रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार रात के बाद से मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई इलाकों में कोहरे और धूंध के साथ ही बदली छाई हुई है। राजधानी में तड़के हल्की बारिश भी हुई है, वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में दिनभर हल्के—फुल्के छीटें, तो कहीं बारिश की फुहार और ओले भी गिरे हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 20 से 21 मार्च तक प्रदेश में इसी तरह के हालात रहने की संभावना है। इस बीच कहीं हल्की, तो कहीं मध्यम बारिश की संभावना भी जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने कि छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पूर्व से नमी युक्त हवा बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही है। पश्चिमी द्रोणिका के प्रभाव के चलते प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर 20 मार्च तक जारी रहेगा। आज ही शहरी इलाकों में तापमान सुबह से गिर गया है।
वहीं मौसम विभाग ने बुधवार दोपहर को भी अगले 24 घंटे के लिए एक अलर्ट जारी किया है। अलर्ट के मुताबिक, प्रदेश के पेंड्रा रोड, बिलासपुर मुंगेली, सूरजपुर, सरगुजा और उससे लगे हुए जिलों में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवा चलने की संभावना है। राजनांदगांव, कवर्धा, सुकमा जिले में ओले गिरने की भी संभावना है।
यह है परिवर्तन की वजह
बताया जा रहा है कि पश्चिमी विक्षोभ चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण के रूप में अफगानिस्तान और उसके आसपास मध्य क्षोभ मंडल पर स्थित है। इसके प्रभाव से एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर निम्न क्षोभ मंडल पर स्थित है तथा दूसरा चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पूर्व राजस्थान और उसके आसपास निम्न क्षोभ मंडल पर स्थित है। एक द्रोणिका बांग्लादेश से उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश निम्न क्षोभ मंडल पर स्थित है। इस वजह से छत्तीसगढ़ में भी इसका असर नजर आ रहा है।
अंधड़ और वज्रपात की आशंका
मौसम अनुमान के मुताबिक प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज- चमक के साथ वज्रपात होने, अंधड़ चलने तथा ओलावृष्टि होने की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में कल भी गिरावट होने की उम्मीद है। लिहाजा अलर्ट जारी किया गया है और सचेत रहने की अपील की गई है।