देश-विदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 17 जुलाई, 2025 को प्रतिष्ठित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान करेंगी
Delhi : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 17 जुलाई, 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा आयोजित एक समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू की उपस्थिति में प्रतिष्ठित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान करेंगी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 विश्व के सबसे बड़े शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण का 9वां संस्करण है। यह ऐतिहासिक आयोजन स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) को आगे बढ़ाने वाले शहरों के अथक प्रयासों को मान्यता देते हुए शहरी भारत के सबसे स्वच्छ शहरों को पुरस्कृत करेगा। इस वर्ष सुपर स्वच्छ लीग शहर, 5 जनसंख्या श्रेणियों में शीर्ष, स्वच्छ शहर, विशेष श्रेणी: गंगा शहर, छावनी बोर्ड, सफाई मित्र सुरक्षा, महाकुंभ, राज्य स्तरीय पुरस्कार - राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का होनहार स्वच्छ शहर आदि चार श्रेणियों में कुल 78 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने फौजा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया
Delhi प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फौजा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया जिनके असाधारण व्यक्तित्व और मजबूत विचारधारा ने उन्हें पीढ़ियों तक प्रेरणा का स्रोत बनाया। प्रधानमंत्री ने उन्हें अविश्वसनीय दृढ़ संकल्प वाले एक असाधारण एथलीट के रूप में सम्मानित किया।
"फौजा सिंह जी अपने अद्वितीय व्यक्तित्व और फिटनेस जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भारत के युवाओं को प्रेरित करने के अपने तरीके के कारण असाधारण थे। वे अद्भुत दृढ़ संकल्प वाले एक असाधारण एथलीट थे। उनके निधन से मुझे बहुत दुःख हुआ। मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार और दुनिया भर में उनके अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर दुःख जताया
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के दिग्गज मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर गहन संवेदना व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति एवं परिजन एवं प्रशंसकों को दु:ख सहने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि 114 वर्ष की आयु में भी सक्रिय और सेहत के लिए सतर्क रहने वाले फौजा सिंह खेल गतिविधियों के अतिरिक्त दुनिया में फिटनेस के लिए ख्याति प्राप्त कर चुके थे।
व्यापारिक साझेदारियों की दिशा में दुबई यात्रा सफल : मुख्यमंत्री डॉ यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 15 जुलाई के दौरान अपने दुबई प्रवास के दौरान विभिन्न व्यापारिक बैठकों और निवेश संवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए। दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री ने दुबई से एक विशेष संदेश जारी कर इस यात्रा को “विकास यात्रा की एक मजबूत नींव” बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मेरे दुबई प्रवास के दौरान अनेक व्यापारिक बैठकों का आयोजन हुआ। मैं यहां के निवेशकों, भारतीय समुदाय के नागरिकों, सरकार के अधिकारियों और भारत के महावाणिज्य दूत का हृदय से धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई की सामर्थ्य को पहचाना है और 2015 से ही उन्होंने इस शहर को वैश्विक व्यापार का प्रवेश द्वार बनाने की दिशा में कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का कार्य किया है,”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से इस ‘विकास यात्रा’ को इस भावना के साथ डिज़ाइन किया गया है कि यह राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक मजबूत आधार बने।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस दौरे के दौरान दुबई स्थित डीपी वर्ल्ड, जाएफजा (जेबेल अली फ्री ज़ोन), भारतीय उद्यमियों और निवेशकों के साथ कई रणनीतिक बैठकों का आयोजन हुआ, जिसमें भारत मार्ट जैसे महत्वाकांक्षी वैश्विक व्यापार केंद्र को लेकर सहमति भी बनी।
PWD विभाग में फिर सख्ती: अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय छोड़ने से पहले प्रमुख सचिव से लेनी होगी अनुमति, नहीं चलेगी मनमानी
नए आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवकाश के बाद भी मुख्यालय छोड़ने से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचना देनी होगी। आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो अनुशासनहीनता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस सख्ती का मकसद PWD में कार्यकुशलता बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना है। अब देखना यह होगा कि यह नया आदेश कितना प्रभावी साबित होता है।
नवाचार, सामाजिक प्रभाव और समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाले स्टार्टअप होंगे सम्मानित.. करें आवेदन
नईदिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के तहत एक प्रमुख पहल, राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार (एनएसए) के पांचवें संस्करण के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। सरकार के आत्मनिर्भर भारत के विजन और पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के अनुरूप स्टार्टअप इंडिया, स्टार्टअप को मान्यता, कर छूट, नियामक संबंधी सुगमता, वित्त पोषण तक पहुंच और क्षमता निर्माण जैसी पहलों के माध्यम से स्टार्टअप की मदद करता है।
उच्च-प्रभाव वाले उद्यमों का उत्सव मनाने और उन्हें स्पॉटलाइट में लाने के लिए, डीपीआईआईटी ने 2019 में राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कारों की शुरुआत की। ये पुरस्कार न केवल व्यावसायिक सफलता, बल्कि सामाजिक प्रभाव, स्थिरता और विस्तार को भी मान्यता देते हैं। इसके नवीनतम संस्करण में 2,300 से ज़्यादा आवेदन प्राप्त हुए, जो इस पहल की बढ़ती पहुंच और प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार (एनएसए) में आवेदन करने वाले स्टार्टअप का मूल्यांकन एक कड़ी बहु-चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है, जिसमें पात्रता की जांच, क्षेत्र-वार चयन और उद्योग जगत के दिग्गजों, निवेशकों, शिक्षाविदों और सरकारी अधिकारियों से लैस विशेषज्ञ पैनल द्वारा मूल्यांकन शामिल होता है। डीपीआईआईटी संबंधित मंत्रालयों और विभागों की सक्रिय भागीदारी के साथ क्रियान्वयन का नेतृत्व करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विजेता राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और क्षेत्र-वार विविधता को दर्शाते हैं।
एनएसए कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, वित्तीय प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, स्वास्थ्य, शिक्षा, साइबर सुरक्षा और सुगम्यता सहित कई क्षेत्रों को कवर करता है। प्रत्येक संस्करण में उभरती चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप नई श्रेणियां शामिल की जाती हैं। नकद पुरस्कार से कहीं बढ़कर, एनएसए मान्यता प्रदान करने का राष्ट्रीय विश्वसनीयता का प्रतीक है, जिससे विजेताओं को साझेदारियों, निवेशकों, नीतिगत समर्थन, वैश्विक स्तर पर उपस्थिति और मार्गदर्शन के अवसरों तक पहुंच प्राप्त करने में मदद मिलती है। कई पूर्व विजेताओं ने नीतियों को प्रभावित किया है, प्रमुख अनुदान प्राप्त किए हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है।
2016 में स्टार्टअप इंडिया को लॉन्च किया गया। इसने भारत के उद्यमशीलता परिदृश्य को बदल दिया है, नवाचार को बढ़ावा दिया है और खासकर श्रेणी- 2 और श्रेणी-3 शहरों के युवाओं, महिलाओं, छात्रों और पहली बार स्टार्टअप शुरू करने वालों को सशक्त बनाया है। अब तक डीपीआईआईटी द्वारा 1.75 लाख से ज़्यादा स्टार्टअप को मान्यता दी जा चुकी है, जो भारत के लगभग हर ज़िले का प्रतिनिधित्व करते हैं और कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और डीप टेक सहित विविध क्षेत्रों में फैले हुए हैं।
Suicide Case : युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, आत्महत्या का कारण अज्ञात, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने रात में ही शव को मर्चुरी में रखवा दिया था. आज सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी. आत्महत्या के पीछे के कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
एनुअल फंक्शन बना जानलेवा: फूड पॉइजनिंग से युवती की मौत, तीन अन्य गंभीर
प्रियंका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, और पुलिस का कहना है कि असली कारण का खुलासा पीएम रिपोर्ट के बाद ही होगा। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।यह दुखद घटना एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और सामूहिक आयोजनों में सावधानी की आवश्यकता को उजागर करती है।
यूपी की अर्थव्यवस्था केवल आंकड़ों की प्रगति नहीं, जमीनी स्तर पर बदलाव का बनी प्रमाण
मुख्यमंत्री को कृषि क्षेत्र की समीक्षा में अवगत कराया गया कि खाद्यान्न उत्पादन वर्ष 2024-25 में 722 लाख मीट्रिक टन तक पहुँचने का अनुमान है, जो वर्ष 2020-21 की तुलना में 100 लाख मीट्रिक टन अधिक है। जिलावार उत्पादकता में अभी भी बड़ा अंतर मौजूद है। कुछ जिलों में गेहूं की उत्पादकता 46 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है, वहीं कुछ में यह 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के आसपास है। मुख्यमंत्री जी ने इसे असंतुलन मानते हुए निर्देश दिए कि तकनीकी सहायता और किसान जागरूकता अभियानों के माध्यम से यह अंतर कम किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र में राज्य का दुग्ध उत्पादन देश में सर्वाधिक है। अण्डा उत्पादन में भी सुधार हुआ है। लेकिन केवल कुल उत्पादन पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रति पशु उत्पादकता में सुधार लाने की आवश्यकता है। उन्होंने नस्ल सुधार, फीड प्रबन्धन और डेयरी व्यवसाय से जुड़े डेटा का नियमित विश्लेषण करने के निर्देश दिए ।
प्रदेश की जीवनरेखा निर्मल नर्मदा के लिये केन्द्र से ली जाएगी पूरी मदद : नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय
भोपाल : नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है और नर्मदा जी को निर्मल बनाये रखने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना में नर्मदा नदी को निर्मल बनाये रखने की योजना में केन्द्र सरकार से हरसंभव मदद ली जायेगी। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में निर्मल नर्मदा योजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस योजना पर पहले चरण में 2459 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। बैठक में अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के अधिकारी मौजूद थे।
नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन के पहले कंपनी के अधिकारी अपने स्तर पर भौतिक सर्वे कर लें। उन्होंने कहा कि अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के नदी किनारे शहरों में सीवरेज प्लांट के कार्य समय-सीमा में पूरे किए जाये। उन्होंने अधिकारियों से कहाकि ग्रामीण विकास, जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास के अधिकारियों के साथ समन्वय कर योजना के संबंध में वास्तविक जानकारी लेकर प्रोजेक्ट पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में निकलने वाले दूषित पानी को नदी में मिलने से रोकने और पानी के ट्रीटमेंट के उपाय को प्रोजेक्ट में शामिल करें। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा स्थल के आस-पास के क्षेत्रों में भी सर्वे का कार्य किया जाये। उन्होंने वर्तमान में कार्यरत और निर्माणाधीन सीवरेज प्लांट की स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में JITO प्रतिनिधियों से किया संवाद
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई प्रवास के दूसरे दिन जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JITO) के प्रतिनिधियों के साथ निवेश और सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा की। उन्होंने मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश, स्किलिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के सरकार के विजन को साझा किया और JITO समुदाय को प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, स्थायित्व, दक्ष मानव संसाधन और अनुकूल औद्योगिक नीतियों के कारण निवेश के लिए देश का सर्वाधिक उपयुक्त राज्य बन चुका है। सरकार निवेशकों को न केवल आकर्षित कर रही है, बल्कि ज़मीन आवंटन से लेकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक सक्रिय सहयोगी की भूमिका भी निभा रही है।
बैठक के दौरान मध्यप्रदेश और JITO के बीच संभावित सहयोग के अनेक बिंदु पर चर्चा हुई जिनमें दुबई में एक वार्षिक 'MP-JITO निवेश फोरम' की स्थापना करने पर भी विचार किया गया। इस फोरम के माध्यम से मध्यप्रदेश की लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रिक वाहन, फूड प्रोसेसिंग और सेमीकंडक्टर जैसी प्रमुख परियोजनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर JITO प्रतिनिधियों को आगामी निवेश फोरम के आयोजन का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य की नवीन लॉजिस्टिक्स नीति न केवल निर्यातकों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि अधोसंरचना डेवलपर्स के लिए भी अनेक प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने JITO से जुड़े टेक्सटाइल और फूड सेक्टर के कॉरपोरेट्स को उज्जैन, मंदसौर और बसई जैसे क्षेत्रों में ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुझाव दिया कि दुबई स्थित कौशल विकास संस्थान मध्यप्रदेश के ग्लोबल स्किल पार्क के साथ मिलकर संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करे, जिससे उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ODOP यानि वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट के तहत दालें, तिलहन और प्रोसेस्ड फूड जैसे कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचाने के लिए JITO उद्यमियों के साथ समन्वय को प्राथमिकता दे रही है।
बैठक के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा और ड्रोन जैसे भविष्य के उद्योगों पर भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने JITO से जुड़ी क्लीनटेक कंपनियों को प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिये आमंत्रित किया और बताया कि राज्य की नवकरणीय ऊर्जा नीति इन क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में संपन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान मध्यप्रदेश को मिले ऐतिहासिक निवेश प्रस्तावों के बाद अब सरकार प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश केवल आर्थिक अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है, जहां नए उद्यम, रोजगार और नवाचार को साकार रूप मिलेगा।
बैठक में JITO के पदाधिकारी, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और प्रमुख उद्यमी उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे मध्यप्रदेश में स्किलिंग, टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन और सामाजिक परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। JITO प्रतिनिधियों ने प्रदेश के साथ दीर्घकालिक औद्योगिक संबंधों में रुचि जताई और एक विस्तृत निवेश संवाद आयोजित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री को सौंपा।
वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में मध्यप्रदेश को स्थापित करने की दिशा में अहम पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव का टेक्समास (TEXMAS) मुख्यालय दौरा
दुबई दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टेक्सटाइल मर्चेंट्स ग्रुप (TEXMAS) के मुख्यालय का भ्रमण किया और दुबई के प्रमुख कपड़ा व्यापारियों से मुलाकात कर उद्योग एवं निवेश से जुड़े अनेक विषयों पर चर्चा की। इस उच्च स्तरीय संवाद का उद्देश्य भारत-यूएई समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत कपड़ा क्षेत्र में व्यापार, नवाचार और निवेश के अवसरों को सशक्त बनाना है।
टेक्समास की स्थापना 1990 में दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संरक्षण में हुई थी। यह दुबई के टेक्सटाइल री-एक्सपोर्ट हब के रूप में विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। चेयरमैन नासिर अखून, वाइस चेयरमैन विनोद नागदा, और अन्य भारतीय मूल के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में दोनों पक्षों ने CEPA के तहत द्विपक्षीय व्यापार को गति देने पर सहमति जताई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेक्समास के प्रतिनिधियों को बताया कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख वस्त्र उत्पादन राज्यों में से एक है। यहां “पीएम मित्रा पार्क (धार)” जैसे अत्याधुनिक टेक्सटाइल क्लस्टर वैश्विक निवेशकों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2025 के तहत भूमि, पूंजीगत अनुदान, SGST प्रतिपूर्ति और श्रम सुविधा जैसे प्रावधानों से अवगत कराया।
प्रोफेसर अशीम कुमार घोष बनााए गए हरियाणा के राज्यपाल
नईदिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा (सेवानिवृत्त) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। वहीं प्रोफेसर अशीम कुमार घोष को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया है। इसके साथ पुसापति अशोक गजपति राजू को गोवा का राज्यपाल और कविंदर गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया। उपरोक्त नियुक्तियां राज्यपाल/उपराज्यपाल के संबंधित कार्यालयों का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।
प्रधानमंत्री ने नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के निधन पर शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मोदी ने विभिन्न अवसरों पर नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के साथ अपनी बैठकों और बातचीत को याद किया। मोदी ने कहा कि मुहम्मदु बुहारी की बुद्धिमत्ता, गर्मजोशी और भारत-नाइजीरिया मैत्री के प्रति अटूट प्रतिबद्धता अद्वितीय थी। मोदी ने कहा कि मैं भारत के 1.4 अरब लोगों के साथ उनके परिवार, नाइजीरिया के लोगों और सरकार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।
“नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के निधन से गहरा दुख हुआ। मैं विभिन्न अवसरों पर हमारी बैठकों और बातचीत को याद करता हूं। भारत-नाइजीरिया मैत्री के प्रति उनकी बुद्धिमत्ता, गर्मजोशी और अटूट प्रतिबद्धता अद्वितीय थी। मैं भारत के 1.4 अरब लोगों के साथ उनके परिवार, नाइजीरिया के लोगों और सरकार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।
भारतीय दूतावास स्तर पर स्थाई संपर्क तंत्र विकसित करने पर सहमति
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के तीन दिवसीय दुबई दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय कॉउन्सल जनरल श्री सतीश कुमार सिवन द्वारा आयोजित ब्रेकफास्ट ब्रीफिंग से हुई। बैठक में भारतीय दूतावास स्तर पर एक स्थाई संपर्क तंत्र विकासित किये जाने पर सहमति बनी जिससे मध्यप्रदेश और यूएई के बीच संस्थागत संवाद के निरंतरता बने रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की छवि ब्रांड इंडिया के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने में भारतीय मिशन की निर्णयाक भूमिका हो सकती है। ताज बिजनेस बे स्थित बॉम्बे ब्रैसरी में इस मुलाकात में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यूएई में भारत की विभिन्न गतिविधियों और संभावित सहयोग क्षेत्रों की जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान जिन विषयों पर प्रमुखता से चर्चा हुई, उनमें मध्यप्रदेश प्रवासी व्यवसायियों को निवेश के लिए प्रेरित करने के विशेष प्रयास, दुबई-मध्यप्रदेश के बीच सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं और दुबई में “एमपी डे” आयोजित करने के लिए भारतीय मिशन की भागीदारी जैसे अहम विषय शामिल रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि दुबई के प्रमुख औद्योगिक समूहों से मध्यप्रदेश उद्योग विभाग के सीधे संपर्क के लिए मिशन स्तर पर समन्वय किया जाएगा। साथ ही कृषि, टेक्सटाइल, ईवी, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में कॉन्सुलेट की अगुवाई में सेक्टर-विशेष राउंडटेबल आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी प्रस्तावों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लिया। कॉउन्सल जनरल सिवन ने जानकारी दी कि दुबई में कार्यरत मध्यप्रदेश मूल के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम से जुड़े व्यवसायियों की पहचान कर उन्हें प्रदेश सरकार की अनुकूल नीतियों से जोड़ा जा सकता है। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं रेखांकित की गईं, जिसमें विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सौर ऊर्जा से जुड़ी संस्थाएँ शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन सभी प्रस्तावों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लिया और कहा कि मध्यप्रदेश की छवि को ब्रांड इंडिया के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने में भारतीय मिशन की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
ब्रीफिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु की आईएसएस से वापसी का काउंटडाउन शुरू
नईदिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के परिवार में चंद्रयान मिशन की सफलता को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल है। शुभांशु 15 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से भारत लौटेंगे। उनके पिता शंभु दयाल शुक्ला, मां आशा शुक्ला और बहन शुचि मिश्रा ने इस उपलब्धि पर सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर शुभांशु की सकुशल वापसी की प्रार्थना की।
शुभांशु शुक्ला के पिता शंभु दयाल शुक्ला ने बातचीत में कहा, “आज सावन का पहला सोमवार था। हमने मंदिर में जाकर भगवान शिव का अभिषेक किया और घर पर भी पूजा की। भोलेनाथ की कृपा से यह मिशन सफल हुआ। हमें पूरा विश्वास है कि उनकी कृपा से शुभांशु सकुशल लौटेंगे।” उनके पिता ने बताया कि शुभांशु ने मिशन में दिए गए सभी लक्ष्यों को पूरा किया है। उन्होंने गर्व से कहा, “सारे जहां से अच्छा हमारा हिंदुस्तान अब और बेहतर हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी के सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। मैं उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद देता हूं।”
शुभांशु की मां आशा शुक्ला ने खुशी जताते हुए कहा, “घर में उत्साह का माहौल है। शुभांशु की वापसी की खबर से हम बहुत खुश हैं। मैंने भगवान से उनकी सकुशल वापसी की प्रार्थना की है।”उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “हिंदुस्तान पहले से ही अच्छा है, और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह और बेहतर हुआ है। उनके प्रयासों से यह मिशन सफल हुआ।”
शुभांशु की बहन शुचि मिश्रा ने कहा, “हम उत्साहित और थोड़े नर्वस भी हैं। यह मिशन का आखिरी और महत्वपूर्ण चरण है। स्प्लैशडाउन के बाद हम राहत महसूस करेंगे।” उन्होंने बताया कि परिवार ने सावन के पहले सोमवार को मंदिर में पूजा की और भगवान को अब तक की सफलता के लिए धन्यवाद दिया। शुचि ने कहा, “शुभांशु खुश थे कि उन्होंने मिशन के सभी लक्ष्य हासिल किए, लेकिन थोड़े उदास भी थे क्योंकि वे कुछ और समय अंतरिक्ष में बिताना चाहते थे।”उन्होंने गर्व से कहा, “सारे जहां से अच्छा हमारा हिंदुस्तान है। शुभांशु ने अंतरिक्ष से भारत की एकता और सुंदरता को देखा, जो अपने आप में गर्व की बात है।”
शुचि ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मिशन को विजन के साथ शुरू किया और शुभांशु को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “140 करोड़ भारतीयों का समर्थन शुभांशु के साथ है। यह अपने आप में प्रेरणादायक है।” परिवार का विश्वास है कि भगवान शिव की कृपा और देश के समर्थन से शुभांशु की वापसी सफल होगी। (इनपुट-एजेंसी)
केंद्रीय मंत्री नड्डा का सऊदी अरब का दौरा संपन्न.. रसायन एवं उर्वरक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने चर्चा
नईदिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने 11-13 जुलाई 2025 तक दम्मम और रियाद का दौरा किया। सऊदी अरब की उनकी यह यात्रा रसायन एवं उर्वरक के क्षेत्र में भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी। उन्होंने एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जिसमें उर्वरक विभाग और विदेश मंत्रालय के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
जेपी नड्डा ने आज रियाद में सऊदी अरब के उद्योग एवं खनिज संसाधन मंत्री बंदार बिन इब्राहिम अल खोरायफ के साथ उर्वरक, पेट्रोकेमिकल्स और फार्मास्यूटिकल सेक्टरों में साझेदारी को सुदृढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की।
दोनों मंत्रियों की उपस्थिति में माडेन और भारतीय कंपनियों - आईपीएल, कृभको और सीआईएल - के बीच दीर्घकालिक समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए। ये समझौते 2025-26 से आगे पांच वर्षों के लिए प्रति वर्ष कुल 3.1 मिलियन मीट्रिक टन डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) उर्वरक की आपूर्ति के लिए हैं, जिसे आपसी सहमति से पांच वर्षों के लिए और बढ़ाया जा सकता है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के दायरे को व्यापक बनाने और इसमें यूरिया के साथ-साथ डीएपी जैसे अन्य प्रमुख उर्वरकों को शामिल करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य भारत की उर्वरक सुरक्षा को और अधिक बढ़ाना है।
दोनों पक्षों के बीच आपसी निवेश को सुगम बनाने पर भी चर्चा हुई, जिसमें सऊदी उर्वरक सेक्टर में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के निवेश के अवसरों की खोज और इसके बदले में भारत में सऊदी निवेश पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अतिरिक्त, नेताओं ने विशेष रूप से भारत-विशिष्ट अनुकूलित और वैकल्पिक उर्वरकों के विकास में सहयोगात्मक अनुसंधान के अवसरों पर विचार-विमर्श किया, जिससे कि कृषि उत्पादकता और स्थिरता बढ़ाई जा सके।
इसके अतिरिक्त, इस सेक्टर में दीर्घकालिक सहयोग की संभावना तलाशने के लिए भारतीय पक्ष की ओर से सचिव (उर्वरक) तथा सऊदी पक्ष की ओर से उद्योग एवं खनिज संसाधन मंत्रालय में खनन मामलों के उप मंत्री के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई है।
जेपी नड्डा ने सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री और भारत-सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी परिषद की अर्थव्यवस्था एवं निवेश समिति के सह-अध्यक्ष, प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान अल सऊद के साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर द्विपक्षीय बैठक भी की। प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान अल सऊद ने नड्डा के सम्मान में दोपहर के भोज का भी आयोजन किया।
नड्डा ने आज रियाद में सऊदी अरब के स्वास्थ्य उप मंत्री अब्दुलअज़ीज़ अल-रुमैह से भी मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों और ज्ञान के आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इस संदर्भ में, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सऊदी अरब की हालिया राजकीय यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित स्वास्थ्य संबंधी द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन के महत्व पर प्रकाश डाला।