दिव्य महाराष्ट्र मंडल

डाइट नहीं डाइट प्लान बदलें... नहीं जाना पड़ेगा जिमः श्रेयस कुलकर्णी

- महाराष्ट्र मंडल में आयोजित फिट उत्सव में दिखा हर वर्ग में उत्साह

- फिल्मी गानों पर जमकर सभी ने किया जुंबा

रायपुर। हम भारतीयों के खाने की थाली में आमतौर पर रोटी, सब्जी, दाल, चावल और मिठाईयां नजर आती है। इन दिनों आम का सीजन होने के कारण आम मिलता है। कुछ मीठा पहले तो कुछ मीठा अंतिम में खाते है। हमारा डाइट अच्छा है, लेकिन इसे लेना का तरीका हमें बदलना होगा। क्योंकि डाइट का सही तरीका आपको फिट रखेगा और यहीं हमारे आज के कार्यक्रम का लक्ष्य है। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित फिट उत्सव के दौरान फिटनेस कोच श्रेयस कुलकर्णी ने कहीं।

श्रेयस ने आगे कहा कि आमतौर पर जो भारतीय आहार बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट युक्त है। जो लोगों के वजन बढ़ाने डायबिटीज का का बड़ा कारण है। हमारी शाली को संतुलित करने के लिए हमें भोजन में प्रोटीन और फाइबर को शामिल करना है। फिट रहने के लिए खाने का आर्डर क्या होना चाहिए। यह जिज्ञासा सबके मन में आती है। सबसे पहले आपको सलाद खाना चाहिए। जिसमें आपको फाइबर मिलेगा, उसके बाद वसा और प्रोटीन खाना है जैसे अंडा, चिकन, पनीर, टोफू, दही आदि। उसके बाद उसके बाद सब्जियां जैसे लौंकी, भिन्डी, कद्दू, गोभी और अंत में दाल चावल, ओट्स का उपमा दलिया जैसे कार्ब्स खाएं।

श्रेयस ने आगे कहा कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक ऐसा व्यायाम है, जिसमें मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए बाहरी प्रतिरोध जैसे डम्बल, रेजिस्टेंस बैंड या शरीर के वजन का उपयोग किया जाता है। इसके लिए आपको सिर्फ जिम जाने की जरूरत नहीं है, आप घर पर रह कर भी अपनी स्ट्रेंथ बिल्ड कर सकते हैं।  ट्रेनिंग शुरू करने से पहले 5-10 मिनट का वार्म-अप (जैसे जंपिंग जैक या हल्की जॉगिंग) जरूर करें, जिससे चोट न लगे। आप बिना किसी उपकरण के भी शुरुआत कर सकते हैं।

मोटिवेशनल टॉक के तहत युवा समिति की प्रमुख डा. शुचिता देशमुख ने कहा कि फिट रहने के लिए जागरूक होने की कोई उम्र नहीं होती। आप जब सक्रिय होंगे, तब से आपकी फिटनेस अच्छी होनी शुरू हो जाएगी।  फिट उत्सव का उद्देश्य भी यहीं है कि लोगों को कैसे फिट रखा जाए, वो भी तब जब हमारी पीढ़ी की डाइट प्लान पूरी तरह बिगड़ी हुई है। आज हम जंक फूड से घिरे है। ऐसे में सही डाइट और सही तरीके से डाइट बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की शुरूआत श्रावणी मुकादम के जुंबा के साथ की गई।  इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, विनोद राखुंडे, अजय पोतदार, शुभम पुराणिक, पल्लवी मुकादम, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, मेघा पोतदार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के चरण

o    स्क्वैट्स (Squats): पैरों की ताकत के लिए (3 सेट, 10-15 बार)।

o    पुश-अप्स (Push-ups): छाती और बाहों के लिए (3 सेट, 10-15 बार)।

o    लंजेस (Lunges): पैरों और संतुलन के लिए।

o    प्लैंक्स (Planks): कोर (पेट) की ताकत के लिए (20-60 सेकंड तक रुकें)।

o    ग्लूट ब्रिजेस (Glute Bridges): हिप्स के लिए।