नेशनल रिंग फाइट चैंपियनशिप: छत्तीसगढ़ को तीन स्वर्ण के साथ 10 पदक
तुमेश्वरी, मिनाक्षी व खिलेंद्र साहू ने जीता सोना, वर्तिका को चांदी
रायपुर। कर्नूल आंध्र प्रदेश में आयोजित 8वीं नेशनल रिंग फाइट चैंपियनशिप में छत्तीसगढ के खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित 10 पदक जीते हैं। स्वर्ण पदक जीतने वालों में अंडर- 19 कैटेगरी में तुमेश्वर साहू व मिनाक्षी साहू और अंडर- 14 वर्ग में खिलेंद्र साहू शामिल हैं।
27 और 28 दिसंबर को आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की 11 खिलाड़ियों की टीम ने महिला कोच और महाराष्ट्र मंडल की सह सचिव मालती मिश्रा और पुरुष वर्ग के कोच प्रवीण क्षीरसागर के मार्गदर्शन में भरपूर जोश और जुनून के साथ हिस्सा लिया। मालती मिश्रा के मुताबिक अंडर-19 वर्ग में तेलंगाना और महाराष्ट्र की टीम को चित करते हुए हमारे खिलाड़ी तुमेश्वरी साहू और मिनाक्षी साहू ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं अंडर-14 में खिलेंद्र साहू ने तमिलनाडू के खिलाड़ी को सीधे मुबाकले में चारों खाने चित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। पुरुष वर्ग के अंडर- 17 के फायनल में पुष्कर साहू ने तेलंगाना के खिलाड़ी से परास्त होने के बाद सिल्वर मेडल हासिल किया। इसी तरह अंडर- 14 में तारक साहू आंध्र प्रदेश के फायटर से पराजित होकर रजत पदक प्राप्त कर पाया। अंडर- 14 कैटेगरी में अक्षत चंद्राकर ने भी रिंग में कमाल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर जीता। चित्रांश साहू ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के खिलाफ शानदार खेल दिखाते हुए कांस्य पदक जीता। चैंपियनशिप के पहले दिन शनिवार को छत्तीसगढ़ महिला टीम की महत्वपूर्ण खिलाड़ी वर्तिका क्षीरसागर ने अपने वर्ग में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के खिलाड़ियों के साथ रिंग फाइट करते हुए ब्रांज मैडल जीता।
छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के महासिचव ओपी कटारिया ने बताया कि पहली बार में प्रदेश की 11 सदस्यीय टीम को तीन स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक के साथ कुल 10 मेडल मिले। चैंपियनशिप में 22 राज्यों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। एसोसिएशन के संरक्षक व महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, अध्यक्ष चेतन गोविंद दंडवते ने आंध्रा में आयोजित रिंग फाइट चैंपियनशिप में प्रदेश के खिलाड़ियों को उनके उच्च स्तरीय प्रदर्शन और सफलता पर बधाई दी और कहा कि भविष्य में कभी भी रिंग फाइट के अभ्यास के लिए खिलाड़ियों को किसी भी तरह के संसाधन व सुविधा की जरूरत होगी, तो हम उसे तत्काल पूरा करेंगे। साथ ही उन्हें प्रोत्साहित करेंगे।