छत्तीसगढ़ में विस चुनाव का सफल संचालन... रीना बाबा साहेब कंगाले को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का अवार्ड
रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में अच्छा काम करने वाले अफसरों के लिए पुरस्कार की घोषणा की गई। छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का अवार्ड दिया जाएगा। पुरस्कार पाने वालों की सूची नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा के कलेक्टर रहे विनीत नंदनवार का नाम भी शामिल है। बतादें कि निर्वाचन आयोग की तरफ से कुल 4 श्रेणियों में पुरस्कार की घोषणा की गई है।
छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव हुए। इस दौरान बिना किसी विवाद के साफ सुथरा चुनाव छत्तीसगढ़ में संपन्न हुआ। यहां रिकाउंटिंग और विवाद जैसी स्थिति नहीं बनी। बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में भी शांतिप्रिय ढंग से चुनाव हुए। इसी वजह से छत्तीसगढ़ की सीईओ को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट अवार्ड के लिए चुना गया है। वहीं, दंतेवाड़ा के तत्कालीन कलेक्टर विनीत नंदनवार को बेस्ट इलेक्शन मैनेजमेंट अवार्ड प्रदान किया जाएगा।
बतादें कि छत्तीसगढ़ में पहली बार एक महिला अधिकारी को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव करना हमेशा बड़ी चुनौती रहा है। रीना मुस्तैदी से बस्तर में निर्विघ्न चुनाव कराने के लिए जुटी हुई हैं। सुबह ऑफिस पहुंच देर रात तक मीटिंग, मानिटरिंग, चुनाव आयोग से वीडियो कांफ्रेंसिंग चलती रहती है।
कौन हैं रीना बाबा साहेब कंगाले
11 गोल्ड मैडल के साथ एलएलबी आईएएस रीना बाबा साहेब कंगाले का जन्म नागपुर में हुआ। उनके पिता आईपीएस अधिकारी थे। रीना का जन्म आठ मार्च 1978 को हुआ था। वे 2003 में यूपीएससी से आईएएस सलेक्ट हुईं। उन्होंने नागपुर यूनिवर्सिटी से फर्स्ट डिवीजन में एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। वे यूनिवर्सिटी की टॉपर थीं और 11 गोल्ड मैडल अपने नाम किया था। छत्तीसगढ़ कैडर मिलने के बाद उन्हें दुर्ग के असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में पहली पोस्टिंग मिली। इसके बाद दुर्ग, दंतेवाड़ा और कोरबा की कलेक्टर रहीं। 2011-12 में डायरेक्टर एजुकेशन बनीं। इसके बाद 2015-2017 तक खनिज विभाग की डायरेक्टर रहीं। 2017-2019 तक आदिम जाति कल्याण विभाग की सचिव रहीं। इसके बाद 2019 से 2020 तक वाणिज्यिक कर विभाग की सचिव रहीं। जनवरी 2020 में उन्हें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई।
निजी स्कूलों पर जुर्माना लगाकर चर्चा में रहीं
रीना बाबा साहेब कंगाले जब दुर्ग की कलेक्टर थीं, तब उन्होंने दो निजी स्कूलों पर मनमानी फीस वसूली के मामले में 114 करोड़ रुपए जुर्माना किया था। इस फैसले के बाद कलेक्टर के साहसिक कदम की काफी चर्चा रही, क्योंकि उस दौरान दुर्ग व राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में पालक संघ के सदस्य आंदोलित थे।