छत्तीसगढ़ के इस जिले में मातृत्व योजना की अनदेखी... 12 फीसद गर्भवती हाई रिस्क जोन में.... जानिए कौन सा यह जिला
रायपुर। सुरक्षित मातृत्व योजना की अनदेखी के चलते छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में हाई रिस्क जोन पर पहुंचने वाली गर्भवती माताओं के आंकड़े चौकाने वाले है। मार्च में जारी एक डेटा के मुताबिक वर्ष 2023-24 में पंजीकृत 13 हजार 408 गर्भवती महिलाओ में से 1,630 यानी 12 प्रतिशत गर्भवती हाई रिस्क जोन में हैं। इनमे से 299 का हिमोग्लोबिन7 पॉइंट से कम है, जबकि ऐसे समय में 10 पॉइंट से ज्यादा होना चाहिए। नए वित्तीय वर्ष में ये आंकड़े कम हो सके उसके लिए नई महिला सीएमएचओ डॉ गार्गी यदु ने अभी से अभियान चला कर पहले वजह को जानने की कोशिश में जुटी है।
सीएमएचओ डॉ गार्गी ने कहा कि मैंने छुरा और मैनपुर सीएचसी में दो अलग अलग दिनों में दौरा किया। पंजीकृत माता, उनके परिजन, महिला नर्स व मितानिन को सीएचसी में चर्चा के लिए बुलाया। पहले हाई रिस्क गर्भवतियों से बात की। काउंसिलिंग में पता चला कि जो महिलाएं नियमित आयरन कैल्शियम जैसे जरूरी दवा का सेवन नहीं कर रही उन्हें दिक्कत है।
गर्भवती माताओं को मिलने वाले सप्लीमेंट्री आहार की नियमित वितरण अंदरूनी ग्रामीण इलाके में नहीं हो रहा है। जिले के अफसर नियमित मॉनिटरिंग नहीं कर रहे। सर्वाधिक प्रभावित ब्लॉक मैनपुर व देवभोग में ब्लॉक स्तर के अधिकारी कई साल से नही है. सुपर वाइजर के मॉनिटरिंग के भरोसे योजनाओ की खानापूर्ति की जा रही है.इस कारण की पुष्टि स्वास्थ्य अधिकारी ने तो नहीं किया है पर महिला बाल विकास विभाग के मौजुदा अधूरा सेटअप व मितानिनो से जुटाई गई जानकारी से पता चला की विभाग कई योजनाओं की केवल खाना पूर्ति कर रही है। समूहों के माध्यम से गर्भवती माताओं को पौष्टिक आहार की सामग्री का वितरण प्रत्येक गर्भवती हितग्राही को देना है, जो नहीं मिल पा रहा है।