छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड, पांच जिलों में शीतलहर, अंबिकापुर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड

रायपुर। अंबिकापुर में 7.3 प्रतिशत तक गिरा तापमान, जो 10 साल में सबसे कम है। सरगुजा-बिलासपुर संभाग के 5 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी है। रायगढ़ में अलाव की व्यवस्था की गई है।

छत्तीसगढ़ में बीते तीन दिनों से ठंड लगातार बढ़ रही है। प्रदेश का मौसम शुष्क होने के बावजूद उत्तर भारत से आ रहीं बर्फीली हवाओं ने रात के तापमान में बड़ी गिरावट ला दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक क्रमिक वृद्धि संभव है, हालांकि फिलहाल उत्तर और मध्य क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में लोगों को ठंड से हल्की राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों में न्यून्तम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई है। फिलहाल सरगुजा संभाग के एक दो जिलों में शीतलहर के हालत बने हुए हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में कम हो सकता है। राज्य में आने वाली हवा की दिशा पूर्वी हो गई है, जो नमी लिए हुए है। इसका सीधा असर राज्य के न्यूनतम यानी रात के तापमान में हुआ है।

पिछले चौबीस घंटे के दौरान, प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दुर्ग में 30 डिग्री सेल्सियस, जबकि सबसे कम न्यून्तम तापमान अंबिकापुर में 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। साथ ही न्यूनतम तापमान माना में 12.2 डिग्री, बिलासपुर में 13.3 डिग्री, पेंड्रा में 10.8 डिग्री, जगदलपुर में 10.9 डिग्री और दुर्ग मे 11 डिग्री दर्ज किया गया। दो दिन बाद भी मौसम शुष्क रह सकता है।

छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस बीच स्कूली बच्चों को शीतलहर से बचाव के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को दिशा निर्देश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, नगरीय निकाय, मौसम विभाग, लोक निर्माण विभाग, श्रम विभाग, पर्यटन विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए अलग-अलग निर्देश दिए गए हैं। जारी पत्र में शिक्षा विभाग के लिए कहा गया है कि भारतीय मौसम विज्ञान द्वारा शीतलहर से संबंधित दी गई चेतावनी अनुसार विधिवत स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के समय में परिवर्तन करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किया जाए।

छत्तीसगढ़ में बीते तीन दिनों से ठंड लगातार बढ़ रही है। प्रदेश का मौसम शुष्क होने के बावजूद उत्तर भारत से आ रहीं बर्फीली हवाओं ने रात के तापमान में बड़ी गिरावट ला दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक क्रमिक वृद्धि संभव है, हालांकि फिलहाल उत्तर और मध्य क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड जारी रहेगी।

सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई पॉकेट्स में शीतलहर चल रही है। कोरिया, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़, जशपुर और बिलासपुर जिलों के लिए मौसम विभाग ने विशेष कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। सुबह और देर शाम बर्फीली हवाओं के कारण बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग अचानक बढ़ गई है। रायगढ़ में भी सुबह-शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शहर में लोगों को राहत देने के लिए निगम ने 9 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है, जिनमें मेडिकल कॉलेज, रेलवे स्टेशन, रामनिवास टॉकीज चौक और केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड शामिल हैं।

पिछले 24 घंटों में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 7.3एष्ट रिकॉर्ड किया गया, जो नवंबर के पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। 1970 में यहां 4.2एष्ट दर्ज हुआ था, जो अब तक का सबसे कम नवंबर तापमान है।
दुर्ग इस समय मैदान क्षेत्रों में सबसे ठंडा है, जहां रात का तापमान 10.8एष्ट रहा। यह सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम है। रायपुर में भी मौसम का असर साफ दिखा और नौ साल में नवंबर में दूसरी बार रात का तापमान 13 प्रतिशत तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। कल भी पूरा प्रदेश शुष्क मौसम का अनुभव करेगा। रायपुर शहर के लिए 20 नवंबर को आकाश साफ रहने का अनुमान है, जहां अधिकतम तापमान लगभग 29 प्रतिशत और न्यूनतम 14 प्रतिशत रह सकता है।

लैलूंगा, छाल, कापू और धरमजयगढ़ जैसे क्षेत्रों में ठंड शहर से कहीं ज्यादा है। शाम ढलते ही लोग घरों में दुबकने लगे हैं और अलाव तथा गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण स्तर पर भी लोग लकड़ी जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।