छत्तीसगढ़

स्कूल की व्यवस्था को लेकर चीफ जस्टिस नाराज... कहा अव्यवस्था के बीच कैसे पढ़ाई करेंगे बच्चें

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रदेश के शासकीय स्कूलों में अव्यवस्था को लेकर स्वतः संज्ञान लिया। जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने तुर्काडीह स्कूल में बिजली के तारों के बीच बच्चों की कक्षा लगाने पर नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस ने कहा कि अव्यवस्था के बीच जान जोखिम में डालकर बच्चे कैसे पढ़ेंगे। कोर्ट ने सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है और शपथ पत्र में स्कूल को व्यवस्थित करने इंतजाम पर जवाब मांगा है।

बता दें, कुछ दिनों पूर्व मीडिया में शासकीय प्राथमिक शाला तुरकाडीह के छात्र करंट लगने के खतरे के बीच पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल भवन की जर्जर छत भी स्कूली बच्चों को डरा रही है। पूरा स्कूल भवन अवैध बिजली कनेक्शन के तारों से घिरा हुआ है। जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।

शिक्षा विभाग और बिजली विभाग को शिकायत करने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। भवन जर्जर हो चुका है और स्कूल भवन से सटा हुआ ही ट्रांसफार्मर लगा है। जहां से अधिकांश ग्रामीणों ने अवैध कनेक्शन ले रखा है। इस पर कोर्ट ने स्वतः ही संज्ञान लिया है और सुनवाई शुरू की है।

अवैध कनेक्शन भवन के ऊपर से होकर स्कूल भवन की छत को छूता है। इसलिए छत में करंट की आपूर्ति होती है। न तो ग्रामीण अवैध कनेक्शन काटने को तैयार हैं और न ही बिजली विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है। इससे 139 छात्र-छात्राओं की जान खतरे में पड़ गई है। महाधिवक्ता ने इस मामले में आवश्यक निर्देश लेने के लिए समय मांगा है।

मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु के बेंच में हुई। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।