दिव्य महाराष्ट्र मंडल

विष्णु सहस्त्रनाम पाठ और पुरूषोत्तम योग के साथ मनाया कार्तिक पूर्णिमा

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक औऱ योग समिति की ओर से देवउठनी एकादशी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक प्रतिदिन सुबह 7 बजे से आनलाइन मोड पर विष्णु सहस्त्रनाम और पुरूषोत्तम योग का पाठ किया गया। इस दौरान राजधानी रायपुर ही नहीं अपितु पुणे, नागपुर और अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग जुटे।

योग एवं आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि नागपुर से जुड़ी डा. दिवाली अलोनी ने विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ कराया। वहीं डा. अलखनंदा नारद ने श्रीमद् भागवत गीता के 15वें अध्याय यानी पुरूषोत्तम योग का पाठ कराया। उन्होंने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा में पुरूषोत्तम योग का पाठ करने के काफी अच्छे आध्यात्मिक लाभ मिलते है। पद्म पुराण में इस अध्याय की महिमा का वर्णन मिलता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने जीवात्मा और परमात्मा के संबंध को स्पष्ट किया है।  इस अध्याय में बताया गया है कि पुरूषोत्तम को जानने के बाद व्यक्ति बुद्धिमान होकर अपने सभी लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। वहीं विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से व्यक्ति यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता, सफलता, आरोग्य और सौभाग्य को प्राप्त करता है। इससे आत्मा आध्यात्मिक स्थिरता की ओर प्रोत्साहित होती है। वहीं कार्तिक पूर्णिमा को देवों की दिवाली कहा जाता है। इसदिन नदी में स्नान कर दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

आनलाइन जुड़ने वालों में राजधानी से प्रणिता नलगुंड़वार, हेमा पराड़कर, श्रुति सर्राफ मार्डीकर, संध्या खंगन, डा. अलखनंदा नारद, वर्षा करंजगांवकर, रोहिणी नेने, अर्चना जतकर, डा. दीपाली अलोनी, अंजलि नलगुंड़वार प्रेरणा सप्ते, आस्था काले, डा. सुहासिनी पट्टलवार, सुचिता देशपांडे, अनुजा महाडिक, चारूशीला देव, प्रेरणा सप्रे और हेमंत मार्डीकर प्रमुख रुप से जुड़े थे।