देश-विदेश
गौ-शालाओं से मध्यप्रदेश में गौ-सेवा की लिखेंगे नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा तेजी से संकल्पबद्ध होकर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए गौ-शालाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ-शालाओं के माध्यम से गौ-सेवा की नई इबारत लिखी जाएगी और प्रदेश में नई दुग्ध क्रांति लाई जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दुग्ध उत्पादकों की आमदनी में भी वृद्धि की जाएगी। हमारा प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। इस दिशा में हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर जिले के महू-मण्डलेश्वर मार्ग पर स्थित आशापुरा में प्रदेश में हाईटेक कामधेनु गौ-शाला के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस गौ-शाला में 10 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था रहेगी। यह गौ-शाला लगभग 25 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाई जा रही है। इस गौ-शाला का निर्माण इंदौर नगर निगम द्वारा किया जायेगा। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी नगर निगम ही संभालेंगी। गौ-शाला के संचालन में संत समाज का सहयोग भी लिया जायेगा। गौ-शाला के संचालन में समाजसेवी नि:स्वार्थ भाव से गौ-सेवा के कार्यों में जुड़ सकेंगे। गायों के पालन और संरक्षण के लिये सभी जरूरी सुविधाएं गौ-शाला में रहेंगी। गौ-शाला क्षेत्र में सघन पौध-रोपण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार, विधायक उषा ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, निरंजन सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि और स्वामी अच्युतानंद जी महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी वर्ग की बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा संकल्पबद्ध होकर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। हमारी सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के भी निरंतर प्रयास कर रही है। साथ ही हमारे प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध के बेहतर दाम मिले। अभी देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 प्रतिशत उत्पादन मध्यप्रदेश में है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गौ-वंश की समस्याओं का समाधान गौ-शालाओं के माध्यम से किया जा रहा है।
UPI service down रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन पेमेंट में परेशानी
नईदिल्ली/रायपुर। देशभर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सर्विस आज शनिवार (12 अप्रैल) को अचानक ठप पड़ गईं। यूजर्स का कहना है कि PhonePe, Paytm और Google Pay ने शनिवार दोपहर को काम करना बंद कर दिया है। इस तकनीकी खराबी के चलते रोजमर्रा की खरीदारी, बिल पेमेंट और पैसे ट्रांसफर जैसे जरूरी काम प्रभावित हुए। यूपीआई सेवा ठप होने का असर राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में देखा गया है।
इस समस्या के चलते डाउनडिटेक्टर पर शिकायतों की संख्या अचानक बढ़ गई। दोपहर 12 बजे के आसपास शिकायतों की संख्या 1,200 से अधिक पहुंच गई। करीब 66% यूज़र्स ने पेमेंट में समस्या, जबकि 34% ने फंड ट्रांसफर में दिक्कत की शिकायत की। हालांकि अभी इस आउटेज को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि इससे देशभर के कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं।
Downdetector के मुताबिक, इस आउटेज के कारण कई बैंकों के पेमेंट ऐप पर भी प्रभावित हुए है। इनमें SBI, HDFC, ICICI और गूगल पे जैसे बैंक पेमेंट ऐप शामिल हैं। इस सर्विस के ठप होने के कारण आमलोगों से लेकर व्यापारियों तक सभी को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अब तक NPCI या किसी बड़े यूपीआई प्लेटफॉर्म की ओर से इस आउटेज के कारण या उसके समाधान के समय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।
सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य का मंचन 12 से 14 अप्रैल तक
रायपुर। महान सम्राट विक्रमादित्य, विक्रम संवत् और देश के गौरवशाली इतिहास में उनके योगदान से देश को अवगत कराने के लिए सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य का मंचन 12 से 14 अप्रैल तक नई दिल्ली के लाल किले में माधवदास पार्क में होगा। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शाम को 7 बजे "विक्रमोत्सव" में सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नई दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के साथ साथ लाल क़िले पर विक्रमादित्य और अयोध्या, विक्रमादित्य क़ालीन पुरातात्विक मुद्रा मुद्रांक, वृहत्तरभारत के सांस्कृतिक वैभव, मध्यप्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं, प्रदेश में निवेश तथा रोज़गार सृजन के अवसरों में लोकव्यापीकरण के प्रयासों पर केंद्रित प्रदर्शनियाँ भी लगाई जा रही हैं। साथ ही दिल्ली के निवासी फूड कोर्ट में मध्यप्रदेश के स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी चख सकेंगे। इस तीन दिवसीय उत्सव में भारतीय इतिहास और संस्कृति के महान नायक के योगदान को जीवंत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति ने महानाट्य की परिकल्पना को साकार किया है। महानाट्य में विक्रमादित्य के जन्म से लेकर सम्राट बनने तक की सभी गाथाएँ अंकित की गई है। सम्राट विक्रमादित्य के विराट स्वरूप को प्रस्तुत करने के लिये कलाकारों का विशाल दल लगभग 125 कलाकारों और 50 अन्य सहयोगियों के माध्यम से इसे प्रस्तुत किया जायेगा। नाटक के दृश्यों का सजीव बनाने के लिए अश्व, रथ, पालकी एवं ऊँट आदि का इस्तेमाल किया गया है। मंचीय प्रस्तुतिकरण को प्रभावी बनाने के लिये तीन मंच एवं एलईडी ग्राफिक्स के स्पेशल इफेक्ट का प्रयोग किया गया है।
मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, धरोहरों, कला–कौशल और पर्यटन को वैश्विक पटल पर प्रमुखता से प्रदर्शित करने का यह प्रमुख मंच हैं। इसी तारतम्य में महान नायक सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल से जन मानस को अवगत कराने के लिए “विक्रमोत्सव- 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह न केवल सम्राट विक्रमादित्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को जन मानस तक पहुंचाएगा, बल्कि मध्यप्रदेश की समृद्ध परंपराओं और पर्यटन संभावनाओं को भी राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा।
विक्रमोत्सव-2025 में मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों के फूड स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जिसका दिल्लीवासी आनंद ले सकेंगे। मध्यप्रदेश में पर्यटन विभाग की प्रमुख पहल, नवाचारों और पर्यटन सर्किट की जानकारी दी जाएगी। तकनीक की सहायता से नागरिकों को ऐतिहासिक कथाओं को जानने का अवसर भी प्राप्त होगा। यहां AR/VR अनुभव के लिए पैवेलियन होगा, साथ ही बाबा महाकाल का होलोग्राफिक भी प्रदर्शित किया जाएगा। मध्यप्रदेश की हस्तकला व कौशल को मंच प्रदान किया जाएगा, जिसमें हस्त शिल्पकार गोंड कला, बाग प्रिंट, टेराकोटा शिल्प, खजूर पत्ती शिल्प, पारंपरिक शिल्प और पेपर मैशी कला व चित्रकला के साथ अन्य उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीआनंद सर मंदिर परिसर में दर्शन कर सरोवर में पुष्प अर्पित किए
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को श्री आनंदपुर धाम में परम पावन पूजा स्थल महातीर्थ श्री आनंद सर मंदिर परिसर में 4 मंदिरों के दर्शन किए। उन्होंने श्री आनन्द सरोवर में पुष्प अर्पित कर परमपिता से देशवासियों की सुख- समृद्धि और कल्याण की कामना की। प्रधानमंत्री मोदी श्री आनंदपुर धाम स्थित हैलीपेड से सीधे मंदिर परिसर में दर्शन करने पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी का ग्वालियर से हैलीकॉप्टर द्वारा श्री आनंदपुर धाम आगमन हुआ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को मोती महल में श्री परमहंस अद्वैत मत परम्परा के प्रमुख गुरु महाराज से शिष्टाचार भेंट की। यह विशेष भेंट आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर केंद्रित रही, जिसमें देश की आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने पर पारस्परिक संवाद हुआ। इस विशेष भेंट ने न केवल आध्यात्मिक जगत में उत्साह का संचार किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि देश के नेतृत्व और आध्यात्मिक संस्थाओं के बीच सकारात्मक संवाद सतत रूप से जारी है।
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अपराह्न लगभग 3.30 बजे अशोकनगर जिले के श्री आनंदपुर धाम पहुंचे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हेलीपैड पर प्रधानमंत्री श्री मोदी का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा भी उपस्थित थे।
पद्म पुरस्कार-2026 के लिए 31 जुलाई, 2025 तक किए जा सकेंगे नामांकन
नईदिल्ली। गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार-2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें 15 मार्च 2025 से शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्कारों के नामांकन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी।
पद्म पुरस्कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों के अंतर्गत ‘उत्कृष्ट कार्य’ के लिए सम्मानित किया जाता है। पद्म पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्य सरकारी सेवक, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी सेवक भी शामिल है, पद्म पुरस्कारों के पात्र नहीं हैं।
सरकार पद्म पुरस्कारों को “पीपल्स पद्म” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अत:, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे नामांकन/सिफारिशें करें। नागरिक स्वयं को भी नामित कर सकते हैं। महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा कर रहे लोगों में से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के ठोस प्रयास किए जा सकते हैं जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में पहचाने जाने योग्य हैं।
नामांकन/सिफारिशों में पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें वर्णनात्मक रूप में एक उद्धरण (citation) (अधिकतम 800 शब्द) शामिल होना चाहिए, जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/अनुशासन में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया हो।
इस संबंध में विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in) पर ‘पुरस्कार और पदक’ शीर्षक के अंतर्गत और पद्म पुरस्कार पोर्टल (https://padmaawards.gov.in) पर उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित संविधि (statutes) और नियम वेबसाइट पर https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx लिंक पर उपलब्ध हैं।
अगले तीन साल में मध्यप्रदेश का नेशनल हाइवे नेटवर्क अमेरिका से भी अच्छा बनायेंगेः गडकरी
भोपाल। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को धार जिले के बदनावर के ग्राम खेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 5800 करोड़ रूपए की लागत वाली 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं एवं संबद्ध अधोसंरचना निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। यहां तेजी से विकास हो रहा है। सबको सुखी, समृद्ध और सशक्त बनाने का विजन लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़ी तेजी से प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजमार्ग सिर्फ एक मार्ग नहीं, यह जन-जन का जीवन बदलने वाले प्रगति पथ होते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 10 सालों में हम देश की अधोसंरचना में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है, इसमें मध्यप्रदेश की भागीदारी भी होगी। म.प्र. में विकास की ललक दिखाई देती है, इसलिए हम इसे देश के विकास का सबसे बड़ा अंशभागी राज्य बनायेंगे।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले तीन साल में हम मध्यप्रदेश में उपलब्ध राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को अमेरिका से अच्छा और सुंदर बनायेंगे। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में हम देश में तीन लाख करोड़ रूपए से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य अधोसंरचना निर्माण कार्य पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश-प्रदेश के विकास के लिए 4 प्रमुख संसाधनों जल, ऊर्जा, परिवहन और अधोसंरचनात्मक विकास की जरूरत होती है और उन्हें खुशी है कि मध्यप्रदेश इन चारों संसाधनों के विकास पर तेजी से बढ़ रहा है।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर मंच से ही केन्द्रीय सड़क निधि से 12 हजार करोड़ रूपए लागत से 400 कि.मी. लंबाई 6 नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास कार्यों को मंजूरी दी। केन्द्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में 33 हजार करोड़ रूपए की लागत से एनएचएआई द्वारा निर्मित किए जाने वाले 5 नए ग्रीनफील्ड इकॉनामिक कॉरिडोर निर्माण कार्य, रिंग रोड, एलिवेटेड कॉरीडोर, सेतु एवं अन्य निर्माण कार्यों को भी मंजूरी देते हुए इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने की समय-सीमा भी घोषित की।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर क्षेत्र का विकास होगा। युवाओं को रोजगारमिलेगा, गरीबी दूर होगी। किसानों की फसल को अच्छा दाम मिलेगा। रोड कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि राजमार्ग हैप्पीनेस लाने वाले हाई-वे होते हैं। हम मध्यप्रदेश के गांव-गांव को सड़कों से जोड़ेंगे, ताकि यहां सबको शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य उपचार और विकास का लाभ मिले।
रेडक्रॉस इकाइयों के निर्वाचन की हो नियमित व्यवस्था : पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेश की जिला रेडक्रॉस समितियों के निर्वाचन कार्य की राजभवन में समीक्षा की। उन्होंने जिला इकाइयों जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है अथवा हो गया है। उनके निवार्चन की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारम्भ करने के निर्देश दिए है।
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, कलेक्टर भोपाल कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, राज्य रेडक्रॉस समिति के जनरल सेक्रेटरी सहित राजभवन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि रेडक्रॉस की सभी स्तर की इकाइयों के निर्वाचन की नियमित व्यवस्था हो। निर्वाचन कार्य समय पर हो। इस व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए। प्रदेश की जिला इकाइयों का कार्यकाल अंतिम चरण में है अथवा पूरा हो गया है। उनके निर्वाचन का कैलेंडर जारी किया जाए। राज्यपाल ने रेडक्रॉस से संबंद्ध समितियों के निर्वाचन प्रक्रिया को भी शुरू करने के लिए कहा है। उन्होंने अधिकारियों से राजभवन द्वारा रेडक्रॉस इकाइयों को दिए गए अनुदान के उपयोग की समीक्षा करने की अपेक्षा की है। सिकल सेल एनीमिया के रोगियों को उचित औषधियों की उपलब्धता में बाधा नहीं आए। उन्होंने इस की सतत मॉनिटरिंग के लिए भी निर्देशित किया है।
मुद्रा योजना के 10 साल: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- बोल दूंगा इनकम टैक्स वाले नहीं आएंगे
नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने के मौके पर देशभर के लाभार्थियों से अपने आवास पर मुलाकात की। इस बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि इस योजना से उनके जीवन में क्या-क्या सकारात्मक बदलाव आए। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मैंने पूरे भारत से मुद्रा लाभार्थियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया था। उन्होंने इस योजना से आए बदलावों की प्रेरणादायक कहानियाँ साझा कीं।”
Mudra Yojana has given opportunities to countless people to showcase their entrepreneurial skills. Interacted with some of the beneficiaries of the scheme. Their journey is inspiring. #10YearsOfMUDRA https://t.co/QcoIK1VTki
— Narendra Modi (@narendramodi) April 8, 2025
उन्होंने आगे लिखा, “मुद्रा योजना ने बीते दशक में कई सपनों को हकीकत में बदला है। इसने उन लोगों को सशक्त बनाया है, जिन्हें पहले वित्तीय सहायता नहीं मिलती थी। इससे यह साबित होता है कि भारत के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।” पीएम मोदी ने यह भी बताया कि अब तक बिना किसी गारंटी के ₹33 लाख करोड़ रुपए का लोन देशवासियों को दिया जा चुका है, जिससे खासकर महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिला है।
पीएम ने कहा कि मुद्रा योजना खासकर देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है। उन्होंने कहा, “हमारे देश में एक साइलेंट रिवॉल्यूशन हो रहा है, लेकिन बहुत कम लोगों को इसकी भनक है।”
अभिनेता पवन कल्याण के बेटे मार्क शंकर सिंगापुर में हादसे का हुए शिकार, अस्पताल में भर्ती
नईदिल्ली: सिंगापुर में स्कूल में आग लगने की घटना में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण के छोटे बेटे मार्क शंकर घायल हो गए हैं। हादसे में उनके हाथ और पैर को चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें तुरंत सिंगापुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू कर दिया है और उनकी रिकवरी पर नजर रखी जा रही है। इस खबर के बाद पवन कल्याण अपने बेटे से मिलने सिंगापुर रवाना होने की तैयारी कर रहे हैं।
फिलहाल, पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के दौरे पर हैं, जहां वह राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। उन्होंने अपने निर्धारित दौरे को पूरा करने के बाद सिंगापुर जाने का फैसला किया है। उनकी पार्टी जनसेना ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि पवन कल्याण पहले अराकू के पास कुरीडी गांव में आदिवासियों से मिलेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और विकास योजनाओं की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वह विशाखापत्तनम से सिंगापुर के लिए रवाना होंगे।
पवन कल्याण ने कहा, “मैंने आदिवासियों से वादा किया था कि मैं उनके गांव जाऊंगा। मैं अपना वादा पूरा करूंगा और फिर सिंगापुर जाऊंगा।” इस घटना ने उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों को चिंता में डाल दिया है। हर कोई मार्क शंकर के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है। पवन कल्याण के राजनीतिक और पारिवारिक दायित्वों के बीच यह संतुलन उनके समर्पण को दर्शाता है।
अधिकाधिक राष्ट्रीय राजमार्गों की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार से करें बेहतर समन्वय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़क विकास के काम में हम किसी से भी पीछे न रहें। प्रदेश में सड़कों विशेषकर अधिक यातायात वाले राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से उच्च कोटि का समन्वय करें। आपसी संवाद में कोई कमी न रखें, ताकि राजमार्गों की मंजूरी और निर्माण के कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में लोक निर्माण एवं एनएचएआई के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को पूरी गुणवत्ता (परफार्मेंस गारंटी) के साथ तय समय-सीमा में ही पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े भू-अधिग्रहण के लंबित मामलों को आपसी वार्ता के जरिए शीघ्र सुलझाया जाए। बैठक में बताया गया कि गत वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर कराने के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है। यह मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा दी गई बड़ी सौगातों में से एक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में बाबा महाकाल मंदिर के पास से एक एलिवेटेड रोड बनाया जा सकता है, जो रेलवे स्टेशन को सीधा कनेक्ट करे। इससे महाकाल दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का बेहतर तरीके से यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एनएचएआई के अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि आगामी 10 अप्रैल को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी धार जिले के बदनावर आएंगे। यहां वे एक गांव में एनएचएआई द्वारा निर्मित की गईं 218 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकर्पण करेंगे। इनकी कुल लागत 3502 करोड़ रुपए है। इसी प्रकार एनएचएआई द्वारा निर्मित की जाने वाली 110 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमिपूजन भी इसी अवसर पर केंद्रीय मंत्री द्वारा किया जाएगा। इन सभी निर्माण कार्यों की लागत 2330 करोड़ रुपए है।
छत्तीसगढ़ की नई धमनी बनेगी खरसिया-परमालकसा 5वीं-6वीं रेल लाइन, मिलेगा बंपर रोजगार: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
रायपुर। केंद्रीय कैबिनेट की ओर से मंजूर खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा रेल प्रोजेक्ट के बारे में रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को रेल भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को बदलने वाला है। इस प्रोजेक्ट पर 8741 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे पूरे छत्तीसगढ़ को एक छोर से दूसरे छोर तक कवरेज मिलेगा। रेल मंत्री ने कहा कि खरसिया-परमालकसा 5वीं-6वीं रेल लाइन छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क की नई धमनी की तरह है। यह ओडिशा की सीमा से महाराष्ट्र की सीमा तक रेल नेटवर्क की सुविधा प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यह भारत के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक है। इससे छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जांजगीर चाँपा, बिलासपुर, बलौदा बाजार, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिले जुड़ेंगे । इसके तहत 21 स्टेशन बनेंगे और 48 बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे। साथ ही 349 माइनर ब्रिज बनेंगे। 14 फ्लाईओवर और 184 अंडर पास का निर्माण होगा। स्थानीय स्तर पर निवासियों को दिक्कत ना हो इसके लिए 5 रेल फ्लाईओवर भी निर्मित किए जाएंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में 615 किलोमीटर लंबी पटरियां बिछेंगी, जिसमें 278 किलोमीटर का रूट है। इस रूट के निर्माण के बाद 8 से ज्यादा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इस रेल नेटवर्क के निर्माण से करीब 22 करोड़ लीटर डीजल बचेगा और रेलवे को लगभग 2500 करोड़ रुपये के डीजल की बचत होगी। रेल मंत्री ने कहा कि भगवान राम के वनवास के दौरान माता शबरी के प्रसंग से जुड़े लक्ष्मी नारायण मंदिर का भी इस रेल नेटवर्क से संपर्क स्थापित होगा। बलौदा बाजार और खरसिया जैसे सीमेंट उत्पादन के बड़े इंडस्ट्रियल हब भी इस नेटवर्क से जुड़ेंगे।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए रेलवे अब बायपास पद्धति को अपना रही है। इसके तहत मालगाड़ी को शहर के बाहर से निकालने पर जोर दिया जा रहा है । वहीं यात्री गाड़ियों को शहर के अंदर एंट्री दी जाएगी । इस रेल लाइन के निर्माण के दौरान भी इस पर फोकस रहेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत डोकरा और कोसा सिल्क के उत्पादन वाले इलाके भी रेल लाइन के जरिए जुड़ेंगे । इसके चलते 2 करोड़ मैन डे जॉब क्रिएट होगा।
रेल मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ को लगभग 3 सौ करोड़ का रेलवे फंड मिलता था । वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट अब 22 गुना बढ़कर लगभग 6900 करोड़ से ज्यादा हो गया है । साथ ही 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में रेलवे के काम में अभूतपूर्व तेजी आई है । इसके तहत 1,125 किमी नए ट्रैक बने हैं, जोकि दुबई के पूरे रेलवे नेटवर्क से ज्यादा है ।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेलवे का कुल निवेश 47 हजार करोड़ से अधिक है । इसके तहत 32 स्टेशनों का पुनर्निर्माण हो रहा है, और इन्हें पूरी तरह नया बनाया जा रहा है । इनमें से कई स्टेशनों के विकास का कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा ।
राज्य के महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि दल्लीराझरा से रावघाट नई लाइन पूरी होने वाली है । अब इसके आगे रावघाट से जगदलपुर रेल लाइन के डीपीआर बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है । वैसे ही गेवरा-पेन्ड्रा रोड नई लाइन पर भी तेजी से काम चल रहा है । साथ ही राजनांदगांव से नागपुर तीसरी लाइन, झारसुगुड़ा से बिलासपुर चौथी लाइन, रायपुर-केन्द्री-धमतरी से अभनपुर-राजिम लाइन का गेज कन्वर्जन करके ब्रॉड गेज बनाया जा रहा है । राजनांदगांव से डोंगरगढ़ चौथी लाइन, जगदलपुर से कोरापुट की डबलिंग, धरमजयगढ़ से कोरबा नई लाइन, अनूपपुर से अंबिकापुर के दोहरीकरण के लिए पर्याप्त फंड दिए गए हैं ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुखातिब होते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राज्य के लोगों ने जिन उम्मीदों के साथ डबल इंजन की सरकार बनाई है, उसे पूरा करने का काम भारतीय रेल कर रही है । वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आई है, छत्तीसगढ़ में रेलवे से जुड़ा हजारों करोड़ का काम हो रहा है। नई परियोजना से छत्तीसगढ़ के छह सात जिले जुड़ते हैं, यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है। स्टेशनों के विकास के लिए सरकार ने करोड़ों का फंड दिया है, इससे रेलवे और छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदलेगी।
घरेलू गैस सिलेंडर 50 रुपए महंगा... उज्जवला योजना वाले भी होंगे प्रभावित
डेस्क। आम आदमी की रसोई पर फिर से महंगाई की मार पड़ी है। केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में 50 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। अब उज्जवला योजना के लाभार्थियों को भी ज्यादा कीमत चुकानी होगी। नई दरें आज रात 12 बजे से लागू होंगी।
अब तक घरेलू एलपीजी सिलेंडर 808 रुपए में मिलता था, लेकिन बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत 858 रुपए हो जाएगी। वहीं, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाला सिलेंडर अब 500 की बजाय 550 रुपए में मिलेगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ेगी। यह एक ऐसा कदम है जिसकी हम आगे चलकर समीक्षा करेंगे. हम हर 2-3 सप्ताह में इसकी समीक्षा करते हैं। इसलिए, आपने जो उत्पाद शुल्क में वृद्धि देखी है, उसका बोझ पेट्रोल और डीजल पर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। उस उत्पाद शुल्क वृद्धि का उद्देश्य तेल विपणन कंपनियों को 43,000 करोड़ रुपये की भरपाई करना है, जो उन्हें गैस के हिस्से पर हुए नुकसान के रूप में हुआ है।
चित्रकूट धार्मिक स्थल ही नहीं, सनातन संस्कृति, सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना का है जीवंत केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चित्रकूट केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, हमारी सनातन संस्कृति, सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत केंद्र है। यह परमधाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोस्थली है, जहां भगवान श्रीराम, माता जानकी और भैया लखन के साथ सदा सर्वदा निवास करते हैं। रामनवमीं के दिन मैं तपोभूमि चित्रकूट में आकर धन्य हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को श्रीराम प्राकट्य पर्व एवं चित्रकूट गौरव दिवस कार्यक्रम में दीपदान किया। उन्होंने मां मंदाकिनी की पूजा-अर्चना भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदाकिनी के तट पर भरत घाट में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आज का दिन सौभाग्यशाली है। आज पवित्र नौवीं तिथि है और कामतानाथ जी की नगरी चित्रकूट अपना गौरव दिवस मना रही है। चित्रकूट के घाटों पर असंख्य दीपदान की अलौकिक छटा दिख रही है। भरत घाट, कामदगिरि पर्वत, कामतानाथ स्वामी मंदिर के साथ चित्रकूट के सभी मंदिरों और घर-घर एवं गली, मोहल्लों, रास्तों में दीपमालाओं की अनुपम छटा देखते ही बन रही है। उन्होंने नगर वासियों को रामनवमीं एवं चित्रकूट गौरव दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में सद्गुरु सेवा ट्रस्ट, दीनदयाल शोध संस्थान के द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा के लिए नाना जी के संकल्पों को पूरा किए जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 19 धार्मिक स्थलों में एक अप्रैल से शराबबंदी लागू कर दी गई है, जिससे हमारे देव स्थानों में विकृतियां न पनपें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की ओर अग्रसर है। सर्वसम्मति से जो भी निर्णय हो रहे हैं उसे पूरा देश स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के लिए संसद में चर्चा व विचार-विमर्श के बाद वक्फ संशोधन विधेयक को स्वीकृति मिली है जो हमारे लोकतंत्र की खूबी को दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेशवासी त्यौहार में शुभ संकल्प लें और प्रदेश के विकास के लिए समवेत हों।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट के गौरव दिवस पर कलाकारों का सम्मान किया। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंग वस्त्रम पहनाकर स्वागत किया गया। सांसद सतना श्री गणेश सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह परम सौभाग्य है कि चित्रकूट की पावन धरा में श्रीराम के प्राकट्य पर्व और चित्रकूट गौरव दिवस के आयोजन में मुख्यमंत्री जी का आगमन हुआ है।
मैहर में होगा माँ शारदा लोक का निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मैहर में माँ शारदा देवी का भव्य शारदा लोक का निर्माण किया जायेगा। इसी तरह चित्रकूट में वनवासी भगवान श्रीराम लोक का भी निर्माण होगा। आज रावनवमीं पर पूरी अयोध्या जगमग है तो भगवान श्रीराम की कर्मभूमि चित्रकूट भी आज लाखों दीपों से जगमग होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बहनों की माँग पर मैहर सहित प्रदेश के 19 धार्मिक क्षेत्रों में शराबबंदी कर दी है। मैहर में शीघ्र ही कलेक्ट्रेट भवन का निमार्ण कार्य शुरू किया जायेगा। इसी साल बरगी बांध से माँ नर्मदा का जल मैहर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पहुंचाया जायेगा।
देश में सिंचाई के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। वर्ष 2003 में केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा थी, जिसे 55 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया गया है। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से अगले 5 साल में प्रदेश में 1 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। मैहर में 250 एकड़ क्षेत्र में विशाल गौशाला का निर्माण भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मैहर में रामनवमीं के दिन माँ शारदा मंदिर में दर्शन कर आमसभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ शारदा की कृपा से मैहर जिले को मॉडल के रूप में विकसित किया जायेगा। रामनवमीं पर माँ शारदा से मुझे आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। आज हम रामनवमीं के साथ माँ शारदा के परम भक्त और परमवीर आल्हा का 1300वां जन्म वर्ष भी मना रहे हैं। आल्हा ने अपनी वीरता से बुंदेलखण्ड की धरती को वीरों की धरती बनाया। प्रदेश में आल्हा के जीवन से जुडे कार्यक्रम वर्ष भर आयोजित किये जायेंगे, जिसका पूरा खर्च सरकार उठायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक कलाकारों ने भी वीर रस से भरे हुए मोहक आल्हा गायन से युद्धों का सजीव वर्णन किया। ऐसा लग रहा था जैसे सचमुच में तलवारें चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने मंच में आल्हा कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाली कला-मण्डलियों को 50-50 हजार रूपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2003 के पहले औद्योगिक विकास दर 1 प्रतिशत से भी कम थी। आज औद्योगिक विकास दर 12 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश देश में सबसे तेजी से औद्योगिक विकास करने वाला राज्य है। हर संभाग मुख्यालय में इन्वेस्टर्स मीट में औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के बडे प्रस्ताव मिले है। औद्योगिक विकास के लिए मैहर में नवीन संस्थानों की स्थापना की जायेगी। ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में 32 लाख सोलर पंप लगाकर किसानों को मुफ्त में बिजली देंगे। किसानों के पास यदि उनके उपयोग से अधिक बिजली पैदा हुई तो उसे खरीदकर रूपये भी सरकार देगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समाज पर होंगे दूरगामी व्यापक प्रभाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विविध प्रकार के सकारात्मक और नकारात्मक सामाजिक प्रभाव हो सकते है। उन्होंने बताया कि शालेय जीवन में जिस प्रकार से विज्ञान के वरदान अथवा अभिशाप होने पर चर्चा की जाती थी, कंप्यूटर और इंटरनेट क्रांति के शुरुआती दौर में भी रोजगार को लेकर इसी प्रकार के प्रश्न उठते थे। वर्तमान युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संबंध में भी विभिन्न धारणाएं बन रही हैं, जिनसे इस अत्याधुनिक तकनीक को आशीर्वाद और संकट दोनों ही रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा जताई कि इसके समाज पर दूरगामी सकारात्मक प्रभाव होंगे। उन्होंने दीनदयाल शोध संस्थान को इस गहन विषय पर सेमिनार आयोजित करने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान द्वारा दिल्ली में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक प्रभाव’ विषय पर आयोजित सेमिनार के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई आने से यह धारणा बनी है कि इससे बहुत सी नौकरियां खत्म हो जायेंगी। उन्होंने कहा कि जब कम्प्यूटर आये थे, तो यह ही डर बना था। लेकिन जैसे उस वक्त नौकरियां पैदा हुई वैसे ही आज एआई नई नौकरियां पैदा कर रहा है और मौजूदा नौकरियों को बदल रहा है। खासतौर पर डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में यह तकनीकी व्यवसायों को नये उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने और उनकी दक्षता में सुधार करने में मदद कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक शक्तिशाली तकनीक है, जिसके सामाजिक प्रभाव बहुत गहरे हैं। हमें इस पर विचार करना चाहिये कि किस तरह हम इसे वरदान बनाये।
सेमिनार में केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, नीति आयोग के सदस्य वीके. सारस्वत, दीनदयाल शोध संस्थान के महासचिवअतुल जैन, आरआईएस के महानिदेशक सचिन चतुर्वेदी ने भी सत्र में अपने विचार रखे। संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
धार्मिक नगरों में पवित्र भाव और परिवारों में स्वस्थ वातावारण बनाए रखने के लिए लागू की शराबबंदी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'वसुधैव कुटुंबकम' के विचार वाली भारतीय संस्कृति संपूर्ण विश्व को परिवार मानती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इस सिद्धांत पर चल रही राज्य सरकार सभी के हित और कल्याण के लिए समर्पित है। परिवारों का वातावरण खराब न हो, मेहनत से कमाए गए पैसे का उपयोग परिवार के हित में हो, यह सुनिश्चित करने के लिए ही शराबबंदी लागू की गई है।
धार्मिक नगरों में पवित्र भाव की अनुभूति होती है, अत: प्रदेश में विद्यमान 19 देव-स्थानों की गरिमा को बनाए रखने के लिए ही इन स्थानों पर शराबबंदी लागू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव माँ पीताम्बरा की नगरी दतिया में शराबबंदी लागू करने के लिए आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दतिया में शराबबंदी के लिये नागरिक अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया सहित प्रदेश में जहां-जहां देवी मां की कृपा है, वहां देवी लोक विकसित किए जाएंगे। चित्रकूट सहित भगवान श्रीराम से जुड़े प्रदेश के सभी स्थानों का श्रीराम वनपथ गमन मार्ग के अंतर्गत उन्नयन किया जा रहा है। इसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण की जहां-जहां भी लीलाएं हुईं, उन स्थानों को भी तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति के मूल भाव "सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामय:" के अनुरूप राज्य सरकार सबके कल्याण के लिए ही समर्पित भाव से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। राज्य सरकार के लिए कृषकों का हित सर्वोपरि है, किसानों को उनकी मेहनत और उपज का सही दाम मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए ही 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के लिए 'केन-बेतवा' लिंक परियोजना और 'चंबल-काली सिंध-पार्वती' नदी जोड़ों परियोजना जैसी सौगात प्रदेश को दी है। साथ ही ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से जमीन नहीं बेचने का आहवान करते हुए कहा कि इन नदी जोड़ो परियोजनाओं से दतिया भी लाभान्वित होगा और किसान परिवारों का खुशहाल जीवन सुनिश्चित है। डबल इंजन की सरकार में जनता का हित सर्वोपरि है, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने जो कहा वह करके दिखाया है।
भोपाल में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज का रजत जयंती सम्मेलन नवम्बर में
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में धार्मिक, आध्यात्मिक पर्यटन के विकास को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में भगवान बुद्ध का जिन स्थानों पर प्रभाव रहा है उन्हें बौद्ध सर्किट के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएं। ऐसे स्थानों में उज्जैन सहित सांची के निकट सतधारा, सोनारी आदि का समावेश किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों को विश्वविद्यालय में लागू करने को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय सांची की कार्य परिषद की छठवीं बैठक गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में संपन्न हुई। बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आचार्य प्रो. यज्ञेश्वर एस. शास्त्री वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुए। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. वैद्यनाथ लाभ के साथ ही, साधारण परिषद के सदस्य प्रो. सत्य प्रकाश शर्मा, पद्मश्री कपिल तिवारी, अभय कात्यायन और प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिषद के सदस्यों के सुझावों पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों में शामिल रहे महाकात्यायन से संबंधित शोध कार्य भी प्रारंभ किया जाए। महाकात्यायन ने उज्जैन से लेकर मथुरा तक भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार किया था। वे तर्क और शास्त्रार्थ में अद्वितीय माने गए थे। बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्ति की उनकी कथा प्रेरक मानी गई है जो धैर्य, ज्ञान और आत्म-अनुशासन के मूल्यों की शिक्षा देती है।
बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी नवम्बर माह में भोपाल में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज के रजत जयंती सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सम्मेलन के लिए आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के कुलगुरू ने विश्वविद्यालय द्वारा संपादित की जा रही अकादमिक गतिविधियों की जानकारी दी। वर्तमान में विश्वविद्यालय के बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन और लायब्रेरी भवन का कार्य भी पूर्णता की ओर है।