जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
2026-02-21 04:17 PM
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रामानुजगंज। जिला जेल रामानुजगंज में हत्या के आरोप में बंद एक 42 वर्षीय विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान विष्णु कुमरिया (उम्र 42 वर्ष) निवासी ग्राम सीतारामपुर पाट, थाना पस्ता के रूप में हुई है। वह 15 नवंबर 2023 को दर्ज हत्या प्रकरण में आरोपी था और न्यायिक हिरासत में जेल में निरुद्ध था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम को कैदी विष्णु कुमरिया ने अचानक पेट दर्द और दस्त की शिकायत की। स्थिति को गंभीर मानते हुए जेल प्रशासन ने तत्काल उसे उपचार के लिए रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में शाम करीब 6 बजे से रात 9 बजे तक उसका इलाज किया गया। प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया, जिसके चलते उसे वापस जिला जेल भेज दिया गया।
हालांकि, शनिवार सुबह करीब 9:45 बजे कैदी की तबीयत एक बार फिर बिगड़ने की सूचना जेल प्रशासन को मिली। बताया गया कि उसे पुनः पेट दर्द और दस्त की समस्या होने लगी थी। स्थिति को गंभीर देखते हुए जेल प्रशासन ने बिना देर किए उसे दोबारा 100 बिस्तर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा परीक्षण किए जाने के बाद सुबह 10:30 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. शरद चंद्र गुप्ता ने बताया कि कैदी को अस्पताल लाए जाने पर आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किया गया, लेकिन उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। परीक्षण के उपरांत सुबह 10:30 बजे उसकी मृत्यु की पुष्टि की गई। वहीं, जिला जेल के जेलर वाल्मीकि ध्रुव ने बताया कि कैदी को पहले दिन भी समान स्वास्थ्य शिकायतें थीं और नियमानुसार उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को भी तबीयत बिगड़ते ही उसे तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों और संबंधित उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। समाचार लिखे जाने तक परिजन अस्पताल नहीं पहुंचे थे, जिसके कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी लंबित रही। प्रशासन का कहना है कि परिजनों की उपस्थिति में ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। कैदी की मौत को लेकर विभिन्न पहलुओं पर जांच की बात कही जा रही है। प्रशासन ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पता लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच निष्कर्ष के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।