देश-विदेश
हमले के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा में बदलाव, जनसुनवाई में अब होगी नई व्यवस्था
राज्यपाल पटेल सिवनी के थांवरझोड़ी में ग्राम परिचय कार्यक्रम में हुए शामिल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल गुरुवार को सिवनी जिले के कुरई विकासखण्ड के ग्राम थांवरझोड़ी पहुँचे। राज्यपाल पटेल यहां ग्राम परिचय कार्यक्रम में शामिल हुए। ग्रामवासियों ने परंपरागत कलश यात्रा और गोंडी नृत्य से राज्यपाल का आत्मीय स्वागत किया। राज्यपाल पटेल ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। उन्होंने ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र, आजीविका मिशन की बहनों को कैश क्रेडिट लिंक योजना का चैक और विद्यार्थियों को नि:शुल्क सायकल का वितरण किया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर योजनाएं संचालित कर रही हैं। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं से मुक्ति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है। आजीविका मिशन से जुड़ी बहनें आर्थिक स्वावलंबन का अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री जन मन योजना को जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़कर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने का सशक्त माध्यम है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री धरती आबा योजना, जनजातीय परिवारों को आवास, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इन योजनाओं से जनजातीय जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।
दिल्ली के छह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी
नईदिल्ली। राजधानी दिल्ली के स्कूलों को लगातार दूसरे दिन बम से उड़ाने धमकी मिली है। गुरुवार सुबह 6 स्कूलों को ई-मेल के जरिए धमकी मिली, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियां स्कूलों में पहुंचकर जांच कर रही है। एहतियात के तौर पर स्कूलों के बाहर दमकल की टीमों को भी तैनात किया गया है। कल भी दिल्ली के 50 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
सुबह छह बजकर 35 मिनट से सात बजकर 48 मिनट के बीच दिल्ली के 6 स्कूलों में बम की धमकी से संबंधित कॉल आई। इनमें प्रसाद नगर स्थित आंध्रा स्कूल, बीजीएस इंटरनेशनल स्कूल, राव मान सिंह स्कूल, कॉन्वेंट स्कूल, मैक्स फोर्ट स्कूल और द्वारका स्थित इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं। पुलिस दल, अग्निशमन कर्मी और बम निरोधक दस्ते तुरंत स्कूल परिसर में पहुंचे।
बता दें कि पिछले चार दिनों में स्कूलों को बम से उड़ाने की यह तीसरी धमकी है। सोमवार को दिल्ली के 32 स्कूलों को ऐसी ही धमकियां मिली थीं, जो बाद में झूठी निकलीं। बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के करीब 50 स्कूलों को ई-मेल के जरिए फिर से बम की धमकी मिली, जिसे बाद में ‘फर्जी’ करार दिया गया।
भारतनेट परियोजनाः गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने क्रियान्वित की जा रही योजना
नईदिल्ली। आरजीआई के आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल 6,44,131 गांवों में से 30.06.2025 तक 6,26,055 गांवों में मोबाइल कवरेज नेटवर्क के माध्यम से इंटरनेट सुविधा (3जी/4जी) उपलब्ध है। देश की सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) और गाँवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए भारतनेट परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। भारतनेट के माध्यम से देश में कुल 13,01,193 एफटीटीएच कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं। वाई-फाई तकनीक से युक्त एफटीटीएच कनेक्शन का उपयोग सभी प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं जैसे ई-शिक्षा, ई-स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस, ई-कॉमर्स आदि तक पहुँचने के लिए किया जा रहा है, जिसमें किसानों द्वारा कृषि के बारे में अपना ज्ञान बढ़ाने और कृषि में नए विकास के बारे में खुद को अपडेट रखने के लिए भी इसका उपयोग किया जा रहा है।
डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) के अंतर्गत 4जी संतृप्ति परियोजना, बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी)- बॉर्डर इंटेलिजेंस पोस्ट(बीआईपी) परियोजना, भारतनेट परियोजना आदि जैसी विभिन्न परियोजनाएँ गाँवों में मोबाइल कवरेज और इंटरनेट कनेक्टिविटी में सुधार के लिए शुरू की जा रही हैं। 4जी संतृप्ति परियोजना के अंतर्गत जून 2025 तक, देश भर में विभिन्न सरकारी वित्त पोषित मोबाइल परियोजनाओं के अंतर्गत 21,748 मोबाइल टावर चालू किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, भारत सरकार ने वर्ष 2022-23 के लिए "पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना 2022-23" नामक एक पुनर्निर्धारित और विस्तारित योजना शुरू की है। राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना 2022-23 के भाग-V (ऑप्टिकल फाइबर केबल) के लिए कुल 3000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस धनराशि का उपयोग वर्तमान में कवर की गई ग्राम पंचायतों से लेकर गाँवों तक भारतनेट का विस्तार करने के लिए किया जा सकता है, ताकि ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) पर सरकारी संस्थानों (जैसे स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी, पुलिस स्टेशन, कृषि विकास केन्द्र, डाकघर, राशन की दुकान आदि), निजी संस्थानों और घरों को भारतनेट नेटवर्क से जोड़ा जा सके।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएमवाणी) के तहत सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से ब्रॉडबैंड के प्रसार हेतु दूरसंचार विभाग (डीओटी) के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। वर्तमान में, देश भर में 3,53,105 पीएमवाणी वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित हैं। यह जानकारी संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 13वें दौर का शुभारंभ आज
नईदिल्ली। कोयला मंत्रालय 21 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 13वें दौर का शुभारंभ करने वाला है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि और कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
यह आयोजन भारत के कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा। वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी प्रक्रिया के प्रत्येक दौर में स्थापित और नए उद्योग जगत के दिग्गजों की मजबूत भागीदारी देखी गई है। इसका उद्देश्य कोयला उत्पादन में तेजी लाना और देश की बढ़ती ऊर्जा मांग के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है। आगामी 13वें दौर में खदानों की पेशकश सबसे उदार शर्तों पर जारी रहेगी, जिससे व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न हितधारकों से निवेश आकर्षित होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2020 में शुरू की गई वाणिज्यिक नीलामी रूपरेखा ने पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर तथा घरेलू उद्योगों के लिए कोयले की उपलब्धता बढ़ाकर, कोयला क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाया है। इससे आयात पर निर्भरता कम हुई है।
आगामी दौर में नीलामी के लिए नई कोयला खदाने पेश की जाएंगी। इसमें पूरी तरह से अन्वेषित और आंशिक रूप से अन्वेषित, दोनों प्रकार के ब्लॉक शामिल होंगे। इससे अनुभवी खनिकों, नए प्रवेशकों और प्रौद्योगिकी-संचालित उद्यमों की विविध भागीदारी आकर्षित होगी। इस आयोजन में भूमिगत और सतही कोयला गैसीकरण के संभावित लाभों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
नीलामी के पिछले दौर में सफलतापूर्वक आवंटित 11 कोयला खदानों के लिए कोयला खदान विकास एवं उत्पादन समझौतों (सीएमडीपीए) पर हस्ताक्षर किए जाएँगे। कोयला मंत्रालय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और हितधारकों को इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाग लेने और भारत के कोयला क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में योगदान देने के लिए आमंत्रित करता है।
भारत जैसे-जैसे विकसित भारत के अपने दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है, कोयला मंत्रालय सुधारों को आगे बढ़ाने, व्यापार करने को आसान बनाने और उत्तरदायी कोयला खनन के लिए गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए समर्पित है।
जागरूकता, सत्य की खोज और समाज को नई दिशा देने का उत्तरदायित्व है पत्रकारिता : डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पत्रकारिता, सम्प्रेषण का ही स्वरूप है और प्रत्येक युग में सम्प्रेषण कला का विशेष महत्व रहा है। रामायण काल में हुनमान जी के संवाद हों या महाभारत काल के यक्ष प्रश्न, दोनों में हुए सम्प्रेषण ने इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सम्प्रेषण और पत्रकारिता में किसी भी घटना की प्रभावशीलता को व्यापक या सूक्ष्म स्वरूप देने की क्षमा विद्यमान है। वर्तमान और आने वाले समय में पत्रकारिता विधा में दक्ष हो रहे विद्यार्थियों पर यह महत्वपूर्ण दायित्व है कि वे सूचना सम्प्रेषण के माध्यम से समाज के नैतिक मूल्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था का बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने केलिए सदैव सजग, सक्रिय और तत्पर रहें। सत्य के लिए संघर्षशीलता से ही पत्रकारिता का समृद्ध स्वरूप जीवंत रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के वर्ष 2025-26 के सत्रारंभ तथा नवागत विद्यार्थियों के प्रबोधन कार्यक्रम "अभ्युदय 2025" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रोचार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में ‘अभ्युदय’ का अर्थ मात्र आरंभ नहीं, बल्कि निरंतर जागरूकता, सत्य की खोज और समाज को नई दिशा देने वाले उत्तरदायित्व की यात्रा है। नारद जी को पत्रकारिता का आद्य प्रवर्तक माना जाता है। पत्रकारिता के क्षेत्र में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की पूरे देश में विशिष्ट पहचान है। यह गौरव का विषय है कि दादा माखनलाल का जन्म मध्यप्रदेश के बबाई नगर में हुआ और उन्होंने खंडवा को अपनी कर्मभूमि बनाया। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से समाज को अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ एकजुट करने के साथ सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ने हिंदी भाषा को पुनर्प्रतिष्ठित करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया। उन्होंने गौमाता और गौशाला के संरक्षण के लिए सागर में ब्रिटिश हुकूमत के सामने आंदोलन कर मोर्चा खोल दिया था। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी और माधवराव सप्रे ने अपने पत्रकारीय कार्यों से हिंदी भाषा को समृद्ध भी किया। विश्वविद्यालय के माध्यम से पंडित माखनलाल चतुर्वेदी के जीवन के विविध गौरवशाली पक्षों को आगे लाने के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
सम्पूर्णता अभियान से आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के रहवासियों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और प्रतिबद्धता के परिणाम स्वरूप देश ने विकास की नई गति प्राप्त की है। पिछड़े जिलों और विकासखंडों को आकांक्षी रूप में चिन्हित कर विकास के लिए समन्वित प्रयास करना, इस दिशा में उठाया गया प्रभावी कदम है। आज आयोजित सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह, जिला और विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना और सुशासन में आए सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। इन जिलों और विकासखंडों के रहवासियों के जीवन और जीवन जीने की परिस्थितियों में आया बदलाव अभियान की सफलता को अभिव्यक्त करता है। सम्पूर्णता अभियान से आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें पोषक भोजन की उपलब्धता, बच्चों के टीकाकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण, स्कूलों में बिजली की उपलब्धता और समय पर पाठ्य पुस्तक वितरण जैसी गतिविधियों में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को राज्य स्तरीय सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह के अंतर्गत कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पूर्णता अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदेश के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों के अधिकारियों को उनकी टीम सहित सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मंत्री पटेल ने की सौजन्य भेंट
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मंत्री पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विशेष योजनाओं में प्रगति की जानकारी दी।
सरकारी स्कूलों की पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण कार्य उच्च गुणवत्तापूर्ण हो
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि शैक्षणिक सत्र वर्ष 2026-27 में पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा मुद्रित की जाने वाली किताबें उच्च गुणवत्ता की हों। उन्होंने कहा कि मुद्रण कार्य से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं तय समय-सीमा में पूरी की जायें। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों का वितरण शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पूरा किया जाये। यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह बुधवार को मंत्रालय में पाठ्य पुस्तक निगम की गवर्निंग बॉडी की बैठक ली। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, वित्त, माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक में पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी विनय निगम ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में करीब 9 करोड़ पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण होगा। इसके लिये ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत निविदा की प्रक्रिया होगी। निगम शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 10 मार्च 2026 तक सभी पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण कार्य पूरा कर लेगा। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष अप्रैल 2025 में शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू किया गया था। इस वर्ष अब तक लगभग सभी पाठ्य पुस्तकों का वितरण विद्यार्थियों को किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि निगम ने कुछ सरकारी स्कूलों को खेल-कूद मैदान, अतिरिक्त कक्ष और नवीन कक्ष निर्माण के लिये अनुदान राशि मंजूर की है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की कड़ी निंदा, विश्व हिंदू परिषद ने की सख्त जाँच की माँग
नई दिल्ली| दिल्ली की लोकप्रिय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़े शब्दों में निंदा की है। विहिप ने इसे न केवल एक जनप्रतिनिधि पर हमला, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और दिल्ली की जनता की भावनाओं पर प्रहार बताया है। संगठन ने इस घटना के पीछे गहरे षड्यंत्र की आशंका जताते हुए जिहादी मानसिकता से प्रेरित संगठनों या अराजकता फैलाने वाले वामपंथी समूहों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध-उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध उत्पादों की बेहतर ब्राडिंग, गोवंश की समुचित देखभाल, वेटनरी क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण और उन्नत अधोसंरचना स्थापित करने में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता का हरसंभव लाभ लिया जाए। वर्ष 2030 तक प्रदेश के 26 हजार गांवों तक डेयरी नैटवर्क का विस्तार सुनिश्चित किया जाना है। इससे 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन होगा। बढ़े हुए दुग्ध संकलन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना विकसित की जाए। प्रदेश में निर्मित होने वाले दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर ब्राडिंग सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और प्रदेश के दुग्ध संघों की गतिविधियों के संबंध में मंत्रालय में हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैटनरी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में वैटनरी के कोर्स संचालित किए जाएं। उन्होंने नगरीयनिकायों की बड़ी गो-शालाओं के उन्नयन और प्रबंधन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सहयोग लेने की आवश्यकता भी बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी दुग्ध संघों में एक समान उत्पाद निर्माण सुनिश्चित करने के लिए स्टेण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर अपनाना आवश्यक है। दुग्ध उत्पादकों को दुध-मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान की व्यवस्था की नियमित मॉनीटरिंग हो। जिन क्षेत्रों में दुग्ध संघ की पहुंच सीमित है, वहां निजी दुग्ध व्यवसायियों को अद्यतन तकनीक का आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित और सशक्त किया जाए। प्रदेश के दुग्ध संघ, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मध्यप्रदेश कृषि उद्योग निगम में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो।
लव जिहाद और ड्रग माफिया पर कसेंगे शिकंजा, अपराधियों को लगाएंगे ठिकाने : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा। लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है। राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है। सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे। सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नर्मदापुरम रोड स्थित आमिर मैजेस्टिक पार्क में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से राखियां भी बंधवाईं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों को लाड़ली बहना योजना की मासिक किश्त सहित 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा गया है। बहनों के हाथ में यश होता है, लक्ष्मी पूजन भी उन्हीं के माध्यम से होता है। अब दीपावली के बाद भाई-दूज से प्रदेश भर की लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिलेगी। बहनों का स्नेह मेरे जीवन का सबसे बड़ा आधार है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों की ओर से बड़ी राखी भेंट की गई, इसके बाद अनेक लाड़ली बहनों ने उन्हें राखियां बांधीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ बैठने से माता और पिता दोनों का प्रेम एक साथ मिल जाता है, जीवन धन्य हो जाता है। परिवार में बहन-भाई का रिश्ता युगों-युगों से अटूट है। महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण और द्रोपदी का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से सीवर लाइन सहित अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। स्थानीय विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेटियों की सुरक्षा और लाड़ली बहनों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशभर की बहनों ने अपने भाई और मुख्यमंत्री को राखी बांधी है।
घर में बहन-बेटियों के साथ आती है हर सिद्धि, बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
देलही : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है। जब तक घर में बेटा न आए सिद्धि नहीं होती, लेकिन घर में जब तक बेटी न जाए हर सिद्धि अर्थात पूर्णता प्राप्त नहीं हो सकती है। रक्षाबंधन त्यौहारों का राजा है। बहनों के आशीर्वाद से जीवन सफल हो जाता है। बहनों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के चांदबड़ क्षेत्र के वार्ड 37 में आयोजित विशाल रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का सिर धड़ से अलग किया तब भगवान श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लग गई थी। इस पर द्रौपदी ने साड़ी का पल्लू फाड़कर भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली पर बांधा था। यह राखी का प्रतीक था। इसके बाद से रक्षाबंधन की परम्परा प्रारंभ हो गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब परिवारों को आवास, गैस चूल्हा और अन्य सुविधाएं देने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बहनों को लोकसभा और राज्यसभा में अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे किसानों और जवानों की क्षमताओं पर भरोसा करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सबसे सक्षम देश बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कतिपय लोग चुनाव आयोग और सेना का भी सम्मान नहीं करते। रक्षाबंधन कार्यक्रम के पूर्व चांदबड़ क्षेत्र में हुए रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों ने पुष्पहारों से और गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों ने रक्षासूत्र बांधे।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि नरेला क्षेत्र में 16 साल से भव्य रक्षाबंधन महोत्सव मनाया जा रहा है। पिछले साल डेढ़ लाख बहनों ने महोत्सव में राखियां बांधी थीं। भाई-बहन का रिश्ता अटूट होता है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। हमें लव जिहाद के कुचक्र के खिलाफ और नशा मुक्ति के लिए संकल्प लेने की आवश्यकता है। रक्षाबंधन महोत्सव में महापौर मालती राय, पार्षद वंदना हेमराज कुशवाहा, रविंद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट की
देलही : चीन के विदेश मंत्री और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की।
वांग यी ने प्रधानमंत्री मोदी को तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग का संदेश और निमंत्रण दिया। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक और विशेष प्रतिनिधियों की 24 वीं बैठक के बारे में अपने सकारात्मक मूल्यांकन को भी साझा किया। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ इस बैठक की सह-अध्यक्षता की थी।
प्रधानमंत्री ने सीमा पर शांति बनाए रखने के महत्व पर बल दिया और सीमा प्रश्न के निष्पक्ष, तर्कसंगत और आपसी रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए भारत की वचनबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष कजान में चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया। ये संबंध आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित हैं। इसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली भी शामिल है।
प्रधानमंत्री ने एससीओ शिखर सम्मेलन के निमंत्रण के लिए राष्ट्रपति षी चिनफिंग को धन्यवाद दिया और अपनी स्वीकृति प्रदान की।उन्होंने एससीओ शिखर सम्मेलन में चीन की अध्यक्षता के लिए समर्थन व्यक्त किया।मोदी ने कहा कि वह तियानजिन में राष्ट्रपति षी चिनफिंग से मिलने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत और चीन के बीच स्थिर, आशा के अनुरूप और रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति तथा समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की
देलही : भारतीय विदेश सेवा ] 2024 बैच] के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज] 19 अगस्त] 2025] राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों को भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी यात्रा शुरू करते समय सभ्यतागत ज्ञान के मूल्यों] शांति] बहुलवाद] अहिंसा और संवाद आदि को अपने साथ लेकर चलना चाहिए। साथ ही उन्हें अपने सामने आने वाली हर संस्कृति के विचारों] लोगों और दृष्टिकोणों के प्रति खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके आसपास की दुनिया भू-राजनीतिक बदलावों] डिजिटल क्रांति] जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षवाद के संदर्भ में तेज़ी से बदलाव देख रही है। युवा अधिकारियों के रूप में] उनकी चपलता और अनुकूलनशीलता हमारी सफलता की कुंजी होगी।राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक उत्तर और दक्षिण के बीच असमानता से उत्पन्न समस्याएं हों] सीमा पार आतंकवाद का ख़तरा हो या जलवायु परिवर्तन के निहितार्थ हों] भारत आज विश्व की प्रमुख चुनौतियों के समाधान का एक अनिवार्य हिस्सा है। भारत न केवल विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है] बल्कि एक निरंतर उभरती हुई आर्थिक शक्ति भी है। हमारी आवाज़ का महत्व है। उन्होंने आगे कहा कि राजनयिकों के रूप में भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी भारत का पहला चेहरा होंगे जिसे दुनिया उनके शब्दों] कार्यों और मूल्यों में देखेगी।
बदलापुर में प्रधानमंत्री का अपमान, उल्टा लिखा गया शिलापट्ट ग्रामीणों में आक्रोश
क्षेत्र में तनाव को देखते हुए प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
अंतरिक्ष यात्री शुक्ला की यात्रा अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाओं की दिशा में केवल पहला कदम है: प्रधानमंत्री
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल नई दिल्ली में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने उनकी अंतरिक्ष यात्रा के परिवर्तनकारी अनुभव के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि इतनी महत्वपूर्ण यात्रा करने के बाद व्यक्ति को बड़ा बदलाव महसूस होना चाहिए। उन्होंने यह समझने का प्रयास किया कि अंतरिक्ष यात्री इस परिवर्तन को कैसे समझते हैं और किस प्रकार उसका अनुभव करते हैं। प्रधानमंत्री के प्रश्नों के उत्तर में शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष का वातावरण एकदम अलग होता है जिसमें गुरुत्वाकर्षण का अभाव प्रमुख कारक है।
प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या यात्रा के दौरान बैठने की व्यवस्था एक जैसी रहती है, तो शुभांशु शुक्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, " जी हां, यह एक जैसी ही रहती है।" श्री मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों को एक ही प्रकार की व्यवस्था में 23-24 घंटे बिताने पड़ते हैं। शुभांशु शुक्ला ने इसकी भी पुष्टि की और उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद अंतरिक्ष यात्री अपनी सीटों से उठ सकते हैं और यात्रा के लिए पहने गए विशेष सूट से बाहर आ सकते हैं तथा वे कैप्सूल के भीतर खुलकर घूम सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ बातचीत के दौरान अंतरिक्ष यात्रा के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए पूछा कि क्या कैप्सूल में पर्याप्त जगह होती है, तो शुभांशु शुक्ला ने बताया कि हालांकि वह बहुत विशाल स्थान नहीं था फिर भी वहां कुछ जगह अवश्य उपलब्ध थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कैप्सूल तो लड़ाकू विमान के कॉकपिट से भी ज़्यादा आरामदायक लग रहा था, तो श्री शुक्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "यह तो उससे भी बेहतर है, सर।"
इसके अतिरिक्त उन्होंने श्री मोदी को अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद होने वाले शारीरिक परिवर्तनों के बारे में भी जानकारी दी। शुभांशु शुक्ला ने बताया कि वहां पर हृदय गति अत्यंत धीमी हो जाती है और शरीर वहां की परिस्थितियों में कई प्रकार से स्वयं को समायोजित करता है। हालांकि चार से पांच दिनों में शरीर अंतरिक्ष के माहौल में ढल जाता है और वहां की स्थिति के अनुकूल हो जाता है। शुभांशु शुक्ला ने यह भी बताया कि पृथ्वी पर लौटने के बाद शरीर में पुनः उसी तरह के बदलाव आते हैं। इसके कारण, किसी की फिटनेस का स्तर चाहे जो भी हो, लेकिन, शुरुआत में चलना-फिरना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि हालांकि उन्हें सबकुछ ठीक लग रहा था, लेकिन पहले कदम उठाते समय वे लड़खड़ा गए और उन्हें दूसरों का सहारा लेना पड़ा। इसका अर्थ यह हुआ कि भले ही कोई चलना जानता हो, लेकिन मस्तिष्क को नए वातावरण को समझने और उसके अनुरूप ढलने में समय लगता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि अंतरिक्ष यात्रा के लिए न केवल शारीरिक प्रशिक्षण बल्कि मानसिक अनुकूलन भी आवश्यक है। शुभांशु शुक्ला ने इस बात पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि जहां शरीर और मांसपेशियों में ताकत होती है, वहीं मस्तिष्क को नए वातावरण को समझने और सामान्य रूप से चलने और कार्य करने के आवश्यक प्रयास के लिए स्वयं को पुनः समायोजित करने में फिर से स्थिति के अनुसार बदलने की आवश्यकता पड़ती है।
श्री मोदी ने अंतरिक्ष अभियानों की अवधि के बारे में चर्चा करते हुए अंतरिक्ष यात्रियों की ओर से अंतरिक्ष में गुजारे गए सबसे लंबे समय के बारे में जानकारी ली। शुभांशु शुक्ला ने बताया कि अभी लोग एक बार में आठ महीने तक अंतरिक्ष में रहने लगे हैं जो इस मिशन के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। प्रधानमंत्री ने शुभांशु शुक्ला से उन अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में भी पूछा जो उनके मिशन के दौरान मिले थे। शुभांशु शुक्ला ने बताया कि उनमें से कुछ दिसंबर में वापस आने वाले हैं।