छत्तीसगढ़

70 साल पुराने जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर बच्चे, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

जांजगीर चांम्पा।  जिले के कुटरा गांव में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एक ओर गांव में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्व माध्यमिक शाला के बच्चे 70 साल पुराने जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। दीवारों में दरारें, झड़ता प्लास्टर और कमजोर छत किसी भी समय हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नए भवन निर्माण की मांग की है।

ग्राम कुटरा स्थित रामसरकार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का भवन करीब 70 साल पुराना है और अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। स्कूल की दीवारों में बड़ी दरारें हैं, छत कमजोर हो चुकी है और प्लास्टर लगातार झड़ रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

विडंबना यह है कि जिस गांव में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल जैसे बड़े शासकीय संस्थानों का निर्माण तेजी से हो रहा है, वहीं बच्चे आज भी खंडहरनुमा भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सड़क निर्माण के दौरान स्कूल का एक कमरा भी तोड़ा जा चुका है और विभाग द्वारा डिस्मेंटल की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई लंबित है।

ग्रामीणों और पालकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्राम पंचायत कुटरा के संरक्षक राघवेन्द्र पाण्डेय ने कलेक्टर को पत्र लिखकर जर्जर भवन को जल्द गिराकर नए स्कूल भवन के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिलनी चाहिए।
 

फिलहाल विद्यालय का संचालन अतिरिक्त कक्षों में किया जा रहा है, जहां बच्चे भय के साये में पढ़ाई कर रहे हैं। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी है कि कब बच्चों को सुरक्षित और नया स्कूल भवन मिल सके।