 को, 152 एचयू के स्क्वाड्रन लीडर आर पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलान, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद और सार्जेंट आरके साहू को टोलोलिंग में दुश्मन के ठिकानों पर लाइव स्ट्राइक के लिए 'नुबरा' फॉर्मेशन के रूप में उड़ान भरने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस हवाई हमले को सफलतापूर्वक करने के बाद, उनके हेलीकॉप्टर को दुश्मन की स्टिंगर मिसाइल ने टक्कर मार दी, जिसमें चार वीर सैनिकों ने प्राणों का बलिदान दिया। असाधारण साहस के इस कार्य के लिए, उन्हें मरणोपरांत वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया। उनके सर्वोच्च बलिदान ने सुनिश्चित किया कि उनका नाम हमेशा के लिए भारतीय वायुसेना के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जायेगा।
13 जुलाई 24 को, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने वरिष्ठ गणमान्य अधिकारियों, बहादुरों के परिवारों, दिग्गजों और सेवारत भारतीय वायुसेना अधिकारियों के साथ स्टेशन युद्ध स्मारक पर राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की बलिदान देने वाले सभी वायु सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस आयोजित कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम के दौरान वायु सेना प्रमुख ने उनके परिजनों को सम्मानित किया और उनसे बातचीत की।
एक शानदार एयर शो का आयोजन किया गया जिसमें आकाश गंगा टीम द्वारा प्रदर्शन और जगुआर, एसयू-30 एमकेएल और राफेल लड़ाकू विमानों द्वारा हवाई प्रदर्शन शामिल थे। शहीद नायकों की पुण्य स्मृति में एमआई-17 वी5 द्वारा "मिसिंग मैन फॉर्मेशन" ने उड़ान भरी। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों जैसे एमआई-17 वी5, चीता, चिनूक का स्थिर प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर एयर वॉरियर ड्रिल टीम और वायुसेना बैंड ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी।
इस कार्यक्रम को 5000 से अधिक दर्शकों ने देखा, जिनमें स्कूली बच्चे, सहारनपुर क्षेत्र के स्थानीय निवासी, भूतपूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक और रुड़की, देहरादून और अंबाला के रक्षा बलों के कार्मिक गण शामिल थे।
भारत 20 से 24 नवम्बर तक गोवा में विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा
ऐतिहासिक तारादेवी मंदिर में हरी पत्तल में परोसा जाएगा लंगर
शिमला । 250 वर्ष पुराने शिमला के ऐतिहासिक मंदिर तारादेवी में देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं को पारंपरिक उत्पाद पत्तल में लंगर का प्रसाद परोसा जाएगा। यह व्यवस्था 14 जुलाई (रविवार) से शुरू कर दी जाएगी। शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और धरोहर को सहेजने की दिशा में संतुलित पर्यावरण के लिए मंदिरों में टौर के पत्तों से तैयार पत्तल में लंगर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण के आधीन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सुन्नी खंड में कार्य कर रहे सक्षम क्लस्टर लेवल फेडरेशन को ये पत्तल बनाने का जिम्मा दिया गया है। उन्हें प्रथम चरण में पांच हजार पत्तल बनाने का ऑर्डर दिया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रयास कर रहा है । उक्त फेडेरशन में 2900 से अधिक महिलाएं पत्तल बनाने का काम करती है, लेकिन पत्तलों की डिमांड कम होने के कारण उत्पादन अधिक नहीं करते थे। इस दिशा में अब प्रशासन ने फैसला लिया है कि जिला के सभी मंदिरों में हरी पत्तल में लंगर परोसे जाएंगे। ऐसे में प्रथम चरण में तारादेवी मंदिर से शुरूआत की जा रही है।
बता दें कि हिमाचल की संस्कृति में निचले हिमाचल में धाम के दौरान लजीज व्यंजन परोसने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली हरी पत्तल का महत्व सबसे ऊपर है। धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को समेटे देवभूमि हिमाचल के कई इलाकों में यह परंपरा आज भी जारी है। टौर से बनने वाली इस पत्तल में सामाजिक समरसता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। पहाड़ की यह पत्तल टौर नामक बेल के पत्ते से बनती है। यह बेल मध्यम ऊंचाई वाले शिमला, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिले में ही पाई जाती है।
स्व-सहायता समूह, कुटीर व ग्रामोद्योग तथा मध्यम उद्यम को प्रोत्साहित करने बैंक अपनाएं सहयोगी प्रवृत्ति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्व-सहायता समूह, कुटीर-ग्रामोद्योग तथा मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक सहयोगी प्रवृत्ति अपनाते हुए अपनी गतिविधियों का विस्तार करें। रोजगारमूलक कार्यों के लिए कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सभी जिलों में समान रूप से गतिविधियों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। व्यापार-व्यवसाय के साथ जन-कल्याण और आम आदमी की आर्थिक आत्मनिर्भरता से संबंधित कार्यों में बैंकों की ओर से संवदेनशीलता और तत्परता के साथ कार्य अपेक्षित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 189वीं और 190वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राज्य बैंकर्स समिति ने राज्य शासन द्वारा सर्वजन हिताय बजट प्रस्तुत करने और "एक पेड़ मां के नाम" वृहद पौधरोपण अभियान के लिए बधाई देते हुए पौध-रोपण में सभी बैंकों के सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एन्युअल क्रेडिट प्लान मध्यप्रदेश 2024-25 पुस्तक का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के समान विकास के उद्देश्य से उद्योग-व्यापार प्रोत्साहन के लिए आंचलिक स्तर पर गतिविधियाँ संचालित कर रही है। बैंकर्स इस उद्देश्य से विभिन्न अंचलों की आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए पहल करें। विकास और गरीब कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनजातीय क्षेत्रों में व्याप्त साहूकारी प्रथा से निकालकर लोगों को बैंकों से जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएं। इसी प्रकार घुमन्तु, अर्धघुमन्तु जनजातियों को ठोस आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें कृषि अथवा व्यवसाय से जोड़ने के लिए भी कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जिन 14 स्थानों पर बैंकिंग शाखाएं खोली जाना शेष हैं, वहाँ आवश्यक समन्वय एवं प्रबंध कर समय-सीमा में बैंक सुविधा आरंभ की जाए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल बैडमिंटन कोर्ट में आमने-सामने
नईदिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट में बैडमिंटन खेला। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया और साइना नेहवाल की प्रशंसा भी की।
खेल के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कई शानदार शॉट लगाए और कुछ मौकों पर साइना नेहवाल को भी मात दी। इस खेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में प्रतिष्ठित डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का अनावरण किया था।
सोशल मीडिया पर साइना नेहवाल ने राष्ट्रपति के साथ खेलने का मौका मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की और कहा, “भारत के राष्ट्रपति के साथ खेलना मेरे लिए सम्मान की बात है… यह मेरे जीवन का कितना यादगार दिन है. मेरे साथ बैडमिंटन खेलने के लिए राष्ट्रपति जी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
(वीडियो: राष्ट्रपति भवन) pic.twitter.com/bk3nh7IWfC