नक्सल प्रभावित पूवर्ती और टेकलगुडेम के लोगों को सीएम ने दिखाया लोकतंत्र का मंदिर
रायपुर। टाप नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती के लोगों ने जिनकी आवाज अब तक नक्सली बंदूकों के साये में चुप करा दी जाती थी, उन्होंने पहली बार विधानसभा में जनता की आवाज को जनता के प्रतिनिधियों के माध्यम से लोकतंत्र के मंदिर में गूंजते सुना। सुकमा जिले के पूवर्ती के साथ ही टेकलगुडेम के ग्रामीणों ने विधानसभा में देखा कि किस तरह लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष मुद्दों पर सहमति-असमहति के बावजूद चर्चा कर अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचते हैं और जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आमंत्रण पर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से देर तक अपने गांव के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल आतंकवाद की वजह से बरसों आपके इलाकों में विकास प्रभावित रहा। बस्तर के विकास के बगैर और आप लोगों तक विकास पहुंचाये बगैर छत्तीसगढ़ का विकास संभव नहीं। हमने इसके लिए नियद नेल्लानार योजना आरंभ की है। न केवल हम आप लोगों को सुरक्षा प्रदान करने वहां नये कैंप लगा रहे हैं अपितु कैंप के 5 किमी के दायरे में इस योजना के अंतर्गत 25 तरह की मूलभूत सुविधाएं 32 तरह की व्यक्तिमूलक योजनाओं के माध्यम से दे रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आपके क्षेत्र में विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। नियद नेल्लनार योजना के माध्यम से आपके गांव में तेजी से विकास करने हम कृतसंकल्पित हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में हम आपके लिए सारी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री साय के साथ ही उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं अन्य विधायकों की मौजूदगी में ग्रामीणों के साथ समूह तस्वीर भी ली गई।
ग्रामीण इस यात्रा से बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार आज प्रदेश की विधानसभा देखी। बहुत अच्छा और यादगार अनुभव रहा। मुख्यमंत्री जी ने हमें स्वयं विस्तार से विधानसभा के कार्यों के बारे में बताया, हम सब बहुत खुश हैं।