देश-विदेश
केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् ‘प्रगति-2024’ कार्यक्रम आयोजित करेगी
आयुर्वेद अनुसंधान और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सीसीआरएएस की एक सहयोगात्मक पहल है
नई दिल्ली | केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् (सीसीआरएएस) 28 मई, 2024 को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में "आयुर्ज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार में औषध अनुसंधान (प्रगति- 2024)" कार्यक्रम की मेजबानी कर रही है। सीसीआरएएस, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है। यह संवादात्मक बैठक सीसीआरएएस और आयुर्वेद औषध उद्योग के बीच अनुसंधान के अवसरों की खोज करने और सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा करेंगे। वे आयुर्वेद के विकास में उद्योग की भूमिका पर अपना मुख्य भाषण देंगे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव कविता गर्ग और सलाहकार डॉ. कौस्तुभा उपाध्याय भी हिस्सा लेंगी।
सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रोफेसर वैद्य रबीनारायण आचार्य सीसीआरएएस की ओर से संवादात्मक बैठक का नेतृत्व करेंगे। इस बैठक में अनुसंधान-आधारित, गुणवत्ता, सुरक्षित और प्रभावी आयुर्वेद उत्पादों के महत्व पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य आयुर्वेद सूत्रीकरण (फॉर्मूलेशन) और तकनीकी नवाचारों के निर्माण में शामिल शोधकर्ताओं और औद्योगिक भागीदारों को शामिल कर औषधि और उपकरण विकास में आयुर्वेद हितधारकों की क्षमता में अधिक से अधिक बढ़ोतरी करना है।
सीसीआरएएस की ओर से विकसित अनुसंधान परिणामों और प्रौद्योगिकियों का उपयोग करना।
गुणवत्ता नियंत्रण, औषधि मानकीकरण, उत्पाद विकास और सत्यापन में सहयोगात्मक अनुसंधान के लिए मजबूत नेटवर्क की स्थापना करना।
घरेलू अनुसंधान और विकास केंद्रों वाले संभावित औद्योगिक भागीदारों की पहचान करना।
औषधि निर्माण और उत्पाद विकास में शोधकर्ताओं के लिए क्षमता निर्माण के अवसरों की खोज करना।
आयुर्वेदिक औषधि-निर्माण विज्ञान (फार्मास्यूटिक्स) में उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्टार्ट-अप्स और इनक्यूबेटिंग सेंटर शुरू करने में आयुर्वेद पेशेवरों की सहायता करना।
सत्र एक: अनुसंधाकर्ता-उद्योग सहभागिता को सुदृढ़ करने के लिए सीसीआरएएस के उत्पाद विकास पहल और रणनीतियों को रेखांकित करना, जिसमें सभी 35 उत्पादों और उपकरणों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। इसके साथ ही पूरे देश में स्थित पांच सीसीआरएएस प्रयोगशालाओं और 25 अस्पताल सेवाओं का प्रदर्शन भी शामिल है।
सत्र दो: क्षेत्रीय और वैश्विक आयुर्वेद औषधि विकास में कमियों की पहचान करने और चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक पैनल चर्चा।
सत्र तीन: सहभागिता के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान के साथ-साथ अनुभव को साझा करना और सीसीआरएएस से उद्योग की अपेक्षाएं।
सत्र चार: सीसीआरएएस-उद्योग सहभागिता के लिए पहली बार "अनुसंधान प्राथमिकताओं की स्थापना" पर केंद्रित समूह चर्चा आयोजित की जाएगी।
इस कार्यक्रम में देश की 35 दवा कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें हिमालय, इमामी, बैद्यनाथ, डाबर, आईएमपीसीएल, आर्य वैद्य शाला, औषधि और आईएमपीसीओपीएस जैसी प्रसिद्ध कंपनियों के सीईओ भी हिस्सा लेंगे। इसके अतिरिक्त इस संवादात्मक बैठक में शामिल होने के लिए सीआईआई, आयुष निर्यात संवर्द्धन परिषद्, पीसीआईएमएच और एनआरडीसी के आमंत्रित विशेषज्ञों ने अपना पंजीकरण कराया है।
सीसीआरएएस की ओर से विकसित या प्रगति के अधीन सभी 35 फॉर्मूलेशन और तीन उपकरणों का विवरण देने वाला एक डोजियर, चर्चा और समीक्षा के लिए इस बैठक में हिस्सा लेने वाले उद्योगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें आयुष 64, आयुष एसजी, आयुष गुट्टी और अन्य शामिल हैं।
प्रगति-2024 का अपेक्षित परिणाम सीसीआरएएस के साथ सहभागिता करने, वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान और आयुर्वेदिक औषधि विकास में अनुसंधान परिणामों व उत्पादों का उपयोग करने के इच्छुक संभावित औद्योगिक भागीदारों को चिन्हित करना है। यह पहल नेटवर्किंग और संस्थागत संबंधों को सुदृढ़ करेगी, जिसके परिणामस्वरूप आयुर्वेदिक चिकित्सकों और रोगियों को लाभ होगा।
पर्यावरण दिवस से गंगा दशमी तक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए चलेगा अभियान : मुख्यमंत्री
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 5 जून पर्यावरण दिवस से गंगा दशमी पर्व तक जलस्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए संपूर्ण प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा। अभियान की अवधि में हर जिले में जल के स्रोतों, जैसे नदी, कुएं, तालाब, बावड़ियों आदि को स्वच्छ रखने और आवश्यकता होने पर उनके गहरीकरण के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी। यह कार्य जनसहभागिता से से होगा। इससे जल स्रोतों के प्रति सामाजिक चेतना जागृत करने और जनसामान्य का जल स्रोतों से जीवंत संबंध विकसित करने में मदद मिलेगी। गंगा दशमी पर्व माँ गंगा का अवतरण दिवस है और माँ गंगा से ही भारतीय संस्कृति विश्व में जानी जाती है। शहरी औऱ ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान का नेतृत्व जनप्रतिनिधि करेंगे और जिला कलेक्टर गतिविधियों का समन्वय करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के लिए जारी संदेश में यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सामाजिक, शासकीय, अशासकीय संस्थाओं, जनअभियान परिषद से जुड़े संगठनों से अभियान में शामिल होने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनसहभगिता से जल संरचनाओं का चयन किया जाए और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सघन जनजागृति के कार्यक्रम चलाये जाएं। इससे भविष्य के लिए जल संरक्षण के संबंध में कार्य योजना बनाने में मदद मिलेगी। इस अवधि में होने वाले धार्मिक मान्यताओं के कार्यक्रम जैसे उज्जैन की क्षिप्रा परिक्रमा, चुनरी उत्सव, नर्मदा जी के किनारे होने वाले धार्मिक कार्यक्रम भी पूरी श्रद्धा के साथ आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 212 से अधिक नदियां हैं, पेयजल की आपूर्ति में नदियां, बावड़ियां, कुएँ व तालाब महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, "जल ही जीवन है" केवल स्लोगन नहीं है, यह जल स्रोतों की हमारे जीवन में भूमिका से स्पष्ट होता है। हमारी यह पीढ़ी इन जल संरचनाओं की महत्ता से परिचित हो, हमारा संबंध जल संरचनाओं से अधिक प्रगाढ़ हो, यही इस अभियान का उद्देश्य है।
राज्य शासन द्वारा अमृत 2.0 योजना के तहत जल संरचनाओं के उन्नयन का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत नदी, झील, तालाब, कुओं, बावड़ी आदि के पुनर्जीवीकरण/ संरक्षण व संरचनाओं के उन्नयन का कार्य स्थानीय सामाजिक, प्रशासकीय संस्थाओं के साथ मिलकर जनभागीदारी से कराए जाएंगे। प्रयास होगा कि जल संरचनाओं का उपयोग जल प्रदाय अथवा पर्यटन, भू-जल संरक्षण, मत्स्य पालन अथवा सिंघाड़े के उत्पादन के लिए भी किया जा सके। रिहायसी इलाकों में बंद पड़े रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की साफ-सफाई कर उनके पुन: उपयोग के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। निकायों को नाले-नालियों की साफ-सफाई, वाटर ड्रेनिंग मैनेजमेंट, घाट निर्माण, वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों के संबंध में भी विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।
भारतीय मोबाइल नंबर प्रदर्शित करके आने वाली अंतर्राष्ट्रीय फर्जी कॉलों को रोकने के लिए सरकार ने निर्देश जारी किए
नई दिल्ली | ऐसी रिपोर्ट की गई है कि जालसाज भारतीय नागरिकों को भारतीय मोबाइल नंबर प्रदर्शित कर अंतर्राष्ट्रीय फर्जी कॉल कर रहे हैं और साइबर अपराध तथा वित्तीय धोखाधड़ी कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि ये कॉल भारत के भीतर से की जा रही हैं, लेकिन ये कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (सीएलआई) में हेरफेर करके विदेश से साइबर अपराधियों द्वारा की जा रही हैं। फर्जी डिजिटल गिरफ्तारियों, फेडएक्स घोटालों, कूरियर में ड्रग्स/नशीले पदार्थों, सरकारी और पुलिस अधिकारियों के वेष में, दूरसंचार विभाग /ट्राई अधिकारियों द्वारा मोबाइल नंबरों को डिस्कनेक्ट करने आदि के हालिया मामलों में इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय जाली कॉलों का दुरुपयोग किया गया है।
इसलिए, दूरसंचार विभाग (डीओटी) और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने ऐसी आने वाली अंतर्राष्ट्रीय जाली कॉलों की पहचान करने और उन्हें किसी भी भारतीय दूरसंचार ग्राहक तक पहुंचने से रोकने के लिए एक प्रणाली तैयार की है। अब ऐसी आने वाली अंतर्राष्ट्रीय जाली कॉल को ब्लॉक करने के लिए टीएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं।
दूरसंचार विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार भारतीय लैंडलाइन नंबरों के साथ आने वाली अंतर्राष्ट्रीय जाली कॉलों को टीएसपी द्वारा पहले से ही ब्लॉक किया जा रहा है।
चूंकि उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और हिफाजत डिजिटल इंडिया के विजन का एक अभिन्न अंग है, दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए नागरिक केंद्रित संचार साथी पोर्टल (https://sancharsathi.gov.in/) सहित कई पहल पहले ही आरंभ कर दी हैं।
सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद, अब भी कुछ ऐसे जालसाज हो सकते हैं जो अन्य माध्यमों से सफल हो जाते हैं। ऐसी कॉलों के लिए, आप संचार साथी पर चक्षु सुविधा केन्द्र पर ऐसे संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की रिपोर्ट करके प्रत्येक व्यक्ति की सहायता कर सकते हैं।
चक्रवाती तूफान रेमल से निपटने के लिए भारतीय नौसेना की तैयारी युद्ध स्तर पर
नई दिल्ली | भारतीय नौसेना ने चक्रवात रेमल के बाद एक विश्वसनीय मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) प्रतिक्रिया शुरू करने के लिए मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करते हुए प्रारंभिक कार्रवाई आरंभ कर दी है। चक्रवात के 26/27 मई 2024 की मध्यरात्रि को तट पार करने की आशंका है। नौसेना मुख्यालय में स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, साथ ही पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय द्वारा व्यापक तैयारी कार्रवाई की जा रही है।
चक्रवात रेमल, जिसके गंभीर चक्रवात में बदलने की आशंका है, के सागर द्वीप, पश्चिम बंगाल और खेपुपारा, बांग्लादेश के बीच टकराने का अनुमान है। तैयारी के लिए, भारतीय नौसेना ने प्रभावित आबादी की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने हेतु तत्काल तैनाती के लिए एचएडीआर और चिकित्सा आपूर्ति से लैस दो जहाजों को तैयार किया है। इसके अतिरिक्त, सी किंग और चेतक हेलिकॉप्टरों के साथ-साथ डोर्नियर विमानों सहित भारतीय नौसेना की विमानन परिसंपत्तियां त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार हैं।

त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए उपकरणों के साथ विशेष गोताखोरी टीमों को कोलकाता में तैनात किया गया है। आवश्यक उपकरणों के साथ अतिरिक्त गोताखोरी टीमें विशाखापत्तनम में स्टैंडबाय पर हैं, जो आवश्यकता पड़ने पर त्वरित तैनाती के लिए तैयार हैं। एचएडीआर और चिकित्सा आपूर्ति के साथ दो बाढ़ राहत टीमें (एफआरटी) कोलकाता में तैनात की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, विशाखापत्तनम और चिल्का से दो-दो एफआरटी तैयार हैं और अल्प सूचना पर तैनाती के लिए तैयार हैं।
भारतीय नौसेना सतर्क बनी हुई है और चक्रवात रेमल के मद्देनजर तत्काल और प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए उभरती स्थिति पर करीबी दृष्टि रख रही है।
गुजरात के राजकोट शहर में एक ‘गेम जोन’ में आग लगने से चार बच्चों समेत 27 लोगों की मौत
डेस्क | गुजरात के राजकोट शहर में एक ‘गेम जोन’ में आग लगने से चार बच्चों समेत 27 लोगों की मौत के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्यों ने रविवार तड़के यहां स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि शव बुरी तरह से जले हुए हैं और उनकी शिनाख्त में बड़ी मुश्किलें आ रही हैं | इसके लिए शवों और जल गए लोगों के परिजन के डीएनए के नमूने एकत्र किए गए हैं। मरने वालों में 12 साल से कम उम्र के चार बच्चे भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने रविवार सुबह नाना-मावा रोड पर घटनास्थल और एक अस्पताल का दौरा किया जहां घायल व्यक्तियों को भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ‘गेम जोन’ के मालिक और प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय एसआईटी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है |
एसआईटी के प्रमुख अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुभाष त्रिवेदी ने कहा, हम घटना के सभी पहलुओं को देखेंगे और उनकी कड़ी जांच करेंगे, हम जान गंवाने वाले बच्चों को न्याय दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता, ईमानदारी और समग्रता से काम करेंगे।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एसीपी) विनायक पटेल ने बताया कि घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, उनकी हालत स्थिर है। हमने शवों की शिनाख्त के लिए शवों से और मारे गए लोगों के परिजन के डीएनए के नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। मृतक संख्या बढ़ने की आशंका नहीं है।
बेबी केयर सेंटर में आग लगने से 7 नवजात की मौत, दमकल की 16 गाड़ियों मौके पर
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में देर रात एक शिशु देखभाल केंद्र (Baby Care Centre) में आग लगने से 7 नवजात बच्चों की मौत हो गई। 5 बच्चों को बचाया गया है, उनकी हालत गंभीर बानी हुई है | दिल्ली अग्निशमन सेवा के मुताबिक उन्हें विवेक विहार क्षेत्र के ब्लॉक बी, आईटीआई के पास स्थित बेबी केयर सेंटर में आग लगने की सूचना मिली। तत्काल कार्रवाई करते हुए, नौ दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। आग बुझाने के साथ-साथ, फायर ब्रिगेड ने इमारत से 12 बच्चाें को सुरक्षित बाहर निकाला।
शनिवार रात जैसे ही आग लगने की सूचना मिली तत्काल ही दमकल की 16 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। तीन मंजिला इमारत पूरी तरह से आग की चपेट में आ गई थी। एक वैन भी आग की लपटों में घिर चुकी थी। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक चलता रहा। फायर डिपार्टमेंट और पुलिस अफसरों के मुताबिक, ऐसा बताया जा रहा है कि बेबी केयर सेंटर के पास एक एम्बुलेंस ऑक्सीजन गैस रिफिलिंग कर रही थी। इसी दाैरान विस्फोट की आवाज सुनी गई।

आग लगने के दौरान चाइल्ड केयर सेंटर में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। हादसे के बाद बच्चों और स्टाफ ने यहां वहां भागकर जान बचाने की कोशिश की। दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर इमारत के पीछे की खिड़कियों को तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। कुल 11 बच्चों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 5 बच्चों की हालत गंभीर बानी हुई है और उन्हें ईस्ट दिल्ली एडवांस्ड केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि बेबी केयर सेंटर ने फायर डिपार्टमेंट से एनओसी लिया था या नहीं।
चक्रवात रेमल आज टकराएगा बंगाल की खाड़ी से, 21 घंटे के लिए कोलकाता हवाई अड्डे पूरी तरह बंद
डेस्क। बंगाल में चक्रवात ‘रेमल’ से निपटने के लिए राज्य प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां बहुत तेज कर दी हैं। शनिवार को राज्य के मुख्य सचिव बीपी गोपालिका ने राज्य सचिवालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर चक्रवात से मुकाबले को लेकर चर्चा की। दूसरी ओर, चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्र की तरफ से कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक व चर्चा की।
मुख्य सचिव की ओर से बताया गया कि कंट्रोल रूम खोलने से लेकर राहत सामग्री व जरूरी दवाओं समेत सभी आवश्यक सामग्रियों का भंडारण किया गया है। समुद्र में मछुआरों को 27 मई तक ना जाने और वहां मौजूद मछुआरों को तुरंत ही लौटने की सलाह दी गई है।
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट सचिव ने बंगाल सरकार को आश्वासन देते हुए कहा कि स्थिति से निपटने के लिए सभी केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर रखी गई हैं और हरसंभव सहायता के लिए भी उपलब्ध रहेंगी। मौसम विभाग ने रविवार - सोमवार को बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी देते हुए कहा है कि अनावश्याक रुप से घर से बहार न निकले। विभाग ने 26 और 27 मई को बंगाल के तटीय जिलों दक्षिण और उत्तर 24 परगना के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने 12 टीमों के अलावा पांच अतिरिक्त टीमों को तैयार रहने के लिए कहा गया है। सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की बचाव और राहत टीमों को भी तैयार रखा गया है। शिपिंग महानिदेशक द्वारा कोलकाता और पारादीप के बंदरगाहों पर नियमित अलर्ट के साथ सलाह जारी की जा रही है। कैबिनेट सचिव ने जोर दिया कि राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा सभी आवश्यक निवारक और एहतियाती कदम उठाए जाएं। साथ ही नुकसान के मामले में आवश्यक सेवाओं को कम से कम समय में बहाल किया जाना चाहिए।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवात रेमल रविवार देर रात बंगाल के सागरद्वीप व बांग्लादेश के तटों के बीच लैंडफाल कर सकता है। इसके 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात एक गहरे दबाव में बदलकर गंभीर होता जा रहा है। शनिवार प्रात: 5.30 बजे यह बंगाल के सागरद्वीप से लगभग 380 किमी और कैनिंग से 530 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में केंद्रित हो गया।
चक्रवात रेमल के संभावित प्रभाव को देखते हुए रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए कोलकाता हवाई अड्डे से उड़ानों का किसी भी प्रकार का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई बैठक में निदेशक सी पट्टाभि ने एक बयान में कहा कि कोलकाता सहित बंगाल के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए 26 मई, रविवार को दोपहर 12 बजे से 27 मई को सुबह नौ बजे तक उड़ानों के परिचालन को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।
अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र ने इतिहास रचा, क्योंकि इस संसदीय क्षेत्र ने 51.35 प्रतिशत कुल मतदानके साथ पिछले 35 वर्षों में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया
घाटी के तीन संसदीय क्षेत्रों में 50 प्रतिशत कुलमतदान, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 19.16 प्रतिशतथा
जम्मू एवं कश्मीर में शांति और सुरक्षा के माहौल में मतदाता सुबह से ही मतदान करने के लिए कतार में खड़े रहे |
नई दिल्ली | केन्द्र-शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के श्रीनगर और बारामूला में रिकॉर्ड मतदान के बाद, अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र (पीसी) ने भी मतदान के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।अनंतनाग, पुंछ, कुलगाम और राजौरी तथा आंशिक रूप से शोपियां जिलों में शाम 5 बजे तक 51.35 प्रतिशतकुल मतदान दर्ज किया गया। कुल मतदान का यह आंकड़ा 1989 के बाद यानी 35 वर्षों में सबसे अधिक है।
इसके साथ, वर्तमान में जारी आम चुनाव 2024 में, घाटी के तीन संसदीय क्षेत्रों श्रीनगर में (38.49 प्रतिशत), बारामूला में (59.1 प्रतिशत) और अनंतनाग-राजौरी में (शाम 5 बजे तक 51.35 प्रतिशत) मतदान दर्ज किया गया है जो कई दशकों में सबसे अधिक है। कुल मिलाकर, वर्तमान आम चुनावों में घाटी के तीन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदान 50 प्रतिशत (अनंतनाग राजौरी शाम 5 बजे) है, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 19.16 प्रतिशतथा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्तों श्री ज्ञानेश कुमार एवं श्री सुखबीर सिंह संधू की अगुवाई में आयोग ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के लोगों ने, अनंतनाग राजौरी संसदीय क्षेत्र के मतदान में भी, लोकतंत्र में विश्वास जताया है और विरोधियों को गलत साबित कर दिया है।”
अनंतनाग-राजौरी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में 2338 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ और इसके साथ ही इन मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग भी हुई। इस संसदीय क्षेत्र (पीसी) में प्रात: 7 बजे मतदान शुरू हुआ और वोट डालने के लिए अत्यंत उत्साहित मतदाता लंबी-लंबी कतारों में अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों सहित मतदान कर्मियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का स्वागत शांतिपूर्ण, सुकून एवं उत्सव जैसे माहौल में किया जाए।
भारत निर्वाचन आयोग ने इसके साथ ही दिल्ली, जम्मू और उधमपुर के विभिन्न राहत शिविरों में रहने वाले प्रवासी कश्मीरी मतदाताओं को निर्दिष्ट विशेष मतदान केंद्रों पर व्यक्तिगत रूप से मतदान करने या डाक मतपत्र का उपयोग करने का सटीक विकल्प भी दिया। जम्मू में 21, उधमपुर में 1, और दिल्ली में 4 विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए।
नदी में जा गिरी कार, गूगल मैप का उपयोग करना पड़ा गया भारी
डेस्क। गूगल मैप आजकल लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बनता जा रहा है | जब भी लोगों का कहीं का रास्ता नहीं पता होता तो वो गूगल मैप की मदत लेते है | वहीं केरल में गूगल मैप की मदत लेना लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ गया।
हैदराबाद से केरल आया लोगों का एक ग्रुप घूमने के लिए मैप का उपयोग कर रहे थे। इस दौरान गलत से रास्ता मिलने की वजह से लोगों की गाड़ी केरल के कुरुप्पनथारा जिले के पास एक नदी में जा गिरी। ये घटना कल रात की है जब एक महिला समेत चार सदस्यों का ग्रुप अलाप्पुझा की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है, जिस सड़क पर वो ट्रैवल कर रहे थे, वह भारी बारिश के कारण नदी के पास बह रहे पानी से ढक गई थी। वो इस रास्ते से बिल्कुल अनजान थे तो हर कदम पर गूगल मैप का सहारा ले रहे थे। लेकिन गलत जानकारी मिलने और तेज बारिश की वजह से उनकी गाड़ी नदी में जा गिरी।
इन सब में लेकिन राहत की बात ये रही कि, मौके पर आस-पास के लोग और पुलिस पहुंच गई। जिसके बाद ट्रैवल करने वाले ग्रुप को बचा लिया गया, लेकिन उनकी गाड़ी पूरी तरह नदी में डूब गई।केरल के पास मौजूद कडुथुरुथी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पूरे हादसे की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि गाड़ी को निकालने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया केरल में अक्सर इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं, ये पहली ऐसी घटना नहीं हैं।
पिछले साल अक्टूबर के महीने में भी केरल से इस तरह का मामला सामने आया था। उस समय दो यंग डॉक्टर्स इस हादसे का शिकार हो गए थे। वो कहीं जाने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहे थे, जिस वजह से उनकी गाड़ी नदी में जा गिरी और दुर्भाग्यवश उनकी मौत हो गई। इसके बाद केरल पुलिस ने मानसून के मौसम के दौरान सख्त नियम लागू कर दिए थे और गूगल मैप का इस्तेमाल करने के लिए दिशा - निर्देश भी जारी किए थे।
खरीफ के लिए सभी स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खरीफ के लिए सभी स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी कालाबाजारी की संभावना निर्मित न हो। प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषकों को संतुलित उर्वरक एनपीके के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में कृषि आदान की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव सहकारिता श्रीमती दीपाली रस्तोगी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में यूरिया, डीएपी, एनपीक., एसएसपी और एमओपी उर्वरक की माँग, अब तक प्राप्त मात्रा तथा वितरण व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। बैठक में धान, कोदो, कुटकी, मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, कपास आदि के बीज की उपलब्धता की भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल उपार्जन में अच्छी गुणवत्ता की पैदावार लाने वाले किसानों को सम्मानित व पुरस्कृत करने की प्रक्रिया भी आरंभ की जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खाद के उपयोग को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए। बॉयो फर्टिलाइजर का उपयोग करने वाले किसानों की मदद के लिए व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे कृषक ऑर्गेनिक उत्पाद लेने के लिए आगे आएं। पशुपालन-कम्पोस्टिंग को समन्वित करते हुए श्रीअन्न की उपज लेने के लिए भी किसानों को प्रेरित करने की आवश्यकता है। इससे फसल चक्र को संतुलित बनाए रखने में मदद मिलेगी और भूमि की उर्वरकता भी लंबे समय तक बनी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-वंश की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल के लिए गौ-सेवा संगठनों, सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के साथ ग्राम स्तर पर पहल की जाए।
यात्री ने विमान में चढ़ने से पहले खा ली भांग फिर बीच हवा में खोलने लगा दरवाजा
डेस्क। इंदौर से हैदराबाद आ रही उड़ान में भांग के नशे में लैंडिंग से पहले हवा में विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश करने पर यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया। एयरलाइन स्टाफ की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
हालांकि मानसिक बीमारी से पीड़ित होने और रिपोर्ट देखने के बाद उसे जमानत दे दी गई। पुलिस ने बताया कि गत 21 मई को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंडिंग से ठीक पहले हवा में 29 वर्षीय यात्री ने विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश की। जब यात्री के इस हरकत का विरोध किया गया तो वह एयरलाइन स्टाफ से बहस करने लगा। पुलिस ने बताया कि गजुलारामाराम के चंद्रगिरीनगर निवासी युवक ने विमान पर चढ़ने से पहले भांग खाई थी।
विमान में उसकी अजीब हरकतों देखकर एयरलाइन स्टाफ और कुछ सह यात्रियों ने उसे विमान का दरवाजा खोलने से रोकने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि वह अपने मित्रों के साथ मध्य प्रदेश के उज्जैन गया था और इंदौर से हैदराबाद आने के लिए विमान पर सवार हुआ था।
छठे चरण में सुबह 11 बजे तक 25.76% मतदान
नई दिल्ली | देश के आठ राज्यों में छठे चरण का मतदान आज चल रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार सहित कई नामचीन लोगों ने मतदान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील भी की है।
सात चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में 25 मई को आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कुल 58 सीटों पर मतदान होना है। छठे चरण में 889 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस चरण में बिहार की आठ, हरियाणा की सभी दस, झारखंड की चार, दिल्ली की सभी सात, ओडिशा की छह, उत्तर प्रदेश की 14, पश्चिम बंगाल की आठ और जम्मू-कश्मीर की एक सीट पर वोटिंग हो रहा है। मतदान का समय सुबह सात बजे से शाम 6 बजे तक का है।
आज सुबह 11 बजे तक अलग अलग स्थनों में मतदान प्रतिशत निम्न है यूपी 27.06 प्रतिशत, ओडिशा 21.30 प्रतिशत, जम्मू कश्मीर 23.11 प्रतिशत, झारखंड 27.80 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल 36.88 प्रतिशत, बिहार 23.67 प्रतिशत, दिल्ली एनसीआर 21.69 प्रतिशत व हरियाणा 22.09 प्रतिशत
उपराष्ट्रपति ने आज लोकसभा चुनाव में मतदान किया और सभी से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह कियाv
"मतदान हमारा दायित्व भी है और ताकत भी"
नई दिल्ली | उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और डॉ. सुदेश धनखड़ ने 2024 के लोकसभा चुनाव में आज नई दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू स्थित मतदान केंद्र पर मतदान किया।
वोट डालने के बाद उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदान करना हमारा "दायित्व भी है और ताकत भी।"
भारत को "दुनिया का सबसे जीवंत, सक्रिय और प्रभावी लोकतंत्र" बताते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि "भारत पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।" उपराष्ट्रपति ने सभी से अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए अपने संवैधानिक कर्तव्य को निभाने का भी आग्रह किया।

राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की
नई दिल्ली | बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक ने समिति को खेपुपारा (बांग्लादेश) से लगभग 800 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और कैनिंग (पश्चिम बंगाल) से 810 किलोमीटर दक्षिण में मध्य बंगाल की खाड़ी में दबाव की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसके उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और 25 मई की रात तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है। इसके बाद, यह लगभग उत्तर की ओर बढ़ेगा और 26 मई की आधी रात के आसपास इसके सागर द्वीप एवं खेपुपारा के बीच बांग्लादेश एवं उसके आसपास के पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है। यह 26 मई की शाम से 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे लेकर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में सामने आएगा।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने समिति को चक्रवाती तूफान के अपेक्षित मार्ग में बसे लोगों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रारंभिक उपायों और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे उपायों से अवगत कराया। मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए कहा गया है और जो लोग समुद्र में हैं उन्हें सुरक्षित स्थान पर बुला लिया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय हो गए हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पर्याप्त आश्रय स्थल, बिजली आपूर्ति, दवा और आपातकालीन सेवाएं तैयार रखी गई हैं।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने 12 टीमें तैनात की हैं और 5 अतिरिक्त टीमों को आपात स्थिति में तैयार रहने को कहा गया है। जहाजों और विमानों के साथ सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की बचाव एवं राहत टीमों को तैयार रखा गया है। शिपिंग महानिदेशक द्वारा कोलकाता और पारादीप बंदरगाहों पर नियमित अलर्ट एवं सलाह भेजी जा रही है। बिजली की तत्काल बहाली के लिए विद्युत मंत्रालय द्वारा आपातकालीन टीमें तैनात की गई हैं।
केंद्रीय एजेंसियों और पश्चिम बंगाल सरकार की तैयारियों से जुड़े उपायों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिव ने विशेष जोर देकर कहा कि राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा समस्त आवश्यक निवारक व एहतियाती उपाय किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य यह होना चाहिए कि इस वजह से किसी भी व्यक्ति की जान न जाए तथा संपत्ति एवं बिजली और दूरसंचार जैसी अवसंरचना को कम से कम नुकसान हो, और नुकसान होने की स्थिति में आवश्यक सेवाओं को कम से कम समय में बहाल किया जाना चाहिए।
कैबिनेट सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समुद्र में मछुआरों को वापस बुलाया जाए और असुरक्षित इलाकों से लोगों को समय पर निकाला जाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से चक्रवाती तूफान से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाने की समीक्षा करने को कहा। कैबिनेट सचिव ने पश्चिम बंगाल सरकार को आश्वासन दिया कि समस्त केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं और वे सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगी।
इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, केंद्रीय गृह सचिव, बिजली, दूरसंचार, बंदरगाह, शिपिंग एवं जलमार्ग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालयों और मत्स्य पालन विभाग के सचिवों के अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सचिव, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के अध्यक्ष के लिए इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के प्रमुख, भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक, तटरक्षक महानिदेशक और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
एफटीआईआई के छात्र ने 77वें कान्स फिल्म महोत्सव में 'ला सिनेफ' पुरस्कार जीता
नईदिल्ली। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के छात्र चिदानंद नाइक की कोर्स के अंत में बनाई गई फिल्म "सनफ्लॉवर वर द फर्स्ट वन्स टू नो" को फ्रांस में 77वें कान्स फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म के लिए कान्स ला सिनेफ पुरस्कार मिला है। विजेता की आधिकारिक घोषणा 23 मई, 2024 को महोत्सव में की गई जहां छात्र निदेशक श्री चिदानंद नाइक ने पुरस्कार प्राप्त किया। फिल्म का निर्देशन चिदानंद एस नाइक ने, फिल्मांकन सूरज ठाकुर ने किया है, संपादन मनोज वी ने और ध्वनि अभिषेक कदम ने दी है।
यह भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। भारतीय फिल्मों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रशंसा मिल रही है, विशेष रूप से एफटीआईआई ने पिछले कुछ वर्षों में कान्स महोत्सव में अपने छात्रों की फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ उल्लेखनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। एफटीआईआई छात्रों की एक और फिल्म 'कैटडॉग' के 73वें कान्स में पुरस्कार जीतने के चार साल बाद मौजूदा मान्यता मिली है। 77वें कान्स फिल्म महोत्सव में विभिन्न श्रेणियों में भारत से कई प्रविष्टियाँ देखी गईं। एफटीआईआई के कई पूर्व छात्र जैसे पायल कपाड़िया, मैसम अली, संतोष सिवन, चिदानंद एस नाइक और उनकी टीम को इस साल के कान्स में पहचान मिली।
"सनफ्लॉवर वर द फर्स्ट वन्स टू नो" एक बुजुर्ग महिला की कहानी है जो गांव का मुर्गा चुरा लेती है, जिससे समुदाय में अशांति फैल जाती है। मुर्गे को वापस लाने के लिए, एक भविष्यवाणी की जाती है, जिसमें बूढ़ी महिला के परिवार को निर्वासन में भेज दिया जाता है।
यह एफटीआईआई फिल्म टीवी विंग के एक साल के कार्यक्रम का निर्माण है जहां विभिन्न विषयों यानी निर्देशन, इलेक्ट्रॉनिक सिनेमैटोग्राफी, संपादन, ध्वनि के चार छात्रों ने साल के अंत में समन्वित अभ्यास के रूप में एक परियोजना के लिए एक साथ काम किया। फिल्म का निर्देशन चिदानंद एस नाइक ने, फिल्मांकन सूरज ठाकुर ने, संपादन मनोज वी ने किया है और ध्वनि अभिषेक कदम ने दी है। इन छात्रों ने अपने अंतिम वर्ष के सम्मिलित अभ्यास के हिस्से के रूप में फिल्म पर काम किया और 2023 में एफटीआईआई से पास हुए।
कल छठे चरण के मतदान के लिए पूरी तैयारी की गई है
58 लोकसभा सीटें, 11.13 करोड़ मतदाता, 1.14 लाख से अधिक मतदान केंद्र, 8 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
ओडिशा में 42 विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी साथ-साथ मतदान
मौसम विभाग ने चक्रवात का कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने का अनुमान लगाया
नई दिल्ली | भारत चुनाव आयोग कल होने वाले लोकसभा चुनाव के छठे चरण के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। आठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 58 संसदीय क्षेत्रों में मतदान होना है। इस चरण में हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में मतदान होगा। बिहार, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल और ऐसे अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश हैं, जहां इस चरण में मतदान जारी रहेगा। ओडिशा राज्य विधानसभा के 42 विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी साथ-साथ मतदान होगा।
संबंधित सीईओ और राज्य की मशीनरी को निर्देश दिया गया है कि वे जहां भी पूर्वानुमानित हो, गर्मी के मौसम या बारिश के प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय करें। मतदान केंद्र मतदाताओं के स्वागत के लिए पर्याप्त छाया, पीने का पानी, रैंप, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन के साथ तैयार हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदान आरामदायक और सुरक्षित वातावरण में हो। मतदान पार्टियों को मशीनों और चुनाव सामग्री के साथ उनके संबंधित मतदान केंद्रों पर भेज दिया गया है।
आयोग ने मतदाताओं से मतदान केंद्रों पर अधिक से अधिक संख्या में आने और जिम्मेदारी तथा गर्व के साथ मतदान करने का आह्वान किया है। दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद जैसे शहरी केंद्रों में रहने वाले मतदाताओं को विशेष रूप से मतदान करने के उनके अधिकार और कर्तव्य के बारे में स्मरण कराया गया है और उनसे शहरी उदासीनता की प्रवृत्ति को छोड़़ने के लिए भी कहा गया है।
मतदान के अंतिम चरण यानी 7वें चरण में शेष 57 संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान 1 जून को होगा और वोटों की गिनती 4 जून को होगी। आम चुनाव के पहले पांच चरणों में 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 428 संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदान सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है।
आम चुनाव 2024 के छठे चरण के लिए मतदान 25 मई, 2024 को 8 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 58 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों (सामान्य- 49; एसटी- 02; एससी- 07) के लिए होगा। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा और मतदान समाप्ति का समय संसदीय क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
ओडिशा विधानसभा के 42 विधानसभा क्षेत्रों (सामान्य-31; एसटी-05; एससी-06) के लिए भी साथ-साथ मतदान होगा।
लगभग 11.4 लाख मतदान अधिकारी 1.14 लाख मतदान केंद्रों पर 11.13 करोड़ से अधिक मतदाताओं का स्वागत करेंगे।
कुल 11.13 करोड़ से अधिक मतदाताओं में 5.84 करोड़ पुरुष, 5.29 करोड़ महिलाएं और 5120 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
छठे चरण के लिए 8.93 लाख से अधिक पंजीकृत 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता, 100 वर्ष से अधिक आयु के 23,659 मतदाता और 9.58 लाख दिव्यांग मतदाता हैं, जिन्हें अपने घर से ही मतदान करने का विकल्प दिया गया है। वैकल्पिक होम वोटिंग सुविधा को पहले से ही जबरदस्त प्रशंसा और प्रतिक्रिया मिल रही है।
सुरक्षाकर्मियों को आने-जाने के लिए 20 विशेष रेलगाड़ियां तैनात की गईं।
184 पर्यवेक्षक (66 सामान्य पर्यवेक्षक, 35 पुलिस पर्यवेक्षक, 83 व्यय पर्यवेक्षक) मतदान से कुछ दिन पहले ही अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं। वे आयोग की आंख और कान के रूप में कार्य कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक सतर्कता बरती जा सके। इसके अतिरिक्त, कुछ राज्यों में विशेष पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है।
मतदाताओं को दिए जाने वाले किसी भी प्रकार के प्रलोभन से सख्ती और तेजी से निपटने के लिए कुल 2222 उड़न दस्ते, 2295 स्थैतिक निगरानी दल, 819 वीडियो निगरानी दल और 569 वीडियो अवलोकन दल चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं।
कुल 257 अंतर्राष्ट्रीय सीमा चौकियां और 927 अंतर-राज्यीय सीमा चौकियां शराब, ड्रग्स, नकद राशि और मुफ्त उपहारों के किसी भी अवैध प्रवाह पर कड़ी निगरानी रख रही हैं। इसके साथ-साथ समुद्री और हवाई मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी गई है।
पानी, शेड, शौचालय, रैम्प, स्वयंसेवक, व्हीलचेयर और बिजली जैसी सुनिश्चित और न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बुजुर्गों और विकलांग व्यक्तियों सहित प्रत्येक मतदाता बड़ी आसानी से अपना वोट डाल सके।
सभी पंजीकृत मतदाताओं को मतदाता सूचना पर्चियां वितरित की गई हैं। ये पर्चियां सुविधा के उपाय के रूप में काम करती हैं और आयोग की ओर से मतदान करने के लिए आमंत्रण के रूप में भी काम करती हैं।
मतदाता अपने मतदान केंद्र का विवरण और मतदान तिथि इस लिंक https://electoralsearch.eci.gov.in/ के माध्यम से देख सकते हैं।
आयोग ने मतदान केंद्रों पर पहचान सत्यापन के लिए मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) के अलावा 12 वैकल्पिक दस्तावेज के विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं। यदि कोई मतदाता मतदाता सूची में पंजीकृत है, तो इनमें से कोई भी दस्तावेज दिखाकर अपना मतदान कर सकता है।
केंद्रीय पूल में 262.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जिससे 22.31 लाख किसानों को 59,715 करोड़ रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हुआ
गेहूं की खरीदारी में पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक योगदान रहा है
गेहूं की खरीद पूरे जोर पर, इसने पिछले साल की कुल खरीद का आंकड़ा पार कर लिया है
98.26 लाख किसानों से 489.15 लाख मीट्रिक टन चावल के बराबर 728.42 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदारी की गई, जिससे कुल 1,60,472 करोड़ रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान किया गया
नई दिल्ली | रबी विपणन सीजन 2024-25 के दौरान देश के प्रमुख खरीदारी करने वाले राज्यों में गेहूं की खरीदारी सुचारू रूप से चल रही है। इस वर्ष अब तक केंद्रीय पूल में 262.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले वर्ष की कुल 262.02 लाख मीट्रिक टन खरीदारी से अधिक है।
रबी सीजन 2024-25 के दौरान कुल 22.31 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं और उन्हें कुल 59,715 करोड़ रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिला है। गेहूं की खरीदारी में मुख्य योगदान पांच खरीद करने वाले राज्यों अर्थात पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश का रहा है, जहां क्रमशः 124.26 लाख मीट्रिक टन, 71.49 लाख मीट्रिक टन, 47.78 लाख मीट्रिक टन, 9.66 लाख मीट्रिक टन और 9.07 लाख मीट्रिक टन की खरीद की गई।

चावल की खरीदारी भी सुचारू रूप से चल रही है। खरीफ विपणन सीजन 2023-24 के दौरान अब तक 98.26 लाख किसानों से सीधे ही 489.15 लाख मीट्रिक टन चावल के बराबर 728.42 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदारी की गई है और लगभग 1,60,472 करोड़ का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया गया है।
खरीदारी की उपरोक्त मात्रा के साथ, वर्तमान में केंद्रीय पूल में गेहूं और चावल का संयुक्त स्टॉक 600 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गया है, जो देश की पीएमजीकेएवाई तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत खाद्यान्न की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने और बाजार उपायों के लिए भी एक सुखद स्थिति दर्शाता है।