विधवा महिलाओं और समाज के परोपकार के लिए अहिल्या बाई ने किए कई काम
रायपुर। महारानी अहिल्याबाई विनम्र एवं उदार शासक के रुप में जानी जाती है। उनके ह्रदय में जरूरमदों, गरीबों और असहाय व्यक्ति के लिए हमेशा ही दया और परोपकार की भावना भरी रहती थी। उन्होंने समाज सेवा के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था। अहिल्याबाई हमेशा अपनी प्रजा और गरीबों की भलाई के बारे में सोचती रहती थी, इसके साथ ही वे गरीबों और निर्धनों की संभव मद्द के लिए हमेशा तत्पर रहती थी। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने कहा।
बूढ़ापारा महिला केंद्र की बैठक में पहुंची मंडल की महिला प्रमुख तोपखानेवाले ने कहा कि रानी अहिल्या बाई होल्कर ने समाज में विधवा महिलाओं की स्थिति पर भी खासा काम किया और उनके लिए उस वक्त बनाए गए कानून में बदलाव भी किया था।
दरअसल, अहिल्याबाई के शासन संभालने से पहले यह कानून था कि, अगर कोई महिला विधवा हो जाए और उसका पुत्र न हो, तो उसकी पूरी संपत्ति सरकारी खजाना या फिर राजकोष में जमा कर दी जाती थी, लेकिन अहिल्याबाई ने इस कानून को बदलकर विधवा महिला को अपनी पति की संपत्ति लेने का हकदार बनाया।
इसके अलावा उन्होंने महिला शिक्षा पर भी खासा जोर दिया। अपने जीवन में तमाम परेशानियां झेलने के बाद जिस तरह महारानी अहिल्याबाई ने अपनी अदम्य नारी शक्ति का इस्तेमाल किया था, वो काफी प्रशंसनीय है। अहिल्याबाई कई महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।