हाथी प्रबंधन के लिए रेड अलर्ट फार्मूला..... जशपुर में हाथियों से बचने जगह-जगह लगेंगे बेरियर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक बना हुआ है। प्रदेश के अंबिकापुर, सरगुजा, जशपुर, महासमुंद कोरबा सहित बिलासपुर और राजधानी रायपुर के आउटर में हाथियों का आतंक बना हुआ है। प्रदेश वन विभाग लगातार हाथियों के आतंक से लोगों को बचाने के लिए कई कारगर उपाय कर रही है।
जशपुर में हाथियों से हो रहे लगातार जनधन की हानि के मद्देनजर वन विभाग ने आम जनों की सुरक्षा का नया उपाय ढूंढ लिया है। वन विभाग के द्वारा हाथियों से प्रभावित जंगली क्षेत्रो को चिन्हित कर लोगों को हाथी से होने वाले खतरे से पहले ही आगाह कर दिया जा रहा है ।
वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी कुनकुरी ने बताया कि जशपुर में हाथी प्रबंधन के लिए रेड अलर्ट फॉर्मूला अपनाया गया है जिसमे जिले के 100 संवेदनशील हाथी प्रभावित क्षेत्रों में रेड अलर्ट अस्थायी बेरियर बनाया जा रहा है।जिसमे लोगो को जंगल के ओर जाने वाले पगडंडियों एवम रास्तो में बेरिकेडिंग लगाया जा रहा है।ताकि लोग जंगलों की ओर न जाये और सावधानी पूर्वक जीवन अपनाए।वनमंलाधिकारी के मार्गदर्शन में एवम उप वन मण्डलाधिकारी कुनकुरी के क्रियान्वयन के माध्यम से लोगो की जान माल की सुरक्षा हेतु अतिरिक्त सतर्कता बरतने हेतु वन विभाग द्वारा अभिनव पहल किया गया है।विभाग का एकमात्र उद्देश्य लोगो की हाथियों के प्रति प्यार और सहजीविता को आगे बढ़ना है।