छत्तीसगढ़

चीफ जस्टिस ने ग्राम खेढ़ा में निर्माण कार्य का किया वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास

रायपुर। किसी भी जिले में न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिये सर्वसुविधायुक्त रहवासी कॉलोनी उत्साहवर्धक एवं नयी उर्जा का संचार करने वाली होती है, जिससे उनके कार्यकुशलता में और दक्षता में वृद्धि होती है, जिले के नये कॉलोनी ऐसा बने जो राज्य के लिये एक मिसाल साबित हो। इस आशय के विचार छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के द्वारा मुंगेली जिले के ग्राम खेढ़ा में न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण के लिये रहवासी आवासीय कॉलोनी के वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास के अवसर पर व्यक्त किए।

चीफ जस्टिस ने आवास गृह निर्माण के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि न्यायालयों को बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के सहयोग से काम किया जा रहा है और इसके लिए पहल भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हमें राज्य के न्यायालयों में काम करने का बेहतर माहौल प्रदान करना है। यह परियोजना न्यायिक अधिकारी-कर्मचारियों के लिए आवास प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, ताकि आवास प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों को इस परियोजना को पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा पर पूरा करने के निर्देश दिए।

भूमि पूजन एवं आधारशिला के कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं पोर्टफालियो जज नरेन्द्र कुमार व्यास द्वारा संबोधित करते हुए बताया कि जिला मुंगेली के न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिये एक बी टाईप, एक ई टाईप, 3 जी टाईप, 16 एच टाईप एवं 9 आई टाईप शासकीय आवास गृह निर्माण की 04 करोड़ 84 लाख रूपए आबंटित की गई है। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण तय समय पर गुणवत्तापूर्वक किये जाने से जिला प्रशासन की विश्वसनीयता बढ़ती है, इसलिए गुणवत्तापूर्वक निर्माण कार्य तय समय पर की जानी चाहिए।