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MPPSC में मिली सगे भाई-बहन को एक साथ कामयाबी, अब दोनों बने डिप्टी कलेक्टर
भोपाल। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा में सगे भाई- बहन की जोड़ी ने उज्जैन का नाम रोशन कर दिखाया है। दोनों डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए हैं। भाई की 21वीं और बहन की 14वी रैंक आई है। उज्जैन शहर में बहन राजनंदनी सिंह ठाकुर पहले से नायब तहसीलदार हैं। वहीं एमपी पीएससी में अंकिता पाटकर स्टेट टॉपर बनीं है।
दोनों भाई-बहन की बात करें तो उन्होंने उज्जैन के क्रिस्टू ज्योति स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की है, फिर भोपाल से इंजीनियरिंग की। राजनंदनी का साल 2020 में नायब तहसीलदार के पद पर चयन हो गया था और वर्तमान में वह सीहोर में पदस्थ हैं। इस दौरान अर्जुन की भी टीसीएस में नौकरी लग गई, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं करते हुए लगातार मेहनत की और आज डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए है। राजनंदनी ने नायब तहसीलदार की नौकरी करते हुए आगे की पढ़ाई जारी रखी। राजनंदनी बास्केट बाल की स्टेट प्लेयर भी रही है।
अर्जुन सिंह ठाकुर और राजनंदनी सिंह ठाकुर के पिता प्रो. डॉ. वायएस ठाकुर इंदौर के इंजीनियरिंग कॉलेज में पदस्थ हैं। दोनों बच्चों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर के लिए हुआ है। बच्चों की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है। अर्जुन ने बताया कि अपने लक्ष्य को हासिल करने कड़ी मेहनत की। मोबाइल, सोशल मीडिया से भी लगभग दूरी बनाए रखा। आवश्यक खबरें और जानकारी के लिए ही मोबाइल का उपयोग करते। प्रतिदिन लगातार 8 से 10 घंटे पढ़ाई पर ध्यान दिया।
एमपीपीएससी 2021 पीएससी परीक्षा के नतीजे जारी हो गए हैं। अंतिका पाटकर 942 के अंकों के साथ इस परीक्षा की MPPSC PSC Topper बनीं हैं। उनके बाद अमित कुमार सोनी और पूजा चौहान दूसरे और तीसरे टॉपर बने हैं। वहीं टॉप 10 नंबर्स में लड़कियों में बाजी मारी हैं। टॉपर लिस्ट में 10 से 7 लड़कियां हैं। ओबीसी आरक्षण मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण इस बार भी 87% अभ्यर्थियों का ही परिणाम आया है।
NDA सत्ता प्राप्त करने के लिए कुछ दलों का जमावड़ा नहीं है… ये Nation-First के प्रति committed एक समूह है! : नरेंद्र मोदी
डेस्क। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे लिए खुशी का मौका है कि इतने लोगों का स्वागत करने का मौका मिला है। रात-दिन जिन लाखों कार्यकर्ताओं ने परिश्रम किया है, उसके लिए मैं उन्हें सिर झुकाकर प्रणाम करता हूं।
उन्होंने कहा कि 2019 में जब मैं यहां बोल रहा था और आपने मुझे चुना था तो मैं एक शब्द विश्वास पर बल दिया था। अब फिर से जब आपने मुझे जिम्मेदारी है तो इसका अर्थ है कि हमारे बीच विश्वास कायम है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी होता है। यह पल मेरे लिए भावुक करने वाले भी हैं। आप सबका मैं जितना धन्यवाद करूं, उतना कम है।
NDA सत्ता प्राप्त करने का या सरकार चलाने का कुछ दलों का जमावड़ा नहीं है... ये Nation-First के प्रति committed एक समूह है!
— BJP (@BJP4India) June 7, 2024
Today, the NDA shines as an organic alliance in the political system of Bharat.
- Shri @narendramodi pic.twitter.com/VXIE6JUynb
नरेंद्र मोदी ने कहा कि बहुत कम लोग इस बात की चर्चा करते हैं, लेकिन एनडीए को देश के 22 राज्यों में लोगों ने सरकार बनाने का मौका दिया है। हमारा यह गठबंधन सच्चे अर्थ में भारत की असली भावना का प्रतिनिधित्व करता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के 10 आदिवासी बहुल राज्यों में से 7 में हमारी सरकार है। उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व गठबंधन हिन्दुस्तान के राजनीतिक इतिहास में इतना सफल कभी नहीं हुआ है, जितना एनडीए हुआ है।
मोदी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए बहुमत जरूरी होता है, लेकिन देश के लिए सर्वमत जरूरी है। मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं कि हम सर्वमत का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए को करीब तीन दशक हो चुके हैं। यह कोई सामान्य घटना नहीं है।
मोदी... मोदी…’ के नारों से गूंज उठी एनडीए की संसदीय दल की बैठक!
डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NDA संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के लिए पुराने संसद के सेंट्रल हॉल में पहुंच चुके हैं। इसमें NDA के सभी 293 सांसद के साथ राज्यसभा सांसद और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी CM मौजूद हैं।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस अवसर पर स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा। अमित शाह ने इसका समर्थन किया और नितिन गडकरी ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया। जेडीएस अध्यक्ष कुमारस्वामी ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
संसद के सेंट्रल हॉल में एडीए की बैठक खत्म होने के बाद गठबंधन के नेता आज ही सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। मोदी 9 जून को शाम 6 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ ले सकते हैं। खबर है कि मोदी के साथ पूरा मंत्रिमंडल शपथ ले सकता है।
‘मोदी... मोदी…’ के नारों से गूंज उठी एनडीए की संसदीय दल की बैठक! pic.twitter.com/VVcVnwjanA
— BJP (@BJP4India) June 7, 2024
एनडीए की पहली बैठक 5 जून को पीएम आवास में शाम 4 बजे हुई थी। एक घंटे चली बैठक में 16 पार्टियों के 21 नेता शामिल हुए थे। सभी ने मोदी को NDA का नेता चुना था। लेकिन आज होने वाली संसदीय दल की बैठक में मोदी को आधिकारिक तौर पर NDA का नेता चुना जाएगा। उन्होंने बुधवार को ही राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा था। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर 17वीं लोकसभा भंग कर दी थी। हालांकि, नई सरकार के गठन तक मोदी कार्यवाहक प्रधानमंत्री हैं।
महुआ महोत्सव जनजातीय संस्कृति, कला और व्यंजनों से परिचित कराने का प्रयास- मंत्री शाह
भोपाल। जनजातीय जीवन, देशज ज्ञान परम्परा और सौन्दर्यबोध एकाग्र मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय की स्थापना के ग्यारहवें वर्षगाँठ समारोह का ’महुआ महोत्सव’ के रूप में शुभारंभ हुआ। मंत्री शाह ने कहा कि 'महुआ महोत्सव' जनजातीय संस्कृति, कला और व्यंजनों से परिचित कराने का प्रयास है। जनजातियों के सामाजिक जीवन-शैली और अनुभव को वास्तविक बनाने के लिए बड़े बड़े आर्किटेक्ट के बजाय जनजातीय कलाकारों ने संग्रहालय स्वयं अपने हाथों से बनाया गया है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने दीप प्रज्जवलित कर 5 दिवसीय महोत्सव का मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में शुभारंभ किया। मंत्री शाह ने प्रदेश और देश के संस्कृति प्रेमियों और पर्यटकों को जनजातीय संग्रहालय आने के लिए आमन्त्रित किया।
मंत्री शाह ने संग्रहालय में नव-निर्मित जनजातीय आवास एवं लौह शिल्प का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर संचालक, संस्कृति संचालनालय एन पी नामदेव एवं निदेशक, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी डॉ. धर्मेंद्र पारे, जनजातीय संग्रहालय संग्रहाध्यक्ष अशोक मिश्र एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके पहले महोत्सव में दोपहर 2 बजे से शिल्प एवं व्यंजन मेला, बच्चों के लिए कठपुतली प्रदर्शन एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियाँ संयोजित की गई।
जनजातीय समुदाय की जीवन शैली को समझने और उसे करीब से देखने के लिए प्रदेश की प्रमुख जनजातियों गोण्ड, भील, बैगा, कोरकू, भारिया, सहरिया और कोल के सात आवास बनाए गए हैं। इन घरों में जनजातियों के परिवार रहेंगे। इन आवासों के माध्यम से दर्शक और पर्यटक को जनजातीय समुदायों के व्यंजन और उनकी कला को देखने का अवसर भी मिलेगा। इन आवास में अनाज रखने की कोठी, खाट, रोज उपयोग में आने वाली सामग्री और रसोई विशेष रूप से रखी गई है।
मध्यप्रदेश की लगभग सभी जनजातियों में यह मान्यता है कि कभी इस सृष्टि में जल प्रलय हुआ था। जल से धरती को निकालने के लिए महादेव ने कौए से कहा कि मिट्टी खोज कर ले आओ। कौआ उड़ता हुआ धरती की खोज में भटकता रहा। उसे केंचुए की याद आई कि उसके पास तो मिट्टी अवश्य होगी। कौए ने केकड़े से मिट्टी लाने को कहा। केकड़े ने केंचुए से मिट्टी लेकर कौए को दी। कौए ने वह मिट्टी महादेव को सौंपी। महादेव ने उस मिट्टी का गोला बनाकर जल के ऊपर रख दिया, वह मिट्टी ही यह धरती है, फिर धरती पर जीवन आया। सबसे पहले मछली के रूप में, फिर पेड़ और पौधे। इन्हीं पेड़ और पौधों से सारा संगीत और नृत्य उपजा। इसी प्रकृति की गाथा को केन्द्र में रखकर लौह शिल्प का प्रदर्शन किया गया है।
ट्राई के नाम पर धोखाधड़ी, संज्ञान में यह बात लाई गई
नई दिल्ली | भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि नागरिकों को धोखाधड़ी वाले व्हाट्सएप संदेश, एसएमएस और वॉयस कॉल भेजे जा रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वे ट्राई से हैं। अपराधी जाली नोटिस का उपयोग कर रहे हैं, जो ट्राई के वरिष्ठ अधिकारियों की और से भेजे गए आधिकारिक संचार जैसा दिखता है।
ये नोटिस प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर से जुड़ी अवैध गतिविधि का झूठा आरोप लगाते हैं और उन्हें कानून प्रवर्तन से संपर्क करने का दबाव डालते हैं या फिर सेवा बंद करने की धमकी देते हैं। नागरिकों को यह भी धमकी दी जाती है कि अगर वे नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो मोबाइल नंबर काट दिए जाएंगे। कई बार, ये अपराधी लोगों को मैलवेयर इंस्टॉल करने या फ़िशिंग लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं ताकि उनके साथ वो धोखाधड़ी कर सकें।
इस पर ट्राई ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि ट्राई मोबाइल नंबर डिस्कनेक्ट करने के बारे में संदेशों या आधिकारिक नोटिस के माध्यम से कोई बात शुरू नहीं करता है। ट्राई ने किसी भी तीसरे पक्ष की एजेंसी को ऐसे उद्देश्यों के लिए ग्राहकों से संपर्क करने के लिए अधिकृत नहीं किया है। इसलिए, ट्राई से होने का दावा करने वाले और मोबाइल नंबर डिस्कनेक्ट करने की धमकी देने वाले किसी भी प्रकार के संचार (कॉल, संदेश या नोटिस) को संभावित धोखाधड़ी का प्रयास माना जाना चाहिए।
साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए, नागरिकों को दूरसंचार विभाग के संचार साथी प्लेटफॉर्म पर चक्षु सुविधा के माध्यम से संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म को https://sancharsaathi.gov.in/sfc/ पर एक्सेस किया जा सकता है। साइबर अपराध के पुष्ट मामलों के लिए, पीड़ितों को निर्दिष्ट साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर या आधिकारिक वेबसाइट https://cybercrime.gov.in/ के माध्यम से घटना की रिपोर्ट करनी चाहिए।
जल-गंगा संवर्धन अभियान में 5 करोड़ 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में आरंभ जल गंगा संवर्धन अभियान में जल-स्रोतों के संरक्षण और साफ-सफाई के साथ-साथ इन स्थानों पर पौधरोपण को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश में अभियान अवधि में 5 करोड़ 50 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य है, संपूर्ण प्रदेश में जन भागीदारी से पौधे लगाए जाएंगे। जल-गंगा संवर्धन अभियान, गंगा दशमी के बाद भी जारी रहेगा, सभी स्थानीय निकाय अपने-अपने स्तर पर अभियान संबंधी गतिविधियां संचालित करेंगे।
हरियाली अमावस्या के बाद सघन रूप से पौधरोपण की गतिविधियां संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में छोटे तालाब की साफ-सफाई के लिए नगर निगम भोपाल द्वारा जन-भागीदारी से चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। भोपाल के साथ-साथ इंदौर और उज्जैन में भी वॉटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, अगले ओलंपिक में पदक लाना हमारा लक्ष्य होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए चलाये जा रहे जल-गंगा संवर्धन अभियान के दूसरे दिन भोपाल के छोटे तालाब की स्वच्छता के लिए श्रमदान करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदी, पर्वत और पृथ्वी में जीवन माना गया है। मध्यप्रदेश देश की नदियों का केन्द्र बिन्दु है। यहाँ से सभी दिशाओं में बहने वाली नदियों की उत्पत्ति होती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो अभियान की संकल्पना को मूर्तरूप देते हुए केन-बेतवा लिंक परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर राज्य सरकार को 45 हजार करोड़ तथा उत्तरप्रदेश सरकार को 45 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराये हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल सबको अपने में समाहित करने वाली संस्कृति का शहर है। गत साठ-सत्तर वर्ष में देश के विभिन्न भागों से यहां आये लोगों ने भोपाल को राजधानी का स्वरूप दिया और विभिन्न भागों से आईं धाराएं यहाँ समाहित हुईं।
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने भीषण गर्मी और जंगल की आग से निपटने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
नई दिल्ली | राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने देश भर में भीषण गर्मी और जंगल की आग की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें इनसे निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी शामिल थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि अप्रैल से जून 2024 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी वाले 10-22 दिन देखे गए। यह भी जानकारी दी गयी कि जून महीने के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों और उत्तर मध्य भारत के आस-पास के क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान वाले दिन रहने की संभावना है। इस वर्ष, देश के अधिकांश भागों में मानसून सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। आईएमडी द्वारा भीषण गर्मी के बारे में नियमित अलर्ट भेजे जा रहे हैं।
एनडीएमए ने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और राज्य सरकारों द्वारा अक्टूबर 2023 से ही तैयारी बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। राज्यों को नियंत्रण कक्ष सक्रिय करने, भीषण गर्मी के लिए एसओपी लागू करने, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी और निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ-साथ आवश्यक दवाओं और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए परामर्श जारी किये गए हैं। राज्यों को स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों की नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा जांच करने तथा आग की घटनाओं को लेकर जवाबी कार्रवाई के समय में कमी लाने की भी सलाह दी गई है। राज्य सरकारों ने बताया कि संबंधित विभागों और जिला कलेक्टरों के साथ स्थिति की बारीकी से समीक्षा और निगरानी की जा रही है।
कैबिनेट सचिव ने मुख्य सचिवों से अनुरोध किया कि वे लू से निपटने की तैयारियां बढ़ाने के लिए अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक उपायों की नियमित समीक्षा और निगरानी करें। उन्होंने जोर दिया कि जलापूर्ति के स्रोत बनाए रखने और बढ़ाने के प्रयासों में तेजी लाई जानी चाहिए और सभी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा का नियमित ऑडिट सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
वनों में लगने वाली आग के प्रबंधन के बारे में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक प्रस्तुति दी, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों में जंगल की आग से निपटने के लिए कार्य योजना और तैयारियों की रूपरेखा तैयार की गई। यह भी जानकारी दी गई कि जंगल की आग के बारे में मोबाइल एसएमएस और ईमेल के जरिए नियमित सतर्कता बरतने की चेतावनी दी जा रही है। जंगल की आग के खतरे में बारे में राज्यों और अन्य एजेंसियों की सहायता के लिए वन अग्नि नाम से चेतावनी देने वाली पोर्टल प्रणाली भी भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) द्वारा विकसित की गई है, जो आग लगने से पहले और जंगल की आग के लगभग वास्तविक समय की चेतावनी देती है।
कैबिनेट सचिव ने दोहराया कि 02 जून, 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया था कि जंगल की आग के मुद्दे पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। वनों की आग से निपटने के लिए तैयारी उपायों और वार्षिक अभ्यासों की एक नियमित व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, जैसा कि बाढ़ आदि के मामले में किया जाता है। रोकथाम और त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया पर ध्यान देने के साथ एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
कैबिनेट सचिव ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लू चलने और जंगल की आग से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहने की जरूरत है, ताकि जानमाल की हानि न हो और इनसे होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके। उन्होंने एनडीएमए और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा बताए गए प्रारंभिक उपायों के महत्व पर बल दिया।
कैबिनेट सचिव ने राज्यों को आश्वासन दिया कि केंद्रीय मंत्रालय/विभाग सम्पूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने और समय पर शमन और प्रतिक्रिया से जुड़े उपायों को लागू करने के लिए उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, एनडीएमए के सदस्य और विभागाध्यक्ष, सीआईएससी मुख्यालय (आईडीएस), बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्य सचिव तथा आंध्र प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
क्रू स्पेसक्राफ्ट को उड़ाने और उसका परीक्षण करने वाली पहली महिला बनी, भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स
नासा ने कहा कि अंतरिक्ष यान मिशन पर एक सप्ताह बिताने के बाद 14 तारीख को पृथ्वी पर वापस आ जाएगा।
डेस्क | भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके क्रूमेट बुच विल्मोर के साथ बोइंग स्टारलाइनर गुरुवार को सुरक्षित रूप से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंच गया। 59 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने पहले ही मिशन पर नए क्रू स्पेसक्राफ्ट को उड़ाने और उसका परीक्षण करने वाली पहली महिला बन गई हैं। सुनीता ने तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी है।
सुनीता विलियम्स नासा के साथी अंतरिक्ष यात्री और अमेरिकी नौसेना के पूर्व कप्तान बुच विलमोर के साथ बुधवार रात 8:22 बजे अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे। दोनों 25 घंटे के मिशन के बाद गुरुवार को सुरक्षित रूप से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंच गया। जब वह अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंची तो कुछ खास ही अंदाज में नजर आईं। वह अंतरिक्ष पहुंचते ही खुशी से झूमती दिखीं। उन्होंने इस दौरान नृत्य भी किया और आईएसएस पर सवार सात अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को गले लगाकर अपनी ख़ुशी का इजहार किया | विलियम्स और विल्मोर का स्वागत घंटी बजाकर किया गया, जो एक पुरानी आईएसएस परंपरा है। वहीं, अपने नृत्य पर सुनीता ने कहा कि चीजों को आगे बढ़ाने का यही सबसे अच्छा तरीका है।
यह उड़ान अपने आप में ही एक मिसाल थी। सुनीता ने बोइंग के CST 100 स्टारलाइनर स्पेस क्राफ्ट Calypso में उड़ान भरी जिसकी पायलेट वह स्वयं ही थी | स्टारलाइनर Calypso को वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक ले गईं हैं। जिसमें उनके साथ नासा के एक और अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर भी थे। बुच विल्मोर मिशन के कमांडर के रूप में उनके साथ हैं।
उड़ान इसलिए इतिहासकारी है क्योंकि सुनीता विलियम्स इस उड़ान के बाद इस तरह के मिशन पर जाने वाली पहली महिला बन गई हैं। यह मिशन एक क्रू फ्लाइट टेस्ट है जिसे फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से रवाना किया गया था। इससे पहले Space X का क्रू ड्रैगन कैप्सूल ही एक मात्र ऐसा स्पेस क्राफ्ट रहा है जो नासा के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन (ISS) में भेजने के लिए उड़ान भरता आया है। लेकिन स्टारलाइनर भी अब इसकी प्रतिस्पर्धा में उतार दिया गया है। इसको उड़ाने वाली सुनीता विलियम्स पहली महिला क्रू मेंबर बन गई हैं।
नासा ने कहा कि अंतरिक्ष यान मिशन पर एक सप्ताह बिताने के बाद 14 जून को पृथ्वी पर वापस आ जाएगा। सुनीता विलियम्स इससे पहले 2006 और 2012 में दो बार अंतरिक्ष की यात्रा कर चुकी हैं। कुल 322 दिनों के बाद यह उनका तीसरा अंतरिक्ष दौरा है।
नरेंद्र मोदी 9 जून को लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ... जानिए कौन-कौन होंगे समारोह में शामिल
डेस्क। नरेंद्र मोदी की तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेगे। पूरे देश में उत्साह और अपेक्षाएं बढ़ी हैं कि उनके नेतृत्व में देश की विकास और प्रगति में नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के कार्यालय के मीडिया प्रभाग ने कहा कि मोदी ने उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया। विक्रमसिंघे ने फोन कॉल में मोदी को चुनावी जीत पर बधाई दी।
मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से भी फोन पर बातचीत की. राजनयिक सूत्रों ने बताया कि फोन पर बातचीत में मोदी ने हसीना को अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ को मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया जाना तय है। मोदी ने प्रचंड के साथ अलग से फोन पर बातचीत की. उपरोक्त लोगों में से एक ने बताया कि औपचारिक निमंत्रण गुरुवार को भेजे जाएंगे।
क्षेत्रीय समूह सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) देशों के नेताओं ने पीएम मोदी के पहले शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था, जब उन्होंने भाजपा की भारी चुनावी जीत के बाद प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। बिम्सटेक देशों के नेताओं ने 2019 में पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था, जब वह लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बने थे।
2024 के लोकसभा चुनावों में उनकी चुनावी जीत के लिए 75 से अधिक विश्व नेताओं ने नरेंद्र मोदी को बधाई संदेश भेजे हैं। एशिया, यूरोप, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और कैरिबियन सहित विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने आम चुनावों में उनकी जीत के लिए पीएम मोदी को अपनी शुभकामनाएं दी हैं. डेनमार्क और नॉर्वे समेत नॉर्डिक देशों के नेताओं ने पीएम मोदी को चुनावी जीत के लिए बधाई दी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं शिवराज सिंह चौहान... जानें क्यों तेज हुई चर्चा
रायपुर। लोकसभा चुनाव में NDA ने 293 सीटों के साथ तीसरी बार बहुमत हासिल किया है। ऐसे में एनडीए की सरकार बनने का रास्ता भी साफ हो चुका है। इस बीच मध्यप्रदेश से खबर आ रही है कि शिवराज सिंह चौहान को भाजपा बड़ी जिम्मेदार सौंपने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
शिवराज को बड़ी जिम्मेदारी मिलने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। इसकी दो प्रमुख वजहें हैं, जिसमें से पहला यह कि भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। दूसरी वजह यह है कि बीजेपी अब नए नेतृत्व की तलाश कर रही है, ताकि उसके विजन पर आगे बढ़ा जा सके।
शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा चुनाव में विदिशा से 8 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। वह छठी बार सांसद चुने गए हैं। इससे पहले वह पांच बार पहले भी सांसद रह चुके हैं। बीजेपी ने मध्य प्रदेश में क्लीन स्वीप करते हुए सभी 29 सीटों पर जीत हासिल की है। 1984 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब मध्य प्रदेश में किसी एक पार्टी ने लोकसभा की सभी सीटों पर जीत का परचम लहराया है।
जेपी नड्डा को 2020 में बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया। भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। ऐसे में उनका कार्यकाल पहले ही खत्म हो गया था। इस बीच लोकसभा चुनाव-2024 को ध्यान में रखते हुए जेपी नड्डा के कार्यकाल को बढ़ाकर जून 2024 तक कर दिया गया। जून के अंत तक बीजेपी को नया अध्यक्ष चुनना है। वहीं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP को जीत दिलाने के बाद भी शिवराज सिंह को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया था। उनकी जगह मोहन यादव को सीएम की कुर्सी मिली। इसके बाद से चर्चा हो रही थी कि शिवराज को कोई बड़ा पद मिलने वाला है। अब शिवराज को नई सरकार में कोई बड़ा मंत्रालय मिल सकता है या फिर वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं।
अमृतसर में पाक-सीमा से सटे गांव में तस्कर के घर से दो करोड़ कैश बरामद, पंजाब पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई
डेस्क। लोकसभा चुनाव परिणामों के एक दिन बाद सीमा सुरक्षा बल ने पंजाब पुलिस के साथ मिल कर एक बड़े अभियान के तहत एक करोड़ 97 लाख रुपये से अधिक कैश बरामद किया है। साथ ही दो तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया है। यह कार्रवाई पाकिस्तानी सीमा से सटे अमृतसर जिले के गांव कक्कड़ में तस्कर के घर अंजाम दी गई। पकड़े गए तस्करों की पहचान बलविंदर सिंह पुत्र बहादुर सिंह निवासी गांव कक्कड़ थाना लोपोके और गुरप्रीत सिंह निवासी गांव कक्कड़ के रूप में हुई है। आरोपियों से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है।
बीएसएफ को इस बारे में पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन कर गांव में रेड की। तस्करों के घर से करीब दो करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। टीमों ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी अमृतसर (ग्रामीण) सतिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी पाकिस्तान के हेरोइन तस्करों के साथ लंबे समय से संपर्क में थे। ये पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाते थे और पंजाब व अन्य राज्यों में दूसरे तस्करों में सप्लाई करते थे। आरोपी नशा से इकट्ठा किया धन हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी तस्करों तक पहुंचाते थे। इस आरोपियों ने काफी प्रॉपर्टी नशे के पैसे से बनवाई है। जिस की जांच की जा रही है। ऐसी प्रॉपर्टी को भी जब्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बलविंदर सिंह के दो बेटे भी नशा तस्करी में पहले ही सेंट्रल जेल अमृतसर में बंद हैं। इनमें हरभेज सिंह पर एनडीपीएस एक्ट के चार केस दर्त हैं। इसी तरह दूसरे बेटे गुरभेज सिंह के खिलाफ मोहाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
उधर, तरनतारन पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त कार्रवाई में सीमा पार नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ एक और महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए सर्च सर्च ऑपरेशन के दौरान गांव मुस्तागढ़ के खेतों से 537 ग्राम हेरोइन व ड्रोन बरामद किया। इस बारे में थाना खेमकरण में एफ. आई.आर. दर्ज कर अगली कार्यवाही शुरू कर दी गई है। कुछ समय पहले बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव रोड़ा वाला खुर्द और रतन खुर्द में सुबह के समय 2 ड्रोन जब्त किए थे, जिनके साथ एक-एक पैकेट हेरोइन भी बरामद की गई। जब्त की गई हेरोइन की कीमत लगभग 6 करोड़ रुपए के करीब थी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों के लिए समर्पित टेली मानस सेल स्थापित किये
विशेष टेली मानस सेल देश के सभी सशस्त्र बलों के लाभार्थियों के लिए एक समर्पित मानसिक स्वास्थ्य सहायता हेल्पलाइन के रूप में काम करेगी
अक्टूबर 2022 में लॉन्च होने के बाद से टेली-मानस हेल्पलाइन को प्रतिदिन औसतन 3,500 कॉल की दर से 10 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुए हैं
सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 51 टेली मानस सेल कार्यरत हैं
नई दिल्ली | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसका उद्देश्य पुणे के सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय में दो साल की अवधि के लिए पायलट परियोजना के रूप में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की राष्ट्रीय टेलीमेंटल स्वास्थ्य हेल्पलाइन, टेली मानस की विशेष सेल के संचालन में दोनों मंत्रालयों के बीच सहयोग को सहज बनाना है। इस समझौता ज्ञापन पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव एवं प्रबंध निदेशक आराधना पटनायक और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह ने हस्ताक्षर किए।
विशेष टेली-मानस सेल का उद्घाटन 1 दिसंबर, 2023 को पुणे के सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया था।
भारतीय सेना के सामने आने वाले विशिष्ट तनावों की पहचान करते हुए, सशस्त्र बलों में टेली-मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता महसूस की गई है। इसलिए परिचालन माहौल, सांस्कृतिक चुनौतियों और क्षेत्रीय संघर्षों से संबंधित विशिष्ट तनाव सशस्त्र बलों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक विशेष दृष्टिकोण की आवश्यकता है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से, सशस्त्र बलों के कर्मियों और उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित किया जाएगा। इससे सशस्त्र बलों के लाभार्थियों को विशेष देखभाल तक सीधी पहुँच उपलब्ध होगी और उनकी विशिष्ट मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं का तुरंत एवं प्रभावी ढंग से समाधान किया जाएगा।

इस अवसर पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह ने कहा कि सशस्त्र बल कर्मियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही है। अब समर्पित टेली मानस सेल से सशस्त्र बल कर्मियों और उनके परिवारों को चौबीसों घंटे महत्वपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध होगी, जिससे उनकी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान हो सकेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव एवं प्रबंध निदेशक आराधना पटनायक ने सशस्त्र बलों की विशिष्ट मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर ध्यान देने के महत्व पर जोर दिया।
टेली मानस जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) का डिजिटल विस्तार है, जो व्यापक, एकीकृत और समावेशी चौबीसों घंटे टेली-मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। यह पहल मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक आसान पहुंच के लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में टोल-फ्री नंबर, 14416 उपलब्ध कराती है।
वर्तमान में, सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 51 टेली मानस सेल कार्यरत हैं, जो 20 विभिन्न भाषाओं में सेवाएं प्रदान करती हैं। अक्टूबर 2022 में इसकी शुरुआत से लेकर अब तक टेली मानस को 10 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं और यह प्रतिदिन औसतन 3,500 से अधिक कॉल का निपटान कर रहा है। यह आंकड़ा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण मांग को दर्शाता है और यह विशेष रूप से सशस्त्र बलों के संदर्भों में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से व्यापक और समावेशी रूप से निपटने के महत्व को रेखांकित करता है।
इस कार्यक्रम में आर्थिक सलाहकार डॉ. के. के. त्रिपाठी, महानिदेशक अस्पताल सेवाएं (सशस्त्र बल) एयर मार्शल साधना सक्सेना नायर, वीएसएम, अपर महानेदशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं (चिकित्सा अनुसंधान, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण) मेजर जनरल धर्मेश, निदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं (स्वास्थ्य) कर्नल शुभदीप घोष, वीएसएम और दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
टाटा मेमोरियल सेंटर के न्यूरो सर्जरी विभाग ने उन्नत इंट्राऑपरेटिव इमेजिंग उपकरण प्राप्त किया, देश में अपनी तरह का पहला
टाटा मेमोरियल सेंटर के न्यूरो सर्जरी विभाग ने जटिल ब्रेन ट्यूमर सर्जरी के लिए अत्याधुनिक, देश में अपनी तरह का पहला, उन्नत इंट्राऑपरेटिव इमेजिंग उपकरण प्राप्त किया है
नई दिल्ली | टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी), मुंबई के तंत्रिका शल्य चिकित्सा (न्यूरो सर्जरी) विभाग ने हाल ही में आंतरिक जटिल ब्रेन ट्यूमर सर्जरी करने के लिए एक अत्याधुनिक इंट्राऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड (आईयूएस) मशीन खरीदी है। डॉ. अली असगर मोइयादी के नेतृत्व में टाटा मेमोरियल सेंटर की न्यूरो सर्जरी टीम ने भारत में आईयूएस के अनुप्रयोग की शुरुआत की है और यह दुनिया भर में अग्रणी टीमों में से एक है। आईयूएस लागत-प्रभावी है और उचित प्रशिक्षण के साथ, न्यूरोसर्जन के चिकित्सा उपकरणों में एक महत्वपूर्ण सहायक बन सकता है। बीकेएक्टिव मशीन, जिसे हाल ही में विभाग द्वारा प्राप्त किया गया था, देश में इस उन्नत इंट्राऑपरेटिव अल्ट्रासाउंड (आईयूएस) प्रणाली की पहली स्थापना है।
आंतरिक जटिल मस्तिष्क ट्यूमर को सुरक्षित और सटीक रूप से हटाने के लिए इंट्राऑपरेटिव इमेजिंग महत्वपूर्ण है। नेविगेशनल सहायता (जो एक सर्जिकल जीपीएस प्रणाली की तरह है) के साथ संयुक्त, आईयूएस मशीन तंत्रिका शल्य चिकित्सक (न्यूरोसर्जन) को ट्यूमर के अवशेषों को सटीक रूप से ट्रैक करने की अनुमति देती है। इसके अलावा, इसे जागृत अवस्था में शल्य चिकित्सा जैसी ब्रेन मैपिंग तकनीकों के साथ जोड़ा जाता है, तो वे मस्तिष्क के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के पास भी, ट्यूमर को मौलिक रूप से हटाने में सक्षम होते हैं।
इस प्रणाली का अनावरण विगत शनिवार, 1 जून 2024 को टाटा मेमोरियल अस्पताल, परेल, मुंबई में डॉ. शैलेश श्रीखंडे, उप निदेशक एवं टाटा मेमोरियल अस्पताल के निदेशक; टाटा मेमोरियल सेंटर के तंत्रिका शल्य चिकित्सा (न्यूरोसर्जरी) विभाग प्रमुख डॉ. अली असगर मोइयादी और चैतन्य सारावटे, प्रबंध निदेशक, विप्रो जीई हेल्थकेयर दक्षिण एशिया, सहित पूरे विभागीय और ऑपरेशन थिएटर कर्मियों की उपस्थिति में किया गया।
डॉ. मोइयादी का मानना है कि इस उन्नत उपकरण से उनकी टीम को मदद मिलेगी और इससे सेंटर में ऑपरेशन किए गए बड़ी संख्या में ऐसे ब्रेन ट्यूमर रोगियों को लाभ होगा, जिनमें से कई अन्यत्र रियायती दरों पर अत्याधुनिक देखभाल प्राप्त करने में असमर्थ हैं। अन्य इंट्राऑपरेटिव इमेजिंग सिस्टम (जैसे इंट्राऑपरेटिव एमआरआई) की तुलना में आईयूएस कम महंगा होने के कारण, हमारे जैसे संसाधन सीमित स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। विभाग ने न्यूरोसर्जनों को प्रशिक्षित करने और उन्हें आईओएस-निर्देशित सर्जरी को बेहतर ढंग से सम्पन्न करने के लिए आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के प्रयासों का नेतृत्व करते हुए भारत के साथ-साथ विश्व स्तर पर भी इसके लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं, अब आशा है कि और अधिक न्यूरोसर्जन इस उपयोगी तकनीक को अपना सकते हैं और पूरे भारत में रोगियों की बड़ी संख्या के बीच इसके लाभ का प्रसार कर सकते हैं। डॉ. ए मोइयादी ने यह भी बताया कि यह उपकरण यूबीएस द्वारा प्रदान किए गए उदार अनुदान की सहायता से खरीदा गया था। उन्होंने कहा कि टीएमसी यूबीएस द्वारा प्रदान की गई सहायता के लिए आभारी है I साथ ही उन्होंने ऐसे योगदानों के महत्व पर प्रकाश डाला, जो सभी भारतीयों के लिए उन्नत कैंसर देखभाल प्रदान करने के टीएमसी के प्रयासों को मजबूती प्रदान करते हैं।
लॉन्च इवेंट में अपने संबोधन में सारावटे ने कहा कि "हम ऐसी सक्रिय छायांकन प्रणाली (इमेजिंग सिस्टम) डिजाइन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो शल्य चिकित्सकों (सर्जन्स) को शरीर रचना विज्ञान (एनाटोमी) और घावों को देख सकने, हस्तक्षेप का मार्गदर्शन करने और मानव शरीर के अंदर नेविगेट करने में सहायता करते हैं- और इस बीकेएक्टिव अल्ट्रासाउंड सिस्टम का सहयोग भारत में स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होने के साथ ही तंत्रिका शल्य चिकित्सा (न्यूरोसर्जरी) में क्रांति लाने के लिए तैयार है।
खदानों को हरा-भरा बनाना: कोयला और लिग्नाइट पीएसयू भूमि को हरा-भरा और स्थिर बनाने में आगे
कोयला मंत्रालय ने अपने सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा हरित पहल पर रिपोर्ट जारी की
नई दिल्ली | कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में कोयला और लिग्नाइट सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) ने देश की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए न केवल पिछले कुछ वर्षों में कोयला उत्पादन के स्तर को बढ़ाया है, बल्कि विभिन्न निवारक यानी शमन उपायों को लागू करके पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया है। इसी क्रम में कोयला खनन वाले क्षेत्रों में और उसके आसपास के इलाकों में वृक्षारोपण के व्यापक प्रयासों के माध्यम से खनन-रहित क्षेत्रों को पुनः बहाल करना शामिल है।
चूंकि यह वर्ष मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीसीडी) की 30वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, इसलिए विश्व पर्यावरण दिवस, 2024 का फोकस भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने पर है, जिसका नारा है "हमारी भूमि, हमारा भविष्य। इस थीम में टिकाऊ भूमि प्रबंधन के महत्व और सभी के लिए टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए बंजर भूमि को हरा-भरा बनाने और पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। कोयला मंत्रालय ने "कोयला और लिग्नाइट पीएसयू में हरित पहल" शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कोयला और लिग्नाइट क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा खनन से नष्ट हो चुकी भूमि को बहाल करने और उसका कायाकल्प करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है। इन सार्वजनिक उपक्रमों ने व्यापक वनरोपण और पारिस्थितिकी बहाली परियोजनाएं शुरू की हैं, जिससे बंजर भूमि को हरे-भरे क्षेत्रों में बदला जा रहा है। इस तरह की पहल न केवल रेगिस्तानीकरण से लड़ती है और सूखे के प्रति लचीलापन बढ़ाती है, बल्कि कार्बन पृथक्करण और जैव विविधता संरक्षण में भी योगदान देती है। इन हरियाली प्रयासों को एकीकृत करके, रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि कोयला क्षेत्र भूमि बहाली के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वैश्विक महत्वाकांक्षाओं और स्थानीय कार्रवाइयों के बीच यह तालमेल भविष्य की पीढ़ियों के लिए हमारे ग्रह के भूमि संसाधनों को संरक्षित करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
कोयला मंत्रालय के सचिव अमृत लाल मीना ने इस रिपोर्ट को संकलित करने में सीएमपीडीआई और कोयला मंत्रालय के सस्टैनेबिलिटी एंड ट्रांजिशन डिविजन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि रिपोर्ट महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित करेगी और अन्य संस्थाओं द्वारा कोयला खदानों के भीतर बीज बॉल रोपण, ड्रोन के माध्यम से बीज कास्टिंग और मियावाकी रोपण जैसी नवीन तकनीकों को अपनाकर हरित आवरण को बढ़ाने के लिए इसका लाभ उठाया जाएगा। इसका उद्देश्य कोयला क्षेत्रों में हरित आवरण को बढ़ाने के लिए कोयला क्षेत्र द्वारा किए गए प्रयासों को रेखांकित करना है।
यह रिपोर्ट कोयला/लिग्नाइट पीएसयू द्वारा कोयला खनन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए चल रहे पुनर्ग्रहण और वनीकरण प्रयासों के माध्यम से किए गए निरंतर और ईमानदार प्रयासों पर जोर देती है। रिपोर्ट बंद और सक्रिय दोनों कोयला खदानों में की गई हरित पहलों को प्रस्तुत करती है, साथ ही अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भविष्य के लिए एक खाका भी प्रस्तुत करती है। मुहैया कराए गए डेटा को रिमोट सेंसिंग अध्ययनों और चयनित स्थानों पर ऑन-साइट ग्राउंड-ट्रूथिंग सर्वेक्षणों के माध्यम से मान्य किया गया है। यह रिपोर्ट कोयला/लिग्नाइट पीएसयू द्वारा हरित प्रयासों के बारे में आधारभूत डेटा के प्रारंभिक व्यापक दस्तावेज के रूप में है, जो आगामी वैज्ञानिक जांच के लिए एक मानक स्थापित करती है। रिपोर्ट में कंपनियों द्वारा भूमि उपयोग की स्थिति, संबंधित पुनर्ग्रहण प्रयासों और परियोजना स्थलों के भीतर और बाहर वर्तमान और नियोजित वृक्षारोपण दोनों के संबंध में खदान-विशिष्ट डेटा का संकलन शामिल है। कोयला खदानों में भूमि उपयोग, पूर्ण किए गए पुनर्ग्रहण परियोजनाओं की सीमा और वृक्षारोपण की किस्मों को दर्शाने के लिए सम्मिलित डेटा प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2029-2030 तक नियोजित भविष्य की वृक्षारोपण पहलों के लिए एक रोडमैप की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें प्रभावी भूमि पुनर्ग्रहण और खनन-क्षयग्रस्त भूमि के सतत उपयोग में आवश्यक प्रगति को ध्यान में रखा गया है।
Lok Sabha 2024 Election Results: इंडिया गठबंधन की बड़ी बैठक कल, सरकार बनाने या विपक्ष में रहने पर होगा फैसला
डेस्क। लोकसभा में तस्वीर क्या होगी यह धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है। नतीजे एनडीए गठबंधन के साथ दिख रहा है। 300 से कम सीट NDA को मिल रही है। वहीं 230 सीटों के आंकड़े के आस पास इंडिया गठबंधन है। इंडिया गठबंधन की 5 जून को बैठक होगी. बैठक में कांग्रेस के साथ अन्य सहयोगी दल तय करेंगे कि सरकार बनाने की कवायद की जाए या फिर विपक्ष में बैठा जाए।
लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस वर्किंग कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मीडिया से रू-ब-रू हुए। राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान खासतौर से उत्तर प्रदेश में हुए सीटों के इजाफे पर यूपी की जनता का धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने कमाल कर दिखाया। यूपी की जनता ने संविधान पर खतरा समझकर कमाल करके दिखा दिया। उत्तर प्रदेश ने संविधान की रक्षा की है।
राहुल गांधी ने सत्ता में आने या फिर विपक्ष के तौर पर भूमिका निभाने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस पार्टी गठबंधन का एक हिस्सा है। बाकी पार्टियां के साथ अभी हमारा डिस्कशन नहीं हुआ है। पांच तारीख को हमारी मीटिंग होगी। उस मीटिंग में निर्णय लेंगे कि क्या करना है। वहीं रायबरेली या वायनाड सीट में से एक के चुने जाने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि अभी डिसाइड नहीं किया है। दोनों सीटों में तो नहीं रह सकता हूं। थोड़ा पूछूंगा फिर डिसाइड करुंगा।
अमेठी में अपने पीए को चुनाव लड़ाए जाने के आरोप को नकारते हुए राहुल गांधी ने कहा कि किशोरी लाल शर्मा 40 साल से अमेठी में कांग्रेस पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। उनका अमेठी की जनता के साथ रिश्ता है। यह बात बीजेपी के लोगों को समझ नहीं आई। वे बहुत कनेक्टेड व्यक्ति हैं और इसलिए उनकी जीत निश्चित थी। उनके बारे में ये कहना कि वो पीए हैं, बिल्कुल गलत है। राहुल गांधी ने एनडीए के 400 पार के नारे पर कहा कि अहंकार टूट गया है।
नासिक में सुखोई लड़ाकू विमान हुआ दुर्घटनाग्रस्त : दोनों पायलट सुरक्षित
डेस्क | वायु सेना का एक सुखोई लड़ाकू विमान मंगलवार की सुबह नासिक के सिरसा गांव क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया हालांकि विमान के दोनों पायटल सुरक्षित हैं। हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के प्रवक्ता ने बताया कि विमान ने एचएएल के नासिक स्थित केन्द्र से प्रशिक्षण उडान भरी थी और इसे एचएएल के पायलट उडा रहे थे।
उन्होंने कहा कि विमान में गड़बड़ी होते ही दोनों पायलट समय रहते पैराशूट के जरिये बच निकलने में सफल हो सके | पायलट ने दुर्घटना का कारण तकनीकी गड़बड़ी बताया है । उन्होंने कहा कि दुर्घटना के वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही चलेगा। आज जहां देश में लोकसभा चुनाव की मतगणना अभी भी जारी है। वहीं दूसरी तरफ नासिक के शिरसगांव गांव के पास एक खेत में एक वायुसेना का लड़ाकू सुखोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
नासिक रेंज के विशेष महानिरीक्षक डी आर कराले ने बताया कि सुखोई Su-30MKI विमान के पायलट और को-पायलट पूरी तरह से सुरक्षित है |
सुखोई 30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का अग्रिम पन्क्ति का लड़ाकू विमान है। यह बहु-उपयोगी लड़ाकू विमान रूस के सैन्य विमान निर्माता सुखोई तथा भारत के हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से बना है।
यह विमान 3000 किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है। इसे शक्ति इसके दो AL-31 टर्बोफैन इन्जनो से मिलती है जो इसे 2600 किमी प्रति घण्टे की गति देते हैं। यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इस विमान में अलग अलग तरह के बम तथा प्रक्षेपास्त्र ले जाने के लिये 12 स्थान है। भविष्य में इसे ब्रह्मोस प्रक्षेपास्त्र एवं स्पाइस 2000 लेजर निर्देशित बमों से लैस किया जायेगा। इसके अतिरिक्त इसमे एक 30 मिमि की तोप भी लगी है।
भाजपा की चिंता बढ़ायी चुनावी रुझानों ने, चंद्रबाबू और नीतीश हो सकते है किंगमेकर की भूमिका में
नई दिल्ली | चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों को देखें तो भाजपा 240 से 250 सीटों पर चुनाव जीतती दिखाई दे रही है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को आसान बहुमत दिखाई तो दे रहा है। फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने ही तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के संपर्क में है | यही ट्रेंड शाम तक चला तो भारतीय जनता पार्टी को गठबंधन की सरकार बनानी पड़ सकती है। माना जा रहा है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार इस बार किग मेकर की भूमिका में हो सकते हैं। लोकसभा चुनाव के तहत जारी वोट काउंटिंग के ताजा आंकड़े की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी को अभी 243 सीटों पर बढ़त है। फर भी मतगणना के आखिर तक ये आंकडे़ बदल सकते हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, NDA 297 और INDI अलायंस 231 सीटों पर आगे चल रहा है।
आंकड़ों में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड बिहार की 15 लोकसभा सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, भाजपा को राज्य में 13 सीटों पर बढ़त हासिल है। अगर NDA और INDIA के बीच मामला करीब आता है तो नीतीश कुमार 15 सांसदों के साथ किंग मेकर की भूमिका में हो सकते हैं।
वैसे विभिन्न दलों के नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संपर्क साधने की कोशिश में लगे हुए हैं। नीतीश कुमार फिलहाल भाजपा के साथ एनडीए का हिस्सा हैं और उन्होंने बीते दिन ही दिल्ली आकर पीएम मोदी से मुलाकात की है।
एनडीए गठबंधन का हिस्सा तेलुगु देशम पार्टी ने आंध्र प्रदेश में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है। पीएम मोदी और अमित शाह दोनों ने ही चंद्रबाबू नायडू को इस जीत के लिए बधाई दी है। आपको बता दें कि अगर लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा बहुमत से दूर होती है तो सरकार के गठन में चंद्रबाबू नायडू का किरदार भी काफी अहम हो जाएगा।
आंध्र प्रदेश में 25 सीटों पर हुए लोकसभा चुनाव में तेलुगु देशम पार्टी ने 16 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। भाजपा को 3 और पवन कल्यान की जनसेना पार्टी को 2 सीटों पर बढ़त है। वहीं, जगन रेड्डी की YSRCP को 4 सीटों पर बढ़त मिली हुई है। विधानसभा चुनाव की बात करें तो तेलुगु देशम पार्टी को 132, भाजपा को 7 और जनसेना को 20 सीटों पर बढ़त है। वहीं, विपक्षी दल YSRCP 15 सीटों पर बढ़त है।