देश-विदेश
संस्कृति मंत्रालय द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का द्विवार्षिक स्मरणोत्सव
संस्कृति मंत्रालय ने भारत केसरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के दो वर्ष के आधिकारिक स्मरणोत्सव की घोषणा की है। यह भारत की राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और औद्योगिक यात्रा को आकार देने वाले दूरदर्शी नेता की विरासत के सम्मान को दर्शाता है।
दिल्ली के सभी क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राष्ट्रीय एकता के लिए डॉ. मुखर्जी के आजीवन प्रयासों का स्मरण करते हुए बताया कि किस प्रकार से आज का भारत उनके द्वारा देखे गए स्वप्न को साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह यह देखकर हमें आशीर्वाद दे रहे होंगे कि भारत का विमान चाँद पर पहुंच गया है और भारत का एक सपूत अंतरिक्ष में बैठकर प्रधानमंत्री से स्पष्ट रूप से वार्तालाप कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज कश्मीर के लाल चौक पर निडरता से तिरंगा यात्रा निकाली जा रही हैं, यह देखकर उनकी आत्मा को संतुष्टि मिल रही होगी। निश्चित रूप से, उनकी आत्मा को यह देखकर शांति मिल रही होगी कि भारत के सभी कानून अब कश्मीर में पूरी तरह से लागू हैं। आज एक राष्ट्र, एक झंडा और एक संविधान है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार, डॉ. मुखर्जी द्वारा आत्मनिर्भर, एकजुट और विकसित भारत के परिकल्पित विजन- "स्वतंत्रता के बाद भारत का निर्माण कैसे हो और यह एक विकसित राष्ट्र कैसे बने”- को साकार करने के लिए उनके दिखाए मार्ग पर निरंतर रूप से कदम आगे बढ़ा रही है।"
प्रधानमंत्री ने गुरु पूर्णिमा पर सभी को बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी हैं।
एक्स पर अपनी एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा;
“सभी देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की ढेरों शुभकामनाएं।
गुरु पूर्णिमा के विशेष पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।”
Indian pharma industry : अमेरिका भारतीय दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाने की तैयारी में, भारतीय फार्मा इंडस्ट्री पर संकट के बादल
Indian pharma industry : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाली दवाओं और तांबा पर भारी टैरिफ लगाने का संकेत दिया है। ट्रंप का कहना है कि दवाओं पर यह टैरिफ 200 प्रतिशत तक जा सकता है। यदि यह निर्णय लागू हुआ, तो भारतीय फार्मा कंपनियों के सामने अमेरिकी बाजार में कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय दवा उद्योग पर बुरा असर पड़ना तय है।
उद्योग जगत से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह एक उभरती हुई स्थिति है। हमें लगता है कि टैरिफ इतना ऊंचा शायद न हो, क्योंकि इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं पर भी लागत का बोझ बढ़ेगा। फिर भी अगर ऐसा होता है तो हमें दवाओं के दाम बढ़ाने पड़ेंगे। हमारे पास कोई और विकल्प नहीं होगा, क्योंकि हमारा कामकाज पहले से ही बेहद कम मार्जिन पर चलता है।”
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कदम का सबसे बुरा असर उन छोटी दवा कंपनियों पर पड़ेगा, जिनकी वित्तीय क्षमता सीमित है। ऐसी कंपनियों को कारोबार समेटने या बड़ी कंपनियों में विलय का कदम उठाना पड़ सकता है।
रेटिंग एजेंसी इक्रा के वाइस प्रेसिडेंट और फार्मा सेक्टर प्रमुख दीपक जोतवानी ने बताया कि अमेरिका भारतीय दवा कंपनियों के लिए सबसे बड़ा बाजार है। “अमेरिका में भारतीय कंपनियों की बिक्री उनके कुल राजस्व का करीब 30-40 प्रतिशत होती है। ऐसे में हाई टैरिफ से उनकी कमाई और मुनाफे पर सीधा असर होगा।”
दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटकों से दहशत... डर से लोग अपने घर से निकले बाहर
रायुपर। देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजकर 04 मिनट 50 सेकंड पर महसूस किए गए इन झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर जिले में रहा। इसका अक्षांश 28.63°N और देशांतर 76.68°E दर्ज किया गया, जबकि भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर मापी गई है।
भूकंप के झटके दिल्ली के अलावा नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद सहित हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी महसूस किए गए। झटकों के बाद कई लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अभी तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से जोन-4 में आता है, जिसे भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यहां अक्सर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के झटके पृथ्वी के भीतर जमी हुई ऊर्जा को धीरे-धीरे मुक्त करते हैं, जिससे भविष्य में बड़े और विनाशकारी भूकंपों की संभावना कुछ हद तक कम हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर से पहले इस सप्ताह देश के अन्य हिस्सों में भी भूकंप दर्ज किए गए। मंगलवार को असम के कार्बी आंगलोंग जिले में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप सुबह 9:22 बजे महसूस किया गया, जिसकी गहराई 25 किलोमीटर थी और केंद्र 26.51°N तथा 93.15°E पर स्थित था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्थान के उद्यमियों को किया निवेश के लिए मध्यप्रदेश आमंत्रित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राजस्थान के जोधपुर प्रवास के दौरान विभिन्न फर्नीचर, टिंबर व्यवसाइयों और होटल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सघन वन संपदा है। मध्यप्रदेश जैसे सागौन वन कहीं नहीं है। फर्नीचर व्यवसाय में इनको बढ़ावा देते हुए राजस्थान और मध्यप्रदेश संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश में उद्योगों और व्यवसायों के उन्नयन के साथ नवीन निवेश आ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को बताया कि भोपाल में इस वर्ष फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी। इस अवसर पर 18 नई औद्योगिक नीतियों को लागू किया गया है। इनके लाभकारी प्रावधानों का लाभ देश भर के उद्यमियों द्वारा लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र में अनेक नवाचार भी किए गए हैं। नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए निजी संस्थाओं को रियायती दर पर भूमि और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। जिस प्रदेश में सिर्फ पांच मेडिकल कॉलेज थे वहां आज 36 मेडिकल कॉलेज हैं। आने वाले 2 वर्ष में इनकी संख्या 50 हो जाएगी। चिकित्सा और उपचार क्षेत्र के साथ ही निवेश के अनेक क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। विभिन्न राज्यों के उद्यमी उत्साह पूर्वक मध्यप्रदेश आ रहे हैं।
कैम्पा निधि के अंतर्गत 1038 करोड़ रूपये के उपयोग की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा निधि) के लिए वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्य आयोजना (Annual Plan of Operation) में अनुमोदित कार्यों के क्रियान्वयन के लिए 1478 करोड़ 38 लाख में से 1038 करोड़ रूपये के उपयोग की स्वीकृति दी गयी। इस राशि का 80 प्रतिशत वन एवं वन्यप्राणी प्रबंधन एवं 20 प्रतिशत वन और वन्यजीव संबंधी अधोसंरचना के सुदृढीकरण पर व्यय किया जाता है।
स्वीकृति अनुसार मध्यप्रदेश में विगत वर्षों के कार्यों के रख-रखाव, क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, लैण्डस्केप के आधार पर बिगड़े वनों का सुधार, नदियों के पुनर्जीवन के लिए उनके जलग्रहण क्षेत्र के वनीकरण, मृदा एव जल संरक्षण के कार्य, ग्रामीणों की आजीविका के लिए ग्रामों की सीमा से लगे वनक्षेत्रों में बांस प्रजाति सहित वृक्षारोपण, वन्यप्राणी संरक्षित क्षेत्रों के गांवों से स्वैच्छिक विस्थापन, बफर क्षेत्र सहित संरक्षित क्षेत्रों में रहवास का विकास, नगर वनों की स्थापना, वन एवं वन्यप्राणी संबंधी अधोसंरचना सुदृढीकरण और ग्रामीणों की क्षमता विकास से संबंधित कार्य किये जायेंगे।
मंत्रि-परिषद द्वारा सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 66 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार 66 आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 66 पद (मानसेवी), आंगनबाड़ी सहायिका के 66 पद (मानसेवी) तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 02 पद नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500 के सृजन की स्वीकृति दी गयी।
वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। उल्लेखित अवधि में योजना पर 15 करोड़ 21 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है, जिसमें केन्द्रांश राशि 9 करोड़ 55 लाख रूपये एवं राज्यांश राशि 5 करोड़ 66 लाख रूपये है।
मंत्रि-परिषद द्वारा लेक व्यू रेसीडेंसी होटल भोपाल को डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन, हस्तांतरण (DBFOT) के आधार पर जन-निजी भागीदारी (PPP) के अंतर्गत होटल का विकास, संचालन एवं रखरखाव और प्रबंधन के लिए निजी निवेशक के पक्ष में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC)/ मध्यप्रदेश होटल कार्पोरेशन लिमिटेड (MPHCL) द्वारा निष्पादित की जाने वाली लीज पर भारित पंजीयन व मुद्रांक शुल्क की प्रतिपूर्ति पर्यटन विभाग के विभागीय बजट से निजी निवेशक को किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मंत्रि-परिषद द्वारा तीनों विद्युत वितरण कंपनियों की संगठनात्मक सरंचना में सृजित किये जाने वाले 49 हजार 263 नवीन पद सहित कुल 77 हजार 298 पदों के संगठनात्मक संरचना की सृजन की स्वीकृति दी गई। नियमित पदों के सृजन के फलस्वरूप पूर्व स्वीकृत पदों में से 17 हजार 620 अनुपयोगी पद समाप्त किए गए हैं व डाइंग कैडर में 5650 पदों पर कार्यरत कार्मिकों के सेवानिवृत्ति और त्यागपत्र आदि के बाद ये पद भी समाप्त किए जायेंगे। कंपनियों द्वारा सीधी भर्ती के लिए पदों की गणना करते समय इन पदों को संज्ञान में रखा जाएगा। विद्युत वितरण कंपनियों में संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिक, निर्धारित आयु सीमा के पूर्ण होने अथवा नियमित सीधी भर्ती के पद पर चयनित होने तक कार्य कर सकेंगे। कंपनियों द्वारा नियमित पदों पर सीधी भर्ती के रिक्त पदों की गणना करते समय समकक्ष पद पर तत्समय कार्यरत संविदा कार्मिक की संख्या को घटाकर शेष रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जा सकेगी। वितरण कंपनियों को संगठनात्मक संरचना के अनुरूप कार्मिकों की समय-समय पर भर्ती के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है।
रूसी लड़की ने रचाई हिंदू रीति से शादी, कटिहार में प्रेम कहानी बनी मिसाल
कटिहार। बिहार के कटिहार से एक अनोखी और दिल छू लेने वाली प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय गलियों तक हलचल मचा दी है। कटिहार जिले के नवाबगंज पंचायत के मुखिया कामता प्रसाद सिंह के पुत्र डॉ. अनुभव शाश्वत ने रूस की रहने वाली अनस्तासिया (नादेजदा ) से हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी रचाई है। विवाह बीती रात दुर्गा स्थान मंदिर में पूरे पारंपरिक अंदाज में सम्पन्न हुआ।
डॉ. अनुभव ने बताया कि साल 2017 में वह एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए रूस गए थे। वहीं, 2020 के कोरोना काल में उनकी मुलाकात अनस्तासिया से हुई। पहले दोस्ती हुई, फिर धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। पांच वर्षों तक दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहे। इस दौरान अनुभव ने भारत लौटकर परिवार को रिश्ते की जानकारी दी और उन्हें शादी के लिए मनाया।
अनस्तासिया भारत आने के बाद यहां की संस्कृति और लोगों से बेहद प्रभावित हुईं। दिल्ली में रहकर उन्होंने भारतीय परंपराओं को नजदीक से समझा। अनुभव ने बताया कि भारतीय संस्कृति को अपनाने और विवाह की रस्मों को निभाने की उनकी इच्छा ने मेरे परिवार को भी काफी प्रभावित किया
कटिहार के दुर्गा स्थान मंदिर में जब हिंदू रीति-रिवाज से दोनों का विवाह हुआ तो इलाके में चर्चा का विषय बन गया। विदेशी दुल्हन को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। नवाबगंज पंचायत में जश्न का माहौल है, और मुखिया के घर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
अनुभव के अनुसार, उनका परिवार इस रिश्ते से बेहद खुश है। माता-पिता, बहन और रिश्तेदारों ने विदेशी बहू का गर्मजोशी से स्वागत किया। अनुभव ने कहा, फिलहाल मेरा विदेश जाने का कोई प्लान नहीं है, मैं दिल्ली के मैक्स अस्पताल में आईसीयू डॉक्टर के रूप में कार्यरत हूं। इस शादी ने ना सिर्फ अंतरराष्ट्रीय प्रेम की मिसाल कायम की है, बल्कि यह भी दिखाया कि प्रेम, संस्कृति और परंपराएं मिलकर एक खूबसूरत रिश्ता बना सकती हैं।
मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे। आज यह संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इस वर्ष दो और मेडिकल कॉलेज शुरू हो रहे हैं और आगामी वर्ष में छह नए कॉलेजों की शुरुआत प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निजी स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में निवेश को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं दोनों स्तरों पर सशक्त हो सकें। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ हो और इसके लिए हर संभव संसाधन पर कार्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल के एक निजी होटल में एमपी तक के विशेष कार्यक्रम "बैठक" में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य व्यवस्था के सशक्तीकरण, विंध्य क्षेत्र के विकास और अन्य समसामयिक विषयों पर विस्तार से संवाद किया।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ गति से विकास करने वाले राज्यों में शुमार है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट, रीजनल कॉन्क्लेव से प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों की संभावनाओं और निवेश के अवसरों को रेखांकित किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में पूरे प्रदेश में व्यापक और समग्र विकास हो रहा है।
"Collab Engine" अभियान को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने किया फ्लैग-ऑफ
Collab Engine" अभियान को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने किया फ्लैग-ऑफ
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री माननीय अजय टम्टा जी ने आज अपने से देशव्यापी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्थायित्व (Sustainability) अभियान "Collab Engine" को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह अभियान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Mission LiFE (Lifestyle for Environment) विज़न से प्रेरित है और इसका उद्देश्य देशभर में स्वच्छ और सतत यातायात के प्रति जागरूकता फैलाना है।
Collab Engine एक युवा-नेतृत्व वाला ईवी रोड अभियान है, जो:
- 25+ शहरों को जोड़ते हुए 10,500+ किलोमीटर की दूरी तय करेगा,
- विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास कर रहा है (सबसे लंबी ईवी ड्राइव),
- इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्रोत्साहित करेगा।
अभियान की शुरुआत एक इलेक्ट्रिक वाहन से की गई है, जो इस पूरे मार्ग में प्रदूषण-मुक्त यात्रा करेगा। टीम रास्ते में विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जनसंवाद और जागरूकता सत्र आयोजित करेगी।
इस अवसर पर टम्टा जी ने कहा:
"युवाओं की यह पहल आने वाले भारत की हरित और जिम्मेदार भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है। सरकार इस तरह के अभियानों का स्वागत करती है और इन्हें अपना समर्थन देती है।"
Collab Engine की टीम ने बताया कि इस यात्रा के दौरान वे स्थानीय प्रशासन, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और छात्र समुदाय के साथ संवाद करेंगे और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के लाभों, हरित ऊर्जा, और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाएंगे।
Collab Engine टीम अब इस प्रेरणास्पद यात्रा के माध्यम से देशभर के नागरिकों को जागरूक करने के लिए निकल चुकी है।
भारत की जीडीपी को बढ़ावा देने कृषि-तकनीक को तेजी से अपनाने का आग्रह
नईदिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा पीएमओ, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राजधानी स्थित एनएएससी परिसर में आईसीएआर सोसायटी की 96वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित किया। उन्होंने इस अवसर पर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाकर तथा हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन का आह्वान किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि दुनियाभर में उपलब्ध हर तकनीक अब भारत में भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "अब यह बात मायने नहीं रखती कि तकनीक उपलब्ध है या नहीं। मंत्री ने कहा कि अब यह महत्वपूर्ण है कि हम इसे कितनी तेजी से अपनाते हैं और इसे अपनी अर्थव्यवस्था में जोड़ने के लिए कैसे इसका इस्तेमाल करते हैं।"
मंत्री ने मानसिक और संस्थागत बाधाओं को दूर करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कृषि मूल्य श्रृंखला में कई लोग न केवल नई तकनीकों से अनजान हैं बल्कि उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं है कि वे इसके बारे में कुछ नहीं जानते। उन्होंने कहा, "पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कृषि में प्रौद्योगिकी ने तेजी से प्रगति की है। यद्यपि जमीनी स्तर पर इसकी पूरी क्षमता का दोहन होना अभी बाकी है।"
इस अवसर पर डॉ. सिंह ने जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर क्रांति जैसी सफलता की कहानियों की ओर इशारा किया, जहां लैवेंडर की खेती के इर्द-गिर्द 3,500 से ज़्यादा स्टार्टअप उभरे हैं। डॉ. सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे नए जमाने की खेती- सैटेलाइट इमेजिंग, रिमोट-कंट्रोल ट्रैक्टर और ऑर्डर-आधारित फसल उत्पादन का इस्तेमाल करके- कृषि कहानी को नया आकार दे रही है। उन्होंने कहा, "भद्रवाह में लैवेंडर से लेकर मंदिर में चढ़ावे के लिए उगाए जाने वाले ऑफ-सीजन ट्यूलिप (फूल) जैसे अनेक उदाहरण हमारे पास हैं, जहां विज्ञान और रणनीति ने मिलकर आय और नवाचार दोनों पैदा किए हैं।"
लुधियाना इंटरैक्टिव सेशन में मिले 15,606 करोड़ के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश का आर्थिक तंत्र मजबूत हुआ है। देश में औद्योगीकरण बढ़ा है, अब हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं। लुधियाना भारत का मैन्चेस्टर है। यहां के उद्योगपतियों ने बड़ी मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। लुधियाना में निर्मित ए-वन और हीरो साइकिल्स देश-दुनिया में मशहूर हैं। पंजाब के निवेशक देश की आर्थिक समृद्धि में योगदान देने वाले प्रमुख ध्वजवाहक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज लुधियाना में हुये इंटरैक्टिव सेशन, वन-टू-वन चर्चा और संवाद सत्रों में यहां के उद्योगपतियों से 15 हजार 606 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं, जिससे 20 हजार से अधिक रोजगार का सृजन होगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पंजाब की उद्योग नगरी लुधियाना में मध्यप्रदेश में निहित निवेश की संभावनाओं के संबंध में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र प्रदेश है, जहां पन्ना जिले में हीरा तो शहडोल में आयरन डिपाजिस्ट्स है। बीते दिनों सिंगरौली जिले में सोने की खदानें भी मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश की रत्नगर्भा भूमि में निवेश करने के लिए आत्मीयता से आमंत्रित करते हुए कहा कि यहां व्यापार की असीम संभावनाएं हैं। आइये और मध्यप्रदेश में अपना दूसरा घर बनाईये। उन्होंने कहा कि निवेशक मध्यप्रदेश में जितने चाहें, उतने उद्योग-धंधे लगाएं, सरकार पलक-पावड़े बिछाकर आपका स्वागत करेगी, आपकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधे लगाने के लिए जरूरत के मुताबिक भूमि, बिजली, पानी, कुशल कार्यशक्ति सब उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और पंजाब दोनों भाइयों की तरह हैं। अनाज के उत्पादन में पंजाब बड़ा और मध्यप्रदेश छोटा भाई है। अब दोनों भाई मिलकर देश और मध्यप्रदेश का विकास करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर है। पंजाब वीरों की धरती है, इसकी अलग ही पहचान है। यह गुरु परंपरा की अद्भुत धरती है। मध्यप्रदेश के इंदौर की पहचान स्वच्छता में है, तो लुधियाना की पहचान उद्योगों से है। हम उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित करने आए हैं। आप खुले दिल से और बिना किसी हिचक के निवेश करें, सरकार जितनी हो सकेगी, आपकी उतनी मदद करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत बदलते दौर में सिरमौर बन रहा है। उद्योगों से कई परिवारों का उदर-पोषण होता है और गरीबों के जीवन में आमदनी का उजाला आता है। यह एक पवित्र कार्य है। उद्योगपति अपने परिवार का पोषण करते हुए दूसरों का भी घर रौशन करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब अमर शहीद भगत सिंह की धरती है, जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान देकर देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग यहां भी काम करते रहें और अपने कारोबार का विस्तार करते हुए एक-दो फैक्ट्री मध्यप्रदेश में भी लगाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों को दुनिया के सामने रखा। हमने उद्योगपतियों को कई सौगातें दी हैं।
पौधरोपण एवं उनके संरक्षण के लिए कार्ययोजना बनाएं : मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में विभाग द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत खेत तालाब, अमृत सरोवर, रीचार्ज पिट लक्ष्य से अधिक बनाये गये। अभियान में किये गये कार्यों के परिणाम आगामी वर्षों में परिलक्षित होंगे। मंत्री पटेल ने कहा कि बड़ी नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिये छोटी नदियों के उद्गम स्रोतों का संरक्षण आवश्यक है। मंत्री पटेल सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद कार्यकारणी की 7वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने के लिये विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन कार्य हमें सतत् जारी रखना है। भविष्य में पौधरोपण एवं उनके संरक्षण के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाये। मंत्री पटेल ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों से पौधरोपण एवं संरक्षण के लिये “मां की बगिया” योजना 15 अगस्त से लागू की जा रही है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन में महत्वपूर्ण कारक बनेगी। 15 जुलाई से 15 अगस्त तक चिन्हित शासकीय भूमि पर एवं 15 अगस्त से 15 सितंबर पर निजी भूमि पर सघन पौधरोपण किया जायेगा। उन्होंने “जल गंगा संवर्धन” अभियान में सिपरी सॉफ्टवेयर जैसी तकनीकों का उपयोग करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारे यह प्रयास निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे।
मंत्री पटेल ने कहा कि संविदा अधिकारियों-कर्मचारियों की नवीन सेवा शर्तों में आकस्मिक मृत्यु/दुर्घटना के समय सहायता राशि प्रदान करने के प्रावधानों का समावेश करें। इस संबंध में सामान्य प्रशासन एवं वित्त विभाग के नियमों का पालन किया जाए। आयुक्त मनरेगा, श्री अविप्रसाद ने मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी कार्यकारणी परिषद की 6वीं बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में मनरेगा की भौतिक और वित्तीय प्रगति संविदा कर्मचारियों/अधिकारियों की नवीन सेवा शर्तों, ग्राम रोजगार सहायकों की सेवा शर्तों, विषय विशेषज्ञों की सेवाएं लेने, यंग प्रोफेशनल्स को संबद्ध करने, मनरेगा में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने, भारत सरकार को भेजे गये प्रस्ताव आदि बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री पटेल ने कहा कि गौशालाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये स्वैच्छिक संस्थाओं (एनजीओ) स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत बनने वाली सड़कों की मरम्मत करने के लिये समय-सीमा तय की जाये। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन” अभियान के अंतर्गत किये गर्ये कार्यों का प्रभाव आंकलन 3 वर्ष उपरांत कराया जाये। इसके लिये बेस डेटा एवं एजेंसी अभी से तय की जाये। उन्होंने कहा कि सिपरी सॉफ्टवेयर के उपयोग के संबंध में अन्य विभागों, संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थाओं को सिपरी का एक्सेस उपलब्ध कराने के लिये विस्तृत नीति शीघ्र तय की जाये। मंत्री पटेल ने मनरेगा योजना अंतर्गत पदस्थ अमले के लिये विभिन्न प्रकार का बीमा लाभ, वित्तीय एवं प्रशासकीय अधिकारों का प्रत्यायोजन, जीआरएस के रिक्त पदों की पूर्ति, संविदा अधिकारी-कर्मचारी और जीआरएस की विदेश यात्रा संबंधित प्रकरणों आदि विषयों की समीक्षा की।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, संचालक पंचायती राज छोटे सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसआरएलएम हर्शिता सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए दीपक आर्य सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जल, भूमि संरक्षण के लिये ठोस प्रयास आवश्यक : मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि हमें जल, भूमि संरक्षण के लिये अभी से ठोस प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के रिचार्जिंग सिस्टम को बढ़ाना होगा। फसलों का चक्रीकरण और पौधरोपण में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना होगा। मंत्री पटेल सोमवार को राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन की साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में चिंता करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण जल स्रोतों के रिचार्जिंग सिस्टम धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण नहीं करने के कारण उनके स्रोत सूखते जा रहे हैं। मरूस्थलीकरण की प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव पीएचई पी. नरहरि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री पटेल ने कहा कि “राजीव गांधी जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन” के अंतर्गत विभिन्न विभागों से मिशन के परिणामों की जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत सभी परियोजनाओं का थीमेटिव विश्लेषण किया जाये। मंत्री पटेल ने कहा कि वॉटर शेड परियोजनाओं के बेहतर परिणामों के लिये एनजीओ को संबद्ध करने की नीति तैयार की जाये। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना” की प्रगति का आंकलन जमीनी स्तर पर करें। मंत्री पटेल ने कहा कि वॉटर शेड परियोजनाओं के अंतर्गत क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन का कार्य अच्छा करने वाले जिलों का स्वयं भ्रमण करेंगे। इस अवसर पर चंदेला-बुंदेला तालाबों का जीर्णोद्धार कार्यशाला प्रतिवेदन की पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
मिशन संचालक अवि प्रसाद ने बैठक में साधारण सभा के समक्ष विभिन्न एजेंडा प्रस्तुत किये। उन्होंने पीएमकेएसवाय 2.0 की प्रगति, वॉटर शेड परियोजनाओं का सोशल ऑडिट, परियोजना के प्रभावों का विश्लेषण, मिशन के संस्थागत सुदृढ़ीकरण, जीआईएस एवं एआई सुविधा विकसित करने आदि विषयों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत वॉटर शेड परियोजनाओं के निरीक्षण के लिये एरिया ऑफिसर मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने वॉटर शेड वर्क मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटवा के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं और आशीर्वाद प्राप्त किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा की धर्मपत्नी फूल कुंवर पटवा के 95वें जन्म दिवस पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक सुरेंद्र पटवा के 74 बंगला स्थित निवास पहुंचकर फूल कुंवर पटवा को पुष्पगुच्छ और शाल-श्रीफल भेंट किया तथा पटवा के स्वस्थ-सुखी जीवन और दीर्घायु होने की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित सुंदरकांड पाठ के लिए दीप प्रज्जवलित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विधायक सुरेंद्र पटवा के निवास पहुंचने पर पटवा परिवार द्वारा डॉ. यादव का तिलक कर स्वागत-अभिवादन किया गया।
UP में स्कूलों के मर्जर के खिलाफ याचिका खारिज : योगी सरकार के फैसले को हाईकोर्ट ने सही ठहराया,कहा- RTE का कोई उल्लंघन नहीं
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 5000 स्कूलों के मर्जर (UP School Merge) के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने योगी सरकार के फैसले को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (RTE) का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। सरकार द्वारा संसाधनों के बेहतर उपयोग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यह फैसला संवैधानिक और वैध है।
बता दें कि 16 जून 2025 को बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया था। जिसमें प्रदेश के हजारों स्कूलों को बच्चों की संख्या के आधार पर नजदीकी (UP School Merge) उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में मर्ज करने की बात कही गई थी। जिसके पीछे सरकार ने तर्क दिया था कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
योगी सरकार के आदेश के खिलाफ 1 जुलाई को सीतापुर जिले की छात्रा कृष्णा कुमारी समेत 51 बच्चों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसमें उन्होंने (UP School Merge) कहा था कि सरकार का यह फैसला मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून (RTE Act) का उल्लंघन करता है। इससे छोटे बच्चों को स्कूल तक पहुंचना कठिन होगा। इस फैसले से बच्चों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करेगा।
मध्यप्रदेश की गतिशीलता-शांति और संसाधनों का लाभ उठाएँ निवेशक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को लुधियाना स्थित वर्धमान औद्योगिक परिसर में पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से भेंट की और उन्हें मध्यप्रदेश की समावेशी, उदार और निवेश-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार न केवल उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए तैयार है, बल्कि यदि किसी सेक्टर में संभावना दिखती है, तो वहां आवश्यकतानुसार नियमों में परिवर्तन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष अवसर उपलब्ध हैं और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इंदौर की हुकुमचंद मिल को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य हो रहा है और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सौ करोड़ रु. से अधिक के सेटलमेंट क्लियर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों और श्रमिकों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता हर स्तर पर बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर की जेसी मिल और उज्जैन की हीरा मिल के मामले में भी राज्य सरकार ने सह्रदयता से निर्णय किये है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हित में निर्णय लेने के लिए कैबिनेट स्तर पर नीतियों में बदलाव को भी तैयार है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में आकर संभावनाओं को देखें और राज्य की गतिशीलता, शांति और संसाधनों का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि राज्य में टेक्सटॉइल, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग गुड्स, स्टील प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी जैसे सेक्टरों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से यह भी कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि एक जनकल्याणकारी राज्य के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब तबके के लिए एयर एंबुलेंस सेवा और राहगीर सेवा योजना जैसी अभिनव योजना क्रियान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं की उद्योगपतियों ने सराहना करते हुए कहा कि इस स्तर की सोच और संवेदनशीलता शायद ही किसी अन्य राज्य में दिखती हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्धमान ग्रुप के एमडी नीरज जैन, राल्सन इंडिया लिमिटेड के चेयरमेन संजीव पहवा, कंगारू इंडस्ट्रीज के एमडी अंबरीश जैन, टीके स्टील रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी लोकेश जैन, रजनीश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राहुल आहूजा, फार्मपार्ट्स कंपनी के उपाध्यक्ष जे.एस. भोगल, सीआईसीयू के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा, कमल (सरजवन होजरी) के प्रतिनिधि सुदर्शन जैन और अरुण जैन सहित विभिन्न सेक्टर के उद्योगपतियों ने मुलाकात की।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में बिजली दरें प्रतिस्पर्धी हैं और नियम संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और निवेशक-अनुकूल बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सोलर और पॉवर सेक्टर में भी बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। केंद्र सरकार के स्तर पर कोई पर्यावरणीय क्लियरेंस लंबित है, तो मध्यप्रदेश सरकार अपने स्तर पर उसे शीघ्र दिलाने का भी प्रयास करेगी।
उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीति स्पष्टता, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि देश के सबसे भरोसेमंद और निवेश के योग्य राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल हो गया है।
केदारनाथ यात्रा रोकी गई, भारी बारिश की वजह से लिया गया फैसला
उत्तराखंड| केदारनाथ यात्रा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। भारी बारिश की वजह से केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। यात्री सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोके गए हैं। बता दें कि रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के लिए आज मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और आस-पास के इलाकों में भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी में जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि, नदी अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।
बद्रीनाथ जाने वाला रास्ता भी लैंडस्लाइड के बाद बंद हो गया है। गौरीकुंड में मलवा हटाने का काम जारी है, जिससे यात्रा को जल्द शुरू किया जा सके। दरअसल उत्तराखंड में इन दिनों भीषण बारिश हो रही है। इसकी वजह से भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। बीते दिनों सोनप्रयाग में भारी बारिश की वजह से भूस्खलन हुआ था, जिसमें केदारनाथ से लौट रहे 40 से अधिक श्रद्धालु फंस गए थे। हालांकि बाद में सोनप्रयाग भूस्खलन क्षेत्र के पास फंसे 40 श्रद्धालुओं को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया था।
उत्तराखंड में हो रही लगातार बारिश से कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई है। कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति प्रभावित रही है। बीते दिनों बरकोट के पास बादल भी फटा था।