बिलासपुर: हाईवे पर ‘डीजल डकैत’ गैंग का पर्दाफाश, ट्रकों की टंकी तोड़कर करते थे लूट; तीन गिरफ्तार
2026-05-29 10:30 AM
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बिलासपुर। हाईवे किनारे खड़े ट्रकों से डीजल चोरी और विरोध करने वालों के साथ मारपीट करने वाले संगठित गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सिरगिट्टी थाना, कोनी पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो वाहन, धारदार चाकू, नकदी और 74 लीटर डीजल बरामद किया गया है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से हाईवे और बायपास क्षेत्रों में डीजल चोरी और लूटपाट की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में आरोपियों द्वारा वाहन चालकों के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने की भी जानकारी सामने आई थी। बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार 18 मई को सिरगिट्टी स्थित बेवरेज कार्पोरेशन के सामने खड़े वाहन से डीजल चोरी के दौरान आरोपियों ने चालक के साथ मारपीट की थी। इसके बाद 24 मई को कोनी क्षेत्र में एक ट्रेलर की टंकी तोड़कर करीब 100 लीटर डीजल चोरी किया गया। वहीं 28 मार्च को सेंदरी के पास खड़े ट्रेलर से लगभग 270 लीटर डीजल चोरी की घटना भी सामने आई थी।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और पुराने मामलों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध वाहनों की पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस गिरोह तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ में आरोपियों ने बिलासपुर के अलावा बेमेतरा, बलौदाबाजार, कवर्धा, महासमुंद, रायगढ़, कोरबा, सरगांव, सकरी बायपास और जांजगीर क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी पहले हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों में खड़े ट्रकों की रेकी करते थे। वे खासतौर पर ऐसे वाहनों को निशाना बनाते थे जिनके चालक सो रहे हों या आसपास सुनसान इलाका हो।
इसके बाद आरोपी स्कार्पियो और रेनाल्ट ट्राइबर जैसे वाहनों में ड्रम, पाइप और अन्य उपकरण लेकर पहुंचते थे। फिर ट्रकों की टंकी तोड़कर डीजल निकाल लिया जाता था। यदि कोई चालक विरोध करता तो आरोपी हथियार दिखाकर मारपीट करने से भी पीछे नहीं हटते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य वारदात के बाद तेज गति से मौके से फरार हो जाते थे, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो रहा था। तकनीकी निगरानी और लगातार ट्रैकिंग के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था। आरोपी चोरी किए गए डीजल को कम कीमत पर बेचकर मोटी कमाई करते थे। पुलिस को आशंका है कि गिरोह में कई अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में रेकी और डीजल खपाने का काम करते थे।
सीएसपी निमितेष सिंह ने बताया कि आरोपियों द्वारा वारदात के दौरान लगातार वाहन बदले जाते थे ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। कई मामलों में एक ही वाहन के इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो वाहन भी जब्त किए हैं। आरोपी अमित भारद्वाज के पास से रेनाल्ट ट्राइबर वाहन और 600 रुपये नकद बरामद हुए। वहीं संजय कुमार कुर्रे के कब्जे से स्कार्पियो वाहन, धारदार चाकू और 800 रुपये नकद मिले। आरोपी मणीशंकर कुर्रे के पास से 1200 रुपये नकद जब्त किए गए। इसके अलावा पुलिस ने 74 लीटर डीजल भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।