छत्तीसगढ़

राजिम कुंभ कल्पः 15 दिवसीय आयोजन को लेकर तैयारी तेज... मंत्री बृजमोहन ने ली अधिकारियों की बैठक

रायपुर। राजिम में लगने वाले 15 दिवसीय माघ पूर्णिमा मेला इस बार राजिम कुंभ कल्प के नाम से लगेगा। राजिम का यह मेला भगवान श्री राजीव लोचन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में कई सैकड़ों बरसों से लगता चला आ रहा है। मेले की भव्यता और दिव्यता भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सामने आई है। खासतौर से राज्य के कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की सोच और उनकी मेहनत से राजिम का नाम देश और दुनिया में जाना जाने लगा। 

मंत्री बृजमोहन के आग्रह करने पर देशभर के धार्मिक स्थलों से बड़े-बड़े संत और महात्मा राजिम आने लगे। मेले की सुव्यवस्था को लेकर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल अपने अंदाज में इसे मुर्त रूप में देना चाहते हैं। मेले में आने वाले लाखों लोगों को शानदार व्यवस्था और सुविधा देने के लिए वे राजिम से लगे हुए चार जिलों के अफसरों की बैठक राजिम में बुलाते हैं। ये जिले गरियाबंद, धमतरी,रायपुर और महासमुंद है। जहां के कलेक्टर एसपी से लेकर जिले के तमाम विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी रही। शनिवार को देर रात तक हुई इस पहली बैठक में ही चुन-चुन कर एक-एक विभागों के अधिकारियों को पंडाल में ही हाथ में माइक देके मेले की तैयारी की पुख्ता जानकारी आम जनता के बीच की गई। 

अफसरो ने कहा कि, 7 दिन के बाद फिर से राजिम आएंगे और एक-एक विभागों की तैयारी को पूरा मेला क्षेत्र में घुम-घुमकर अपनी देखेंगे। बैठक में मौजूद लोगों से लंबा चौड़ा पंडाल भरा था। मंच में मंत्री बृजमोहन सहित राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू और बिंद्रानवागढ़ के कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव सहित सांसद चुन्नीलाल साहू,पूर्व सांसद चंदुलाल साहू, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू,बिंद्रानवागढ़ के पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी सहित कई साधु-संत और रायपुर संभाग के कमिश्नर,डीआइजी और तीन जिले के कलेक्टर एसपी मौजूद थे।

मेले के लिए राजिम संगम में धार और एनीकट में पानी भरपूर मात्रा में होने की बात कही गई थी। माघ पूर्णिमा, जानकी जयंती और महाशिवरात्रि के पर्व स्नान का महत्व है। लिहाजा पानी होना चाहिए यदि इसमें जरा भी कोताही हुई तो संबंधित अधिकारी को इसका खामियाजा भुगतना होगा। इस पर बैठक में मौजूद गरियाबंद जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ने भरपूर मात्रा में पानी रहने की बात कही।