देश-विदेश
आईआईटी दिल्ली के विद्यार्थियों से आत्मनिर्भर भारत के लिए नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान
नईदिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का दौरा किया जहां उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट के विद्यार्थियों के साथ-साथ नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं से बातचीत की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और शिक्षा मंत्रालय तथा आईआईटी दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बातचीत के दौरान, मंत्री ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की आवश्यकता पर जोर देने, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों को गति देने और 2047 तक ‘समृद्ध भारत’ के विजन को पूरा करने का एक अनूठा अवसर है।
मंत्री महोदय ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और उनके सपनों, आकांक्षाओं, शोध के क्षेत्रों, उनके सामने मौजूद तकनीकी चुनौतियों और प्रधानमंत्री द्वारा उल्लिखित चुनौतियों एवं अवसरों पर उनके दृष्टिकोण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने क्षमताओं को बढ़ाने और नवाचार की भावना का विस्तार करने पर भी अपने विचार साझा किए।
मंत्री ने विद्यार्थियों को अपने नवीन विचारों को सामने लाने, चुनौतियों पर काम करने तथा हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने तक प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य बनाने और भारत को समाधानों के वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित करने के लिए भारत के नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए, मंत्री महोदय ने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ता और संकल्प के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की खोज भारत की क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ उसकी तकनीकी और आर्थिक संप्रभुता को बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की नींव के रूप में आईआईटी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अटूट समर्थन से, प्रतिभाशाली युवाशक्ति प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता के नियमों को नए सिरे से लिखने और एक ‘समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण करने जा रही हैं। मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि वे विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जा रहे नवाचारों की समीक्षा करने के लिए संस्थान का पुनः दौरा करेंगे।
मध्यप्रदेश को बनायेंगे मिल्क केपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। आज प्रदेश का हर कोना विकास कार्यों से सज-संवर रहा है। हम प्रदेश के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। दुग्ध उत्पादन में तेजी लाकर हम वर्ष 2028 तक मध्यप्रदेश को मिल्क केपिटल बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिर्फ भैंस का नहीं, हमारी सरकार अब गाय का दूध भी खरीदेगी। हम गाय के दूध की खरीदी की कीमत भी ज्यादा देंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के जरिए हमने तय किया है कि 25 गाय और 42 लाख रुपये तक की गौशाला यूनिट स्थापित करने पर दूध और अन्य उत्पाद तो पशुपालक के होंगे, सरकार पशुपालक को 10 लाख रुपये प्रोत्साहन अनुदान के रूप में देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी गौशालाओं के निर्माण पर सरकार निवेश लागत की 25 प्रतिशत तक की निवेश राशि अनुदान के रुप में माफ करेगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्र के धार्मिक स्थल कोटेश्वर एवं विरुपाक्ष महादेव में विकास कराने की बात कही।
सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित कराएं :पटेल
भोपाल : सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित कराएं : पटेल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिविल सेवा में चयनित लोकसेवक केन्द्र और राज्य सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को सफल बनाएं। गरीब, वंचित और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहें और उनकी मदद आगे बढ़कर करें। विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
राज्यपाल पटेल रविवार को नर्मदा क्लब के सभागार में संकल्प संस्थान से चयनित सिविल सेवकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी सफल प्रतिभागियों को सफलता की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल पटेल ने संकल्प संस्थान के गुरूजन, मार्गदर्शक और सफल प्रतिभागियों को मंच से सम्मानित किया। प्रतिभावान छात्रों को निखारने और सफल बनाने के प्रयासों के लिए संस्थान की सराहना की।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि ऋग्वेद के अनुसार ज्ञानी लोग अज्ञानियों को भी ज्ञानवान बनाते हैं, अर्थात शिक्षा की उपयोगिता अशिक्षितों को भी शिक्षित बनाने में ही है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो परिवार और समाज में बदलाव लाती है। राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को बंधन मुक्त शिक्षा का अवसर देकर, नए भारत के निर्माण का संकल्प दिया है। विश्वगुरू भारत और नए विश्व के निर्माण के लिए जरूरी है कि युवा हमेशा नए सपने देंखे और बड़े सपने देंखे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान, प्रदेश के गरीब और वंचित वर्ग के प्रतिभागियों को संस्थान की विशेषज्ञता से लाभान्वित करने का विशेष प्रयास करें। दूरस्थ और ग्रामीण अंचल के युवाओं को तलाशने और तराशने के लिए का काम करें। उन्हें आगे बढ़ने प्रेरित और प्रोत्साहित करें। संस्थान, ऐसी व्यवस्था बनाने का चिंतन करें जो दूर-दराज के क्षेत्रों, जरूरतमंदों और प्रतिभावान बच्चों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में मददगार हो। उन्होंने कहा कि संस्थान समाज और राष्ट्र उत्थान से जुड़े सामाजिक सरोकारों में आगे बढ़कर हिस्सा लें। शिक्षा से समाज सेवा का आदर्श प्रस्तुत करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान को विश्व जगत की वर्तमान की समस्याओं और भविष्य की चुनौतियों के समाधान और दिशा दर्शन का केन्द्र बनना चाहिए।
राज्यपाल पटेल का कार्यक्रम में शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। संकल्प संस्थान के संस्थापक श्री संतोष तनेजा ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने विद्वान वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। सफल प्रतिभागियों को भावी जीवन की चुनौतियों और चिंतन की प्रेरणा दी। संस्थान से जुड़े शैलेन्द्र चौधरी और दीपिका ने सिविल सेवा में सफलता के लिए संस्थान से प्राप्त सहयोग और अनुभवों को साझा किया। आभार संकल्प भोपाल के वी.आर. नायडु ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्थान के सदस्य, सफल प्रतिभागी, उनके परिजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेशी निवेश संवर्धन के प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के परिणाम आना शुरू हो गए हैं। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे के फलस्वरूप अब जर्मन की कंपनियों ने मध्यप्रदेश का रूख किया है। मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत 18 अगस्त से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है। इसमें म.प्र. और जर्मनी के बीच व्यापार एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी। म.प्र. के उद्यमों और जर्मन कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ेंगी। साथ ही तकनीकी आदान-प्रदान और निवेश अवसरों में वृद्धि होगी। म.प्र. ग्लोबल स्टार्ट अप एक्सचेंज कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और आईटी उद्योग में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारी प्रयासों का आदान-प्रदान करना है।
जर्मन कम्पनियों का यह दौरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सेतु बनेगा। इससे प्रदेश में अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस तरह की वैश्विक तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी सहयोग का आरंभ नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की नींव है। ग्लोबल नॉलेज एक्सचेंज और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से विकसित होने वाली ट्रांस्फ़ॉर्मेटिव साझेदारियाँ प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने में सहायक होंगी।”
प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के श्री स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के निकोलस, स्टेएक्स के एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के फिलिप रेजमूश शामिल हैं। ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर तथा डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग एआई तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। इन कंपनियों का अनुभव और तकनीकी क्षमता मध्यप्रदेश के उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।
PMO का नया पता होगा सेंट्रल विस्टा का एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव... 78 साल बाद बदला पता
डेस्क। साउथ ब्लॉक में स्थित PMO अगले महीने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने एग्जिक्यूटिव एन्क्लेव में स्थानांतरित हो जाएगा। लगभग आठ दशक बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता बदलने जा रहा है। नए एन्क्लेव में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ कैबिनेट सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं भी होंगी। यह परिसर प्रधानमंत्री आवास के नजदीक होगा। मौजूदा साउथ ब्लॉक दफ्तर में जगह और आधुनिक सुविधाओं की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
जानकारी के अनुसार PMO का नाम भी बदला जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही कह चुके हैं कि PMO जनता का होना चाहिए, यह किसी व्यक्ति विशेष का कार्यालय नहीं है। हाल ही में गृह मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय के नए कार्यालय ‘कर्तव्य भवन-3’ का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि प्रशासनिक कामकाज अब भी ब्रिटिशकालीन इमारतों से संचालित होता है, जहां रोशनी और वेंटिलेशन की भारी कमी है।
गौरतलब है कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक पिछले 78 वर्षों से केंद्र सरकार के प्रशासनिक कामकाज का मुख्य केंद्र रहे हैं। इनके स्थान पर अब ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ बनाया जाएगा, जिसे आम जनता के लिए खोला जाएगा।
आईएनएस तमाल ने इटली में नेपल्स बंदरगाह की यात्रा पूरी की
देलही : भारतीय नौसेना ने नवीनतम व अत्याधुनिक युद्धक क्षमताओं से लैस युद्धपोत आईएनएस तमाल ने भारत आने के दौरान 13-16 अगस्त, 2025 तक इटली में नेपल्स बंदरगाह की यात्रा पूरी की। आईएनएस तमाल के इटली दौरे ने दोनों देशों के बीच सशक्त द्विपक्षीय संबंधों को उजागर किया है, जिन्हें औपचारिक रूप से 2023 में रणनीतिक साझेदारी के रूप में विस्तार दिया गया था।
आईएनएस तमाल ने नेपल्स बंदरगाह में प्रवेश करने से पहले इटली की नौसेना द्वारा हाल ही में कमीशन किए गए लैंडिंग हेलीकॉप्टर डॉक (एलएचडी) आईटीएस ट्राइस्टे के साथ एक पैसेज अभ्यास (पीएएसएसईएक्स) में भाग लिया। पीएएसएसईएक्स के दौरान संयुक्त अभियानों में संचार अभ्यास, युद्धाभ्यास और उड़ान संचालन तथा समुद्री सवारों का आदान-प्रदान शामिल था, पैसेज का समापन अंत में स्टीम पास्ट के साथ किया गया।
आईएनएस तमाल ने नेपल्स बंदरगाह पर प्रवास के दौरान, भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग व सहभागिता को बढ़ाने पर केन्द्रित अनेक गतिविधियों में भाग लिया। वरिष्ठ सैन्य एवं स्थानीय अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा और व्यावसायिक आदान-प्रदान इस यात्रा के मुख्य आकर्षण थे। कमांडिंग ऑफिसर ने इटली की नौसेना के लॉजिस्टिक्स कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल पियरपोलो बुद्री और नेपल्स की डिप्टी मेयर लॉरा लिटो से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-इटली रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
आईएनएस तमाल तथा रोम स्थित भारतीय दूतावास ने स्थानीय प्रशासन, इटली की नौसेना और रोम स्थित राजनयिक कोर के अधिकारियों व इटली स्थित संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधियों एवं इतालवी रक्षा उद्योग के कारोबारियों के लिए जहाज पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इटली में भारत की राजदूत माननीय वाणी राव ने भी आईएनएस तमाल पर जहाज के चालक दल और इतालवी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की।
भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2025 को जहाज पर एक औपचारिक परेड आयोजित की गई। जहाज के चालक दल ने रोम स्थित भारतीय दूतावास में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया।
आईएनएस तमाल का बंदरगाह पर आगमन भारत द्वारा इटली के साथ अपने संबंधों को दिए जाने वाले महत्व तथा दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयास को दर्शाता है। इसने दोनों देशों की नौसेनाओं को सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने और संयुक्त सहयोग हेतु आगे के अवसरों का लाभ उठाने का अवसर भी प्रदान किया है। 16 अगस्त, 2025 को नेपल्स से प्रस्थान के बाद, यह युध्दपोत भारत में अपने घरेलू बंदरगाह तक पहुंचने के रास्ते में अन्य यूरोपीय एवं एशियाई देशों के बंदरगाहों का दौरा करेगा, जिससे समुद्री कूटनीति को बढ़ावा मिलेगा और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का सशक्तिकरण होगा।
जोगेश्वरी की टीम ने रचा इतिहास 10 मंजिला मानव पिरामिड बना वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस तरह दही हांडी 2025 का पहला ही दिन महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक बन गया, जिसने न केवल दर्शकों को रोमांचित किया बल्कि मुंबई का नाम एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा दिया।
प्रधानमंत्री 17 अगस्त को दिल्ली में 11,000 करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे
देलही : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 अगस्त, 2025 को दोपहर लगभग 12:30 बजे दिल्ली के रोहिणी में लगभग 11,000 करोड़ रुपये की संयुक्त लागत वाली दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
ये परियोजनाएं - द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली खंड और शहरी विस्तार सड़क-II (यूईआर-II) - राजधानी को भीड़भाड़ से मुक्त करने की सरकार की व्यापक योजना के तहत विकसित की गई है। इसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार, यात्रा समय में कमी और दिल्ली तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में यातायात में कमी लाना है। ये पहल प्रधानमंत्री मोदी के विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे के निर्माण के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं जो जीवन को सुगम बनाती है और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करती है।
द्वारका एक्सप्रेसवे के 10.1 किलोमीटर लंबे दिल्ली खंड का विकास लगभग 5,360 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह खंड यशोभूमि, डीएमआरसी की ब्लू लाइन और ऑरेंज लाइन, आगामी बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका क्लस्टर बस डिपो को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा। इस खंड में शामिल हैं:
- पैकेज I : शिव मूर्ति चौराहे से द्वारका सेक्टर-21 में रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) तक 5.9 कि.मी.
- पैकेज II : द्वारका सेक्टर-21 आरयूबी से दिल्ली-हरियाणा सीमा तक 4.2 कि.मी., शहरी विस्तार रोड-II को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करना।
द्वारका एक्सप्रेसवे के 19 किलोमीटर लंबे हरियाणा खंड का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा पहले मार्च 2024 में किया गया था।
प्रधानमंत्री लगभग 5,580 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, बहादुरगढ़ और सोनीपत के लिए नए संपर्क मार्गों के साथ, शहरी विस्तार सड़क-II (यूईआर-II) के अलीपुर से ढिंचाऊ कलां खंड का भी उद्घाटन करेंगे। इससे दिल्ली के आंतरिक और बाहरी रिंग रोड तथा मुकरबा चौक, धौला कुआँ और एनएच-09 जैसे व्यस्त स्थानों पर यातायात सुगम होगा। नए मार्ग से बहादुरगढ़ और सोनीपत तक सीधी पहुँच होगी, औद्योगिक संपर्क में सुधार होगा, शहरी यातायात कम होगा और एनसीआर में माल की आवाजाही में तेज़ी आएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुशाभाऊ ठाकरे को दी श्रद्धांजलि
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. ठाकरे जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन देश सेवा को समर्पित कर दिया था। वे संगठन के कुशल शिल्पकार थे, जिनकी सांगठनिक दक्षता ने हजारों-लाखों व्यक्तियों को राष्ट्रप्रेम, जनसेवा और जनसंघ से जोड़ा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. ठाकरे जी का यह विचार कि राष्ट्रहित सदैव सर्वोपरि है, आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी जीवन शैली और सिद्धांत भावी पीढ़ियों को देश सेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर होने की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने अपने कुशल मार्गदर्शन से कई पीढ़ियों को संवारा और राष्ट्रभक्तों की फौज तैयार की। वे तपोनिष्ठ थे, हम सभी सदैव उन्हें स्मरण करते रहेंगे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, समाजसेवी हितानंद शर्मा, रवीन्द्र यति, आलोक संजर, ध्रुवनारायण सिंह सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
उत्तराखंड में बारिश का कहर
तहसील बागेश्वर से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम हरबाड में बारिश और भूस्खलन के कारण 07 परिवारों के भवन खतरे की जद में आने के कारण सुरक्षा के दृष्टि सम्बन्धितों को रा.प्रा.वि.हरबाड और पंचायत घर हरबाड में शिफ्ट किया गया है| हर परिवार को खाद्यान्न किट पटवारी के माध्यम से वितरित किया गया है|
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां महाकाली के अनन्य भक्त, आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने श्रद्धा-भक्ति के साथ मानव कल्याण को प्रभु प्राप्ति का माध्यम बताकर मोक्ष पाने का मार्ग प्रशस्त किया। तप, योग और ध्यान की त्रिवेणी उनकी आध्यात्मिक यात्रा प्रेरणा देती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी रामकृष्ण जी ने जीवनभर समाज को कुरीतियों से मुक्त करने का संदेश दिया। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर समाज सुधार और आध्यात्मिक उत्थान का कार्य किया। उनके आदर्श और उनके जीवन मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव अनुकरणीय बने रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की पुण्यतिथि पर किया नमन
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर शौर्य स्मारक के समीप उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी देश सेवा की महान मिसाल थे। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने पूरे विश्व में भारत का मान बढ़ाया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना सम्पूर्ण जीवन देश को समर्पित कर दिया। कठिन से कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच भी उन्होंने कभी राष्ट्र के हितों से समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. अटल जी ने भारत को विकास की नई दिशा दी और उनके अमूल्य विचार सदैव जन-जन के जीवन को आलोकित करते रहेंगे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, खजुराहो सांसद एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, समाजसेवी हितानंद शर्मा, रवीन्द्र यति, सुमित पचौरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी अवंती बाई की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीरांगना रानी अवंतीबाई की 194वीं जयंती पर भोपाल के माता मंदिर चौक स्थित उनकी प्रतिमा और छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी अवंतीबाई भारतीय इतिहास की वह वीरांगना थीं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध डटकर संघर्ष किया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वे सदैव समाज को साहस, त्याग और बलिदान की प्रेरणा देती रहेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1857 की क्रांति में मातृभूमि के लिए समर्पित, वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर उन्हें नमन है, उनका वंदन है। उन्होंने कहा कि पराक्रम, शौर्य और रणकौशल से रानी अवंतीबाई ने दमनकारी अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ा दी थी और जन-जन को स्वतंत्रता के लिए जागृत किया। उनके ऋण से देश कभी उऋण न हो सकेगा।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, समाजसेवी हितानंद शर्मा, रवीन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म और धर्म के पथ पर अडिग रहना सिखाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की बधाई एवं मंगलकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण हमें जीवन की कठिनाइयों में भी मुस्कुराना सिखाते हैं, जिनको कोई तृष्णा नहीं, उनका नाम ही श्रीकृष्णा है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अनेक कष्ट और संघर्षों से भरा रहा, फिर भी वे अपने कर्त्तव्य से विमुख नहीं हुए। उनका जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी है। उन्होंने एक ओर जहां कालिया नाग को काबू में करके उसके फन पर नृत्य कर जीवन के कठिन से कठिन समय में मुस्कुराना सिखाया, वहीं दूसरी ओर कंस जैसे दुराचारी और अत्याचारी को उसके घर में मारकर साहस और वीरता के लिए प्रेरित किया। अत्याचारों के विरूद्ध उनकी वीरोचित भूमिका आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव पाथेय रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जारी संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के भीषण युद्ध के बीच कर्मवाद के सिद्धांत से बताया कि चाहे कैसी भी विकट परिस्थिति हो, हमें बुद्धि और धैर्य का परिचय देते हुए सदैव कर्म और धर्म के सद्मार्ग पर अडिग रहना चाहिए। जीवन के हर पड़ाव में गोपाल श्रीकृष्ण के विविध रूप नजर आते हैं। इनमें गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण, श्रीराधा-कृष्ण, विराट रूपधारी श्रीकृष्ण, योगीराज श्रीकृष्ण और द्वारकाधीश श्रीकृष्ण शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण ललित कलाओं में पारंगत थे। उन्होंने विश्व को कलाओं से परिचित कराया। वे हम सबके लिए सदैव पूजनीय हैं और रहेंगे।
विरासतों को सहेजने हम हैं प्रतिबद्ध, महलपुर पाठा मंदिर को बनायेंगे भव्यतम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विरासत से विकास हमारा मूल मंत्र है। हम अपने तंत्र को भी इसी मंशा के अनुरूप तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी समृद्धशाली संस्कृति और विरासतों को बेहतर तरीके से सहेजकर उन्हें संवारने के हमारे प्रयास हमेशा जारी रहेंगे। महलपुर पाठा के अतिप्राचीन श्रीराधा कृष्ण मंदिर का सभी संभव तरीके से जीर्णोद्धार और परिसर का विकास कर इसे भव्यतम स्वरुप प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर रायसेन जिले के गैरतगंज के महलपुर पाठा स्थित मंदिर परिसर में आयोजित श्री कृष्ण पर्व कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार तेजी से विकास कार्यों के लक्ष्य हासिल करते हुए आगे बढ़ रही है। जल्द ही प्रदेश के दो बड़े शहर इंदौर और भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित होंगे। राजधानी भोपाल से सटा जिला रायसेन, सांची और विदिशा भी मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा बनेगा। यही नहीं राजगढ़ और नर्मदापुरम भी मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रोपोलिटन सिटी विकसित होने पर रायसेन क्षेत्र के युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि रायसेन जिले के विकास के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांची विधानसभा क्षेत्र को 136 करोड़ रुपए के कई विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर लोक निर्माण विभाग के 15 कार्य सहित जनजातीय ग्रामों तक सड़क निर्माण और अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं में हितलाभ वितरण किए। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौद्यरोपण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। गौमाता का पूजन कर पशुआहार खिलाया।
झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का दिल्ली में निधन, सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक
उनके निधन पर कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया है। रामदास सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे और घाटशिला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। उनके निधन से झामुमो को भी गहरा आघात पहुंचा है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच उनकी सादगी और जनसेवा के लिए विशेष पहचान थी।
मंदिर में पूजा कर रही महिला के साथ हुई वारदात